Stritva Se Hindutva Tak
Author:
Charu GuptaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 716
₹
895
Available
प्रस्तुत पुस्तक का विषय है औपनिवेशिक उत्तर भारत में हिन्दू संगठनों, प्रचारकों और विचारों के सांस्कृतिक जगत में लिंग की केन्द्रीय भूमिका, यौनिकता का संकीर्ण विमर्श और साम्प्रदायिक उभार से इसके अन्तर्सम्बन्ध।
अभिलेखागारों और प्रचलित साहित्य विधाओं के विशद शोध के ज़रिए यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार मुख्यतः मध्यवर्गीय हिन्दू प्रचारकों ने हिन्दी के प्रिंट-पब्लिक माध्यमों के इस्तेमाल से नए सामाजिक और नैतिक प्रतिमान गढ़ने, और एक विविध आबादी को एकरूप, आधुनिक हिन्दू समुदाय बनाने की कोशिश की। पुस्तक के पहले भाग में हिन्दू प्रचारकों की नैतिक और यौनिक चिन्ताएँ हैं। बाज़ारू साहित्य, कामोत्तेजक इश्तहार, लोकप्रिय संस्कृति, अश्लीलता, महिलाओं के मनोरंजन, शिक्षा और घरेलू परिदृश्यों की पड़ताल के ज़रिए लेखिका ने स्पष्ट किया है कि किस प्रकार एक ‘सम्माननीय’, ‘सुसंस्कृत’ हिन्दू सामाजिक और राजनैतिक पहचान बनाने के लिए इन सारे क्षेत्रों को पुनर्परिभाषित करने की कोशिशें हुईं। साथ ही इन प्रयासों के विरोध भी हुए, जिनसे हिन्दी साहित्य और हिन्दू पहचान की जटिलताओं और विषमताओं का भान होता है।
दूसरे भाग में लिंग के प्रिज़्म से रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में बढ़ता हुआ साम्प्रदायिककरण देखा गया है। लेखिका ने हिन्दू पुरुषत्व की चिन्ताओं, मुस्लिम मर्द की साँचेदार तस्वीर, अपहरण-विरोधी अभियान, गाज़ी मियाँ की आलोचना और विधवा-विवाह के बदलते विमर्श पर ध्यान देते हुए बताया है कि हिन्दू प्रचारक हिन्दू औरत और मुस्लिम मर्द के बीच मेल-जोल कैसे रोकना चाहते थे। इन सबके बीच, यह पुस्तक महिलाओं के हस्तक्षेप—नकार और प्रतिकार—की भी चर्चा करती है, जिससे हिन्दू पहचान की तस्वीर खंडित होती है।
ISBN: 9788126722389
Pages: 287
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Second Lieutenant Arun Khetarpal
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brhat Vishwa Sukti Kosha ( I To III)
- Author Name:
Shyam Bahadur Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GAUTAM BUDDH KI PRERAK JEEVANI
- Author Name:
PARIJAT
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ancient Buddhist Wisdom for A Peaceful & Happy Life by Naveen Kumar Chandra IAS
- Author Name:
Naveen Kumar Chandra (IAS)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sahaj Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Making of A Value Investor: What A Bear Market Taught Me About Investing - Aap Bhi Ban Sakte Hain Value Investor Hindi Edition
- Author Name:
Gautam Baid
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
AAO SEEKHEN GINTI KARNA
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Congress Presidents Files : (1885-1923) A Treasure Trove of Facts That Will Change Your Opinion About Congress
- Author Name:
Vishnu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DADAJI KE SATH SHISHTACHAR
- Author Name:
Tanvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JAADUI CHIDIYA
- Author Name:
Suryadev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Henry James Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Henry James
- Book Type:

- Description: वह पिछली पीढि़यों के बारे में जानती थी। लकड़ी काटनेवाले रईस और पगड़ी पहननेवाली उनकी पत्नियाँ तथा गोल आँखोंवाली उनकी बेटियाँ, जो अन्य दिनों में नीरस, ऊबाऊ एवं व्यापारविहीन शहरों की रौनक बढ़ाती थीं। ठोस वर्गाकार मकान व चौड़ी दीवारवाले बगीचे, हरी-भरी गलियाँ, जिनमें चर्चाओं का बाजार गरम रहता था और स्थानीय सीजन की ऐसी ही तसवीर दिखती थी। उनके पास सभाओं, डिनर, जमकर मद्यपान के निमंत्रण हुआ करते थे। अँधेरा ढलते ही चिरागों से रोशन होनेवाले पार्लर, धूल-धूसरित पुराने वाहन, पिस्तौलदान, राजमार्गों पर चलनेवाले लोग। वह एक उँगली उसकी ही तरह से महत्त्वपूर्ण स्थान पर रखती थी, जो सारी चीजों की समृद्ध सौम्यता को दरशाती थी। —इसी पुस्तक से हेनरी जेम्स संसार के प्रसिद्ध लेखकों में गिने जाते हैं। उन्होंने उच्च कोटि का कालजयी साहित्य रचा। उनकी कहानियों में संभ्रांत वर्ग की रंगीनी, सभा-समारोह, मद्य पार्टियों का जिक्र विशेष रूप से आता है। तत्कालीन सामाजिक परिवेश और ताने-बाने की बानगी देती पठनीय कहानियों का संकलन।
Kahani : Aaj
- Author Name:
Hariyash Rai
- Book Type:

- Description: Criticism
Uth Jaag Musafir
- Author Name:
Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamyab Hona Hi Hai
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description: ‘कामयाब होना ही है’ विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत प्रेरक और मार्गदर्शक पुस्तक है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है; बल्कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है क्योंकि इन्हीं में सारे सांसारिक ज्ञान निहित हैं। इनका अनुसरण और अनुपालन कर प्रत्येक व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, व्यावहारिक—हर स्तर पर मनचाही सफलता हासिल कर सकता है। इस पुस्तक में विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ मानसिक व भावनात्मक विकास हेतु छोटे-छोटे रोचक व प्रेरक प्रसंग दिए गए हैं, जो कथा-किस्सों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी और संग्रहणीय पुस्तक, जो जीवन के प्रत्येक कदम पर उनकी सभी समस्याओं व कठिनाइयों का त्वरित हल प्रस्तुत करने को सदैव तत्पर रहेगी। सफलता के नए सोपान खोलनेवाली पठनीय प्रेरक पुस्तक।
Sanchar Kaushal Aur Vyaktitva Vikas
- Author Name:
Dr. Puneet Bisaria • Dr. Virendra Singh Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramdhari Singh Diwakar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ramdhari Singh Diwakar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janadesh 2024: Hindutav Ki Hattrick
- Author Name:
Harsh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MERE DESH KE AITIHASIK STHAL (BASANT)
- Author Name:
Basant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwa Ke Mahan Ganitagya
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agyeya Aalochana Sanchayan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

-
Description:
एक आलोचक के रूप में अज्ञेय की स्थापनाओं ने पिछली लगभग पूरी शताब्दी को आन्दोलित किया है। वे अपने समय के अधीत, पश्चिम-पूर्व के लेखन से सुपरिचित लेखकों में थे। उन्होंने विश्व-वैचारिकी को अपने अध्ययन और चिन्तन में ढाला था और उसे भारतीय समाज और साहित्य के परिप्रेक्ष्य में देखा-परखा था। वैश्विक लेखन से सघन रिश्ते के बावजूद उनके लेखे ‘आधुनिकता’ का अर्थ ‘परम्परा’ से मुँह मोड़ना नहीं था। वे यदि अपने चिन्तन की पुष्टि में विदेशी लेखकों को याद करते हैं तो जगह-ब-जगह संस्कृत कवियों और आचार्यों के मतों को भी उतने ही सम्मान से उद्धृत करते हैं। उनकी आलोचना वस्तुतः एक ‘सुविचारित वार्ता’ (थॉटफुल टॉक) है। राजसत्ता और लेखक, राजनीति और साहित्य, परम्परा और आधुनिकता जैसे तमाम मुद्दों पर हिन्दी में बहसें शुरू करने का श्रेय अज्ञेय को ही जाता है। उनकी आलोचना पश्चिम की आलोचना से तुलनीय तो है, मुखापेक्षी नहीं। उन्होंने आलोचना को तार्किक संगति दी और भाषा-संवेदना को नया परिप्रेक्ष्य। कितने ही नए शब्द, नए बिम्ब दिए। प्रतीक, काल और मिथक पर नव्य दृष्टि दी।
अज्ञेय ने आलोचना और चिन्तन को साहित्य के समग्र स्वरूप के अन्वीक्षण के माध्यम के रूप में देखा है। वे आलोचक का एक बड़ा वृत्त बनाते हैं जिसके भीतर उनका कवि-आलोचक-चिन्तक सभ्यता, संस्कृति, सौन्दर्यबोध, भारतीयता, आधुनिकता, स्वातंत्र्य, यथार्थ, रूढ़ि और मौलिकता, सम्प्रेषण और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ-साथ काल के निस्सीम व्योम की परिक्रमा करता है। अपनी अवधारणाओं में अविचल, सोच में साफ़ और निर्मल, विरोधों की आँधी में भी निष्कम्प दीये-सी प्रज्ज्वलित अज्ञेय की कवि-छवि जितनी बाँकी और अवेध्य है, उतनी ही सुन्दर वीथियाँ उनके गद्य के अनवगाहित संसार में दृष्टिगत होती हैं।
अज्ञेय की आलोचना का स्वरूप क्लासिक है। वह उच्चादर्शों का अनुसरण करती है और जीवन व साहित्य को समग्रता और समन्विति में देखती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book