Silent Screams
(0)
₹
195
₹ 156 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788184305456
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
SHABDA-SHABDA JHARTE ARTH
- Author Name:
Sriram Parihar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Farrago
- Author Name:
Faiz Yusuf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kantha
- Author Name:
Shyam Bihari 'Shyamal'
- Book Type:

-
Description:
मूर्धन्य साहित्यकार जयशंकर प्रसाद का साहित्य सर्वसुलभ है लेकिन उनके ‘तुमुल कोलाहल’ भरे जीवन की कहानी से दुनिया अब तक प्रायः अपरिचित रही है। ऐसे में, प्रसाद के महाप्रयाण के आठ दशक बाद उनकी जीवन-कथा को पहली बार पूरे विस्तार से प्रस्तुत करनेवाले उपन्यास ‘कंथा’ का महत्त्व स्वयंसिद्ध है।
सुपरिचित कथाकार श्याम बिहारी श्यामल ने अपनी इस कृति में प्रसाद का जीवन-चित्र तो आँका ही है, बीसवीं सदी के आरम्भिक दौर के उस पूरे परिदृश्य को उसके सम्पूर्ण रूप-गुण, राग-रंग और घात-प्रतिघातों के साथ साकार कर दिया है, जिसमें प्रसाद का कृती-व्यक्तित्व विकसित हुआ था।
श्यामल ने इस उपन्यास में प्रसाद के युग का जो चित्र उकेरा है, उसमें मदन मोहन मालवीय, महावीरप्रसाद द्विवेदी, प्रेमचन्द, सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’, शिवपूजन सहाय, महादेवी वर्मा, रामचन्द्र शुक्ल, केशव प्रसाद मिश्र, रायकृष्ण दास, विनोदशंकर व्यास, कृष्णदेव प्रसाद गौड़ आदि अनेक विभूतियों को कथा-चरित्र के रूप में सक्रिय देखना पाठक के लिए अविस्मरणीय अनुभव होगा।
प्रसाद के युग को रचने के लिए इस उपन्यास में लेखक ने जिस भाषा और दृश्यबद्ध शैली को गढ़ा है, वह न सिर्फ़ उसकी विशिष्ट रचनाशीलता का प्रमाण है, बल्कि पाठकों को भी विरल अनुभव प्रदान करनेवाला है।
Lala Hardaul (Hindi)
- Author Name:
Hemant Verma
- Book Type:

- Description: जब दिल्ली की गद्दी पर शाहजहाँ का शासन था, उस समय बुंदेलखंड की गद्दी पर राजा जुझार सिंह आसीन थे। राजा जुझार सिंह के छोटे भाई थे—कुँवर हरदौल। यह उपन्यास कुँवर हरदौल के जीवन पर आधारित है। कुँवर हरदौल को उनकी माँ मरते समय जुझार सिंह की पत्नी रानी चंपावती को सौंपकर गई थीं। रानी चंपावती ने हरदौल को अपने पुत्र की तरह पाला था और हरदौल भी अपनी माँ की तरह ही उनका सम्मान करते थे, लेकिन राजनैतिक षड्यंत्र के चलते शाहजहाँ के बहकावे में आकर राजा जुझार सिंह ने माँ-बेटे के इस पवित्र संबंध पर कालिमा पोत दी और अपनी पत्नी को उसके ही हाथों हरदौल को विष देने पर मजबूर कर दिया था।
SHRIGURUJI CHITRAWALI
- Author Name:
Deepankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Interview Mein Safalta Ke Gurumantra "इंटरव्यू में सफलता के गुरुमंत्र" | Rules For Success in Interview | Key to Success in Interview, Useful For Crack All interviews | Book in Hindi
- Author Name:
Ashok Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chandausi Junction Stories Book in Hindi
- Author Name:
Shankar Sahay::Priti Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahan Rashtravadi Dadabhai Nauroji
- Author Name:
Prakhar Kundan
- Book Type:

- Description: " ‘द ग्रैंडमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात दादाभाई नौरोजी ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे कि जो भी उनके संपर्क में आता, वह उनसे प्रभावित हुए बिना न रहता था। यह कहना अप्रासंगिक न होगा कि वे एक साधारण परिवार में जनमे असाधारण व्यक्ति थे। दादाभाई ने न केवल एक शिक्षाविद् के रूप में, बल्कि एक समाजसुधारक के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने भारतीयों के हितों और अधिकारों की आवाज ब्रिटेन की संसद् में भी उठाई। यही नहीं, बल्कि वे ऐसे प्रथम भारतीय भी बने, जिन्हें ब्रिटेन की संसद् का सदस्य चुना गया। यह दादाभाई के व्यक्तित्व का ही प्रभाव था कि भारतीय ही नहीं, बल्कि अंग्रेज भी उनका बहुत सम्मान किया करते थे। दादाभाई नौरोजी ही वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने ‘स्वराज्य’ का नारा देकर स्वशासन की माँग की थी। दादाभाई ही वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अपनी विलक्षण योग्यता से भारत में प्रति व्यक्ति आय का आकलन किया और संपन्न भारत के गरीब भारतीयों की दयनीय दशा स्पष्ट करते हुए अंग्रेज शासकों द्वारा किए जा रहे शोषण की पोल खोली। भारत माँ के अमर सपूत दादाभाई नौरोजी के प्रेरक जीवन पर प्रकाश डालती पठनीय जीवनगाथा। "
R.R.B. Junior Engineer Recruitment Exam–2024, Stage-1 20 Practice Sets CBT Based With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1984: Dilli Mein Sikhon Par Huye Hamlon Ki Real Story (Hindi Translation of 1984: The Anti-Sikh Riots and After)
- Author Name:
Sanjay Suri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jaishankar Prasad Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Jaishankar Prasad
- Book Type:

- Description: "जयशंकर प्रसाद की श्रेष्ठ कहानियाँ महान् कथाकार और हिंदी साहित्य जगत् में कहानी को एक संपूर्ण विधा के रूप में स्थापित करनेवाले श्री जयशंकर प्रसाद का योगदान अविस्मरणीय है। कहानी के क्षेत्र में प्रसादजी के पाँच कथा-संग्रह प्रकाशित हुए-‘छाया’, ‘प्रतिध्वनि’, ‘आकाशदीप’, ‘आँधी’ तथा ‘इंद्रजाल’। इन पाँचों कहानी संग्रहों में प्रसादजी की कुल 70 कहानियाँ प्रकाशित हईं। इन कहानियों में मानव-जीवन के प्रत्येक पहलू को प्रदर्शित किया गया है। करुणा, वात्सल्य के अतिरिक्त पारिवारिक संबंधों की गहराई तक पहुँचने का प्रयास प्रसादजी ने अपनी कहानियों में बखूबी किया है। शौर्य और वीरता की भी झलक उनकी कहानियों में स्पष्ट दिखाई पड़ती है। काव्य, नाटक, कथा-साहित्य, आलोचना, दर्शन, इतिहास सभी क्षेत्रों में उनकी प्रतिभा अद्वितीय रही। ‘कामायनी’ जैसे महाकाव्य; ‘चंद्रगुप्त’, ‘स्कंदगुप्त’, ‘अजातशत्रु’ जैसे नाटक; ‘कंकाल’, ‘तितली’ जैसे उपन्यास तथा अनेक विशिष्ट कहानियाँ उनकी रचनात्मक दृष्टि को सार्थक करती हैं। प्रस्तुत संग्रह में जयशंकर प्रसाद की चुनी हुई प्रसिद्ध कहानियाँ प्रस्तुत की गई हैं, ताकि ऐसे महान् साहित्यकार की रचनाएँ पाठकों के बीच अधिक-से-अधिक पहुँचें और वे इनका भरपूर लाभ उठाएँ।
NCERT Ki Pathshala Bharat Ka Samvidhan Evam Rajvyavastha (Class 6-12)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samudra Ke Khare Pani Ka Rahasya By Sudha Murty | Hindi Edition Of How The Sea Became Salty
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Baba & Me
- Author Name:
Dr. Soma Ghosh
- Book Type:

- Description: When I met Shri Narendra Modi, Prime Minister of India on the 26th of March 2015, my enthusiasm for music was at its lowest ebb. During our conversation, Modiji was intrigued by my dream project, 'Sangeet Gram', an academy in the memory of Ustad Bismillah Khan. But, I was surprised to find that he shared this dream with me, having himself built a museum to preserve the endangered instruments of India. The following year arrived and I began preparations for Ustad Bismillah Khan's centennial celebrations, including the construction of Sangeet Gram. It was then that I received the honour of being inducted into the National Implementation Committee for Centenary Celebrations and my efforts now extend to holding celebration concerts in India and abroad. I had already been writing an account of Baba's life; the priceless anecdotes that he had shared and the surreal moments that we had spent together. In order to commemorate his musical genius and celebrate 100 years of his unparalleled contribution to music in this field, I deemed it fit to publish it all in book form. I hope this book provides its readers with an insight into Baba's life, and that they too celebrate his simplicity, his undying perseverance and patience with his art, the genius of his music and my musical journey, through this book-'Baba & Me'.
Sattapur Ke Nakte
- Author Name:
Gopal Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vichar Pravah Book in Hindi - Hukmdev Narayan Yadav
- Author Name:
Hukmdev Narayan Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yatra-Tatra-Sarvatra
- Author Name:
Sanjeev Jaiswal 'Sanjay'
- Book Type:

- Description: इससे पहले कि डिप्टी साहब कुछ कहते, प्रधानाध्यापक लोकलाज छोड़ सीधे उनके चरणों में लोट गए। “अरे। यह आप क्या कर रहे हैं ? छोड़िए मेरा पैर !”” डिप्टी साहब चिहुँकते हुए पीछे हटे, मगर इस बात का पूरा ध्यान रखा कि उनका पैर छूटने न पाए। जानते थे कि शिकार जितनी ज्यादा देर चरणों में लोटेगा, उतनी ही ज्यादा टेंट ढीली करेगा। प्रधानाध्यापक की कमाई का आधा हिस्सा पूरी ईमानदारी से प्रधान गुड्डू ठाकुर के पास पहुँचता था। उनका लड़का विक्की ठाकुर इसी पाठशाला का होनहार छात्र था। भविष्य में सरकार कहीं चुनाव लड़ने के लिए शिक्षित होना अनिवार्य न कर दे, बस इसी इकलौते उद्देश्य से वह अपना अमूल्य समय स्कूलों में बर्बाद कर रहे थे, वरना उनमें योग्यता की कोई कमी न थी। प्रधानाध्यापक को डिप्टी साहब के चरणों में लोटते देख उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ। वे नट्टी फाड़ चीख पड़े--“'मास्सा '“ब, नाम है आपका परशुराम और काम कर रहे हैं सुदामा जैसा ? यह भ्रष्टाचारी आपसे रिश्वत माँग रहा है। चरणों में लोटने के बजाय उठाइए अपना फरसा और नाश कर दीजिए धरती से इन भ्रष्टाचारियों का।'! इसी पुस्तक से भ्रष्टाचार पर प्रह्यार और सफेदपोशों को बेनकाब करती ये कहानियाँ हमें उद्वेलित, आक्रोशित और आंदोलित करेंगी और संभवतः सर्वव्यापी भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए कमर कसने के लिए प्रेरित भी |
Gopan Aur Ayan : Khand 1
- Author Name:
Sitanshu Yashashchandra
- Book Type:

- Description: गुजराती आदि भारतीय भाषाएँ एक विस्तृत सेमिओटिक नेटवर्क अर्थात संकेतन-अनुबन्ध-व्यवस्था का अन्य-समतुल्य हिस्सा हैं। मूल बात ये है कि विशेष को मिटाए बिना सामान्य अथवा साधारण की रचना करने की, और तुल्यमूल्य संकेतकों से बुनी हुई एक संकेतन-व्यवस्था रचने की जो भारतीय क्षमता है, उसका जतन होता रहे। राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय राज्यसत्ता, उपभोक्तावाद को बढ़ावा देनेवाली, सम्मोहक वाग्मिता के छल पर टिकी हुई धनसत्ता एवं आत्ममुग्ध, असहिष्णु विविध विचारसरणियाँ/आइडियोलॉजीज़ की तंत्रात्मक सत्ता आदि परिबलों से शासित होने से भारतीय क्षमता को बचाते हुए उस का संवर्धन होता रहे। गुजराती से मेरे लेखों के हिन्दी अनुवाद करने का काम सरल तो था नहीं। गुजराती साहित्य की अपनी निरीक्षण परम्परा तथा सृजनात्मक लेखन की धारा बड़ी लम्बी है और उसी में से मेरी साहित्य तत्त्व-मीमांसा एवं कृतिनिष्ठ तथा तुलनात्मक आलोचना की परिभाषा निपजी है। उसी में मेरी सोच प्रतिष्ठित (एम्बेडेड) है। भारतीय साहित्य के गुजराती विवर्तों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में जाने बिना मेरे लेखन का सही अनुवाद करना सम्भव नहीं है, मैं जानता हूँ। इसीलिए, इन लेखों का हिन्दी अनुवाद टिकाऊ स्नेह और बड़े कौशल्य से जिन्होंने किया है, उन अनुवादक सहृदयों का मैं गहरा ऋणी हूँ। ये पुस्तक पढ़नेवाले हिन्दीभाषी सहृदय पाठकों का सविनय धन्यवाद, जिनकी दृष्टि का जल मिलने से ही तो यह पन्ने पल्लवित होंगे। —सितांशु यशश्चन्द्र (प्रस्तावना से) ''हमारी परम्परा में गद्य को कवियों का निकष माना गया है। रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम इधर सक्रिय भारतीय कवियों के गद्य के अनुवाद की एक सीरीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सीरीज़ में बाङ्ला के मूर्धन्य कवि शंख घोष के गद्य का संचयन दो खंडों में प्रकाशित हो चुका है। अब गुजराती कवि सितांशु यशश्चन्द्र के गद्य का हिन्दी अनुवाद दो जिल्दों में पेश है। पाठक पाएँगे कि सितांशु के कवि-चिन्तन का वितान गद्य में कितना व्यापक है—उसमें परम्परा, आधुनिकता, साहित्य के कई पक्षों से लेकर कुछ स्थानीयताओं पर कुशाग्रता और ताज़ेपन से सोचा गया है। हमें भरोसा है कि यह गद्य हिन्दी की अपनी आलोचना में कुछ नया जोड़ेगा।" —अशोक वाजपेयी
Mayaram Surjan, Karpoor Chandra Kulish
- Author Name:
Satish Jaiswal, Adarsh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
20 Greatest Entrepreneurs of The World
- Author Name:
Ramesh Kumar
- Book Type:

- Description: From time to time, we all look for inspiration around us. And no one inspires us more than someone who had a humble beginning but grew to become a great success. Someone who possesses the courage to take on risks to start and run a business venture to create and deliver innovative products, services or solutions that meet a need in the marketplace. There is no single specific list of the greatest or most extraordinary entrepreneurs, as several outstanding and talented people have made their contributions to our economic society. In this book, we will discuss the twenty greatest entrepreneurs of all time. They all had made a mark in their concerned industries with their zealous efforts and unwavering faith in their vision of a better world. From Jeff Bezos to Walt Disney, from Elon Musk to Mukesh Ambani and from Henry Ford to JRD Tata, all have been mentioned in this book. With the means of this book, the author has made an attempt to share the story of some exceptional entrepreneurs who are an inspiration to all. Hopefully, this book will serve as a motivation and help the readers to learn some indispensable lessons on how to become a successful businessperson.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book