Rameshchandra Shah Ki Lokpriya Kahaniyan
Author:
Rameshchandra ShahPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789351862987
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Bahuaayami Kisunji
- Author Name:
Kedar Kanan +1
- Book Type:

- Description: प्रतिगामी सोच आ पतनशील परम्पराक दलदल मे फँसल मैथिल समाज आ ओकर प्राचीन मूल्य-मान्यता वला तथाकथित शाश्वत साहित्य केँ नव दिशा देबाक संगहि एक टा नव जमीन तलाशक जे काज साठि-सत्तरक दशक मे किसुनजी कयलनि, से साइत पछिला सत्तर साल मे केओ नइँ क सकलाह। एक्कैसम शताब्दी मे आइ किसुनजीक नव कविताक सोच भने नव नइँ लागय, मुदा ई वैह जमीन थिक जकरा तोडि़ क एक समय अग्निजीवी पीढ़ी अपना ढंगे लेखनक दिशा तय करक यथासंभव प्रयास कयलक आ आगाँ चलि क 'अंतिकाक दौर मे हमरा सभ व्यापक अर्थ मे प्रगतिशीलताक संग बहुत साहस सँ अस्मितावादी विमर्श—दलित-विमर्श, स्त्री-विमर्श, यौनिकता-विमर्श—केर सेहो बात करैत छी। आइ जखन कि फेर सँ यथास्थितिवादी, वैदिक कर्मकांडी मूल्य-मान्यतावला सोचक आग्रही प्रबल भ उठल अछि; बहुत रास कवि-कथाकार अपना लेखन मे लोक-परम्परा आ 'खाँटी मैथिलपनक नाम पर पुनरुत्थानवादी मूल्य-मान्यता, बिम्ब आ प्रतीक लादने जा रहल अछि। सायास स्त्री केँ अनुगामिनी आ पारंपरिक, कर्मकांड केँ उपयोगी, मुस्लिम केँ सन्देहास्पद, दलित केँ निठल्ला आ कृषि-विरोधी देखेबाक प्रचलन मैथिली मे एम्हर खूबे बढ़ल अछि। एकर प्रतिकार लेल किसुनजीक प्रयास हमरा सभक सोझाँ प्रेरक जकाँ अछि—हम सब नव तरहें, मुदा सामूहिक प्रयास करी। भविष्यक बाट पर सँ काँट-कूस हटेबा लेल जखन फेर सँ संघर्षक बेगरता भ गेल अछि; किसुनजी पर लिखित अनेक लेखकक संस्मरण आ मूल्यांकनपरक लेख सँ भरल ई संपादित किताब पढ़ब साइत बहुत उपयोगी सिद्ध हैत। —गौरीनाथ
Jal Sankat Aur Jal Sangrah
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। कहा जाने लगा है कि तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो बहुत ही सम्भव है कि वह पानी को लेकर ही हो। शहरी इलाक़ों में पानी की कमी और उसके लिए रोज़-रोज़ होनेवाले स्थानीय झगड़े शायद इसी की बानगी हैं। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में जल-स्तर न सिर्फ़ नीचे जा रहा है, पेयजल के रूप में उसका उपयोग भी ख़तरनाक होता जा रहा है। जनसंख्या के साथ-साथ जहाँ पानी की आवश्यकता बड़े पैमाने पर बढ़ी है, वहीं जल-संग्रहण की पारम्परिक पद्धतियों को भी हमने भुला दिया है, जितना जल उपलब्ध है, वह बढ़ते शहरीकरण के परिणामस्वरूप प्रदूषण का शिकार है। आँकड़े बताते हैं कि इस समय देश में रोज़ छह हज़ार से ज़्यादा लोग दूषित जल से पैदा होनेवाली बीमारियों से मर जा रहे हैं। यह पुस्तक इस विकराल संकट से निबटने के लिए एक आरम्भिक ढाँचा सुझाती है जिसका उपयोग हम जल-संरक्षण, और सामान्यत: पानी के प्रति अपना आधारभूत दृष्टिकोण बदलने में कर सकते हैं। वर्षा जल के संग्रहण की पुरानी और नई प्रविधियों, इसके साथ भू-जल स्रोतों की सम्यक् सार-सँभाल, जल-अपव्यय को रोकने की ज़रूरत तथा तरकीबें, सूखे इलाक़ों में जल-संचयन की वैज्ञानिक पद्धति, विभिन्न क़िस्म के बाँधों, कुँओं, तालाबों के निर्माण सम्बन्धी जानकारी, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण की समस्या और कृषि-उपयोग के लिहाज़ से जल-प्रबन्ध, इन तमाम विषयों पर यह पुस्तक अद्यतन और वैज्ञानिक सामग्री उपलब्ध कराती है।
Benipuri Granthawali : Vols. 1-8
- Author Name:
Ramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description: श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी बीसवीं सदी के उन हिन्दी लेखकों में हैं जिन्होंने साहित्य और पत्रकारिता को नई दिशा दी। साहित्य की विभिन्न विधाओं में उन्होंने श्रेष्ठतम लेखन किया। कथा-साहित्य और नाटक में नए प्रयोग किए और कालजयी कृतियों की रचना की। इसी तरह राजनैतिक और साहित्यिक दोनों ही तरह की पत्रकारिता को उन्होंने अपनी सशक्त लेखनी से नया रूप दिया। स्वाधीनता सेनानी बेनीपुरी समाजवाद की राजनीति के आरम्भकर्ताओं में रहे हैं। उनका यह बहुमुखी व्यक्तित्व उन्हें 20वीं सदी के महानायकों की क़तार में खड़ा करता है। ज़िन्दगी की बहुस्तरीय व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने अनवरत साहित्य-लेखन किया और महान साहित्य की रचना की। उनका सम्पूर्ण लेखन अग्रगामी मनुष्य के लिए बहुमूल्य और पाथेय है। बेनीपुरी ग्रन्थावली के आठ खंडों में हम यह दुर्लभ पाथेय प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्रन्थावली के पहले खंड में उनकी कहानियाँ, शब्दचित्र, उपन्यास, ललित निबन्ध, स्मृति चित्र और कविताएँ संकलित हैं। ‘चिता के फूल’ कहानी-संग्रह में शोषित समाज की पीड़ा को अभिव्यक्ति मिली है। ‘लाल तारा’, ‘माटी की मूरतें’ तथा ‘गेहूँ और गुलाब’ नामक शब्द-चित्र संग्रहों की रचनाओं में उन्होंने भारतीय गाँव के किसान-जीवन को सम्पूर्णता में अभिव्यक्त किया है। अपने उपन्यास ‘पतितों के देश में’ के अन्तर्गत उन्होंने भारतीय जेल-जीवन के नरक से साक्षात्कार कराया है। ‘क़ैदी की पत्नी’ में एक स्वाधीनता सेनानी के उपेक्षित परिवार की कहानी कही है। ललित निबन्ध-संग्रह ‘सतरंगा इन्द्रधनुष’ में उन्होंने लोक-संस्कृति के मानवीय स्वरूप और प्रकृति के सौन्दर्य का दिलचस्प चित्रण किया है। ‘गांधीनामा’ में दिवंगत पुत्र के लिए क़ैदी पिता की संवेदनात्मक यादें हैं। इस खंड की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बेनीपुरी की कविताएँ हैं जिनके अप्रकाशित होने की वजह से आलोचकों का ध्यान इस ओर नहीं गया। परिशिष्ट में बेनीपुरी का विस्तृत परिचय तथा उनके गाँव बेनीपुर का वृत्तान्त भी शामिल है।
Srila Prabhupada Ki Gauravgatha | Hindi Translation of Sing Dance and Pray | Hindol Sengupta
- Author Name:
Hindol Sengupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sherlock Holmes ki Detective Stories
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
The Jungle Book
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Savidhan By Dr. B.R. Ambedkar
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Charlie Chaplin
- Author Name:
Mamta Jha
- Book Type:

- Description: "चार्ली चैप्लिन—ममता झा निर्विवाद रूप से चार्ली चैप्लिन सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता माने जाते हैं। छोटी मूँछें, तंग कोट, काली ऊँची टोपी, बड़े जूते, ढीली पैंट और छड़ी के साथ ‘ट्रैंप’ के किरदार के रूप में विश्व भर के सिनेदर्शकों के मन में उन्होंने अमिट पहचान बनाई। चार्ली चैप्लिन एक सितारे की तरह फिल्म जगत् के फलक पर चमके। उनकी फिल्मों ने आम दर्शकों को हँसाया भी, रुलाया भी। ‘द किड’, ‘द सर्कस’, ‘द गोल्ड रश’, ‘सिटी लाइट’, ‘मॉडर्न टाइम्ज’, ‘द ग्रेट डिक्टेटर’ आदि वे फिल्में हैं, जिनके लिए आज भी विश्व सिनेमा चार्ली का ऋणी है। सात वर्ष की उम्र में रंगमंच पर अभिनय के साथ चार्ली का कैरियर शुरू हुआ। खूब दौलत और शोहरत पाने के बावजूद चार्ली एक तन्हा और बेचैन कलाकार थे। एक दर्जन से अधिक स्त्रियाँ उनके जीवन में आईं। कई विवाह और तलाक हुए। खुद दुःखी होते हुए भी उन्होंने हमेशा अपनी कला से अपने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। चार्ली चैप्लिन के बारे में अधिकाधिक जानने की उत्कंठा रहती है। प्रस्तुत पुस्तक में उनके जीवन के विविध पहलुओं पर रोशनी डाली गई है और उनकी संघर्ष-गाथा को प्रस्तुत किया गया है। सुख-दुःख, हर्ष-विषाद, शोक-आनंद के रंगों में रँगी एक महान् कलाकार की प्रामाणिक जीवनी।
Charu Ratna
- Author Name:
Swati Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rangmanch Evam Stri
- Author Name:
Supriya Pathak
- Book Type:

-
Description:
सार्वजनिक स्पेस में स्त्री की आमद भारतीय समाज में एक समानान्तर प्रक्रिया रही है जिसके लिए सारी लड़ाइयाँ स्त्रियों ने ख़ुद लड़ी हैं, बेशक कुछ सहृदय और सुविवेकी पुरुषों का सहयोग भी उन्हें अपनी जगह बनाने में मिलता रहा। रंगमंच के संसार में स्त्रियों का प्रवेश भी इससे कुछ अलग नहीं रहा। बल्कि यह कुछ और कठिन था। शुचिताबोध से त्रस्त जो भारतीय समाज दर्शक-दीर्घा में स्त्रियों के बैठने की भी अलग व्यवस्था चाहता था, वह भला उन्हें मंच पर उतरने की छूट कैसे देता? आज की यह वस्तुस्थिति कि अधिकांश मध्यवर्गीय अभिभावक बेटी को फ़िल्म में जाते देख फूले फिरेंगे, एक अलग चीज़ है, इसे न तो मंच पर आने के लिए स्त्री ने जो संघर्ष किया, उसका ईनाम कह सकते हैं और न यह कि मध्य-वर्ग स्त्री को लेकर हर पूर्वग्रह से मुक्त हो चुका है, यह उसकी किसी और ग्रन्थि का नतीजा है।
समाज की और जगहों पर स्त्री ने जैसे अपनी दावेदारी पेश की, मंच पर और परदे पर भी उसने सम्मानित जगह ख़ुद ही बनाई। यह किताब स्त्री की इसी यात्रा का लेखा-जोखा है। पुस्तक का मानना है कि रंगमंच का डेढ़ सौ वर्षों का इतिहास स्त्रियों के लिए जहाँ बहुत संघर्षमय रहा, वहीं रंगमंच ने उनके लिए एक माध्यम का भी काम किया जहाँ से उनकी इच्छाओं और आकांक्षाओं, पीड़ा और वंचनाओं को वाणी मिली।
पारसी रंगमंच ने, जो भारत में लोकप्रिय रंगमंच का पहला चरण है, इस सन्दर्भ में बहुत बड़ी भूमिका निभाई और भविष्य के लिए आधार तैयार किया। जनाना भूमिका करनेवाले पुरुषों ने उस स्पेस को रचा जहाँ से स्त्रियाँ इस दुनिया में प्रवेश कर सकीं। उन्होंने न सिर्फ़ स्त्रीत्व को एक नया आयाम दिया बल्कि घर के आँगन के बाहर सैकड़ों निगाहों के सामने स्त्री की मौजूदगी क्या होती है, इसका पूर्वाभ्यास समाज को कराया।
ऐसे कई चरण रहे, जिनसे रंगमंच की स्त्री को आज के अपने स्थान पर पहुँचने के लिए गुज़रना पड़ा। यह किताब विभिन्न आयामों से उन तमाम परिस्थितियों और यात्राओं का आधिकारिक ब्यौरा देती है।
Kalam, Tum Laut Aao
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA Guide For Cuet (UG) Common University Entrance Test 2024 (Under-Graduate) Section Ii: Domain
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ireland Ki Lokkathayen | Interesting Stories, History & Random Facts About Ireland Book in Hindi
- Author Name:
Abhishek Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwa Ke 20 Mahan Samaj Sudharak
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aao Chalen Gram-Sabha
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: आपको गाँवों के पंचायतीराज के बारे में जानने-समझने की जिज्ञासा रहती है। पंचायतें किस प्रकार कार्य करती हैं? इनका ढाँचा कैसा है? ग्राम पंचायत क्या है? हमारे देश में पंचायतीराज की व्यवस्था किस प्रकार की है? ग्रामसभा में क्या होता है? पंचायत विकास के कौन से कार्य करवाती है? कार्यों की निगरानी पंचायतें कैसे करती हैं? मनरेगा योजना में कैसे काम होता है?—इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको इस पुस्तक में पढ़ने को मिलेंगे। ये सारी जानकारियाँ ‘पंचायतीराज की छह कहानियों’ के माध्यम से दिया गया हैं। आपको पंचायत की नई-नई जानकारियाँ मिलेंगी। बाद की तीन कहानियों में जंगल में चुनाव के बहाने आपको यह जानने का मौक़ा भी मिलेगा कि चुनाव में क्या गड़बड़ियाँ होती हैं। अगली कहानियों में हमारे देश की जनगणना की ख़ास बातें भी पता लगेंगी। थर्मामीटर, सिलाई मशीन, बल्ब की कहानियाँ आपको विज्ञान की खोजों में आनेवाली कठिनाइयों का पता भी देंगी। साथ ही यह बताएँगी कि निरन्तर परिश्रम करके कठिनाइयों पर कैसे पार पाया जा सकता है। दो कहानियों में बैंक से लेन-देन की विधि भी जान पाएँगे। ‘प्याऊ-परम्परा’ को जीवित करने पर ज़ोर देती एक कहानी है। कहानियाँ सरल भाषा में लिखी गई हैं। एक बहुत ही महत्वपूर्ण कृति।
Cinema Ke Baare Mein
- Author Name:
Naseer Munni Kabir +1
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में नसरीन मुन्नी कबीर ने जावेद अख़्तर जैसे बहुआयामी रचनाधर्मी से लम्बी बातचीत की है, जिसके अन्तर्गत जावेद की प्रारम्भिक रचनाओं पर पड़े प्रभावों, उनके पारिवारिक जीवन और फ़िल्म-जगत के महत्त्वपूर्ण पक्षों को उद्घाटित किया गया है, जहाँ जावेद ने सन् ’65 के आसपास ‘कैपलर-ब्वाय’ के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। इस बातचीत में सलीम ख़ाँ के साथ उनके सफल साझे-लेखन पर भी पर्याप्त प्रकाश पड़ता है। इस पुस्तक में मौलिक विचारक जावेद अख़्तर ने विश्लेषणात्मक ढंग से हिन्दी सिनेमा की परम्परा, गीत-लेखन और कथा-तत्त्व के विभिन्न पक्षों को उद्घाटित किया है और फ़िल्म-लेखन के कई पक्षों की सारगर्भित चर्चा की है। पटकथा-लेखन और फ़िल्मी शायरी के बारे में अपनी मौलिक मान्यताओं और रचना-प्रक्रिया के विभिन्न आयामों पर टिप्पणियाँ करने के साथ-साथ जावेद ने यह भी बताया है कि श्रेष्ठ पटकथाएँ और गीत कैसे लिखे जाते हैं? जावेद ने सफ़ाई और ईमानदारी से अपनी शायरी और राजनैतिक जागरूकता की विकास-यात्रा पर भी महत्त्वपूर्ण चर्चा की है। जावेद के हास्य-व्यंग्य, उनकी प्रखर बौद्धिकता, पटकथा-लेखन की तकनीक पर उनकी गहरी पकड़ और सोदाहरण बातचीत ने इस पुस्तक को उन सबके लिए महत्त्वपूर्ण बना दिया है, जिनकी फ़िल्म और कला में रुचि है।
1000 Madhya Pradesh Prashnottari
- Author Name:
Anil Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Street Vendor Se Bureaucrat A Struggle Story (A Unique Story Of Determination, Passion And Victory)
- Author Name:
Manoj Kumar, IOFS
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prabhavi Prashasakeeya Jeevan "प्रभावी प्रशासकीय जीवन" Book In Hindi - Dr. Taradatt
- Author Name:
Dr. Taradatt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Autobiography of a Yogi
- Author Name:
Paramahansa Yogananda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book