Ramakrishna Paramahansa: A Complete Biography
Author:
Pradeep PanditPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355629388
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kiya Ankiya
- Author Name:
Purushottam Agarwal
- Book Type:

- Description: पुरुषोत्तम अग्रवाल हमारे समय की एक महत्त्वपूर्ण बौद्धिक और सर्जनात्मक उपस्थिति हैं। उनका लेखन रूप और अन्तर्वस्तु की दृष्टि से विविध और विशाल है। उनकी कई स्वतंत्र छवियाँ हैं, लेकिन कोई एक छवि नहीं है। चिन्तक, आलोचक, कवि, कथाकार, विमर्शकार, कार्यकर्ता, पत्रकार, व्यंग्यकार, प्राध्यापक, फ़िल्म-विशेषज्ञ, धर्मशास्त्री से मिलकर उनकी छवि बनती है। उनकी समग्र छवि की परख और पहचान के लिए उनके सम्पूर्ण लेखन का परिचय प्राप्त करना जितना ज़रूरी है, उतना ही कठिन भी। उनका समग्र पाठ श्रमसाध्य है, इसलिए उनकी रचनाओं का एक प्रतिनिधि चयन और प्रकाशन विलम्बित माँग थी जिसे इस संचयन के प्रकाशन से पूरा करने का प्रयास किया गया है। नवीन और प्राचीन वैश्विक वैचारिक निरूपणों और साहित्यिक सिद्धान्तों की स्पष्ट समझदारी और उनसे संवाद की प्रवृत्ति पुरुषोत्तम अग्रवाल की शक्ति है, जो उनके लेखन को निरन्तर आकर्षक और विचारोत्तेजक बनाए रखती है। इसी से उनमें बौद्धिक साहस उत्पन्न होता है, इस साहस का एक प्रमाण है अस्मितावाद की शक्ति और सीमाओं का तटस्थ व साहसपूर्ण मूल्यांकन। इसी साहस का एक और प्रमाण है—धर्म, अध्यात्म और साम्प्रदायिकता पर उनका रुख़। वे धर्म को सत्ता-तंत्र मानते हैं लेकिन आध्यात्मिकता को सहज मानवीय प्रवृत्ति के रूप में देखते हैं। कबीर, कार्ल मार्क्स, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के धर्म और अध्यात्म सम्बन्धी विचारों के आधार पर अपनी अवधारणा को तैयार करते हैं। उनकी दृढ़ मान्यता है कि धर्म का फलतः साम्प्रदायिकता का, उन्मूलन तभी सम्भव है जब आध्यात्मिकता को मानव सुलभ मानकर धर्म से उसे स्वायत्त किया जाए। पुरुषोत्तम अग्रवाल के लेखन का एक बड़ा हिस्सा भक्तिकाल पर है। ख़ास तौर पर कबीर पर। जाति, धर्म, औपनिवेशिक आधुनिकता, अस्मितावाद इत्यादि वैचारिक निरूपणों से आच्छादित कबीर के कवि रूप को सामने लाकर उन्होंने उनकी प्रासंगिकता को पुनः अनुभूत बनाया है। बौद्धिक बेचैनी, साहित्यिक अभिरुचि, सांस्कृतिक अन्तर्दृष्टि और आलोचकीय विवेक के साथ समकालीन जीवन के विविध पक्षों और प्रश्नों पर विचार करनेवाले बुद्धिजीवी विरल हैं। पुरुषोत्तम अग्रवाल की पत्रकारिता इस दृष्टि से आश्वस्तिदायक है। उनका कथा साहित्य विविध संकटों से आच्छन्न बौद्धिक-जीवन के संघर्ष और जिजीविषा को सामने लाता है। उनके साहित्य में फासीवाद के देशी संस्करण के दबाव में अभिव्यक्ति के संकट और कला-बुद्धि-विरोधी दमघोंटू वातावरण की भयावहता का एहसास मुक्तिबोध की याद दिलाता है।
Divya Path Dampatya Ka
- Author Name:
Arjun Ram Meghwal
- Book Type:

- Description: ‘दिव्य पथ दांपत्य का’ पुस्तक के रूप में संकलन आपके समक्ष प्रस्तुत करने का एकमात्र यही उद्देश्य है कि भावी पीढ़ी इन 50 विवाहित दंपतियों के वैवाहिक जीवन के सार को समझे और जीवन के किसी भी मोड़ पर तनाव उत्पन्न होने की आशंका हो तो उसके लिए संवाद स्थापित करके तनाव से मुक्ति का प्रयास करे। यदि तनाव उत्पन्न होने की परिस्थितियों से जीवन में विराम लगाने की प्रक्रिया को, चिंतन की प्रक्रिया से रोक दिया जाए तो मुझे पूरा विश्वास है कि यह पुस्तक लिखने का प्रयास भी भावी पीढ़ी में सुखमय जीवन जीने की कला को विकसित करेगा और 50 विवाहित दंपतियों ने अपने सुखमय जीवन का जो सारांश प्रकट किया है, उससे भी नवदंपतियों को वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने में महत्त्वपूर्ण मदद मिलेगी।
Mission RAW: India’S Secret Services Unraveled
- Author Name:
R. K. Yadav, Former R +1
- Book Type:

- Description: This book is likely the first eye-opening account that has unlocked the main achievements and failures of Indian intelligence, including the Intelligence Bureau (IB) and the Research and Analysis Wing (R&AW). There have been various assumptions and apprehensions about the myths and realities of our intelligence among the media, security analysts, and defense forces, which have been thoroughly examined for the public of this country in general and for the new generation in particular. It begins by exploring how the' Thuggi and Dacoity' Department, created by the British in 1904, evolved into the Research and Analysis Wing (R&AW). Its founder, R.N. Kao, is one of the most legendary intelligence figures and has no parallel in the global intelligence community. He outperformed Richard Helms of the CIA and many other contemporaries from MI6 and Mossad while merging a territory of 3000 square miles of Sikkim into Indian territory. There is no other example in global intelligence of how R&AW and its icon, R.N. Kao, executed this task in the face of an imminent threat from China at the border. This book also reveals Kao's heroics in the liberation of Bangladesh, which was a monumental contribution, and unfolds how Article 370 was enacted due to the ego problem of Sheikh Abdullah by Jawaharlal Nehru.
Pradakshina Ke Patra | प्रदक्षिणा के पात्र | Description Poem of Tulsi's Ramcharitmanas | Yogendra Prasad Book in Hindi
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat : Sanskritik Chetna Ka Adhishthan
- Author Name:
Baldev Bhai Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Ki Vartani
- Author Name:
Sant Sameer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Narak Safai
- Author Name:
Mahammad Khadas +1
- Book Type:

- Description: कितने आश्चर्य की बात है कि समाज का जो तबका समाज की सफाई रखने का काम करता है, मानव बस्तियों को रहने लायक बनाता है, गंदगी और बीमारियों से दूर रखता है, समाज ने उसी वर्ग को अपने से अलग कर दिया! इससे बड़ी विडंबना और कोई हो ही नहीं सकती कि समाज के लिए सबसे उपयोगी वर्ग को ही अछूत करार दिया गया और घृणा का पात्र बना दिया गया। इस वर्ग को अस्पृश्यता का अभिशाप तो झेलना ही पड़ा, कदम-कदम पर समाज के अत्याचारों का भी सामना करना पड़ा । दुर्भाग्य से आज भी सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा बनी हुई है जबकि आजादी के दिनों से ही समाज के एक बड़े तबके को इससे मुक्त कराने की कोशिश होती रही है। गाँधी जी ने आजादी के आंदोलन में भंगी-मुक्ति का सपना देखा था। अनेक स्तरों पर काम होने के बावजूद भंगियों की स्थित में सुधार नहीं हो पाया है। महाराष्ट्र में इस प्रथा को नरक सफाई कहा जाता है, जिसमें भंगियों की कई पीढ़ियाँ लगी हुई हैं। भंगी अब किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रहे। उनमें सिख, हिंदू, मुसलमान सभी हैं। वे अस्पृश्यों में भी अस्पृश्य हैं। लगभग हर धर्म में उनकी स्थिति एक जैसी ही है। घृणा, तिरस्कार और अपमान का दर्द ही उनके भाग्य में लिखा है। अस्पृश्यों में भी जो अस्पृश्य हों, उनके जीवन में भला किसी की क्या दिलचस्पी हो सकती है? लेकिन लेखक-द्वय अरुण ठाकुर और महम्मद खडस ने बड़ी ही ईमानदारी से नरक सफाई के काम में लगे लोगों के जीवन का मार्मिक अध्ययन प्रस्तुत किया है। ‘नरक-सफाई’ महाराष्ट्र के वरिष्ठ बुद्धिजीवी और अनुसंधाता डॉ. य. दि. फड़के के कुशल मार्गदर्शन में ‘समता आंदोलन’ के कार्यकर्ता अरुण ठाकुर तथा महम्मद खडस द्वारा कड़ी मेहनत से जुटाए गए साक्ष्यों पर आधारित महत्त्वपूर्ण दस्तावेजी पुस्तक है। आजादी के बाद भंगियों की जीवन-स्थितियों का बारीकी से अध्ययन करने वाली हिन्दी में पहली पुस्तक—‘नरक- सफाई’ !
Hamare Sudarshanji
- Author Name:
Baldev Bhai Sharma
- Book Type:

- Description: "संघ के पंचम सरसंघचालक पूज्य सुदर्शनजी का ऋषितुल्य जीवन भौगोलिक व मत-पंथ की सीमाएँ लाँघकर देश-विदेश के लक्षावधि अंतःकरणों में एक प्रेरणापुंज के रूप में बसा है। हमारे ऋषियों ने कहा, ‘यानि अस्माकं सुचरितानि तानि त्वया सेवितम्’ यानी उनके जीवन के जो आदर्श हैं, सुचरितरूप श्रेष्ठ जीवन-मूल्य जिन्हें उन्होंने जिया, वह सद्मार्ग जिस पर चलकर उन्होंने मानवता के उच्च मानदंड स्थापित किए, उन्हें उनकी आनेवाली पीढ़ी यानी हम अपने जीवन के आचरण में ढालें, ताकि हम उन सद्गुण-सदाचार से युक्त उदात्त जीवन-मूल्यों और संस्कारों से युक्त जीवन जी सकें। पूज्य सुदर्शनजी के ऐसे तपोनिष्ठ व संकल्पवान् राष्ट्रसेवी जीवन का सान्निध्य जिन असंख्य लोगों को मिला, वे स्मृतियाँ उनके हृदय को सुवासित किए हुए हैं। एक बालक से लेकर स्वयंसेवक बनने, कार्यकर्ता के रूप में ढलकर प्रचारक जीवन का असिधारा व्रत स्वीकारने और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए पूज्य सरसंघचालक के रूप में प्रतिष्ठित होने की उनकी यात्रा बड़ी प्रेरणास्पद है। पूज्य सुदर्शनजी के जीवन की यह विविध पक्षीय प्रेरणा आनेवाले समय में राष्ट्र व समाज के सर्वतोमुखी उन्नयन हेतु लक्षावधि स्वयंसेवकों के लिए तो जीवंत रहे ही, समाज के अन्य वर्गों में भी उस जीवन-दृष्टि का विस्तार हो, यह महत् उद्देश्य ही इस ग्रंथ की रचना का आधार है। विश्वास है कि यह ग्रंथ पूज्य सुदर्शनजी की यश-काया को अक्षुण्ण रखेगा और सबके लिए राष्ट्रभक्ति व समाजसेवा का पाथेय बनेगा। "
Chhatrapati Shivaji : Vidhata Hindvi Swarajya ka
- Author Name:
Shrinivas Kutumbale
- Book Type:

- Description: छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन अलौकिक है। उसमें अदम्य साहस और नेतृत्व के विरले गुण अभिव्यक्त होते हैं। वर्तमान समय में यह महान् व्यक्तित्व और भी सामयिक हो चला है। शिवाजी के स्वराज्य की संकल्पना के मूल तत्त्व यदि आज लागू किए जाएँ तो भारत निस्संदेह विश्व के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है। ‘छत्रपति शिवाजी : विधाता हिंदवी स्वराज्य का’ लिखने का मुख्य उद्देश्य महान् शिवाजी के जीवन-मूल्यों को युवा पीढ़ी से परिचित करवाना और वरिष्ठजनों के लिए उस स्वर्णिम कालखंड की स्मृति ताजा करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य एवं साहस से परिपूर्ण तेजस्वी जीवन का विहंगम दिग्दर्शन कराती सबके लिए पठनीय कृति।
Spoken English Digest
- Author Name:
Rashmeet Kaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Colour With Crayons
- Author Name:
Manohar Sundaram
- Book Type:

- Description: Colour With Crayons Activity, Animal, Flowers, Transport, Alphabet Book for Kids Age 3 - 6 Years - Children Drawing and Colouring Book for Early Learners
Sri Aurobindo and Shakespeare
- Author Name:
Dr. Meenu Sodhi Sharma
- Rating:
- Book Type:

- Description: In this book an attempt has been made to compare the two legendary writers by comparing the eastern way of thinking with the western way. Shakespeare is amongst the writers Sri Aurobindo holds in high esteem. Sri Aurobindo’s admiration for the great dramatist resulted in obvious Shakespearean influences on him. He adopts for his plays Elizabethan model of drama perfected by Shakespeare’s genius. Shakespeare’s influence is traceable also in Sri Aurobindo’s sonnets. It is said that Sri Aurobindo had Shakespearean literature on his bed-side when he left his mortal remains. Both the great writers were not satisfied by merely holding mirror to the nature but due to their greater and deeper life power, they recreated the human life in its beauty and completeness. Therefore, there is an obvious need to compare and contrast Shakeapeare and Sri Aurobindo so as to bring out affinities that may be there between their creative ideal and vision as well as their poetic and dramatic art, along with the former’s influence on the later. In this book an attempt has been made to fulfill the need and to contribute, in some measure to the appreciation of Sri Aurobindo’s poetry and plays. It also briefly touches upon Indian response to Shakespeare. It focuses mainly on Sri Aurobindo’s numerous insights and critical observations on him. To sum up writings of the two such outstanding writers, who represent two very different ways of thinking. On one hand Shakespeare potrays lot of blood shed, gory tales and a wild kind of poetic justice in his writings, but on the other hand Sri Aurobindo truely follows Indian ethos of non violence or ‘Ahimsa’. The author underlines the stark similarities and differences in both the writer’s exploring their plays and sonnets. The structure of plays and sonnets may be same of both the greatest minds but ethos and personna ingrained in their writings is quite different.
Hindustani Shastriya Sangeet Ka Shabd Kosh
- Author Name:
Pandit Amarnath
- Book Type:

- Description: पंडित अमरनाथ को ‘संगीतकारों का संगीतकार’ कहा जाता है। इस कोश में उन्होंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तकनीकी शब्दावली को जन साधारण के हितार्थ बहुत आसान शब्दों में प्रस्तुत किया है। ‘आवर्त’ और ‘खरज भरना’ जैसे जटिल पदों से लेकर ‘मूर्छना’ और ‘श्रुति’ जैसी सांगीतिक शब्दावली को व्याख्यायित करते हुए यहाँ वे हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की उन परम्पराओं, उसके दार्शनिक और कला-पक्षों को सहृदय श्रोताओं-पाठकों के लिए बोधगम्य कर रहे हैं जिनका ज्ञान अभी तक उस्तादों और पारखी जनों तक ही सीमित था। संगीत क्षेत्र के महान गुरुओं की प्रसिद्ध उक्तियों और प्रचलित कहावतों-मुहावरों की पृष्ठभूमि और अर्थ-विश्लेषण इस शब्दकोश को और भी पठनीय तथा रुचिकर बनाता है। पंडित अमरनाथ इनकी व्युत्पत्ति व संगीत के अभ्यास व प्रस्तुति में उनके निहितार्थों को दिलचस्प ढंग से स्पष्ट करते हैं। पुस्तक की विशेष उपलब्धि रेखा भारद्वाज की प्रस्तावना और पंडितजी की सुपुत्री बिन्दु चावला द्वारा लिखित उनका जीवन- परिचय है। संगीतप्रेमी पाठकों, छात्रों, भाषाविदों और इतिहास अध्येताओं के लिए यह पुस्तक समान रूप से उपयोगी है।
Grameen Swachchhata
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: मुअनजोदड़ो सभ्यता से लेकर आज तक मल-मूत्र विसर्जन के सुरक्षित तथा स्वास्थ्य के लिए कम हानिकारक उपायों की खोज होती आ रही है। जनसंख्या-वृद्धि के साथ यह समस्या और गम्भीर हुई है, साथ ही ग्रामीण इलाक़ों में पर्याप्त जागरूकता के अभाव के चलते जन-स्वास्थ्य के लिए इसने कई चुनौतियाँ खड़ी की हैं। यह पुस्तक आज़ादी के बाद से भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में होनेवाले स्वच्छता-प्रयासों पर बात करते हुए उन तमाम प्रविधियों पर बात करती है जिनका प्रयोग देश के विशाल ग्रामीण भू-भाग में स्वच्छता को सम्भव बनाने के लिए किया जा सकता है। स्वच्छता क्यों ज़रूरी है? मल-मूत्र निपटान के आधुनिक और प्रौद्योगिकीय विकल्प क्या हैं? गोबर गैस संयंत्र की इसमें क्या भूमिका रही और क्या हो सकती है, विभिन्न सांस्कृतिक और विविध जीवन-शैलियों के हमारे समाज में स्वच्छता के प्रति सजगता के लिए कैसा अभियान चाहिए, उसके लिए काम करनेवाले लोगों का प्रशिक्षण कैसे हो, एक-एक व्यक्ति को स्वच्छता और स्वास्थ्य के विषय में कैसे समझाया-बताया जाए, यह पुस्तक इन विषयों पर आँकड़ों, तथ्यों और विस्तार के साथ बात करती है। स्वच्छता के प्रति इधर सरकार का आग्रह भी और बढ़ा है, इस सन्दर्भ में यह पुस्तक विशेष रूप से पठनीय और अनुकरणीय है।
Bharat Mujhmein Basta Hai
- Author Name:
Aradhana Jha Shrivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Bhasha Evam Sahitya Ka Tathyatamak Adhyayan
- Author Name:
Shailesh Kumar
- Book Type:

-
Description:
सिविल सेवा सहित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के प्रतिभागियों के बीच हिन्दी भाषा और साहित्य एक लोकप्रिय विषय है। स्पष्टत: यह एक व्यापक विषय है लेकिन इसमें गहरे प्रवेश करेन से पहले विद्यार्थियों के लिए एक ऐसी पुस्तक का अध्ययन उपयोगी होगा जिसमें हिन्दी भाषा और साहित्य की तथ्यात्मक जानकारी सिलसिलेवार और सारगर्भित रूप में मिल सके। यह पुस्तक इसी जरूरत को श्यान में रखकर लिखी गई है। इसमें नोट्स के बजाय उन तथ्यों को समग्रता में प्रस्तुत किया गया है जिनसे विद्यार्थी न केवल अपने नोट्स तैयार कर सकते हैं, बल्कि अपने उत्तर को भी निर्दिष्ट सीमा में लिख सकते हैं।
पुस्तक के अनुभवी सम्पादक के अनुसार, एम.ए.-एम.फिल के सेमिनारों और पत्र-पत्रिकाओं के लिए लिखे जाने वाले आलेखों से अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लिखे जाने वाले उत्तर एकदम सटीक और तथ्यपरक होने चाहिए। इसके लिए विषय का विस्तार से अध्ययन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है तथ्यों की बिन्दुवार और कालक्रम के अनुसार जानकारी। यह पुस्तक, इस सन्दर्भ में, सर्वाधिक सहायक है।
Mausam Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Dr. Neloy Khare
- Book Type:

- Description: धूप, हवा, बारिश और बर्फ—ये सब मौसम के ही अलग-अलग रूप होते हैं। मौसम हम सबके जीवन को प्रभावित करता है, इसलिए हमारे जीवन में इसका बहुत महत्त्व है। पृथ्वी पर तापवृद्धि के फलस्वरूप उन्मुक्त हुई सामान्य और प्रचंड मौसमी स्थितियाँ तबाही का कारण बन रही हैं। बाढ़ की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ बाढ़ पीडि़तों की संख्या में बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है। मौसम के भीषण बदलाव नाना प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं का कारण बनते हैं। इसी कारण मनुष्य अनादि काल से मौसम में होनेवाले बदलाव को जानने की एवं इसका पूर्वानुमान लगाने की जिज्ञासा अपने अंदर सँजोए रहा है। मौसम विज्ञान के क्षेत्र में बहुआयामी प्रगति होने के बावजूद एक आम नागरिक इन विकासों एवं संबंधित जानकारियों से संभवतः पूर्ण रूप से परिचित नहीं है। इसी उद्देश्य से मौसम विज्ञान जैसे महत्त्वपूर्ण विषय को सरल भाषा में इस पुस्तक में समेकित करने का प्रयास किया गया है। आशा है, यह पुस्तक अपने उद्देश्य की प्राप्ति में सफल होगी।
Mere Business Mantra
- Author Name:
N.R. Narayana Murthy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
50 Super Star Students
- Author Name:
Sushant Mishra
- Book Type:

- Description: एक नन्हा बालक बुधिया सिंह मात्र साढ़ेचार साल की उम्र में 65 किलोमीटर की दूरी सात घंटे और दो मिनट में तय करके सबको चौंका देता है; सोलह साल की किशोरी शिवांगी माउंट एवरेस्ट फतह कर लेती है; लगभग ग्यारह साल की अल्पायु में आर. प्रज्ञानानंद इतिहास में सबसे कम उम्र के शतरंजी दुनिया के ग्रैंडमास्टर बन जाते हैं; जन्मजात अस्थि की कमजोरी के रोग से पीड़ित स्पर्श शाह व्हीलचेयर पर बैठकर भी पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लेते हैं; दृढ़ संकल्पी शुभम, डायना अवार्ड से सम्मानित चंपा कुमारी, नासा अभियान के लिए चयनित जयलक्ष्मी, पशुओं के प्रति मानवीय डेरेक सी लालछन्हिमा। प्रस्तुत पुस्तक में इस तरह के 50 बच्चों की विलक्षण क्षमताओं और उपलब्धियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इन छात्रों ने सिद्ध कर दिया कि “जहाँ चाह है, वहाँ राह है ' | उपलब्धियों को हासिल करने में उम्र कोई बाधा नहीं होती; बस आपमें उत्साह और कुछ करने की ललक होनी चाहिए । ऐतिहासिक उपलब्धियों की एक ऐसी गाथा, जो पाठकों को रोमांचित करेगी, भाव-विभोर करेगी तो कहीं सजल। एक पठनीय, प्रेरक व संग्रहणीय पुस्तक, जो हर आयु वर्ग के पाठकों को प्रेरणा देगी, उनमें स्फूर्ति और जोश भर देगी।
Jyotsna Milan ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Jyotsna Milan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book