Ramakrishna Paramahansa: A Complete Biography
Author:
Pradeep PanditPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355629388
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
A Cello for Bihar
- Author Name:
Dr. Rakesh Chopra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acres of Diamond
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Edgar Allan Poe Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Edgar Allan Poe
- Book Type:

- Description: एलेनोरा की सुंदरता और मासूमियत एक सेराफिम एंजेल की तरह थी, वह एक कुँआरी कन्या थी, जो कृत्रिमता से कोसों दूर थी और फूलों के बीच अपनी छोटी सी निर्दोष जिंदगी गुजार रही थी। उसके भीतर कोई छल-कपट नहीं था, सिर्फ एक गहरा जुनूनी अहसास था, जो सिर्फ दिल से महसूस किया जा सकता था। उसने मुझे अपने दिल की गहराइयों से देखा, जब हम घाटी में रंग-बिरंगी घास पर साथ में चल रहे थे। हमारे इस फैसले से जो बदलाव हुए थे, हम उसके बारे में बात कर रहे थे। उस दिन एक-दूसरे से लिपटे हुए, उसके बारे में लंबी बातचीत करने के दौरान एकबारगी तो उसकी आँखों में आँसू आ गए और वह उदास हो गई कि कहीं यह मानवता के खत्म होने से पहले के आखिरी पल तो नहीं, जो वे बिता रहे थे। वह उस पल केवल उन्हीं दुःख भरी बातों को लेकर बैठ गई, जो हमारी बातों के बीच में बार-बार उन छवियों जैसी उभर रही थी, जैसे कवि शिराज के गीतों के वाक्यांश की हर प्रभावशाली भिन्नता में बार-बार घटित होती थी। —इसी पुस्तक से एडगर एलन पो ने मृत्यु जैसे गूढ़ विषयों पर गहन चिंतन किया और इसे ही अपने लेखन का विषय बनाया। उनकी कहानियाँ मानवीय संबंधों के साथ-साथ कल्पनाओं की उड़ान, अय्यारी तथा जादूगरी की रोचकता से भरी हैं, जो पाठकों को बाँधे रखती हैं।
Manrega
- Author Name:
Vishnu Rajgariya
- Book Type:

- Description: आज़ादी के छह दशक बाद भी ग्रामीण विकास की जटिल चुनौतियाँ विश्व के विशालतम लोकतंत्र हमारे देश के लिए चिन्ता का विषय रही हैं। सुखद है कि इस दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 ने कम ही समय में अपनी प्रासंगिकता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता प्रमाणित कर दी है। मनरेगा से बन रहे सामाजिक सुरक्षा के परिवेश ने करोड़ों ग्रामीण भारतीयों के जीवन में बड़े बदलाव की सम्भावना पैदा कर दी है। यह बदलाव मनरेगा के साथ अन्य महत्त्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के रचनात्मक एवं नवाचारी समावेश द्वारा बड़े स्तर पर लाना सम्भव हो रहा है। अब मनरेगा के तहत सुयोग्य श्रेणियों के व्यक्तिगत लाभुकों की ज़मीन में भी भूमि एवं जल संरक्षण एवं सिंचाई कूप जैसी अत्यन्त उपयोगी विभिन्न परिसम्पत्तियों के निर्माण के प्रावधान ने इन सम्भावनाओं को और गहन कर दिया है। मनरेगा ने पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण का भी एक महत्त्वपूर्ण ज़रिया दिया है क्योंकि लागत के हिसाब से 50 प्रतिशत कार्यों का कार्यान्वयन ग्राम पंचायतों द्वारा किया जा रहा है। मनरेगा के तहत ग्रामसभा को मिली विशिष्ट हैसियत ने हमारे विशाल लोकतंत्र में जन-जन की प्रत्यक्ष भागीदारी का अनूठा प्रयोग सम्भव बना दिया है। पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण हो या फिर शिकायत निवारण और ओम्बड्समैन प्रणाली, हर मामले में ठोस एवं नए के माध्यम से मनरेगा एक अद्भुत कार्यक्रम बन गया है। मनरेगा के क्रियान्वयन के अब तक के अनुभवों के आधार पर वर्ष 2013 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। मुझे प्रसन्नता है कि प्रस्तुत पुस्तक में उन दिशानिर्देशों को समाहित किया गया है। ग्रामीण भारत में बड़े बदलाव की वाहक इस योजना का लाभ हर वांछित तक पहुँचाने के लिए इसके प्रावधानों व कार्यप्रणाली के बारे में समुचित जानकारी आवश्यक है। —भूमिका से
Sugam Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Diaspora and Nation-Building
- Author Name:
Dr. Ruchi Verma +3
- Book Type:

- Description: Over 33 million strong Indian diasporas spread all over the world has been an exceptionally successful story. Given their skills and other social qualities, they are also among the most sought after lots in most countries. Indian diaspora has performed well on all important parameters — political, economical, technological and cultural. PIOs are amongst the top skilled, employable and prosperous non-native people in most countries. They are heading some of the top multinational companies and hold high positions in many international organisations, in a way making an important contribution to the evolving global agenda. Today, Indian diaspora is investing in creating jobs and cutting edge technologies world over. India has also done very well in reaching out to its diaspora through various channels, including the youth. At over USD 75 billion annually, India is the top recipient of remittances. Diaspora could also be an important source of technology and know-how. Given their goodwill on both sides, they are a great source of confidence-building between India and countries of their adoption and have demonstrated their clout on many occasions. Over the last many centuries, Indians have travelled to many near and far off destinations in the world for trade, business, education and jobs. One major wave of such movement was carried out by the colonial administration under the so called indentured system for meeting labour shortages in their overseas plantations. This inhuman system of exploitation of workers finally ended and the centenary of its abolition was commemorated in many parts of the world including India during 2017-18. Antar Rashtrya Sahyog Parishad (ARSP) had organised year-long activities to mark this important landmark in the life of the Indian diaspora, culminating with an international conference on the topic, ‘Contribution of Diaspora in Nation Building’ in Mauritius in July 2018. Several leaders and scholars addressed this gathering, and this publication captures the essence of its outcomes. This publication could be a good reference for students and scholars working on diaspora.
Yatra-Tatra-Sarvatra
- Author Name:
Sanjeev Jaiswal 'Sanjay'
- Book Type:

- Description: इससे पहले कि डिप्टी साहब कुछ कहते, प्रधानाध्यापक लोकलाज छोड़ सीधे उनके चरणों में लोट गए। “अरे। यह आप क्या कर रहे हैं ? छोड़िए मेरा पैर !”” डिप्टी साहब चिहुँकते हुए पीछे हटे, मगर इस बात का पूरा ध्यान रखा कि उनका पैर छूटने न पाए। जानते थे कि शिकार जितनी ज्यादा देर चरणों में लोटेगा, उतनी ही ज्यादा टेंट ढीली करेगा। प्रधानाध्यापक की कमाई का आधा हिस्सा पूरी ईमानदारी से प्रधान गुड्डू ठाकुर के पास पहुँचता था। उनका लड़का विक्की ठाकुर इसी पाठशाला का होनहार छात्र था। भविष्य में सरकार कहीं चुनाव लड़ने के लिए शिक्षित होना अनिवार्य न कर दे, बस इसी इकलौते उद्देश्य से वह अपना अमूल्य समय स्कूलों में बर्बाद कर रहे थे, वरना उनमें योग्यता की कोई कमी न थी। प्रधानाध्यापक को डिप्टी साहब के चरणों में लोटते देख उनसे बर्दाश्त नहीं हुआ। वे नट्टी फाड़ चीख पड़े--“'मास्सा '“ब, नाम है आपका परशुराम और काम कर रहे हैं सुदामा जैसा ? यह भ्रष्टाचारी आपसे रिश्वत माँग रहा है। चरणों में लोटने के बजाय उठाइए अपना फरसा और नाश कर दीजिए धरती से इन भ्रष्टाचारियों का।'! इसी पुस्तक से भ्रष्टाचार पर प्रह्यार और सफेदपोशों को बेनकाब करती ये कहानियाँ हमें उद्वेलित, आक्रोशित और आंदोलित करेंगी और संभवतः सर्वव्यापी भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए कमर कसने के लिए प्रेरित भी |
Kautilya Arthshastra
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: ‘अर्थशास्त्र’ कौटिल्य यानी चाणक्य द्वारा रचित संस्कृत वाड्.मय का एक अद्भुत ग्रंथ है। इसका पूरा नाम ‘कौटिलीय अर्थशास्त्र’ है। चाणक्य सम्राट् चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। उन्होंने चंद्रगुप्त के प्रशासकीय उपयोग के लिए इस ग्रंथ की रचना की थी। यह मुख्यतः सूत्र-शैली में लिखा हुआ है। यह शास्त्र अनावश्यक विस्तार से रहित, समझने और ग्रहण करने योग्य सरल शब्दों में रचा गया है। ‘अर्थशास्त्र’ में समसामयिक राजनीति, अर्थनीति, विधि, समाजनीति तथा धर्मादि पर पर्याप्त प्रकाश डाला गया है। अभी तक इस विषय के जितने भी ग्रंथ उपलब्ध हैं, वास्तविक जीवन का चित्रण करने के कारण उनमें यह सबसे अधिक मूल्यवान् है। इस शास्त्र के प्रकाश में न केवल धर्म, अर्थ और काम का प्रणयन तथा पालन होता है अपितु अधर्म, अनर्थ तथा अवांछनीय का शमन भी होता है। राजनीतिक, आर्थिक, विधि आदि सिद्धांतों को जानने-समझने और व्यवहार में लाने के लिए एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण कृति।
20 Greatest Entrepreneurs of The World
- Author Name:
Ramesh Kumar
- Book Type:

- Description: From time to time, we all look for inspiration around us. And no one inspires us more than someone who had a humble beginning but grew to become a great success. Someone who possesses the courage to take on risks to start and run a business venture to create and deliver innovative products, services or solutions that meet a need in the marketplace. There is no single specific list of the greatest or most extraordinary entrepreneurs, as several outstanding and talented people have made their contributions to our economic society. In this book, we will discuss the twenty greatest entrepreneurs of all time. They all had made a mark in their concerned industries with their zealous efforts and unwavering faith in their vision of a better world. From Jeff Bezos to Walt Disney, from Elon Musk to Mukesh Ambani and from Henry Ford to JRD Tata, all have been mentioned in this book. With the means of this book, the author has made an attempt to share the story of some exceptional entrepreneurs who are an inspiration to all. Hopefully, this book will serve as a motivation and help the readers to learn some indispensable lessons on how to become a successful businessperson.
Bhakta Janani Maa Sharda
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yaminee'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Art of Interview: A Complete Guide How To Take An Interview
- Author Name:
Sunil Badal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
4 Single Mothers "4 सिंगल मदर्स" | Story of Struggle of Mythological Female Characters | Book in Hindi
- Author Name:
Ashutosh Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Idhar Ki, Kuchh Udhar Ki
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khalil Zibran Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mozej Michael
- Book Type:

- Description: "एक सीप ने अपने पड़ोसी सीप से कहा, ‘‘मेरे अंदर बहुत दर्द है। यह भारी व गोल है और मैं परेशानी में हूँ।’’ दूसरे सीप ने दंभ और इत्मीनान से कहा, ‘‘ईश्वर और सागर की कृपा है, मेरे अंदर कोई दर्द नहीं है। मैं अंदर और बाहर दोनों ही तरफ से अच्छा, भला-चंगा हूँ।’’ पहले सीप ने कहा, ‘‘हाँ, तुम अच्छे-भले और चंगे हो, लेकिन तुम्हारा पड़ोसी जो दर्द झेल रहा है, वह बेहद खूबसूरत एक मोती के बनने का है।’’ —इसी पुस्तक से विश्व-विख्यात दार्शनिक एवं विचारक खलील जिब्रान की लोकप्रिय व चर्चित कहानियाँ, जो मनोरंजक तो हैं ही, मानवीय संवेदना और मार्मिकता से भरपूर होने के कारण पाठकों के दिल तक उतर जाती हैं। जीवन का यथार्थ और मायने बतातीं रोचक कहानियाँ। "
Sangram
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pragya Parmita
- Author Name:
Rangnath Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manav Upayogi Ped
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

- Description: जल, जंगल, ज़मीन निस्सन्देह मानव जीवन के आधार हैं। हमें शुद्ध वायु पेड़-पौधे ही उपलब्ध कराते हैं। लेकिन बढ़ते शहरीकरण के चलते पेड़-पौधों की उपेक्षा की गई और जंगल कटते चले गए जिसका ख़मियाजा मनुष्य असाध्य बीमारियों से लड़ते हुए भर रहा है। रामेश बेदी प्रकृति के विशेषज्ञ लेखक थे। यह पुस्तक विभिन्न पेड़ों की विभिन्न विशेषताओं से पाठक का परिचय कराती है। इसमें मानव उपयोगी 8 वृक्षों—अर्जुन, चालमुग्रा, खैर, तुवरक, गाइनोकार्डिआ, भिलावा, गोरख इमली तथा हरड़ का वर्णन किया गया है। पुस्तक में पेड़ों के विविध भाषाओं में नाम, उनकी पहचान, उनका प्राप्ति-स्थान, उनकी कृषि, रासायनिक संघटन, घरेलू दवा-दारू में उपयोग तथा औद्योगिक उपयोग आदि की जानकारी दी गई है। वृक्षों का स्वरूप बताने के लिए रेखाचित्रों तथा तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है, जो पुस्तक को पठनीय बनाते हैं। पुस्तक न सिर्फ़ पेड़-पौधों में रुचि रखनेवालों, आयुर्वेद व यूनानी के अध्येताओं, अनुसन्धानकर्त्ताओं, वन-अधिकारियों व वन-कर्मियों, फ़ार्मेसियों, कच्ची जड़ी-बूटियों के व्यापारियों के लिए उपयोगी है, वरन् आम जन के लिए स्वस्थ जीने के नुस्ख़े भी मुहैया कराती है।
Doosri Jung "दूसरी जंग" | Poems Book in Hindi
- Author Name:
Ravindra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Art of Compounding Impact How Small Changes Can Lead To Big Results | Jumpstart Your Income, Your Life, Your Success Book In Hindi
- Author Name:
Raj Goswami
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shyam, Phir Ek Bar Tum Mil Jate!
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: "दौड़कर उसने कृष्ण के पाँव से तीर खींचने के लिए हाथ बढ़ाया । कृष्ण उसकी व्यग्रता को निमिष- भर ताकते रहे, फिर निषेध में दाहिना हाथ उठाया । जरा ठिठक गया- '' क्यों, नाथ, क्यों?'' '' रहने दो, भाई! माता गांधारी के वचन में व्यवधान बनने का व्यर्थ प्रयत्न मत करो!'' बड़ी धीरता से वे बोले । '' मैंने महापातक किया है! मुझे क्षमा करो, नाथ! मैंने.. .मैंने आपको जंगली प्राणी समझकर आप पर तीर चलाया । यह मैंने क्या किया, नाथ!'' जरा भूमि पर लोटकर करुण क्रंदन करने लगा । '' उठो वत्स!'' करुणार्द्र स्वर में कृष्ण बोले, '' तुम्हारा नाम क्या है?'' '' मेरा नाम ?. .जरा ! '' '' जरा !. .ठीक!'' कृष्ण का मधुर हास्य छलका । तलवे से बहकर रक्तधारा भूमि पर काफी दूर चली गई थी । '' जरा, तुम्हारा नाम सार्थक है, तात ! ' जरा ' कभी किसीको नहीं छोड़ती ! अमरत्व के अभिशाप ने जिसे घेरा हो, उसे भी महाकाल जरा समेट ही लेता है न! जरा, तू तो निमित्त मात्र है, वत्स!'' - इसी उपन्यास से कोई भी भारतीय भाषा ऐसी नहीं है जिसमें श्रीकृष्ण को केंद्र में रखकर काव्य, कहानी, उपन्यास. नाटक, संदर्भ-ग्रंथ आदि साहित्य का सर्जन न किया गया हो । ' श्याम, फिर एक बार तुम मिल जाते ' (मूल गुजराती में लिखा) उपन्यास इन सबसे अनूठा इसलिए है कि यह सिर्फ उपन्यास नहीं है-यह तो उपनिषद् है! यथार्थ कहा जाए तो यह उपनिषदीय उपन्यास है । तत्कालीन आर्यावर्त्त में श्रीकृष्ण एक विराट् व्यक्तित्व था । जब यह व्यक्तित्व अनंत में विलीन हो गया तो जो सन्नाटा छा गया, उस सन्नाटे के चीत्कार का यह आलेखन है जब श्रीकृष्ण सम्मुख थे तब बात और थी जब वे विलीन हो गए तब वसुदेव-देवकी से लेकर अर्जुन, द्रौपदी, अश्वत्थामा, अक्रूर उद्धव और राधा पर्यंत पात्रों की संभ्रमिद मनोदशा को एक अनूठी ऊँचाई के ऊपर ले जाता है यह उपन्यास । "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book