Pandey Bechan Sharma ‘Ugra’ Ki Lokpriya Kahaniyan
Author:
Pandey Bechan Sharma 'Ugra'Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ असाधारण रचनाकार और सृजक थे। सारा हिंदी जगत् एक अरसे तक ‘उग्र’ की उग्रता से काँपता रहा, उनसे लोहा लेने में डरता रहा; मगर ‘उग्र’ जी का बाह्य व्यक्तित्व देख हिंदी जगत् ने उन्हें जीते जी उपेक्षा के गर्त में और विरोध की खाइयों में ढकेल दिया। यह उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी व विडंबना थी। उनके अंतरंग कोमल पक्ष को, जो नारियल की तरह बाहर से कठोर और अंदर से मृदु व कोमल था, कोई नहीं जान पाया।
‘उग्र’ के संपूर्ण व्यक्तित्व पर विगत 44 वर्षों से अनथक अनवरत परिश्रम करते हुए उनके कृतित्व के अनछुए पहलुओं पर कार्य किया है। अब तक ‘उग्र’ पर, उनके साहित्य पर मेरी 24 से अधिक कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनका हिंदी जगत् ने सम्यक् स्वागत किया है। हाँ, समीक्षकों से अवश्य हमेशा की तरह जैसा ‘उग्र’ के साथ हुआ, ‘उग्र’ के साहित्य को भी उपेक्षा और अवमूल्यन मिला है। खैर—
मेरे लबों पे दुआ
उसके लबों पे गाली,
जिसके अंदर जो था
वही तो बाहर निकला।
इस क्रम में निवेदित है ‘उग्र’ की कलम से निःसृत मार्मिक और हृदयस्पर्शी लोकप्रिय कहानियों का संग्रह।
ISBN: 9789390900503
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Orioles are Back and Other Stories Book in English- Chandrakanta
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JAADUI CHIDIYA
- Author Name:
Suryadev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
18 Life Lessons of The Bhagavad Gita: Secrets To Success And Happiness
- Author Name:
Bhavaraju Srinivasa Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deevan-E-Ghalib
- Author Name:
Ali Sardar Jafri
- Book Type:

- Description: साहित्य के हज़ारों साल लम्बे इतिहास में जिन चन्द काव्य-विभूतियों को विश्वव्यापी सम्मान प्राप्त है, ग़ालिब उन्हीं में से एक हैं। उर्दू के इस महान शायर ने अपनी युगीन पीड़ाओं को ज्ञान और बुद्धि के स्तर पर ले जाकर जिस ख़ूबसूरती से बयान किया, उससे समूची उर्दू शायरी ने एक नया अन्दाज़ पाया और वही लोगों के दिलो-दिमाग़ पर छा गया। उनकी शायरी में जीवन का हर पहलू और हर पल समाहित है, इसीलिए वह जीवन की बहुविध और बहुरंगी दशाओं में हमारा साथ देने की क्षमता रखती है। काव्यशास्त्र की दृष्टि से ग़ालिब ने स्वयं को ‘गुस्ताख़’ कहा है, लेकिन यही उनकी ख़ूबी बनी। उनकी शायरी में जो हलके विद्रोह का स्वर है, जिसका रिश्ता उनके आहत स्वाभिमान से ज़्यादा है, उसमें कहीं शंका, कहीं व्यंग्य और कहीं कल्पना की जैसी ऊँचाइयाँ हैं, वे उनकी उत्कृष्ट काव्य-कला से ही सम्भव हुई हैं। इसी से उनकी ग़ज़ल प्रेम-वर्णन से बढ़कर जीवन-वर्णन तक पहुँच पाई। अपने विशिष्ट सौन्दर्यबोध से पैदा अनुभवों को उन्होंने जिस कलात्मकता से शायरी में ढाला, उससे न सिर्फ़ वर्तमान के तमाम बन्धन टूटे, बल्कि वह अपने अतीत को समेटते हुए भविष्य के विस्तार में भी फैलती चली गई। निश्चय ही ग़ालिब का यह दीवान हमें उर्दू-शायरी की सर्वोपरि ऊँचाइयों तक ले जाता है।
Bank Nifty Se Paisa Kaise Banayen? How To Make Money From Bank Nifty? | Hindi Translation of Money In The Bank | Option Trading Strategy With Banking Stocks To Make Money Consistently Share Market Success Strategies Handbook
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA (National Testing Agency) Cuet (UG) Common University Entrance Test (Under-Graduate)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmir Paheli: Samasya Aur Samadhan (Hindi Translation of The Kashmir Conundrum)
- Author Name:
General N.C. Vij
- Book Type:

- Description: कश्मीर विषय को आधुनिक विश्व के सबसे लंबे चलनेवाले और सबसे कठिन संघर्षों में से एक माना गया है। भारत ने इसकी कीमत चार युद्ध, बहुमूल्य संसाधनों और हजारों जानें देकर चुकाई, लेकिन समाधान तब भी नहीं हुआ। ‘कश्मीर पहेली : समस्या और समाधान’ में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एन.सी. विज, जो खुद जम्मू व कश्मीर से आते हैं, इसकी पूरी तस्वीर बताते हैं। जम्मू व कश्मीर और इसके नागरिकों से शुरुआत करके उन्होंने घुसपैठ तथा रियासत के विलय पर बात की है। इसके बाद भारत व पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध, वर्ष 2019 का पुलवामा हमला, बालाकोट पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक तथा इसे सुलझाने के लिए कुछ फॉर्मूले देने का प्रयास किया है और राज्य का विशिष्ट दर्जा समाप्त करने पर हुए विवाद की भी चर्चा की है। ऐसा करते हुए वे अपने उन अनुभवों का उपयोग करते हैं, जो इससे निपटते हुए कारगिल युद्ध के दौरान बतौर डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिटरी ऑपरेशंस; वर्ष 2001 में संसद् पर हमला और इसके बाद ‘ऑपरेशन पराक्रम’ के दौरान उप-सेना प्रमुख और पाकिस्तान-प्रायोजित घुसपैठ के चरम पर रहने के समय तत्कालीन सेनाध्यक्ष रहते हुए मिले। भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष द्वारा कश्मीर समस्या के विविध पहलुओं पर विहंगम दृष्टि डालती पुस्तक, जिन्होंने एक अशांत क्षेत्र में शांति की तलाश और स्थापना का महती कार्य किया।
Swachh Indore
- Author Name:
P. Narahari
- Book Type:

- Description: Indore city has been declared the cleanest city in the country for the fifth time in a row in 2021. Indore became cleanest city in the country for the first time in Swachh Sarvekshan 2017 while in the Swachh Sarvekshan 2016, it was 25th in the ranking. The story of Indore from 25th position to becoming the cleanest city of the country and then sustaining the position is written in this book by the author P. NaraharilAS. P. Narahari was the Collector and District Magistrate of Indore when the campaign to become the cleanest city was initiated. The author spearheaded the campaign to make Indore Rural District the second Open Defecation Free (ODF) in the country. After achieving such a feat, the campaign to make Indore the Cleanest city was initiated with the support of the whole society. What were the strategies applied by the city administration in ensuring absolute cleanliness on the lines of the Swachh Bharat Campaign? How a song to motivate the citizens of Indore became an anthem for cleanliness is mentioned in this book. How Indore became a role model for not only many other cities of the country but also of the world is delineated in this book. This book also talks about how Safai Karmcharis became champions of Cleanliness in this campaign? This book can be a reference point for citizens, administrators, policy makers, students of journalism and civic societies of any city to make their cities highly liveable. It will lead to the Right to Cleanliness for a healthy living of everyone.
Acharyon ke Prerak Prasang
- Author Name:
Dinanath Batra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Surili Bansuri
- Author Name:
Arzoo Lakhnavi
- Book Type:

- Description: आरज़ू लखनवी की ये किताब 'सुरीली बाँसुरी', शायरी में उस भाषाई प्रयोग को दोबारा अमल में लाने की सूरत है, जिसमें अरबी, फ़ारसी, तुर्की वग़ैरा बाहरी भाषाओं का एक भी लफ़्ज़ न हो। आरज़ू लखनवी ने इस किताब को आम ज़बान में नहीं बल्कि ज़बान से चुने गए उन लफ़्ज़ों में लिखा है, जिसका नाम ख़ालिस (शुद्ध) उर्दू है। ये नायाब किताब इस बात को साबित करती है कि उर्दू में ग़ज़ल कहने के लिए लुग़त के अलफ़ाज़ और भारी-भरकम बन्दिशों की ज़रुरत नहीं।
Zameenee Aur Kshetriya Patrakarita Ki Taqat
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gopan Aur Ayan : Khand 1
- Author Name:
Sitanshu Yashashchandra
- Book Type:

- Description: गुजराती आदि भारतीय भाषाएँ एक विस्तृत सेमिओटिक नेटवर्क अर्थात संकेतन-अनुबन्ध-व्यवस्था का अन्य-समतुल्य हिस्सा हैं। मूल बात ये है कि विशेष को मिटाए बिना सामान्य अथवा साधारण की रचना करने की, और तुल्यमूल्य संकेतकों से बुनी हुई एक संकेतन-व्यवस्था रचने की जो भारतीय क्षमता है, उसका जतन होता रहे। राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय राज्यसत्ता, उपभोक्तावाद को बढ़ावा देनेवाली, सम्मोहक वाग्मिता के छल पर टिकी हुई धनसत्ता एवं आत्ममुग्ध, असहिष्णु विविध विचारसरणियाँ/आइडियोलॉजीज़ की तंत्रात्मक सत्ता आदि परिबलों से शासित होने से भारतीय क्षमता को बचाते हुए उस का संवर्धन होता रहे। गुजराती से मेरे लेखों के हिन्दी अनुवाद करने का काम सरल तो था नहीं। गुजराती साहित्य की अपनी निरीक्षण परम्परा तथा सृजनात्मक लेखन की धारा बड़ी लम्बी है और उसी में से मेरी साहित्य तत्त्व-मीमांसा एवं कृतिनिष्ठ तथा तुलनात्मक आलोचना की परिभाषा निपजी है। उसी में मेरी सोच प्रतिष्ठित (एम्बेडेड) है। भारतीय साहित्य के गुजराती विवर्तों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में जाने बिना मेरे लेखन का सही अनुवाद करना सम्भव नहीं है, मैं जानता हूँ। इसीलिए, इन लेखों का हिन्दी अनुवाद टिकाऊ स्नेह और बड़े कौशल्य से जिन्होंने किया है, उन अनुवादक सहृदयों का मैं गहरा ऋणी हूँ। ये पुस्तक पढ़नेवाले हिन्दीभाषी सहृदय पाठकों का सविनय धन्यवाद, जिनकी दृष्टि का जल मिलने से ही तो यह पन्ने पल्लवित होंगे। —सितांशु यशश्चन्द्र (प्रस्तावना से) ''हमारी परम्परा में गद्य को कवियों का निकष माना गया है। रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम इधर सक्रिय भारतीय कवियों के गद्य के अनुवाद की एक सीरीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सीरीज़ में बाङ्ला के मूर्धन्य कवि शंख घोष के गद्य का संचयन दो खंडों में प्रकाशित हो चुका है। अब गुजराती कवि सितांशु यशश्चन्द्र के गद्य का हिन्दी अनुवाद दो जिल्दों में पेश है। पाठक पाएँगे कि सितांशु के कवि-चिन्तन का वितान गद्य में कितना व्यापक है—उसमें परम्परा, आधुनिकता, साहित्य के कई पक्षों से लेकर कुछ स्थानीयताओं पर कुशाग्रता और ताज़ेपन से सोचा गया है। हमें भरोसा है कि यह गद्य हिन्दी की अपनी आलोचना में कुछ नया जोड़ेगा।" —अशोक वाजपेयी
Manak Hindi Ka Swaroop
- Author Name:
Bhola Nath Tiwari
- Book Type:

- Description: हिंदी एक समर्थ भाषा है। उसका साहित्य भी संपन्न है, अब तो वह और भी संपन्न होता जा रहा है, किंतु अभी तक हिंदी भाषा का मानक रूप स्थिर नहीं हो पाया है। यही कारण है कि उच्चारण, वर्तनी, लेखन, रूपरचना, वाक्यगठन और अर्थ आदि सभी क्षेत्रों में पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों, भाषणों एवं बातचीत में अमानक प्रयोग प्राय: मिलते हैं। इसी समस्या पर व्यापक रूप से विचार करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। प्रारंभ में मानक भाषा और उसके प्रकारों को लिया गया है, ताकि मानक हिंदी को ठीक परिप्रेक्ष्य में समझा जा सके। किसी भाषा की मानकता-अमानकता काफी कुछ उसकी बेलियों से जुड़ी होती है, अत: हिंदी के क्षेत्र और उसकी बोलियों को लेना पड़ा है। फिर हिंदी के मानकीकरण का इतिहास देते हुए हिंदी में नागरी लिपि और अंकों, हिंदी के संख्यावाचक शब्दों, हिंदी उच्चारण, हिंदी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा क्रिया विशेषण के रूपों, हिंदी वाक्य-रचना, हिंदी में प्रयुक्त शब्दों और उनके अर्थ, हिंदी की प्रयुक्तियों तथा शैलियों आदि पर मानकता की दृष्टि से विचार किया गया है। अंत में परिशिष्ट में मानक-अमानक प्रयोगों के कुछ उदाहरण हैं। इस प्रकार प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी भाषा के मानक स्वरूप पर अपेक्षित विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक हिंदी भाषा और भाषा-विज्ञान में रुचि रखनेवाले लेखकों, संपादकों, पाठकों और विद्यार्थियों आदि सभी वर्ग के लोगों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय है।
Naad Sunana Padta Hai…
- Author Name:
Miss Priyanka Mishra
- Book Type:

- Description: प्रियंका मिश्र की कविता का मूल स्रोत प्रकृति है। मिट्टी और पानी संबंधी उनकी कविताओं में जीवन भरा है। प्रकृति के अलावा आराधन, अंतर्मन, संबंध और अभिप्रेरणा संबंधी उनकी कविताएँ इस संग्रह में संकलित हैं । उनकी कविता में समूची धरा के लिए जगह है--पूरी धरा को वैभव से युक्त होना चाहिए। वे धरा को केवल वैभव से भरने के लिए आकुल-व्याकुल नहीं हैं, उनकी काव्य-चिंता यह भी है कि पूरी धरा में प्रेम का परिवेश कैसे निर्मित हो। यह काव्य-चिंता वही कर सकता है, जिसका कविमन वेद ऋचा हो और जो जन्मदाता को ही जीवन समर्पित करता हो : उन्हें समर्पित है यह जीवन, जो जीवन के दाता हैं । मेरा ईश्वर मेरी मम्मी, पापा भाग्य विधाता हैं । प्रियंका की कविता जीवन और मनुष्य को बेहतर व सुंदर बनाने का स्वप्न देखती है | वे जीवन को भौंरों का गुंजन, सागर का मंथन मानती हैं और उससे उपवन को महकाना चाहती हैं। प्रियंका मिश्र की कविता हृदय को स्पर्श मात्र नहीं करती, भीतर उथल-पुथल भी मचा देती है। मन को मुक्त कर देती है। कुछ ऊपर उठा देती है । कविता हमेशा हर तरह के मनुष्य की पीड़ा, उसके दुःख का खात्मा चाहती है। --कृपाशंकर चौबे अध्यक्ष, जनसंचार विभाग महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
Saral Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Chemistry
- Author Name:
Taniya Sachdeva
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patriotic Pilgrimage of India
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-2 (Class Vi-Viii) Mathematics And Science 15 Practice Sets with Latest Solved Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Napoleon
- Author Name:
Hareld F.B. Wheeler
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHARE INVESTMENT HANDBOOK
- Author Name:
Shri C.A. Vikram Narsaria
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book