Nyayapalika ke Bahuaayam
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789386871947
-
Pages256
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Mera Desh, Tumhara Desh
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

-
Description:
अतीत की साझेदारी के बावजूद भारत और पाकिस्तान के स्कूलों में स्वाधीनता संघर्ष का इतिहास बिलकुल अलग ढंग से पढ़ाया जाता है। इतिहास की पढ़ाई दो परस्पर विरोधी राष्ट्रीय अस्मिताओं का निर्माण करती है। कुछ घटनाओं पर ज़ोर देकर और कुछ को छोड़कर स्कूली पाठ्य-पुस्तकें किस तरह दो अलग आख्यान रचती हैं, प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार की यह किताब इसी प्रश्न की गहराइयों में जाकर बच्चों की शिक्षा को प्रभावित करनेवाले सांस्कृतिक और विचारधारा-सम्बन्धी आग्रहों की पड़ताल करती है।
विश्लेषण के दायरे में 1857 के विद्रोह से लेकर विभाजन और स्वतंत्रता तक की सभी घटनाओं का भारत और पाकिस्तान की समकालीन पाठ्य-पुस्तकों में चित्रण शामिल किया गया है। इसके अलावा गांधी और जिन्ना जैसे व्यक्तित्वों की प्रस्तुतियों की छानबीन और व्याख्या भी की गई है। किताब के अन्तिम हिस्से में लाहौर और दिल्ली के बच्चों द्वारा लिखे गए निबन्धों का विश्लेषण शामिल है। यह विश्लेषण बच्चों की प्रतिक्रियाओं में निहित ताज़गी और दोटूकपने को चिन्हित करता है।
‘मेरा देश, तुम्हारा देश’ यह उम्मीद जगानेवाली किताब है कि भारत और पाकिस्तान अपनी आज़ादी के साठ वर्ष बाद विभाजन की पीड़ादायी स्मृति से उबरकर शान्ति का रास्ता खोज सकते हैं। प्रख्यात इतिहासकार सुमित सरकार ने इस पुस्तक को अपनी तरह के पहले कदम की संज्ञा दी है।
REET Grade-III Adhyapak Level 1 & 2, Shekshanik Manovigyan Evam Suchna Takniki
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safalta
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zindagi Wo, Jo Aap Banayen "जिंदगी वो जो आप बनाएँ" Hindi Translation of Life Is What You Make It | Such A Story of Love, Hope And Faith Who Defeated Destiny
- Author Name:
Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARATIYA VAIGYANIK (FC)
- Author Name:
SATYENDRA JHA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ambedkar & Modi
- Author Name:
Bluekraft Digital Foundation
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Constitution of India
- Author Name:
Dr. P.K. Agrawal +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Netaji Subhas Chandra Bose
- Author Name:
Meenu Sinhal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IROM SHARMILA AUR AAMARAN ANSHAN
- Author Name:
Shashidhar Khan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
I Can I Will
- Author Name:
Shyam Taneja
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rishwat Mahadevi Ki Jai!
- Author Name:
Yashwant Kothari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to Sell Your Way through Life
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Delhi Police Constable (Male/ Female) Recruitment CBE Exam 2023- 20 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarvashreshtha Mann Dwara Safalta Payen
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apani Yaddashta Kaise Badhayen
- Author Name:
Surya Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Positive Parenting
- Author Name:
Dr. Navniit Gandhi
- Book Type:

- Description: "• ‘हमारी बेटी गुपचुप किसी लड़के से बात करती है।’ • ‘मेरी बेटी बॉलीवुड के गानों पर डांस सीखना चाहती है। जब से मैंने मना किया है, तब से वो ढीठ और गुस्ताख हो गई है।’ • ‘हमारा एक बेटा है और वह हर समय अपने कमरे में चुपचाप बैठा रहता है; उसका कोई दोस्त भी नहीं है।’ हर बच्चा, हर परिस्थिति और सारे हालात अपने आप में बिल्कुल अलग हैं। अभिभावक होना अपने आप में अनोखा अनुभव होता है या एक रोलर-कोस्टर राइड की तरह नजर आता है। कोई नहीं जानता कि आगे किस तरह का रोंगटे खड़े कर देनेवाला दृश्य सामने आ जाएगा, कहाँ यह सफर धीमा होगा, कहाँ अगला खतरनाक मोड़ आएगा और यह भी कोई नहीं बता सकता कि जमा देनेवाली रफ्तार कब, किस दौर में पहुँचा देगी! इससे पहले कि इस सफर का यात्री खुद को सँभाल पाए और सफर के असर का आकलन भी कर पाए, सफर खत्म हो चुका होता है! बच्चे बड़े हो गए! अभिभावक होने का हर पल उत्साह, खुशी, खिन्नता और निराशा के दौर से भरा एक अनुभव होता है। अगर आप एक अभिभावक हैं, जो इस भूमिका से प्यार करते हैं, लेकिन साथ ही चिढ़ पैदा करनेवाले तमाम सवालों से भी जूझते हैं और फिर भी हमेशा इस बारे में कुछ सुनने और सीखने को लालायित रहते हैं, तो यह किताब आपके हर उस पल को खुशनुमा बना देगी, जो अभी आपके जीवन को दुष्कर बनाए हुए हैं। इसी के साथ आप माता-पिता होने का बेहतरीन अनुभव भी हासिल कर पाएँगे! "
Sobti-Vaid Samvad : Lekhan Aur Lekhak
- Author Name:
Krishna Sobti +1
- Book Type:

-
Description:
एक दिन दो बड़े मिल बैठे और बातें चल निकलीं—गुज़रे हुए ज़माने की, अगले ज़मानों की। वर्तमान तो बेशक हर पहलू से उन बातों में शामिल रहा। बातों का सिलसिला दशकों के आर-पार फैलता रहा—अपने समय को सीधे पढ़ने, समझने और लगातार ढीठ होते हुए युग की बग़ैरत निर्लज्ज आँखों में आँखें डालकर देखते रहने के संकल्प के साथ।
हमारे दो महत्त्वपूर्ण लेखक, कृष्णा सोबती और कृष्ण बलदेव वैद। शिमला के राष्ट्रपति निवास का उर्वर वातावरण और दशकों का सहेजा, रचा और निभाया हुआ बौद्धिक उत्तेजन और रचनात्मक ताप—‘सोबती-वैद संवाद’ इन्हीं तत्त्वों के संयोग और संयोजन का परिणाम है।
इस संवाद में से गुज़रते हुए हम अपने देखे हुए वक़्त को अपने दो विशिष्ट रचनाकारों की नज़र से एक बार फिर देखते हैं और आज के नेपथ्य की आहटें सुनने लगते हैं। इस अनौपचारिक बातचीत में आप दो अलग-अलग वैचारिक मुखड़ों को पहचानते हैं, उनकी वैचारिक प्रक्रिया को और रचनात्मक पाठ की गहराइयों को भी।
इन दो क़लमों की अपनी-अपनी धड़कनें भी सुनी जा सकती हैं—जिनसे ‘ज़िन्दगीनामा’, ‘दिलो-दानिश’, ‘उसका बचपन’, ‘गुज़रा हुआ ज़माना’, ‘हम हशमत’, ‘ऐ लड़की’, ‘विमल उर्फ़ जाएँ तो जाएँ कहाँ’ और ‘काला कोलाज’ जैसी क्लासिक हो चली कृतियाँ कैसे और कब रची गईं, कौन-सी बेचैनी किस किताब के पन्नों पर साकार हुई, कैसे और किस ब्रान्ड का काग़ज़ और किस नाम का पेन था जो सृजनात्मक घटित का साक्षी रहा—यह सभी कुछ इस संवाद में उजागर होता है।
और उजागर होता है वह पूरा युग भी जिसमें बँटवारा हुआ, आज़ादी मिली, गांधी की हत्या हुई, देश की बहाली के नए स्वप्न शुरू हुए, नई विचारधाराओं ने नए हौसले दिए, उत्तर-आधुनिकता ने क़िस्म-क़िस्म के अन्त घोषित किए, और आख़िर में भूमंडलीकरण ने सब कुछ को झंझोड़ डाला। यह सब इस संवाद का हिस्सा है। और इसीलिए हर अपूर्व मुलाक़ात की तरह अधूरी होते हुए भी, यह अनूठी किताब हमें एक मुकम्मल पाठकीय स्मृति देकर ख़त्म होती है।
The Life and Times of Birsa Munda
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: The Life and Times of Birsa Munda The year: 1890-92. It was a time of turmoil when several Adivasis in the Chhotanagpur region fell prey to the false preaching of the Christian churches and were forced to embrace Christianity. It was a ploy by the British to convert Adivasis to Christianity to stem protests. Birsa Munda and his family also believed in preaching initially and converted to Christianity. Soon, however, Birsa saw through the trickery and not merely did he convert to Hinduism again, but he also convinced several Adivasis. They had converted to Christianity to embrace Hinduism again. It was this Birsa Munda who later became the "God" of the Adivasis and came to be regarded as "Dharti-Aba" or "Father of the Universe." In an attempt to capture Birsa, the British administration was jolted and announced a reward of Rs 500 for his arrest. The British trick worked, and some greedy informers of the British caught Birsa when he was sleeping at night. This book, a biography of the great Adivasi leader, Birsa Munda, tries to capture some of the brave glimpses from the life of a daring revolutionary who gave up all he had to fight for the rights of his people and to ensure the freedom of his motherland.
Super Safalta ke 25 Supar Niyam
- Author Name:
Og Mandino
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vidyapati : Raj Kaj Samaj
- Author Name:
Kamlanand Jha
- Book Type:

- Description: विद्यापति 'राज काज समाज' इस दृष्टि से अनोखी पुस्तक है कि इसमें विद्यापति की भक्ति-शृंगार वाली रूढ़ छवि के समानांतर सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकार संपन्न कवि के रूप में उनकी पहचान की गई है। विद्यापति की पदावली का अध्ययन उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण वैचारिक रचनाओं के साथ मिलाकर की गई है जिसके परिणाम स्वरूप पदावली की नई अर्थ छटाओं से हमारा साक्षात्कार होता है। कीर्तिलता, पुरुष-परीक्षा और लखनावाली जैसी गंभीर विचार-प्रधान रचनाओं के कारण विद्यापति तमाम मध्यकालीन भक्त कवियों से अलहदा नजर आते हैं क्योंकि मध्यकाल के सभी भक्त केवल कवि हैं लेकिन विद्यापति कवि के साथ इतिहासकार, राजनीतिवेत्ता, संस्कृति-चिंतक तथा शिक्षाविद भी नजर आते हैं। ज्ञान के इस विस्तार ने उनकी कविता को अधिक गहरी और व्यापक जमीन प्रदान की है। हिंदी भक्ति आंदोलन के अग्रदूत विद्यापति की भक्ति कविता में वैष्णव (अलवार) और शैवभक्ति (नयनार) का समन्वित रूप देखने को मिलती है। विद्यापति ने मानव जीवन की श्रेष्ठता को प्रतिष्ठित करते हुए कहा है कि 'मानुस जीवन अनूप'। उनकी कविता में न तो कहीं स्त्री-निंदा है न ही वर्ण-विरोध। इस दृष्टि से विद्यापति समतापरक समाज की कल्पना करने वाले विलक्षण मध्यकालीन कवि के रूप में हमारे सामने उपस्थित होते हैं। विद्यापति की पदावली में शृंगार-भक्ति के अतिरिक्त स्त्री-प्रेम और प्रेम के क्षेत्र में स्त्री-साहस अद्ïभुत रूप से प्रकट हुआ है। सामंती समाज में प्रेम की पाबंदी के सख्त खिलाफ हैं—विद्यापति; वे कहते हैं 'परबस जनु हो हमार पियार'। यह पुस्तक पाठकों को एक 'नए विद्यापति' से परिचय कराने में सक्षम साबित होगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book