Muria Aur Unka Ghotul : Vol 1-2
Author:
Veriar ElwinPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 2316
₹
2895
Available
मुरिया और उनका घोटुल-1 के इस भाग में बस्तर के मुरिया आदिवासियों के जीवन से जुड़े उन सभी आयामों को रेखांकित किया गया है जिनसे अभी तक हम अनभिज्ञ थे। यहाँ घोटुल है जिसका उद्गम स्रोत है।</p>
<p>लिंगो पेन देवता। यह गाँव के बच्चों और युवाओं का निवास स्थान है। कबीले के हर अविवाहित लड़के और लड़की को इसका सदस्य बनना पड़ता है। घोटुल की सदस्यता मात्र मन-बहलाव का साधन नहीं है बल्कि धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी एक सामाजिक परम्परा है। इस परम्परा को कड़े नियमों द्वारा नियन्त्रित किया जाता है।</p>
<p>यहाँ लड़कों को चेलिक और लड़कियों को मुटियारी कहा जाता है। लड़कों का नेता सरदार है तो लड़कियों की नेता बैलोसा है। मुरिया जीवन के आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक पहलुओं का वर्णन करता हुआ घोटुल सिर्फ़ एक रात्रि क्लब है, दिन में इसके सदस्यों को खाने की व्यवस्था, खेती, शिकार, मछली पकड़ना, शहद एकत्रित करना व सागो ताड़ का रस तथा ईंधन जुटाने में व्यस्त कर दिया जाता है।</p>
<p>मुरिया जीवन को खोलती इस पुस्तक में मुरिया समुदाय के जीवन के हर पहलू, उनकी आजीविका, कबीले का संगठन, बचपन, युवावस्था, धर्म और उनके देवताओं का वर्णन विस्तार से प्रामाणिक ढंग से किया गया है।
ISBN: 9788126712977
Pages: 885
Avg Reading Time: 30 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Gopi Ki Diary-4 Stories Hindi Translation of The Gopi Diaries: Gopi’s Day Out
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meri Pyari Gudiya
- Author Name:
Maya Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC Jharkhand | Samanya Adhyayan Paper-1 | Bharat Ka Itihas, Kala Evam Sanskriti "भारत का इतिहास, कला एवं संस्कृति" Prarambhik Pariksha - 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media Vishwakosh (Encyclopaedia of Media)
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: "वर्तमान में मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, एडवरटाइजमेंट, पब्लिक रिलेशन एवं ट्रेडिशनल मीडिया जैसे प्रचलित रूपों तक ही सीमित नहीं रहा है। आज उद्योग के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन होती प्रगति के साथ ही कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन तथा ऑनलाइन (इंटरनेट) जर्नलिज्म के साथ-साथ ‘सोशल मीडिया’ भी अस्तित्व में आ गया है। मीडिया से संबंधित विषयों पर पिछले एक-दो दशकों में अनेक ग्रंथ अंग्रेजी में तो प्रकाशित हुए हैं परंतु पत्रकारिता (जर्नलिज्म) के विभिन्न माध्यमों पर विश्वकोश एवं शब्दकोश का अभाव रहा है। इसी अभाव की पूर्ति है यह ‘मीडिया विश्वकोश’। पुस्तक में मीडिया एवं जनसंचार के विविध माध्यमों एवं नए आयामों, जैसे—रेडियो, टेलीविजन, टी.आर.पी, स्टिंग जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया, इंटरनेट, सेटैलाइट टी.वी., न्यूज मीडिया, ऑनलाइन एडिटिंग, सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्वीटर, ऑरकुट, लिंक्ड-इन, यू-ट्यूब, स्काइप, टेबलेट कंप्यूटर, आइ-पैड, आइ-फोन, विकिपीडिया आदि लगभग छह सौ पारिभाषिक शब्दों का विस्तृत, प्रामाणिक एवं तथ्यात्मक विवेचन किया गया है। यह ‘मीडिया विश्वकोश’ पत्रकारिता के संदर्भ में सामान्य जानकारी की इच्छा रखनेवाले पाठक से लेकर संबंधित क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं मीडिया विषयक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त मीडिया कर्मियों, संपादक, उपसंपादक, रिपोर्टर एवं लेखक आदि के लिए भी समान रूप से उपादेय ग्रंथ।
Lauhpurush Sardar Vallabhbhai Patel
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म नडियाद, गुजरात में हुआ। उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही हुई। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की और वापस आकर गुजरात के अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से पूरी तरह जुड़ गए। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेड़ा आंदोलन में रहा। बारदोली में सशक्त सत्याग्रह करने के लिए ही उन्हें ‘सरदार’ कहा जाने लगा। सरदार पटेल को 1937 तक दो बार कांग्रेस का सभापति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। आजादी के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण में उनके महान् योगदान के लिए इतिहास उन्हें सदैव स्मरण रखेगा। अपनी दृढ़ता के कारण वे ‘लौह पुरुष’ कहलाए। सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के उप-प्रधानमंत्री होने के साथ प्रथम गृह, सूचना तथा रियासत विभाग के मंत्री भी थे। उनकी महानतम देन है 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलय करना। वे नवीन भारत के निर्माता, राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी और भारतीय जनमानस अर्थात् किसान की आत्मा थे। अपने रणनीतिक कौशल, राजनीतिक दक्षता और अदम्य इच्छा-शक्ति के बल पर भारत को एक नई पहचान देनेवाले समर्पित इतिहास-पुरुष की प्रेरणाप्रद जीवनी।
Padma Sachdev ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Padma Sachdev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parivrajak: Meri Bhraman Kahani
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद ने भारत में उस समय अवतार लिया, जब हिंदू धर्म के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। हिंदू धर्म में घोर आडंबर और अंधविश्वासों का बोलबाला हो गया था। ऐसे में स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म को एक पूर्ण पहचान प्रदान की। इसके पहले हिंदू धर्म विभिन्न छोटे-छोटे संप्रदायों में बँटा हुआ था। तीस वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो (अमेरिका) में विश्व धर्म संसद् में हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया और इसे सार्वभौमिक पहचान दिलाई। प्रस्तुत पुस्तक 'परिव्राजक: मेरी भ्रमण कहानी' में स्वामीजी ने अपनी यूरोप यात्रा के माध्यम से सरल शब्दों में तत्कालीन इतिहास, कला, समाज, जीवन-दर्शन इत्यादि का अत्यंत रोचक वर्णन प्रस्तुत किया है। इनके माध्यम से व्यक्ति अपने तत्कालीन ज्ञान-दर्शन को सहज ही प्रशस्त कर सकता है। स्वामी विवेकानंद की यात्रा-वृत्तांत की यह पुस्तक हमें सांस्कृतिक-सामाजिक यात्रा का आनंद देगी।
Economic Offences
- Author Name:
Dr. Anil Samota
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RATRIKALEEN SANSAD
- Author Name:
Neerja Madhav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmir Files
- Author Name:
Col Sunil Kotnala
- Book Type:

- Description: कर्नल सुनील कोटनाला के सभी कौशल इस उपन्यास में समाहित हैं। यह एक सामयिक कृति है, जो कश्मीर में होनेवाली घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है— जो दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्रों में से एक है और जहाँ विचारधारा, धर्म एवं जातीयता के बीच लगातार टकराव है। अतीत में भारतीय सेना को बिना स्पष्ट जनादेश, खुफिया कवर या राजनीतिक समर्थन के आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में झोंक दिया गया। यह कहना पर्याप्त है कि हम हमेशा गले तक गंदगी में डूबे हुए थे। सबसे बढक़र, हमारे मानवाधिकार कार्यकर्ता उन्हीं भारत-विरोधी अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जो हमारे सैनिकों को प्रताड़ित कर रहे थे, मार रहे थे और अपंग कर रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में सिर के ऊपर से बहुत सारा पानी बह गया है और कानून-व्यवस्था की स्थिति के रूप में शुरू हुआ कश्मीर अब जिहाद के लिए युद्ध का मैदान बन गया है। भारतीय सैनिक प्रणम्य हैं जिन्होंने वीरता से लड़ाई लड़ी है। सशस्त्र बलों ने यह सब सरकार या अपने हमवतन—इस देश के लोगों के खिलाफ शिकायत के बिना किया है, जो उनके लिए बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन कभी नहीं किया। वैसे यह एक उपन्यास है—फिर भी, यकीन है कि इसका स्कूल और विश्वविद्यालय की कक्षाओं में पाठन कराया जाएगा। इसमें मनोरंजन है, यह रोमांचित भी करता है। सुनील दैनिक क्रूरताओं का चित्रण करते हैं, जो युद्धक्षेत्रों की विशेषता है।
RRBs: Railway Assistant Loco Pilot (ALP) Study Guide 2024, Stage - 1 | Computer Based Test & Include Latest Solved Papers | Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pakistan: Jinnah Se Jehad Tak
- Author Name:
S.K. Dutta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarvashreshtha Mann Dwara Safalta Payen
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nature, Science and Modern Life
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharohar Rajasthan CET Level 10+2 (Senior Secondary Star)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swachh Indore
- Author Name:
P. Narahari
- Book Type:

- Description: Indore city has been declared the cleanest city in the country for the fifth time in a row in 2021. Indore became cleanest city in the country for the first time in Swachh Sarvekshan 2017 while in the Swachh Sarvekshan 2016, it was 25th in the ranking. The story of Indore from 25th position to becoming the cleanest city of the country and then sustaining the position is written in this book by the author P. NaraharilAS. P. Narahari was the Collector and District Magistrate of Indore when the campaign to become the cleanest city was initiated. The author spearheaded the campaign to make Indore Rural District the second Open Defecation Free (ODF) in the country. After achieving such a feat, the campaign to make Indore the Cleanest city was initiated with the support of the whole society. What were the strategies applied by the city administration in ensuring absolute cleanliness on the lines of the Swachh Bharat Campaign? How a song to motivate the citizens of Indore became an anthem for cleanliness is mentioned in this book. How Indore became a role model for not only many other cities of the country but also of the world is delineated in this book. This book also talks about how Safai Karmcharis became champions of Cleanliness in this campaign? This book can be a reference point for citizens, administrators, policy makers, students of journalism and civic societies of any city to make their cities highly liveable. It will lead to the Right to Cleanliness for a healthy living of everyone.
SCHOOLON MEIN YUAN-SHOSHAN ROKANE KE UPAYA
- Author Name:
Sadhna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apratim Bharat
- Author Name:
Shri Bhagwat Pariwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HAMARA SAUR PARIVAR (H)
- Author Name:
PANKAJ GUPTA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Bal Kahaniyan
- Author Name:
Shriramvriksha Benipuri
- Book Type:

- Description: "अमर बाल कहानियाँ “देवी बलिदान माँग रही है, जो सिर देना चाहे वह आगे बढ़े! बढ़ो!! बढ़ो!!” एक सिख बढ़ता है! यह कौन? अरे-यह तो वह आदमी है, जिसे कल तक हम छोटी जाति का होने के कारण अपने से छोटा समझ रहे थे। वह आगे बढ़ा, तंबू के भीतर गया। तलवार का ‘छप’ सा शब्द हुआ, फिर खून की धारा तंबू के भीतर से निकलकर बाहर की जमीन को सींचने लगी। “हाँ-हाँ, देवी बलिदान माँग रही है, दूसरा कौन है,—वह आगे बढ़े—बढ़ो! बढ़ो!!” एक दूसरा बढ़ा, उसी की तरह का मामूली आदमी। फिर तंबू में ‘छप-छप’ शब्द, फिर खून की लाल धारा। फिर गुरु की ललकार—तीसरा बढ़ा, चौथा बढ़ा, पाँचवाँ बढ़ा, छठा बढ़ा, सातवाँ बढ़ा—तंबू से निकली खून की धारा मोटी होती जा रही है—सामने की जमीन लाल-लाल हो रही है। “बस अब नहीं—देवी खुश हो गई। बोलो—सत्य श्री अकाल। वाहे गुरुजी का खालसा, वाह गुरुजी की फतह!” और यह क्या, वे सातों शहीद वीर भी तंबू से बाहर खड़े मुसकरा रहे हैं। क्या ये जी उठे? हाँ, जी उठे! आओ, सभी अमृत पीओ। शहादत का अमृत पीओ, सिंह बनो, सिंह। आज से सभी सिंह कहलाएँगे! सिंह-सिंह के सामने कोई आदमी क्या खाकर टिक सकता है। —इसी संकलन से प्रसिद्ध लेखक श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी की प्रभावशाली बाल रचनाओं का संकलन, जो बालमन को गुदगुदाए व हँसाए बिना न रहेगा। "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book