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Mission Mangal : Bhartiya Mangalyaan Ki Gaurav Gatha

Published by

Prabhat Prakashan

In category

Other

Language

Hindi

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About the book

"भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने हौसलों से इस स्वप्न को साकार कर एक इतिहास रच दिया। मंगलयान की कामयाबी एक दुश्वार कसौटी थी, जिसने इससे जुड़े प्रत्येक इनसान के आत्मबल, इच्छाशक्ति और संयम को परखते हुए उसे कुंदन की तरह निखारने का कार्य किया। विषम परिस्थितियों में सफल होने के लिए पूरी टीम का एकलक्षित होना इसे अपने आपमें महत्त्वपूर्ण बनाता है। राहुल ‘अतिशयोक्ति’ द्वारा लिखी यह पुस्तक ‘मंगलयान’ मिशन की परिकल्पना से लेकर उसके निर्माण, लॉञ्चिंग समेत उस यात्रा को विस्तार से बताती है, जो कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति को दरशाती है। इस पुस्तक में हर पड़ाव को बेहद खूबसूरती से, गहनता से हर स्थिति के सजीव वर्णन के साथ भारतीय वैज्ञानिकों के आत्मबल, इच्छाशक्ति और चुनौतियों को पार कर लक्ष्य को पाने की जुझारू प्रवृत्ति से रूबरू कराती है, साथ ही मंगलयान की संपूर्ण सफलताओं के यशोगान को चिरस्थायी बनाने का महती काम करेगी। ‘6 माह की अवधि के लिए भेजे गए मिशन मंगलयान का 6 वर्ष बाद भी’ अनवरत कार्य करना और अब भी अपनी यात्रा पर निरंतर गतिमान रहने की कहानी हर भारतीय को गर्व की अनुभूति कराती है। "

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"भारतीय वैज्ञानिकों ने अपने हौसलों से इस स्वप्न को साकार कर एक इतिहास रच दिया। मंगलयान की कामयाबी एक दुश्वार कसौटी थी, जिसने इससे जुड़े प्रत्येक इनसान के आत्मबल, इच्छाशक्ति और संयम को परखते हुए उसे कुंदन की तरह निखारने का कार्य किया। विषम परिस्थितियों में सफल होने के लिए पूरी टीम का एकलक्षित होना इसे अपने आपमें महत्त्वपूर्ण बनाता है।
राहुल ‘अतिशयोक्ति’ द्वारा लिखी यह पुस्तक ‘मंगलयान’ मिशन की परिकल्पना से लेकर उसके निर्माण, लॉञ्चिंग समेत उस यात्रा को विस्तार से बताती है, जो कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति को दरशाती है। इस पुस्तक में हर पड़ाव को बेहद खूबसूरती से, गहनता से हर स्थिति के सजीव वर्णन के साथ भारतीय वैज्ञानिकों के आत्मबल, इच्छाशक्ति और चुनौतियों को पार कर लक्ष्य को पाने की जुझारू प्रवृत्ति से रूबरू कराती है, साथ ही मंगलयान की संपूर्ण सफलताओं के यशोगान को चिरस्थायी बनाने का महती काम करेगी। ‘6 माह की अवधि के लिए भेजे गए मिशन मंगलयान का 6 वर्ष बाद भी’ अनवरत कार्य करना और अब भी अपनी यात्रा पर निरंतर गतिमान रहने की कहानी हर भारतीय को गर्व की अनुभूति कराती है।
"

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Hardbound
Publisher
Prabhat Prakashan
Weight
200 grams
ISBN-13
9788177213959
Pages
168
Reading time
~6 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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