To Hazirin Hua Yun
(0)
₹
299
₹ 239.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अंकित चड्ढा दास्तानगोई के आसमान का सबसे दरख़्शाँ सितारा था जिसको वक़्त ने बड़ी बेरहमी से हम सब से जुदा कर दिया। अंकित ने छह साल मेरे साथ काम किया मगर उन 6 सालों में उसने 20 सालों का सफ़र तय किया। उसमें बला की ख़ुद-एत्तेमादी, बला की कशिश, बला की संजीदगी और बला की शोख़ी थी। दास्तानगोई शुरू करने के साल भर के अन्दर उसने जान लिया था कि उसे यही काम करना है और उसने नौकरी-वौकरी को ताक पर रखकर कबीर पे अपनी ख़ुद साख़्ता ‘ढाई आखर की दास्तान’ बना कर अपनी आमद का डंका बजा दिया था। फिर वो एक के बाद एक नए तजुर्बे, नए साँचे, नए रंग, नए क़हक़हे बिखेरता चला गया। दास्तान-ए-एलिस में उसने बच्चों को जिस तरह रिझाया वो कोई बहुत ग़ैरमामूली तौर पर सच्चा और बिरला इंसान ही कर सकता था। ये उसका जौहर था की जिसने एक बार उसको देखा वो उसका गिरवीदा हो गया। वो सिर्फ़ दास्तानें नहीं सुनाता था लोगों के दिलों में जाकर बैठ जाता था और वो आज भी उन हज़ारों लोगों के दिलों में बैठा हुआ है जिन्हें उससे दास्तान सुनने का शर्फ़ हासिल हुआ। इस किताब में उसकी लिखी और तदवीन की हुई ढेरों दास्तानें हैं। कहीं शगुफ़्तगी है, कहीं तंज़ है, कहीं हंसी की फुहार है, कहीं दिल-गिरफ़्तगी है, मगर उसके यहाँ हुज़्न में भी हुस्न है, तल्ख़ी में भी प्यार है। कहीं कबीर है, कहीं खुसरो हैं, कहीं गांधी है, कहीं चींटियाँ हैं, कहीं खानाबदोश हैं। ये किताब अंकित की यादगार है। उसका नेमुल-बदल है। दिलफ़रेब, हसीन, ख़ूबसूरत, चुलबुला अंकित आज नहीं है मगर उसकी छोड़ी ये कहानियाँ हमें हमेशा उसकी याद दिलाते रहेंगी अंकित ज़िंदाबाद, पाइँदाबाद।</p> <p>—महमूद फ़ारूक़ी
Read moreAbout the Book
अंकित चड्ढा दास्तानगोई के आसमान का सबसे दरख़्शाँ सितारा था जिसको वक़्त ने बड़ी बेरहमी से हम सब से जुदा कर दिया। अंकित ने छह साल मेरे साथ काम किया मगर उन 6 सालों में उसने 20 सालों का सफ़र तय किया। उसमें बला की ख़ुद-एत्तेमादी, बला की कशिश, बला की संजीदगी और बला की शोख़ी थी। दास्तानगोई शुरू करने के साल भर के अन्दर उसने जान लिया था कि उसे यही काम करना है और उसने नौकरी-वौकरी को ताक पर रखकर कबीर पे अपनी ख़ुद साख़्ता ‘ढाई आखर की दास्तान’ बना कर अपनी आमद का डंका बजा दिया था। फिर वो एक के बाद एक नए तजुर्बे, नए साँचे, नए रंग, नए क़हक़हे बिखेरता चला गया। दास्तान-ए-एलिस में उसने बच्चों को जिस तरह रिझाया वो कोई बहुत ग़ैरमामूली तौर पर सच्चा और बिरला इंसान ही कर सकता था। ये उसका जौहर था की जिसने एक बार उसको देखा वो उसका गिरवीदा हो गया। वो सिर्फ़ दास्तानें नहीं सुनाता था लोगों के दिलों में जाकर बैठ जाता था और वो आज भी उन हज़ारों लोगों के दिलों में बैठा हुआ है जिन्हें उससे दास्तान सुनने का शर्फ़ हासिल हुआ। इस किताब में उसकी लिखी और तदवीन की हुई ढेरों दास्तानें हैं। कहीं शगुफ़्तगी है, कहीं तंज़ है, कहीं हंसी की फुहार है, कहीं दिल-गिरफ़्तगी है, मगर उसके यहाँ हुज़्न में भी हुस्न है, तल्ख़ी में भी प्यार है। कहीं कबीर है, कहीं खुसरो हैं, कहीं गांधी है, कहीं चींटियाँ हैं, कहीं खानाबदोश हैं। ये किताब अंकित की यादगार है। उसका नेमुल-बदल है। दिलफ़रेब, हसीन, ख़ूबसूरत, चुलबुला अंकित आज नहीं है मगर उसकी छोड़ी ये कहानियाँ हमें हमेशा उसकी याद दिलाते रहेंगी अंकित ज़िंदाबाद, पाइँदाबाद।</p>
<p>—महमूद फ़ारूक़ी
Book Details
-
ISBN9789393768285
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Ek Super Hero Ki Shandaar Kahani
- Author Name:
Priya Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Financial Freedom Thru Miracle Of S.I.P.
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhasha Ki Khadi
- Author Name:
Om Nishchal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Reshmi Khwabon Ki Dhoop Chhaon
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description: यश चोपड़ा रूमान के जादूगर थे। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में तीन पीढ़ियों के साथ सफ़र किया। जब यश चोपड़ा ने अपनी रचना-यात्रा शुरू की तब महबूब, बिमल राय, राजकपूर, गुरुदत्त, विजय आनन्द वग़ैरह का गौरवगान था और फिर वे सूरज बड़जात्या, करन जौहर, संजय लीला भंसाली, राम गोपाल वर्मा और आशुतोष गोवारीकर जैसे फ़िल्मकारों की पीढ़ी के साथ सृजनरत रहे। इस पीढ़ी के साथ सफ़र करते हुए उन्होंने ‘डर’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘वीर जारा’ जैसी फ़िल्में बनाईं जिनसे वे सिर्फ़ रोमान के बादशाह ही साबित नहीं हुए—वरन् नई पीढ़ी के साथ इस तरह खड़े हुए कि उसके मार्गदर्शक भी बन गए। पर हमारे इस आख्यान के कथानायक मात्र ‘निर्देशक’ यश चोपड़ा हैं। वे फ़िल्म निर्देशक होने के साथ ही और भी बहुत कुछ थे। फ़िल्म-निर्माता से लेकर स्टूडियो के मालिक तक और फिर फिल्मोद्योग के एक एम्बेसेडर की तरह भी उन्हें देखा गया। इन तमाम रूपों के बीच से यह सिर्फ़ उस यश चोपड़ा का क़िस्सा है जिसने 1959 से 2004 के बीच पैंतीस सालों में इक्कीस फ़िल्मों का निर्देशन किया और अपने जीवनकाल में ही अपनी विरासत को अगली पीढ़ी के हाथों सौंप दिया और उसे अपने ज़माने से भी अधिक फलता-फूलता देखा।
Safal Business Ke Funde
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Katyayani Samvad
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chanakya Neeti
- Author Name:
R.P. Jain
- Book Type:

- Description: Chanakya was an Indian teacher, philosopher and royal advisor. He managed the first Maurya emperor Chandragupta's rise to power at a young age. He is widely credited for having played an important role in the establishment of the Maurya Empire, which was the first empire in archaeologically recorded history to rule most of the Indian subcontinent.Chanakya is traditionally identified as Kautilya or Vishnu Gupta, who authored the ancient Indian poltical treatise called Arthasastra. As such, he is considered as the pioneer of the field of economics and political science in India, and his work is thought of as an important precursor to Classical Economics.Chanakya Neeti is a treatise on the ideal way of life, and shows Chanakya�s deep study of the Indian way of life. Chanakya also developed Neeti-Sutras (aphorisms�pithy sentences) that tell people how they should behave. Of these well-known 455 sutras, about 216 refer to rajaneeti (the do,s and don�ts of running a kingdom). Apparently, Chanakya used these sutras to groom Chandragupta and other selected disciples in the art of ruling a kingdom.
JTPTCCE JSSC Primary Recruitment Exam Intermediate Bachelors Degree Assistant Teacher Hindi Paper-III : प्राथमिक शिक्षक भरती परीक्षा इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा सहायक आचार्य
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Commonman Modi A Biography Journey of Nation's Leader Narendra Modi
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Naga Story Unveiling The Secrets of Naga Warriors Explore The Mysteries of Hindu Mythology Book
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lata Didi Aur Main
- Author Name:
Meena Mangeshkar-Khadikar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAHARAJA RANJIT SINGH
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC Jharkhand | Samanya Adhyayan Paper-1 | Samanya Vigyan Evam Prodyogiki "सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" Prarambhik Pariksha - 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
20 Greatest Astronauts of the World
- Author Name:
Monika Koli
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dastan Aur Bhi Hain
- Author Name:
Shekh Mujibur Rahman
- Book Type:

-
Description:
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेताओं में अग्रणी थे। वे दो बार स्वतंत्र बांग्लादेश के राष्ट्रपति भी रहे।
यह पुस्तक बंगबन्धु के रूप में सम्मानित-स्वीकृत शेख मुजीबुर रहमान की आत्मकथा है, जिसे उन्होंने अपने कारावास के दिनों में लिखी थी। इसमें उन्होंने अपने 1955 तक के निजी और सार्वजनिक जीवन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है।
इस पुस्तक से ज़ाहिर होता है कि एक सच्चे जननेता के रूप में उनकी हैसियत कितनी ऊँची थी। अपने देश और अपने लोगों के लिए उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर संघर्ष का एक ऊँचा उदाहरण पेश किया।
प्रथम दृष्ट्या तथ्यों पर आधारित इस आत्मकथा में हमें भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन की कुछ झलकियों के अलावा पाकिस्तान आन्दोलन, भाषा आन्दोलन, बांग्लादेश की स्वाधीनता के आन्दोलन और इसके दौरान पाकिस्तानी शासन द्वारा किए गए षड्यंत्रों और दमन से सम्बन्धित अनेक दुर्लभ ऐतिहासिक तथ्यों और कहानियों की जानकारी मिलेगी।
कई वर्षों तक अनुपलब्ध रही इस आत्मकथा को सामने लाने का श्रेय उनकी पुत्री शेख हसीना और उनके अन्य परिजनों को जाता है जिन्होंने अत्यन्त परिश्रम के साथ जर्जर, खस्ताहाल काग़ज़ों में से इस दस्तावेज़ को सम्भव किया।
Neat Cursive Writing
- Author Name:
Prabhas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Behatar Bharat, Behatar Duniya
- Author Name:
Nr Narayana Murthy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh B.Ed. Combined Entrance Examination 2024 Arts Stream "कला वर्ग" Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Social Capital of Sisterhood: Stories Of Leisure And Mobility of Women Through Self Help Groups In Kerala
- Author Name:
Sreesoorya Thiruvoth
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dehari Par Patra
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
यह निर्मल वर्मा के कथाकार जयशंकर को लिखे पत्रों का संकलन है। एक वरिष्ठ लेखक का एक युवा लेखक से हुआ संवाद जो अगस्त 82 से शुरू होकर अगस्त 2005 तक चला।
पत्रों में निर्मल वर्मा का एक अलग ही रूप प्रकट होता है जो खासा मुखर और संवादप्रिय है। पाठकों, प्रशंसकों और मित्रों के ढेरों पत्र उन्हें रोज आते थे; और वे हर पत्र का जवाब देते थे। न सिर्फ़ जवाब देते थे बल्कि उन पत्रों में दूसरों के लिए एक तरह से रचनात्मक पर्यावरण के निर्माण की कोशिश भी करते थे; उन पत्रों में उनका अपना आत्मसंघर्ष और आत्म-मंथन भी व्यक्त होता था।
जयशंकर को लिखे इन पत्रों में ख़ासतौर पर साहित्य, सिनेमा, संगीत और चित्रकला विषयक इतने विवरण आते हैं कि कोई भी युवा लेखक इनसे अपनी अध्ययन-यात्रा के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। इनमें निर्मल जी के रचना-संसार को, उनकी चिन्तन-प्रक्रिया को समझने के सूत्र भी मिलेंगे।
...और ऐसे परामर्श भी—“मैं सोचता हूँ—हर व्यक्ति को गर्मियों के दौरान अपने सारे काम, कर्तव्य और जिम्मेवारियाँ पूरी करने के बाद जाड़े के दिन सिर्फ़ सोचने, सोने और पढ़ने के लिए सुरक्षित रखने चाहिए...और प्रेम करने के लिए भी, यदि ऐसा सुयोग मिल सके।”
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book