Meri Jail Diary "मेरी जेल डायरी" | Jail Diary of Bhagat Singh Book in Hindi
(0)
₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789394871786
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
How to Turn an Investment of ` 10,000 in Stock Market into ` 100 Crores
- Author Name:
Shyam Sundar Goyal
- Book Type:

- Description: In this book I have developed a simple technique and formula for investment in stock markets. My students also appreciate that understanding the functioning of stock market is quite easy. I have devised some theories—basic theories that work quite effectively in the stock market. They work smoothly in India and, after conducting many workshops on them, I wish to present those theories to my reader. My efforts are constrained by time. However, a book does not have any such limitation. It may be easily accessible to anybody. For me, it's a big challenge to conduct multiple seminars across India. This requires plenty of time and a lots of effort. I am not capable of training more than a lac of people in my entire lifetime. There is great demand for education and hence, I have penned this book.
Kishan Andolan ki sahityik jamin
- Author Name:
Ramagya Shashidhar
- Book Type:

- Description: Kisan Aandolan
Bharatiya Gyan Ka Khazana
- Author Name:
Prashant Pole
- Book Type:

- Description: दविंची कोड और एंजल्स एंड डेमन्स जैसे विश्वप्रसिद्ध उपन्यास लिखनेवाले डेन ब्राउन का एक उपन्यास है—द लॉस्ट सिंबल। इसमें उपन्यास का नायक अपने विद्वान् और वयोवृद्ध प्राध्यापक से प्रश्न पूछता है—मानव जाति ज्ञान हासिल करने के पीछे लगी है। यह ज्ञान प्राप्त करने का आवेग प्रचंड है। यह प्रवास हमें कहाँ लेकर जाएगा? अगले पचास-सौ वर्षों में हम कहाँ होंगे? और कौन सा ज्ञान हम प्राप्त करेंगे? वे प्राध्यापक, उपन्यास के नायक को उत्तर देते हैं—यह ज्ञान का प्रवास, जो आगे जाता दिख रहा है, वह वास्तव में आगे नहीं जा रहा है। यह तो अपने पूर्वजों द्वारा खोजे हुए समृद्ध ज्ञान को ढूँढ़ने का प्रयास है। अपने पास प्राचीन ज्ञान का इतना जबरदस्त भंडार है कि आगे जाते हुए हमें वही ज्ञान प्राप्त होनेवाला है। वे प्राध्यापक इस संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हैं। और फिर पीछे मुड़कर जब हम देखते हैं, तो ज्ञान की जो बची-खुची शलाकाएँ दिखती हैं, उन्हें देखकर मन अचंभित सा हो जाता है। इतना समृद्ध ज्ञान हमारे पूर्वजों के पास था...! उसी अद्भुत और रहस्यमयी ज्ञान के कपाट खोलने का छोटा सा प्रयास है यह पुस्तक ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’।
Lauhpurush Sardar Vallabhbhai Patel
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म नडियाद, गुजरात में हुआ। उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही हुई। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की और वापस आकर गुजरात के अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से पूरी तरह जुड़ गए। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेड़ा आंदोलन में रहा। बारदोली में सशक्त सत्याग्रह करने के लिए ही उन्हें ‘सरदार’ कहा जाने लगा। सरदार पटेल को 1937 तक दो बार कांग्रेस का सभापति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। आजादी के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण में उनके महान् योगदान के लिए इतिहास उन्हें सदैव स्मरण रखेगा। अपनी दृढ़ता के कारण वे ‘लौह पुरुष’ कहलाए। सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के उप-प्रधानमंत्री होने के साथ प्रथम गृह, सूचना तथा रियासत विभाग के मंत्री भी थे। उनकी महानतम देन है 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलय करना। वे नवीन भारत के निर्माता, राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी और भारतीय जनमानस अर्थात् किसान की आत्मा थे। अपने रणनीतिक कौशल, राजनीतिक दक्षता और अदम्य इच्छा-शक्ति के बल पर भारत को एक नई पहचान देनेवाले समर्पित इतिहास-पुरुष की प्रेरणाप्रद जीवनी।
Bas Itna Sa Khwab Hai "बस इतना सा ख्वाब है" | Motivational and Personal Transformation Stories Book in Hindi
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ACHARYA VINOBA BHAVE
- Author Name:
Sumit Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How Chandu Earned and Chinki Lost in the Stock Market
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: With the help of this book, you will learn how to make handsome profits in positional trades and earn money in share trading. This will automatically enable you to understand when to buy a share and when to sell the same. You will also learn how to accumulate shares of your choice in big numbers without taking heavy risk of losing money. You can earn money as the share prices go up and can exit with minimum loss before a huge fall in the price of any share. How to keep your portfolio always in profit is one of the key points included in this book. This book can bring a change in your thinking and you would definitely be able to earn a desirable amount of money using the formulae provided herein. A practical book that would make you guru of share market and provide you the nitty-gritty of the same. The systematic, user-friendly information provided will equip you to earn a good amount of money by implementing better methods of investing.
Mission MBA
- Author Name:
Dr. Rajiv Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samajwad Ke Jannayak Karpoori Thakur
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: बिहार के राजनीतिक इतिहास में कुछ हस्तियाँ न केवल नेताओं के रूप में, बल्कि परिवर्तनकारी ताकतों के रूप में सामने आती हैं, जिन्होंने राज्य की नियति को आकार देने का कार्य किया है। जननायक कर्पूरी ठाकुर, जिन्हें अकसर 'आम राजनेता' या 'आम आदमी के नेता' के रूप में जाना जाता है, निर्विवाद रूप से ऐसे ही एक महान् व्यक्ति हैं। यह पुस्तक समाजवाद के जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन, उनकी राजनीतिक यात्रा तथा बिहार और उसके बाहर के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर उनके द्वारा छोड़े गए अमिट प्रभाव को उजागर करने का प्रयास करती है।
LET US LEARN CURSIVE WRITING
- Author Name:
SHYAM CHANDRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadfly
- Author Name:
E.L. Voynich
- Book Type:

- Description: ‘गैडफ्लाई’ क्रान्तिकारी विचारों के वाहक के रूप में अत्यन्त लोकप्रिय रहा है। इसका मुख्य पात्र आर्थर बर्टन है जिसके जीवन में आस्था, आदर्श, साहस, प्रेम, क्रान्ति और त्रासदी का अपूर्व मेल दिखाई देता है। उन्नीसवीं सदी के मध्य के उथल-पुथल भरे इटली में वह ऐसा युवक है, जो क्रान्तिकारी विचारों से परिचित होने पर पादरी बनने की पढ़ाई और धर्म से किनारा कर लेता है; और पत्रकार बनकर स्वयं क्रान्तिकारी विचारों का प्रचार करने लगता है। वह अपने पिता के दोहरेपन को भी स्वीकार नहीं करता। रोमांच और दार्शनिकता से भरपूर यह कहानी अन्तत: एक रक्तरंजित परिणति को प्राप्त करती है जहाँ आर्थर बर्टन को उसके विचारों के कारण जान गँवानी पड़ती है। उसकी प्रेम-कथा इस परिणति की त्रासदी को और गहरा बनाती है। लेकिन उसके विचार और संघर्ष दूसरों के लिए प्रेरक बन जाते हैं। वास्तव में, मानवीय स्वतंत्रता और गरिमा को ख़त्म करने वाले सामाजिक मानदंडों का जिस स्पष्टता से इस उपन्यास में विरोध किया गया है उसने इसको सार्वकालिक महत्त्व का बना दिया है।
Premchand Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: दस-बारह रोज और बीत गए। दोपहर का समय था। बाबूजी खाना खा रहे थे। मैं मुन्नू के पाँवों में पीनस की पैजनियाँ बाँध रहा था। एक औरत घूँघट निकाले हुए आई और आँगन में खड़ी हो गई। उसके वस्त्र फटे हुए और मैले थे, पर गोरी सुंदर औरत थी। उसने मुझसे पूछा, ‘‘भैया, बहूजी कहाँ हैं?’’ मैंने उसके निकट जाकर मुँह देखते हुए कहा, ‘‘तुम कौन हो, क्या बेचती हो?’’ औरत-‘‘कुछ बेचती नहीं हूँ, बस तुम्हारे लिए ये कमलगट्टे लाई हूँ। भैया, तुम्हें तो कमलगट्टे बड़े अच्छे लगते हैं न?’’ मैंने उसके हाथ में लटकती हुई पोटली को उत्सुक आँखों से देखकर पूछा, ‘‘कहाँ से लाई हो? देखें।’’ स्त्री, ‘‘तुम्हारे हरकारे ने भेजा है, भैया!’’ मैंने उछलकर कहा, ‘‘कजाकी ने?’’ स्त्री ने सिर हिलाकर ‘हाँ’ कहा और पोटली खोलने लगी। इतने में अम्माजी भी चौके से निकलकर आइऔ। उसने अम्मा के पैरों का स्पर्श किया। अम्मा ने पूछा, ‘‘तू कजाकी की पत्नी है?’’ औरत ने अपना सिर झुका लिया। -इसी पुस्तक से उपन्यास सम्राट् मुंशी पेमचंद के कथा साहित्य से चुनी हुई मार्मिक व हृदयस्पर्शी कहानियों का संग्रह।
THE TALE OF THE TWIN WARRIORS
- Author Name:
Bannanje Babu Amin +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Oral epics in any Indian language are generally associated with certain specific communities, defined by their traditional occupations; and the present oral epic Koti Channaya belongs to the Billava community. This poetic narrative, which records the life and adventures of the two cultural heroes of the Billava community, their yearning for cultivable land, their brave opposition to the established powerful classes, and their tragic end, is sung by the members of the particular communities called Pambada and Parava of coastal Karnataka, during the annual worship of the twin heroes. The oral epic, Koti Chennaya unravels the world of Billava community (traditionally toddy-tappers) of coastal Karnataka recording in the process the life and adventures as also the travails and tribulations of the two cultural heroes of Billava community. Most of the oral epics begin with a 'Creation Myth', which begins with the creation of the entire universe step by step, thus focuses on the legendary first parents/ancestors of the community concerned. Such a myth, besides glorifying the cultural heroes of the epic, gives a privileged position to the community by linking it with the rest of the world and gives it a socio-cultural identity. Koti Channaya also begins with a 'Creation Myth'. A recent study undertaken by UNESCO says that half of the 6,700 languages spoken in the world at present face the danger of extinction before the end of this century.
Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti
- Author Name:
Ashok Pankaj
- Book Type:

- Description: लोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ? इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं। क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।
Deevan-E-Ghalib
- Author Name:
Ali Sardar Jafri
- Book Type:

- Description: साहित्य के हज़ारों साल लम्बे इतिहास में जिन चन्द काव्य-विभूतियों को विश्वव्यापी सम्मान प्राप्त है, ग़ालिब उन्हीं में से एक हैं। उर्दू के इस महान शायर ने अपनी युगीन पीड़ाओं को ज्ञान और बुद्धि के स्तर पर ले जाकर जिस ख़ूबसूरती से बयान किया, उससे समूची उर्दू शायरी ने एक नया अन्दाज़ पाया और वही लोगों के दिलो-दिमाग़ पर छा गया। उनकी शायरी में जीवन का हर पहलू और हर पल समाहित है, इसीलिए वह जीवन की बहुविध और बहुरंगी दशाओं में हमारा साथ देने की क्षमता रखती है। काव्यशास्त्र की दृष्टि से ग़ालिब ने स्वयं को ‘गुस्ताख़’ कहा है, लेकिन यही उनकी ख़ूबी बनी। उनकी शायरी में जो हलके विद्रोह का स्वर है, जिसका रिश्ता उनके आहत स्वाभिमान से ज़्यादा है, उसमें कहीं शंका, कहीं व्यंग्य और कहीं कल्पना की जैसी ऊँचाइयाँ हैं, वे उनकी उत्कृष्ट काव्य-कला से ही सम्भव हुई हैं। इसी से उनकी ग़ज़ल प्रेम-वर्णन से बढ़कर जीवन-वर्णन तक पहुँच पाई। अपने विशिष्ट सौन्दर्यबोध से पैदा अनुभवों को उन्होंने जिस कलात्मकता से शायरी में ढाला, उससे न सिर्फ़ वर्तमान के तमाम बन्धन टूटे, बल्कि वह अपने अतीत को समेटते हुए भविष्य के विस्तार में भी फैलती चली गई। निश्चय ही ग़ालिब का यह दीवान हमें उर्दू-शायरी की सर्वोपरि ऊँचाइयों तक ले जाता है।
Mera Akash, Mere Dhoomketu
- Author Name:
Harish Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rani Durgavati
- Author Name:
Shankar Dayal Bhardwaj
- Book Type:

- Description: "कैसा विचित्र समय था? जब हिंदू राजाओं ने अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बारे में विचार करना ही त्याग दिया था। वे सीधे शरणागत हो रहे थे। रानी दुर्गावती की दृढ़ता, शासन करने की शैली तथा प्रजा-रंजन बादशाह अकबर को भी चिढ़ाता था। एक विधवा रानी का सुयोग्य शासन उसे खटक रहा था। अकबर ने संदेश भेजा—रानी, पिंजरे में कैद हो जाओ, तभी सुरक्षित रहोगी और वह पिंजरा होगा, मुगल बादशाह अकबर का। सोने का ही सही, पर पिंजरा तो पिंजरा होता है। गुलामी तो गुलामी होती है। कितना निकृष्ट संदेश रहा होगा? रानी दुर्गावती ने इस संदेश के उत्तर में अकबर को उसकी औकात बता दी। रानी संस्कृति की पूजक थीं, ‘गीता’ रानी का प्रिय ग्रंथ था। वह पंडितों से नियमित गीता प्रवचन सुनती थीं। रानी जीना भी जानती थीं और मृत्यु का वरण करना भी। उन्हें पुनर्जन्म पर भी विश्वास था। वह देशाभिमान भी जानती थीं और युद्ध के मैदान में रणचंडी बनना भी। ऐसी मनस्विनी रानी अकबर की नौकरानी कैसे बन सकती थीं? दुर्गावती की गाथा गोंडवाना की लोककथाओं में जीवित है, उन्हें जन-जन पूजता है। महारानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र को अनेक लेखकों ने लिखा है। दुर्गावती के बलिदान स्थल से जन्म स्थल तक अनेक अभिलेख, आलेख तथा पुरातत्त्व के अवशेष मिल जाते हैं। दुर्गावती शोध संस्थान, जबलपुर ने रानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र और उनके रेखांकित स्थलों पर अनुसंधान भी किया है। दुर्गावती का जीवनवृत्त सुना, समझा और पढ़ा जा रहा है। देशाभिमानी, निर्भीक, साहसी क्षत्राणी और विदुषी रानी दुर्गावती का प्रामाणिक जीवन-चरित है यह उपन्यास।
Bhagwan Ke Desh Ka DNA
- Author Name:
Dr. Jaikaran
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Oonchi Udaan Ki Ore
- Author Name:
Dr. Ram Buxani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ikigai
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Rating:
- Book Type:

- Description: क्या है इकिगाई इकिगाई के बारे में कोई भी चर्चा मिएको कामिया के उल्लेख के बिना पूरी नहीं होगी, जिन्हें प्राय: ‘इकिगाई मनोविज्ञान की माँ’ कहा जाता है। वह इकिगाई के अध्ययन में अग्रणी लोगों में शामिल थीं और अपनी पुस्तक ‘इकिगाईनी- सुइत’ (क्या हमारे जीवन को जीने योग्य बनाता है) में उन्होंने अपने विचारों और शोध कार्य को प्रस्तुत किया है। पुस्तक को इकिगाई साहित्य में श्रेष्ठ ग्रंथों में माना जाता है, इस तथ्य के बावजूद कि यह सन 1966 में प्रकाशित हुई थी। —इसी पुस्तक से इकिगाई में जीवन में खुशियाँ समाई हैं। यह हमारे होने का कारण है। इकिगाई की मदद से आप जीवन में हर दिन संतुलन, प्रसन्नता और तृप्ति ढूँढ़ पाते हैं। इकिगाई मात्र एक जीवन-दर्शन या विचारधारा नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी मानव-अनुभव है। इकिगाई किसी कंपास की तरह कॅरियर और जीवन के फैसलों में राह दिखा सकता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book