Main Sri Sri Ravi Shankar Bol Raha Hoon
Author:
Karishma BajajPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Unavailable
"आध्यात्मिक गुरु एवं मार्गदर्शक श्री श्री रविशंकरजी ने करोड़ों लोगों को सेवा का मार्ग दिखाया है। प्यार और सामंजस्य विकसित करने के लिए मानवता की सेवा की, ताकि मनों के बीच की दीवार को तोड़ा जा सके। विश्व भर में उनके भक्तों ने आर्ट ऑफ लिविंग को दुनिया का विशालतम गैर-सरकारी संगठन बनाने में अपना सहयोग दिया है। गुरुजी की छत्रच्छाया में असंख्य कल्याणकारी योजनाएँ आरंभ की गई हैं, जिन्हें उनके भक्त चला रहे हैं और करोड़ों लोगों के जीवन का उद्धार कर रहे हैं।
इस पुस्तक में संकलित प्रत्येक सूत्र एक बहुमूल्य खजाना है, जो पाठक की जीवन-यात्रा को अमूल्य बना देता है। जीवन के विविध रंग लिये इन विचारों को पढ़ने से आपके तनाव, भय, चिंताएँ, असुरक्षाएँ, क्रोध, घृणा आदि दूर हो जाएँगे और आप अपने में एकाकार होकर स्वतः ही खुश रहने लगेंगे। प्यार से आपको प्यार हो जाएगा; आप करुणामय हो जाएँगे, शांति महसूस करेंगे; आनंदमय हो जाएँगे, संतुष्टि के भाव से भर जाएँगे।
"
ISBN: 9789383111312
Pages: 224
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
BPSC Bihar Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 9 to 10 Social Science "सामाजिक विज्ञान" 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamala Harris Ki Biography (Hindi Translation of Kamala Harris: The American Story That Began On India’S Shores)
- Author Name:
Hansa Makhijani Jain
- Book Type:

- Description: जब अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन ने इस दौड़ में अपने सहयोगी के तौर पर सीनेटर एवं अटॉर्नी के पद पर कमला हैरिस के नाम की घोषणा की तो पूरी दुनिया की निगाहें उनपर टिक गईं। जब से बाइडन ने इस पद के लिए कमला के नाम की घोषणा की थी, तभी से कुछ सवाल चर्चाओं में थे— कमला हैरिस में ऐसा क्या था, जो इस प्रतिष्ठित पद के लिए उन्हें ही चुना गया? क वह अपनी सफलता का इतना अधिक श्रेय अपनी आप्रवासी भारतीय माँ को क्यों देती हैं? वह आधुनिक अमेरिका के एक ऐसे देश पर अपनी पकड़ बनाने की कल्पना भी कैसे कर सकीं, जो कई गुटों में बँटा है और जहाँ जमकर चुनाव लड़ा जाता है? ‘कमला हैरिस की बायोग्राफी’ एक साहसी और करिश्माई महिला की कहानी है, जो सभी बाधाओं को मात देती है और आज की राजनीति की विषम परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहती है। कमला स्वयं अपनी मार्गदर्शक हैं, जिनसे कई लोग व्यापक समावेशी संसार के निर्माण की आशा रखते हैं और एक नायक के तौर पर उनका प्रेरणादायी व्यक्तित्व विश्वास दिलाता है कि पर्वत को जीतनेवाली वह आखिरी महिला नहीं होंगी।
Ek Kahanikar Ki Notebook
- Author Name:
Swayam Prakash
- Book Type:

- Description: Thought Provoking Article
Nuclear Bomb In Ganga
- Author Name:
R.K. Yadav
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Dadi Janki : Manav Seva Ke Sau Varsh
- Author Name:
Liz Hodgkinson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree : Sangharsh Aur Srijan
- Author Name:
Shridharam
- Book Type:

- Description: Women Discourse
Hum Sab Fake Hain
- Author Name:
Neeraj Badhwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pt. Deendayal Upadhyay Chitrawali
- Author Name:
Mahesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chitthiyon Ke Din
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

-
Description:
‘चिट्ठियों के दिन’ निर्मल वर्मा के रमेशचन्द्र शाह, ज्योत्स्ना मिलन और उनकी बेटियों—शंपा शाह व राजुला शाह को लिखे पत्रों का संकलन है।
अस्सी के दशक में लिखे गए इन पत्रों में निर्मल जी की वह दुनिया दिखाई देती है; जिसके बहुत कम हिस्से से हम परिचित हैं। इनमें उनका अकेलापन भी दिखता है, और संवादप्रियता भी, लेखक के रूप में अपनी नियति का सामना करने की तैयारी भी और समकालीनों के षड्यंत्रों-आक्षेपों-प्रहारों को समझते-जानते हुए उनसे अछूते रहने की उनकी नैतिक शक्ति भी।
इसी पुस्तक में शामिल अपने वक्तव्य में रमेशचन्द्र शाह लिखते हैं, ‘निर्मल जी सभा-संगोष्ठियों में शिरकत करते हुए जितना सबके साथ होते थे, उतना ही अपने साथ। अन्तर्मुखता की शर्तों पर ही वे पर्याप्त बहिर्मुखता का भी निर्वाह किस ख़ूबी से कर पाते थे, एक समूची पीढ़ी इसकी गवाह है। यही ख़ूबी उनके ‘पत्रों’ में भी है।... सेल्फ़ रिवीलिंग, स्व-संवेदी, आत्मोद्घाटक; किन्तु स्व-केन्द्रित कदापि नहीं।’
इन पत्रों में अनेक पुस्तकों, लेखकों और पत्र-पत्रिकाओं के हवालों के साथ-साथ तत्कालीन हिन्दी-संसार और विश्व-साहित्य की हलचलों की भी जानकारी प्राप्त होती चलती है जिससे पाठक को उस दौर को जानने और निर्मल जी के कथाकार व चिन्तक रूप को समझने में भी मदद मिलती है।
Body Language "बॉडी लैंग्वेज" | Listening to Peoples Thoughts without Saying Anything | Book in Hindi | M.K. Mazumdar
- Author Name:
M.K. Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyavharik Hindi Vyakaran
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Rasta Aasaan Nahin
- Author Name:
Aacharya Jankivallabh Shastri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwan Ne Kaha Tha
- Author Name:
Smt.Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Qarz
- Author Name:
Vidya Vindu Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Saki Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Saki
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pollyanna
- Author Name:
Eleanor H. Porter
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat-China Seema Mudde
- Author Name:
Ranjit Singh Kalha
- Book Type:

- Description: This Book Doesnt have a Description
Ramayana Ki Kahaniyan
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Thakkar Bapa
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: ‘ठक्कर बापा’ अद्भुत व्यक्तित्व के स्वामी थे। लोगों का कहना था कि वे अपने आप में एक संस्था थे। वे जिस युग में थे, वहाँ समाज के दुर्बल अंग की उपेक्षा की जा रही थी; तब बापा ने दलितों और पिछड़े वर्ग को साथ लेकर प्रगति का रास्ता पकड़ा। उनकी अडिग लोक-सेवा ने हर दीन-दुःखी और गरीब को सम्मान दिया और उन्हें सबका बापा बना दिया। राष्ट्रपिता बापू भी उन्हें बापा ही कहा करते थे। अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जिस अपूर्व निष्ठा, अनन्य भक्ति व अथक परिश्रम से उन्होंने अपना सेवा-व्रत निभाया, वह निस्संदेह बेजोड़ कहा जा सकता है। बापा विनम्रता और सरलता की मूरत थे; जब काका कालेलकर ने उनसे लेखन के लिए कहा तो वे बोले, ‘‘मेरे जीवन में ऐसा कुछ नहीं है, जो लिखने लायक हो।’’ उन्हें भाषण देना नहीं आता था और न ही वे साहित्यिक भाषा में लेख लिखते थे, बस उन्हें डायरी लिखने का शौक था। मानवता को सबसे बड़ा धर्म मानकर शोषित-उपेक्षितों के कल्याण और सुख के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करनेवाले सेवाव्रती कर्मयोगी ठक्कर बापा की प्रेरक-पठनीय जीवनी है यह पुस्तक।
MERE MUKHYAMANTRI
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...