Mahila Patrakarita
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350481189
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Desh-Desh Ki Lokkathayen "देश-देश की लोककथाएँ" Book In Hindi
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pauranik Bal Kathayen
- Author Name:
Mukesh 'Nadan'
- Rating:
- Book Type:

- Description: हिंदुधर्म में वेद-पुराणों का बहुत महत्व है। इन्हीं वेद-पुराणों में ऋषियों महापुरुषों तथा देवी-देवाओं की अनेक कथाएँ पढ़ने व सुनने को मिलती है। इन्हीं से हमें अपनी संस्कृति तथा पूर्वजों के इतिहास का ज्ञान भी मिलता है। वेद-पुराणों की ऐसी ही अनेक बाल कथाओं को हमने इस पुस्तक मे संगृहीत करने का प्रसास किया है, जो हमारे मनोरंजन के साथ-साथ बुद्धि के विकास में भी सहायक होंगी।
Dharohar Rajasthan CET Level 10+2 (Senior Secondary Star)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. A.P.J. Abdul Kalam: Memories Never Die (English Translation of Ninaivugalukku Maranamillai)
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan +1
- Book Type:

- Description: This book is an English translation of the Tamil book ‘Ninaivugalukku Maranamillai’. Written by two people closest to A.P.J. Abdul Kalam—his niece Dr. Nazema Maraikayar and the distinguished ISRO scientist Dr. Y.S. Rajan, who was a close confidante of Kalam —this book gives a holistic and honest revelation of the life of Dr. Kalam from his early childhood till he breathed his last. This is the story of how a small-town boy from Rameswaram ascended to the highest echelons of the Indian political world. This book comprehensively covers the beautiful history of Indian rocketry, precursors to today’s Science and Technology, the workings of the Indian political and administrative
Lokshilpi Delhi Nagar Nigam
- Author Name:
Jagdish Mamgain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Satguru Nanak Dev
- Author Name:
Harish Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BAHADUR BEGUM
- Author Name:
Gyan Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeena Sikhati hai Ramkatha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Malyalam Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
S. Tankmani Amma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Secret Adversary Paperback
- Author Name:
Agatha Christie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Ghar Chand Par | Science Fiction Book in Hindi
- Author Name:
Shailesh Vani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yugdrashta Vivekanand
- Author Name:
Rajeev Ranjan
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद का भारत में अवतरण उस समय हुआ, जब हिंदू धर्म के अस्तित्व पर संकट के बादल मँडरा रहे थे। पंडा-पुरोहित तथा धर्म के ठेकेदारों के कारण हिंदू धर्म घोर आडंबरवादी तथा पथभ्रष्ट हो गया था। ऐसे विकट समय में स्वामीजी ने हिंदू धर्म का उद्धार कर उसे उसकी खोई प्रतिष्ठा पुन: दिलाई। मात्र तीस वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने शिकागो के विश्वधर्म सम्मेलन में हिंदू धर्म का परचय लहराया और भारत को विश्व के आध्यात्मिक गुरु का स्थान दिलाया। स्वामीजी केवल संत ही नहीं थे, बल्कि एक प्रखर देशभक्त, ओजस्वी वक्ता, गंभीर विचारक, मनीषी लेखक और परम मानव-प्रेमी भी थे। मात्र उनतालीस वर्ष के अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने जो काम कर दिखाए, वे आनेवाली पीढ़ियों का शताब्दियों तक मार्गदर्शन करते रहेंगे। कवींद्र रवींद्र ने एक बार कहा था—“यदि भारत को जानना चाहते हो तो विवेकानंद को पढ़िए।” हिंदू समाज में फैली कुरीतियों का घोर विरोध करते हुए स्वामीजी ने आह्वान किया था—“उठो, जागो और स्वयं जागकर औरों को जगाओ। अपने नर-जन्म को सफल करो और तब तक रुको नहीं जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।” हमें विश्वास है, ऐस किसी विलक्षण तपस्वी के गुणों को आत्मसात् कर अपना तथा राष्ट्र का कल्याण किया जा सकता है—इसी विश्वास को बल देती है एक अत्यंत प्रेरणादायी पुस्तक—‘युगद्रष्टा स्वामी विवेकानंद’।
Yashpal Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्दोत्तर हिन्दी कथा साहित्य में यशपाल असाधारण महत्त्व के लेखक हैं। उन्होंने गद्य की प्राय: सभी विधाओं में लिखा है। प्रेमचन्द की तरह ही उनका भी लेखन ख़ाली समय को भरने का एक शग़ल-भर नहीं था। उनके लिए सामाजिक परिवर्तन में उसकी एक स्पष्ट और सुनिर्दिष्ट भूमिका थी। अपने लेखन से वे बहुत कुछ वही काम करना चाहते थे जिसके लिए अपनी तरुणाई में वे सामाजिक और राजनीतिक क्रान्ति की ओर मुड़े थे। उनके उपन्यास, कहानियाँ, आत्म-वृत्तान्त, वैचारिक लेखन, यात्रा-साहित्य यानी उनका लिखा सब कुछ इसी एक सूत्र में गुँथा और पिरोया गया लगता है। इस सबका एक ही घोषित-अघोषित लक्ष्य है—एक बेहतर दुनिया की खोज और निर्माण। विवादों से बचकर निकलना यशपाल की प्रवृत्ति नहीं है। सब कहीं और प्रायः हमेशा वे जैसे विवादों को आमंत्रित करते हैं, क्योंकि उनका विश्वास था—वादे-वादे जायते तत्त्वबोध। ‘यशपाल रचनावली’ के चौदह खंडों की योजना वस्तुतः उनके साहित्य में निरन्तर बढ़ती हुई इसी दिलचस्पी का परिणाम है। हर बड़े और समर्थ लेखक की तरह यशपाल भी अपने समय के प्रति सच्चे रहकर ही आज हमारे समय के लिए और भी सार्थक, प्रामाणिक एवं विश्वसनीय हैं। उनकी रचनावली की सार्थकता का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि जिस और जैसे समाज का निर्माण वे करना चाहते थे, उसकी आवश्यकता इधर बहुत शिद्दत से महसूस की जाती रही है। अपने समय और समाज को यशपाल ने जितनी अच्छी तरह समझा और जाना था, उसके उदाहरण भारतीय समाज में अधिक नहीं हैं। इसे जानने और समझने की भरपूर क़ीमत भी उन्होंने चुकाई। इस तरह यह रचनावली प्रकारान्तर से इस सच को भी सामने लाती है कि साहित्य, कला एवं विचार की दुनिया में उठाया जानेवाला जोखिम ही किसी लेखक के बड़े और सार्थक होने की एक ज़रूरी शर्त हो सकता है। ‘यशपाल रचनावली’ के पहले खंड में यशपाल के उपन्यास ‘दादा कामरेड’, ‘देशद्रोही’ और ‘गीता’; दूसरे खंड में ‘दिव्या’, ‘अमिता’ और ‘अप्सरा का शाप’; तीसरे खंड में ‘झूठा सच : वतन और देश’; चौथे खंड में ‘झूठा सच : देश का भविष्य’; पाँचवें खंड में ‘मनुष्य के रूप में’, ‘बारह घंटे’ और ‘क्यों फँसें’; छठे खंड में ‘तेरी मेरी उसकी बात’ और सातवें खंड में उनके दो अनूदित उपन्यास ‘पक्का कदम’ और ‘जुलैखाँ’ शामिल हैं। ‘रचनावली’ के आठवें खंड में यशपाल के कहानी-संग्रह—‘पिंजरे की उड़ान’, ‘वो दुनिया’, ‘तर्क का तूफ़ान’, ‘अभिशप्त’ और ‘ज्ञानदान’; नौवें खंड में ‘भस्मावृत्त चिंगारी’, ‘फूलों का कुर्ता’, ‘धर्मयुद्ध’, ‘उत्तराधिकारी’ ‘चित्र का शीर्षक’ और ‘तुमने क्यों कहा था मैं सुन्दर हूँ’; दसवें खंड में ‘वो भैरवी’, ‘उत्तमी की माँ’, ‘सच बोलने की भूल’, ‘खच्चर और आदमी’, ‘भूख के तीन दिन’ और ‘लैम्प शेड’ शामिल हैं। वहीं ‘रचनावली’ के ग्यारहवें खंड में निबन्ध-संग्रह—‘मार्क्सवाद’, ‘गांधीवाद की शव-परीक्षा’, ‘रामराज्य की कथा’, ‘देखा सोचा समझा’ और ‘बीवी जी कहती हैं मेरा चेहरा रोबीला है’; बारहवें खंड में ‘न्याय का संघर्ष’, ‘चक्कर क्लब’, ‘बात-बात में बात’ और ‘जग का मुजरा’; तेरहवें खंड में यशपाल के कहानी-संग्रह—‘लोहे की दीवार के दोनों ओर’, ‘राहबीती’ और ‘स्वर्गोद्यान : बिना साँप’ तथा कथा-नाटक ‘नशे-नशे की बात’ शामिल हैं, तो चौदहवें खंड ‘सिंहावलोकन’ में यशपाल के क्रान्तिकारी जीवन के संस्मरण को शामिल किया गया है।
Aakranta, Kroorta Aur Shadyantra | Untold History Of India Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hathyoga : Swaroop evam Sadhna
- Author Name:
Yogi Adityanath
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
From Rags To Riches: The Gautam Adani Story
- Author Name:
Sujata Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rang Badalati Delhi
- Author Name:
Jagdish Mamgain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
80/20 Your Life | More Achievement with Less Work: The Art of Changing Lives
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test Shikshan Kala Evam Anya Dakshta: शिक्षण कला एवं अन्य दक्षता 30 Practice Sets For TGT PGT 2023 in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tigers Don’t Blink: Life & Times Of Col. (Retd.) Ashok Tara, Vir Chakra Book in English by Anshuman Tandon
- Author Name:
Anshuman Tandon
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book