Madhya Pradesh Ki Vikas Gatha
About the book
‘बढ़ता प्रदेश : मध्य प्रदेश’ श्री शिवराज सिंह चौहान के चुनिंदा भाषणों का एक संकलन है। राजनीति में भाषण मानो पर्यायवाची जैसा ही है। आजादी के पहले से ही भाषणों ने समाज को राजनीति के दर्शन कराए। आज भी भाषण से ही जनता नेता को पहचानती है, जानती है, समझती है। कई-कई भाषणों से नेता की सोच, उसके क्रियाकलाप, उस नेता की तासीर की अभिव्यक्ति होती है। मुख्यमंत्री के रूप में शिवराजजी के बारे में उनकी यह सोच कैसे बदल सकती है? कैसे उनकी वह तासीर बदल सकती है? जब वे मुख्यमंत्री बने तब से लेकर अब तक के उनके भाषण सुने, पढे़ जाएँ तो लगता है कि जनता के प्रति प्रतिबद्धता, सामाजिक सरोकार और मध्य प्रदेश का विकास उनका जीवनोद्देश्य रहा है। ‘वन ग्रामों का उत्थान’ और ‘यथा नाम तथा काम’ भाषण को हम पढ़ें तो लगता है कि एक साधारण सा दुबला-पतला व्यक्ति कैसे एक साथ पूरे समाज को आत्मसात् करके एक विकसित मध्य प्रदेश का निर्माण करने चला है। लेकिन ऐसा उन्होंने बखूबी कर दिखाया है। ‘मध्य प्रदेश की विकास गाथा’ कृति मध्य प्रदेश के विकास की गौरव-गाथा प्रस्तुत करती है। यह मध्य प्रदेश के विकास के राष्ट्रीय फलक पर उभरने का आईना है। —प्रभात झा
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About the Book
‘बढ़ता प्रदेश : मध्य प्रदेश’ श्री शिवराज सिंह चौहान के चुनिंदा भाषणों का एक संकलन है। राजनीति में भाषण मानो पर्यायवाची जैसा ही है। आजादी के पहले से ही भाषणों ने समाज को राजनीति के दर्शन कराए। आज भी भाषण से ही जनता नेता को पहचानती है, जानती है, समझती है। कई-कई भाषणों से नेता की सोच, उसके क्रियाकलाप, उस नेता की तासीर की अभिव्यक्ति होती है।
मुख्यमंत्री के रूप में शिवराजजी के बारे में उनकी यह सोच कैसे बदल सकती है? कैसे उनकी वह तासीर बदल सकती है? जब वे मुख्यमंत्री बने तब से लेकर अब तक के उनके भाषण सुने, पढे़ जाएँ तो लगता है कि जनता के प्रति प्रतिबद्धता, सामाजिक सरोकार और मध्य प्रदेश का विकास उनका जीवनोद्देश्य रहा है।
‘वन ग्रामों का उत्थान’ और ‘यथा नाम तथा काम’ भाषण को हम पढ़ें तो लगता है कि एक साधारण सा दुबला-पतला व्यक्ति कैसे एक साथ पूरे समाज को आत्मसात् करके एक विकसित मध्य प्रदेश का निर्माण करने चला है। लेकिन ऐसा उन्होंने बखूबी कर दिखाया है।
‘मध्य प्रदेश की विकास गाथा’ कृति मध्य प्रदेश के विकास की गौरव-गाथा प्रस्तुत करती है। यह मध्य प्रदेश के विकास के राष्ट्रीय फलक पर उभरने का आईना है।
—प्रभात झा
Book details
- Format
- Paperback
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 332 grams
- ISBN-13
- 9789350485408
- Pages
- 208
- Reading time
- ~10 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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Madhya Pradesh Ki Vikas Gatha is a curated anthology of speeches by Shivraj Singh Chouhan during his tenure as Chief Minister of Madhya Pradesh. The book examines how political oratory shapes public perception and policy communication in a state undergoing rapid development. Rather than being a dry collection of administrative announcements, the speeches reveal the ideological framework, governance priorities, and rhetorical strategies that defined Chouhan's approach to state leadership. From infrastructure initiatives to social welfare programmes, each speech reflects the evolving political consciousness of Madhya Pradesh in the early 21st century. Published by Prabhat Prakashan, this volume offers readers a lens into the intersection of regional politics and developmental governance in India's heartland, documenting how a chief minister's voice becomes the narrative of a state's transformation.
Madhya Pradesh Ki Vikas Gatha इस पुस्तक को पढ़कर मुझे कैसा अनुभव होगा?
यह पुस्तक आपको राजनीतिक भाषणों के माध्यम से मध्य प्रदेश के विकास की यात्रा को समझने का अवसर देती है। शिवराज सिंह चौहान के विचारों, नीतियों और शासन दर्शन से परिचय मिलता है। भाषणों में व्यक्त की गई सोच और प्राथमिकताओं को जानकर आप एक मुख्यमंत्री की कार्यशैली और राज्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को महसूस कर सकेंगे।
यह पुस्तक “Madhya Pradesh Ki Vikas Gatha” किस प्रकार के पाठकों के लिए उपयुक्त है, और इसे पढ़ने के लिए क्या अपेक्षाएं हैं?
- राजनीति और शासन में रुचि रखने वाले पाठक
- मध्य प्रदेश के विकास और नीतियों को समझना चाहने वाले
- राजनीतिक भाषण कला और जनसंवाद के अध्येता
- प्रशासनिक और सामाजिक कार्यकर्ता जो नीति निर्माण प्रक्रिया जानना चाहते हैं
इस पुस्तक Madhya Pradesh Ki Vikas Gatha का विषय आज के भारतीय पाठकों के लिए सांस्कृतिक या ऐतिहासिक रूप से कितना महत्वपूर्ण है?
मध्य प्रदेश भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है और इसका विकास राष्ट्रीय प्रगति से जुड़ा है। यह पुस्तक एक दशक से अधिक समय के शासन को दर्शाती है जब राज्य ने कृषि, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में बदलाव देखे। राजनीतिक भाषणों के माध्यम से शासन को समझना लोकतंत्र में नागरिकों के लिए आवश्यक है।
इस लेखक का इस विषय पर दृष्टिकोण क्या विशिष्ट बनाता है?
शिवराज सिंह चौहान की भाषण शैली सरल और जनसुलभ रही है। उन्होंने अपनी बात रखने के लिए स्थानीय मुहावरों और जनता से सीधे संवाद का उपयोग किया। उनके भाषण केवल नीतिगत घोषणाएं नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, विकास की दिशा और जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी प्रकट करते हैं।
पुस्तक समाप्त होने के बाद पाठक के मन में भावनात्मक, बौद्धिक या सांस्कृतिक रूप से क्या रह जाता है?
यह पुस्तक पाठक को एक राज्य के विकास की जटिलताओं और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका को समझने की दृष्टि देती है। भाषणों के माध्यम से आप जनता और सरकार के बीच संवाद की शक्ति को पहचानते हैं। यह आपको लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी के महत्व का एहसास दिलाती है।
