Life
Author:
Dr. Krishna SaksenaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
Life is Beautiful. Mistakes are a part of the dues one makes for a full life. Learn from your mistakes and the mistakes of others. Forgiveness is an attribute of happiness. Extending hands to help others brings better understanding in us to enable us to transform our lives for the better.
ISBN: 9789392963032
Pages: 84
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Shikhar Tak Chalo
- Author Name:
Kusum Lunia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adhai Akhar (How To Get Rid of Old Thinking And How To Create New Ideas) Book in Hindi
- Author Name:
Vinita Chandak +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Chandra Vidyasagar
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yaminee'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Investment Principles of Warren Buffett
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
ISIS Aur Islam Mein Civil War
- Author Name:
Satish Pednekar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Police Sub Inspector ("उपनिरीक्षक")/Assistant Sub Inspector (सहायक उपनिरीक्षक) 12 Practice Sets Hindi | UP Police SI/ASI 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Ki Atmakatha
- Author Name:
Saralmanoj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bahuaayami Kisunji
- Author Name:
Kedar Kanan +1
- Book Type:

- Description: प्रतिगामी सोच आ पतनशील परम्पराक दलदल मे फँसल मैथिल समाज आ ओकर प्राचीन मूल्य-मान्यता वला तथाकथित शाश्वत साहित्य केँ नव दिशा देबाक संगहि एक टा नव जमीन तलाशक जे काज साठि-सत्तरक दशक मे किसुनजी कयलनि, से साइत पछिला सत्तर साल मे केओ नइँ क सकलाह। एक्कैसम शताब्दी मे आइ किसुनजीक नव कविताक सोच भने नव नइँ लागय, मुदा ई वैह जमीन थिक जकरा तोडि़ क एक समय अग्निजीवी पीढ़ी अपना ढंगे लेखनक दिशा तय करक यथासंभव प्रयास कयलक आ आगाँ चलि क 'अंतिकाक दौर मे हमरा सभ व्यापक अर्थ मे प्रगतिशीलताक संग बहुत साहस सँ अस्मितावादी विमर्श—दलित-विमर्श, स्त्री-विमर्श, यौनिकता-विमर्श—केर सेहो बात करैत छी। आइ जखन कि फेर सँ यथास्थितिवादी, वैदिक कर्मकांडी मूल्य-मान्यतावला सोचक आग्रही प्रबल भ उठल अछि; बहुत रास कवि-कथाकार अपना लेखन मे लोक-परम्परा आ 'खाँटी मैथिलपनक नाम पर पुनरुत्थानवादी मूल्य-मान्यता, बिम्ब आ प्रतीक लादने जा रहल अछि। सायास स्त्री केँ अनुगामिनी आ पारंपरिक, कर्मकांड केँ उपयोगी, मुस्लिम केँ सन्देहास्पद, दलित केँ निठल्ला आ कृषि-विरोधी देखेबाक प्रचलन मैथिली मे एम्हर खूबे बढ़ल अछि। एकर प्रतिकार लेल किसुनजीक प्रयास हमरा सभक सोझाँ प्रेरक जकाँ अछि—हम सब नव तरहें, मुदा सामूहिक प्रयास करी। भविष्यक बाट पर सँ काँट-कूस हटेबा लेल जखन फेर सँ संघर्षक बेगरता भ गेल अछि; किसुनजी पर लिखित अनेक लेखकक संस्मरण आ मूल्यांकनपरक लेख सँ भरल ई संपादित किताब पढ़ब साइत बहुत उपयोगी सिद्ध हैत। —गौरीनाथ
Sanjeevani
- Author Name:
Dr. Ravindra Shukla 'Ravi'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwan Ne Kaha Tha
- Author Name:
Smt.Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lakshya
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test | Higher Secondary Class (PGT) Paper-II (Class 11 & 12) Hindi 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC JTPTCCE Primary Education Recruitment Exam Intermediate And Bachelors Degree Assistant Teacher ACHARYA HINDI PAPER-I प्राथमिक शिक्षक भरती परीक्षा इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा सहायक आचार्य
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Geography
- Author Name:
Bhawani Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwambharnath Sharma Kaushik ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Vishwambharnath Sharma 'Kaushik'
- Book Type:

- Description: कथा सम्राट् प्रेमचंद के समकालीन कथाकार विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की सवा सौवीं जयंती पर साहित्य अकादेमी ने राष्ट्रीय संगोष्ठी कर उन्हें याद किया तो अच्छा लगा, क्योंकि सन् 1991 में जब उनकी जन्मशती पड़ी तो देश में कहीं भी कोई आयोजन नहीं हुआ—न तो हरियाणा में, जहाँ वे जनमे, न ही उत्तर प्रदेश में, जहाँ आखिरी साँस ली, जबकि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के सर्जक-संपादक रहे। चाहे कहानी हो, उपन्यास, हास्य-व्यंग्य लेखन या ‘हिंदी मनोरंजन’ पत्रिका का संपादन, कौशिकजी हर जगह छाप छोड़ते रहे। चाहे स्त्री की पीड़ा का चित्रण हो, संयुक्त परिवार की समस्या, हिंदू-मुसलिम मामला या विश्वयुद्ध, कौशिकजी की कलम हर जगह बेमिसाल रही। उनकी कृतियों में विधागत वैविध्य तो है ही, उन्होंने प्रयोग भी खूब किए, जबकि उनके समय के समकालीन लेखक प्रयोग करने से बचते रहे। सामाजिक सरोकारों और मानव के सूक्ष्म मनोभावों को कथारस में भिगोकर लिखनेवाले कथाकारों में विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ का स्थान सर्वोपरि है। उन्होंने हिंदी कहानी को स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस काल में हिंदी लेखन का प्रचलन कम था। लोग प्रायः उर्दू या अंग्रेजी में लिखते थे। उन्होंने तब हिंदी में लिखकर प्रशंसनीय काम किया। उनसे पहले जयशंकर प्रसाद और जी.पी. श्रीवास्तव हिंदी में लिख रहे। गुलेरी और प्रेमचंद उनके बाद आए। प्रेमचंद की तरह विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ ने भी तीन सौ से अधिक कहानियाँ लिखी हैं। उन्हीं में से चुनी हुई उनकी लोकप्रिय कहानियाँ इस संग्रह में प्रस्तुत हैं।
Dada-Dadi Ki Kahaniyan
- Author Name:
Mukesh 'Nadan'
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Kumbh : Manthan Ka Mahaparva
- Author Name:
Sanjay Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Guiding Light
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: ज्ञान का भंडार, प्रेरक और अनुकरणीय उक्तियों का अद्भुत चयन, जिसने भारत के सबसे विद्वान् व्यक्तियों में से एक, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की सोच को प्रभावित किया और उसे स्वरूप दिया। अपने स्कूल के दिनों से लेकर अब तक, जब वह अस्सी की उम्र को पार कर चुके हैं, डॉ. कलाम को लिखित रचनाओं से काफी लगाव रहा है। उन्होंने जीवनपर्यंत प्रेरक पुस्तकों, धार्मिक ग्रंथों, दार्शनिक रचनाओं और कविताओं को पढ़ा। उनमें से वह ‘द गाइडिंग लाइट’ को लेखन के सबसे अच्छे उदाहरणों में से एक मानते हैं। इन शब्दों ने उनकी सोच पर प्रभाव डाला और उन्हें स्वरूप दिया, जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता की और आज जो कुछ भी वह हैं, उनके ही कारण हैं। अपने लेखनों और संबोधनों में उन्होंने इन रचनाओं से लिये गए उद्धरणों का प्रयोग किया, जिनसे दुनिया भर में उनसे मिलनेवाले करोड़ों लोगों को प्रेरणा मिली। इस पुस्तक में रवींद्रनाथ टैगोर, अल्बर्ट आइंस्टीन, फ्रेडरिक नीत्शे, जिद्दू कृष्णमूर्ति, विलियम शेक्सपियर, जॉन मिल्टन और महात्मा गांधी जैसे लेखकों की रचनाओं से लिए गए उद्धरण हैं, जो अपने आप में काफी विविधता रखते हैं। साथ ही, कुरान, भगवद् गीता, बाइबिल, तिरुक्कुरल और अनेक अन्य रचनाओं से ली गई पंक्तियाँ भी शामिल हैं। ‘द गाइडिंग लाइट’ विभिन्न स्रोतों से जुटाए गए सुविचारों से संपन्न है। यह विचारप्रधान और ज्ञान का ऐसा भंडार है, जो गहन मंथन की प्रेरणा देता है। जीवन को प्रकाशमान करनेवाली उक्तियों का पठनीय संकलन।
Champaran Mein Mahatma Gandhi
- Author Name:
Rajendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamara Panchayati Raj
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। ग्राम-व्यवस्था वस्तुतः राष्ट्र-व्यवस्था की बुनियाद है। यही कारण है कि हमारे राष्ट्रनायकों ने सामाजिक उन्नयन, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक प्रगति और राजनीतिक चेतना की दृष्टि से गाँवों को पर्याप्त महत्त्व दिया है। सबका मानना है कि भारत के विकास का रास्ता गाँवों से होकर गुज़रता है। महात्मा गांधी के श्रम, स्वदेशी और स्वावलम्बन की कर्मभूमि अधिकांश अर्थ में गाँव ही है। प्रतापमल देवपुरा द्वारा लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ पुस्तक पंचायती राज के प्रति जानकारी व जागरूकता उत्पन्न करने हेतु लिखी गई है। पुस्तक जनप्रतिनिधियों से लेकर सामान्य नागरिकों के लिए सामाजिक रूप से उपयोगी है। 50 छोटे-छोटे अध्यायों में पंचायती राज से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व जानकारियों की सूत्र-शैली में प्रस्तुति सकारण है। इस पद्धति से सूचनाएँ सरलता से प्राप्त हो जाती हैं। जैसे ‘सूचना का अधिकार’ के अन्तर्गत पहला सूत्र है, ‘सूचना के अधिकार का अर्थ है—नागरिकों द्वारा सूचना माँगने पर सूचना मिले जिससे उसका जीवन बेहतर एवं सुरक्षित बने; इसके साथ ही सरकारी विभागों द्वारा सूचना देने का कर्तव्य।’ सरल व सुबोध भाषा में लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ अत्यन्त जनोपयोगी पुस्तक है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book