HUM SURAKSHIT KAISE RAHEN
(0)
₹
99
₹ 79.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355718785
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gift Lungs To Future Generations
- Author Name:
Rohit Mehra (Irs) +1
- Book Type:

- Description:
The biggest fall in human-values and human-civilization happened when the value of worshipping nature was replaced by the value of ‘exploiting’ the nature and its resources. This has led to an imbalance among various forces of nature. Our planet is on the verge of a catastrophe. Global warming is on the rise. Our air, water and land are polluted on an unprecedented level. Our forest-cover is fast depleting. Human being is fast destroying forests for his own needs and greed! If a human has destroyed forests, can he replenish the lost forest cover too? Can a forest be ‘developed’ or ‘created’? The answer to this question is yes. Yes, forests can be revived with the efforts of human beings. This book is based on this theme as how to replenish and recreate our lost forests. This book will teach you the concept of man-made Urban-Forest. It will also discuss what, how, when, where and why of an Urban-forest? It also teaches 51 steps to make an Urban-forest. Also, a brief introduction of the prevalent techniques of forest-making including Vrikshayurveda and Miyawaki and other methods are also discussed. Planting a forest is one of the best things you can do in your life for yourself as well as for generations to come. Trees are our ancestors and they give us the most vital thing—oxygen. We need lungs to filter the inhaled air. Similarly, forests filter the air and thus are the lungs of our planet. Let us gift a lung for the generations to come!
Barhavi Sadi Ki Kannad Kavayitriyan Aur Stree-Vimarsh
- Author Name:
Kashinath Ambalge
- Book Type:

- Description:
सम्पूर्ण भारतीय साहित्य में, विशेषकर बारहवीं शताब्दी के दौर में, स्त्री-विमर्श की अनुगूँज केवल कन्नड़ साहित्य में उपलब्ध होती है। जाति-प्रथा का निषेध, वर्ण और वर्ग की विषमता का प्रतिरोध बारहवीं शताब्दी में केवल कन्नड़ भाषा-साहित्य में प्राप्त होता है। 5वीं शताब्दी में तमिल भाषा-साहित्य में निम्न वर्ग और दलित वर्ग के रचनाकारों को महत्त्व प्राप्त होता है, नायनार और आलवार सम्प्रदाय में मनुष्य की वेदना और अस्मिता को सामाजिक स्वीकृति मिलती है पर स्त्री-समुदाय को, वह भी लगभग पैंतीस महिला रचनाकारों को, सामाजिक, आध्यात्मिक और वर्ग चेतना के स्तर पर स्वीकृति केवल कन्नड़ भाषा-साहित्य में बारहवीं शताब्दी में उपलब्ध होती है। अपभ्रंश और प्राकृत भाषा-साहित्य में चेरी गाथाओं के बाद सम्पूर्ण भारतीय स्तर पर स्त्री-विमर्श का यह श्रेय कन्नड़ की अक्कमहादेवी और अन्यान्य शिवशरणियों को जाता है। मुक्तायक्का और अल्लमप्रभु ने भी कला, साहित्य, संस्कृति और दर्शन के स्तर पर अप्रतिम योगदान दिया है। राहुल सांकृत्यायन, भगवतीशरण उपाध्याय, रामविलास शर्मा और डी.डी. कोसम्बी की परम्परा में डॉ. काशीनाथ अंबलगे ने एक प्रतिबद्ध समीक्षक और तत्त्ववेत्ता के रूप में इस अभूतपूर्व कृति की रचना की है। विश्वास है, इसका आकलन सुधी पाठक और समर्थ आलोचक सम्यक् रूप से करेंगे। —रोहिताश्व
Barhavi Sadi Ki Kannad Kavayitriyan Aur Stree-Vimarsh
Kashinath Ambalge
20% off₹ 150
₹ 120
Out of Stock
Puranon Ki Kathayen
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vichar Pravah Book in Hindi - Hukmdev Narayan Yadav
- Author Name:
Hukmdev Narayan Yadav
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vichar Pravah Book in Hindi - Hukmdev Narayan Yadav
Hukmdev Narayan Yadav
20% off₹ 400
₹ 320
Available
Bharatiya Jnan Parampara Aur Vicharak
- Author Name:
Rajaneesh Kumar Shukla
- Book Type:

- Description:
"भारत की सनातन-सांस्कृतिक परंपरा समावेशी, करुणाप्रधान एवं समतामूलक रही है। समय के झंझावातों, विदेशी आक्रांताओं के प्रहारों और तकनीक की चकाचौंध ने इसके बाह्य स्वरूप को प्रभावित अवश्य किया है लेकिन मूल रूप में समस्त चराचर जगत् को स्वयं का रूप मानने की भारतीय-दृष्टि आज भी लोकजीवन में अपना स्थान बनाए हुए है। आचार्य रजनीश शुक्ल की यह पुस्तक भारतीय समाज, इतिहास, संस्कृति, राष्ट्र-निर्माण, आत्मनिर्भरता, पत्रकारिता आदि विषयों को सारगर्भित तरीके से प्रस्तुत करती है और ऐसा करते हुए वह गौतमबुद्ध, कबीर, तुलसीदास, गांधी, विनोबा, आंबेडकर, वीर सावरकर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों को उद्धृत करते हैं, जिससे उनके विचार एक सनातन ज्ञानपरंपरा के वाहक के रूप में दिखलाई देते हैं। —रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार ) आचार्य रजनीश कुमार शुक्ल ने इस कृति में भारतीय ज्ञानपरंपरा को उसके वर्तमान व्यापक संदर्भ में देखा है। वे अपनी परिपुष्ट दार्शनिक पृष्ठभूमि के कारण प्राचीन भारतीय चिंतन के विविध आयामों पर अधिकार रखते हैं तथा समकालीन पश्चिमी विचार और दर्शन के साथ-साथ आधुनिक भारतीय दर्शन एवं चिंतन पर भी उनकी वैसी ही पकड़ है। यह पुस्तक एक नई बहस को आरंभ करेगी। —प्रो. कमलेशदत्त त्रिपाठी कुलाधिपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा पिछले दो दशकों में पूरे विश्व की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक संरचना में व्यापक बदलाव आया है। इस परिदृश्य में भारत एक बार फिर से विश्वगुरु बन सकता है—इसमें कोई संदेह नहीं है। हालाँकि कुछ लोग असहमत हो सकते हैं। राष्ट्रीय चिंतक यह मानते हैं कि भारत की सांस्कृतिक विशिष्टता में विश्वगुरु बनने के बीज-तत्त्व विद्यमान हैं। यहाँ का जन अपनी पहचान से भारत को विशिष्ट बनाए हुए है। भारतीय चिंतन और भारतीय दृष्टि मनुष्य को एक संपोष्य जीवन प्रणाली दे सकती है और यही वह कारण है जिससे भारत को विश्वगुरु बनना ही है, इसे कोई रोक नहीं सकता है। इस लघु संग्रह में इसकी पड़ताल करने की कोशिश की गई है। इसमें भारतीय ज्ञानपरंपरा के सनातन प्रवाह की विविध धाराओं के रूप में समझने की कोशिश की गई है। इस धारा को प्रवाहित करने में योगदान करनेवाले कुछ विचारकों की विचार-सरणि का निदर्शन करने का यह एक विनम्र प्रयास भी है। विश्वास है कि अनादि से अनंत तक विस्तृत भारत की ज्ञानयात्रा को समझने में यह लघुतम प्रयास पाठकों को सार्थक लगेगा। "
50 Business Kohinoor
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bargad Kaat Do
- Author Name:
Shri K.P.S. Verma
- Book Type:

- Description:
This Book Doesn't have Description
Aladin Aur Jadui Chirag
- Author Name:
Sanyogita
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
PRAKRITIK AAPDAYEN (NATURAL DISASTER)
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Karmayoddha Jai Karan
- Author Name:
Madhurendra Sinha
- Book Type:

- Description:
इस पुस्तक के प्रेरणा-स्रोत और लेखक को प्रोत्साहित करनेवाले जय करण जी के तीनों सुपुत्र—राजेश, मुकेश और सचिन। ये अपने पिता को गाइड और गुरु मानते हैं और उनकी सीख को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए उन्होंने बड़े जतन से यह पुस्तक प्रकाशित करवाई। उनका लक्ष्य उनके जीवन की अच्छाइयों को आम जन तक पहुँचाना है। जय करण जी के जीवन से प्रेरणा पाकर अगर कुछ युवा उनके दिखाए रास्ते पर चल पड़ेंगे तो इस पुस्तक के लेखन का उदेसिये पूरा हो जाएगा। मैं इस किताब को अपने पिता को समर्पित करना चाहता हूँ जो मेरे गुरू और मेरे हीरो भी थे। मैंने बचपन से उन्हें हर पल को जीते देखा। वह कहते थे कि कोई भी ब्रांड यूँ ही नहीं बन जाता है। उसके लिए वर्षों तक लगातार क्वालिटी सर्विस देनी पड़ती है और तभी कस्टमर का भरोसा जीता जाता है। मैं चाहता हूँ कि उनकी इस जीवनी को पढऩेवाले उन सभी को प्रोत्साहन मिले जो स्टार्ट अप शुरू कर रहे हैं या अपना सफल उद्यम खड़ा चाहते हों या अपना प्रतिष्ठित ब्रांड बनाना चाहते हों। मैंने कोशिश की है कि यह एक पुस्तक नहीं बल्कि एक जीवन को जीने की गाथा बने जिसे प्रस्तुत करने के लिए मैंने दो साल की मेहनत और देश के विभिन्न शहरों और गाँवों में दो सौ से भी ज्यादा लोगों के इंटरव्यू को आधार बनाया। पुस्तक का सार यह है कि कैसे इस कमर्शियल दुनिया में खुश भी रहा जाए और सफलता भी पाई जाए। —सचिन हरितश
Bharatiya Ank Prateek Kosh "भारतीय अंक प्रतीक कोश" Book in Hindi
- Author Name:
Acharya Nishantketu
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Shivkamini Mahadevi Ahilyabai "शिवकामिनी महादेवी अहिल्याबाई" Book in Hindi
- Author Name:
Arundhati Singh Chandel
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
How to Use The Laws of Mind
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description:
You have only one mind, but there are two phases or functions of that mind... Each phase is characterised by its own phenomenon, which is peculiar to itself. Each of these minds is capable of independent action, but that still does not mean that you are endowed with two minds. In this book, the reader will learn to use both phases of his/her mind synchronously, harmoniously and peacefully, thereby bringing harmony, health and abundance into the life.
Vikram-Vetal Ki Kathayen
- Author Name:
Pooja Sharma
- Book Type:

- Description:
No Description Available for this Book
Bharat Ke Pavitra Teerthsthala
- Author Name:
Narayan Bhakta
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Marjar Kosh
- Author Name:
Parashuram Shukla
- Book Type:

- Description:
मार्जार संस्कृत भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है—बिल्ली। सामान्यतया बिल्ली से घरेलू बिल्ली का बोध होता है; किन्तु जीवविज्ञान में इस शब्द का विस्तृत अर्थों में प्रयोग किया गया है एवं इसके अन्तर्गत बाघ और सिंह से लेकर पालतू बिल्ली तक को सम्मिलित किया गया है। ये सभी जीव मार्जार परिवार के जीव कहलाते हैं। बाघ सहित मार्जार परिवार के अन्य जीवों की जानकारी पुस्तक के परिचय में संक्षेप में दी गई है। इनमें रोचक और रोमांचक तथ्यों के साथ ही ज्ञानवर्धक जानकारियाँ भी हैं, जो निश्चित रूप से जनसामान्य के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी। इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। वन्यजीवों का सीधा सम्बन्ध वनों से है। वनों से वर्षा और वर्षा से जीवन। अर्थात् मानव का अस्तित्व बनाए रखने के लिए वन्यजीव आवश्यक हैं। हमारे देश में अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बाघ, सिंह, तेंदुए आदि का नाम तो सुना है, किन्तु इनके विषय में कुछ नहीं जानते। घरेलू बिल्लियाँ तो सभी ने देखी होंगी, किन्तु इनके विषय में भी जनसामान्य को विशेष जानकारी नहीं है। भारत में मार्जार परिवार के ऐसे अनेक जीव पाए जाते हैं, जिनका लोगों ने नाम तक नहीं सुना। इस पुस्तक में इन्हीं सब जीवों की जानकारी बड़े रोचक ढंग से दी गई है।
Narendra Kohli ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Narendra Kohli
- Book Type:

- Description:
किसी कहानी को लोकप्रिय तो पाठक ही बनाता है। जो रचना पाठकों द्वारा पढ़ी ही न जाए, वह लोकप्रिय नहीं होती। किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि जो रचना लेखक को प्रिय न हो, पाठक उसे लोकप्रिय बना देगा। वस्तुतः कहानियाँ लेखक और पाठक दोनों की रुचि से लोकप्रिय बनती हैं। मैंने 1960-70 के दौर में कहानियाँ लिखी थीं। तब तक वे उपन्यास नहीं लिखे गए थे, जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के बल पर कहानियों की चर्चा को मंद कर दिया है। इसके पश्चात् उपन्यासों ने कहानियों को अपना अंग ही बना लिया। लिखने को तो अब भी कहानी लिखने बैठ जाता हूँ, लिख भी लेता हूँ, किंतु मेरे लेखन के केंद्र में कहानी नहीं है। फिर भी कह सकता हूँ कि ‘परिणति’, ‘नमक का कैदी’, ‘संचित भूख’, ‘किरचे’, ‘निचले फ्लैट में’ और ‘नींद आने तक’ जैसी कहानियाँ न मुझसे भुलाई गई हैं और न पाठकों द्वारा उनकी उपेक्षा की स्थिति आई है। यदा-कदा उनकी चर्चा होती ही रहती है। वह मेरी किशोरावस्था थी। उसमें समाज के प्रति दायित्वबोध भी था और प्रेम का आकर्षण भी। उनमें मेरे भाई-बहन भी हैं और मेरी सखियाँ भी। वह जीवन का वह महत्त्वपूर्ण मोड़ था, जिसे भुलाना संभव नहीं है। परिणामतः आज आधी शताब्दी के पश्चात् भी वे कहानियाँ मुझे प्रिय हैं। —नरेंद्र कोहली
Swayam Prakash ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Swayam Prakash
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Psychology of Option Trading Book - Mahesh Chandra Kaushik
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vedon Ki Kathayen
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book