Hindu Charmakar Jati
Author:
Dr. Bizay Sonkar ShastriPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 560
₹
700
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789350485651
Pages: 320
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Primary Teacher Recruitment" Uchch Prathamik Higher Primary School Class 6 To 8 Samanya Adhyayan "General Knowledge"- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangrang : Nai Peedhi Ke 25 Rangkarmiyon Ki Rachana-Prakriya
- Author Name:
Hrishikesh Sulabh
- Book Type:

-
Description:
मंच पर उतरने से पहले अभिनेता किस भीतरी संघर्ष से गुजरता है; दिये गए चरित्र के साथ अपनी खुद की पहचान को एकलय करने में उसे नाटक के पाठ के साथ-साथ खुद को भी कितना पढ़ना-खँगालना पड़ता है; कितनी मदद उसे अपने अब तक के जिये जीवन से मिलती है, और कितनी अभिनेता के रूप में प्राप्त प्रशिक्षण से; और कैसे एक पात्र को जीना समाज में उसकी अपनी गति को प्रभावित करता है, इन सवालों पर आम दर्शक कभी नहीं सोचता।
ये चीजें आम तौर पर सामने भी नहीं आ पातीं क्योंकि अभिनेता न कभी इस बारे में कहीं लिखते हैं, न कोई उनसे पूछता है। यह उस मंच का किंचित् अदृश्य कोना है जिस पर हमने जीवन की नाटकीयताओं के जरिये अपने अस्तित्व के कई अँधेरे-अदेखे पहलुओं को देखा-जाना है।
यह किताब इस दिशा में एक बड़ी, और गम्भीर पहलकदमी है।
हिन्दी में पहली बार मंच पर सक्रिय युवा अभिनेता और अभिनेत्रियाँ यहाँ अपने ऐसे अनुभवों को साझा कर रहे हैं जो खुद उनके लिए भी गहरी अन्तर्यात्राओं की तरह रहे। इन्हें पढ़कर मालूम होता है कि जिसे हम ‘एक्टिंग’ कहकर आगे बढ़ जाते हैं, वह ‘एक्टर’ के लिए उसके अस्तित्व-बोध के स्तर पर घटित होनेवाला कितना बड़ा संघर्ष होता है; व्यक्तित्वान्तरण की वह प्रक्रिया उन्हें कितना मुक्त करती है, और कितना कसती है।
और यह हम पढ़ते हैं एक सजीव, धड़कते हुए, अत्यन्त ईमानदार गद्य के रूप में जिसे वही सम्भव कर पाता है जो अनुभव के कंटकाकीर्ण पथ पर नंगे पैर और खुली आँखों चला हो, जो प्रक्रिया का भोक्ता भी रहा हो और साक्षी भी।
अभिनय-जीवन के इन संस्मरणों को पढ़कर हम रंग-दर्शक के रूप में समृद्ध होते हैं। अभिनय के विद्यार्थियों के लिए तो इनसे गुजरना किसी ‘वर्कशॉप’ में होने जैसा है।
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Bhugol Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Geography Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stri Alakshit
- Author Name:
Shrikant Yadav
- Book Type:

- Description: भारतीय समाज में स्त्री-विमर्श किन जटिल रास्तों और मोड़ों से होकर मौजूद मुक़ाम तक पहुँचा है, यह किताब उसकी एक दिलचस्प झलक पेश करती है। बीसवीं सदी का पूर्वार्द्ध, जो एक तरफ़ औपनिवेशिक दासता से मुक्ति के लिए भारतीय समाज की तड़प का साक्षी बना था, वहीं दूसरी तरफ़ वर्णव्यवस्था की बेड़ियों में जकड़े दलितों और पितृसत्ता से आक्रान्त स्त्रियों के बीच जारी मन्थन और उत्पीड़न का भी सहयात्री बना था। इस दौर के अब लगभग भूले-बिसरे दो दर्जन स्त्री विषयक लेखों को संकलित करके युवा लेखक और शोधार्थी श्रीकान्त यादव ने भारतीय इतिहास के उस महत्त्वपूर्ण कालखंड के एक लगभग अदृश्य पक्ष पर रोशनी डाली है। समकालीन समाज में स्त्री-चिन्तन परम्परा और समकालीनता के किन दबावों को आकार दे रहा था, ‘स्त्री अलक्षित’ में संकलित लेखों से गुज़रते हुए उनकी भी शिनाख़्त होती है। विश्वास है कि स्त्री-विमर्श में रुचि रखनेवाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विद्वानों के लिए यह पुस्तक अवश्य पठनीय और संग्रहणीय सिद्ध होगी। —कृष्णमोहन
Europe Ka Sanskritik Kendra FRANCE
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
BPSC BIHAR SHIKSHAK BAHALI CLASS 6 TO 12 PRATHMIK GANIT
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ki Aadhi Sadi : Swapna Aur Yatharth
- Author Name:
Puran Chandra Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dharma Aur Vigyan
- Author Name:
Dr. Hariprasad Somani
- Book Type:

- Description: "भारतीय संस्कार, रीति-रिवाज, परंपराएँ, प्रथाएँ एवं धार्मिक कृत्य शास्त्रीय हैं या ऐसा कहें कि अपना धर्म और शास्त्र एक ही सिक्के के दो बाजू हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। अपने ऋषियों और प्राचीन काल के निष्णात गुरुओं ने अपनी अंतरात्मा की अनंत गहराई में उतरकर चेतना का जाग्रत् आनंद लिया था। अपने अंतर्ज्ञान के अनुभव और आध्यात्मिक परंपराओं को संस्कार एवं संस्कृति के रूप में उन्होंने जनमानस में वितरित किया। परंपराएँ तो चलती जा रही हैं, किंतु इनके मूल ज्ञान और मूल आधार से हम अनभिज्ञ होते जा रहे हैं। भारतीयों को गुलामी झेलनी पड़ी। विशेष करके मुगलों के शासन काल में काफी धार्मिक अत्याचार सहने पड़े। हिंदुओं को धर्म-परिवर्तन के लिए बाध्य किया जाने लगा। इसलिए उस समय के धार्मिक गुरुओं ने अपनी संस्कृति बचाने के लिए हर कर्म को धार्मिक रूप दे दिया, जिससे धर्म के नाम पर ही सही, जो संस्कार ऋषि-मुनियों ने दिए थे, उन्हें हमारे पूर्वज अपनाकर, अपनी धरोहर मानकर, सँजोकर रखने में सफल रहे। समय के साथ इन प्रथाओं ने धार्मिक विधि का रूप ले लिया और बिना कुछ सोचे-समझे ही धर्म की आज्ञा मानकर ये रीतियाँ चलती रहीं। किंतु आज की युवा पीढ़ी हर कर्म, विधि या संस्कार को मानने से पूर्व इसके पीछे क्या कारण है, यह जानने को उत्सुक है। हिंदू धर्म की विभिन्न परंपराओं और प्रथाओं को वैज्ञानिकता के आधार पर प्रमाणित करती पठनीय पुस्तक। "
The India Way: Parivartansheel Vishwa Mein Bharat Ki Ranneeti (Hindi Version of The India Way)
- Author Name:
S. Jaishankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SUFI SANT MAKHDOOM BIHARI
- Author Name:
MADAN VERMA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sattapur Ke Nakte
- Author Name:
Gopal Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nayanon Ki Veethika
- Author Name:
R.K. Jaiswal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alakshit Akhyan : Stri Vimarsh Ki Kahaniyon Ka Chayan
- Author Name:
Lalsa Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safalata Aapki Mutthi Mein
- Author Name:
Sanjay Chadha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krantikari Kavi Nirala
- Author Name:
Bachchan Singh
- Book Type:

- Description: ‘क्रान्तिकारी कवि निराला’ हिन्दी के महाप्राण कवि निराला के काव्यगत विकास-क्रम को उनके वैयक्तिक संघर्ष के सन्दर्भ में देखते हुए उनके जीवन, तत्कालीन परिस्थितियों और उनकी कविता की विशिष्टताओं का विवेचन करती है। गौरतलब है कि यह पुस्तक उस समय लिखी गई थी, जब हिन्दी आलोचना में निराला के कृतित्व को लेकर कोई सुसंयोजित काम नहीं हुआ था। गिराला और उनके समय के साथ-साथ यह पुस्तक छायावाद तथा उससे पहले की काव्य-प्रवृत्तियों पर भी टिप्पणी करती चलती है, विशेषतया छायावाद पर। डॉ. बच्चन सिंह कहते हैं कि छायावादी काव्य-सर्जना का सम्बन्ध कवि की निजी प्रेरणा से रहा और यह पारम्परिक कवि-प्रतिभा से भिन्न चीज थी। छायावादी या रोमैंटिक कवि के लिए उसके रचनात्मक क्षणों का महत्त्व सर्वोपरि होता है। इसीलिए निराला की कविता को समझने के लिए भी उनके व्यक्ति को जानना जरूरी है। इसी से हम यह जान पाते हैं कि प्रगतिवादी नहीं होते हुए भी उनकी कविता इतनी प्रगतिपरक कैसे है, और प्रयोगवादी न होते हुए भी कविताओं में इतने रूपात्मक प्रयोग वे कैसे कर सके। निराला के परिचय से लेकर यह पुस्तक उनकी कविता के निर्णायक पड़ावों से होती हुई उनकी रचना-प्रक्रिया के विश्लेषण तक जाती है। संलग्न परिशिष्ट में संकलित ‘राम की शक्तिपूजा’ और निराला की अंतिम कविता की समीक्षा इसे और संग्रहणीय बना देती है। निराला और उनकी कविता को जानने-समझने के लिए इस पुस्तक का विशेष महत्व है।
Lok-Kavya Pratirodh aur Mukti Ka Soundrya
- Author Name:
Ramlakhan Kumar
- Book Type:

- Description: Critisism
Mind Your Mind | Explores The Transformative Power of Mindfulness In Daily Life | Mamta Mehrotra Book in Hindi
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Constitution of India – Original Book
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: ★ About The Book ★The presented edition of the book ‘The Constitution of India’ is a unique book in A4 size. Book is beautifully printed with full text of Constitution of India. ♥ Highlights of The Book ♥This document of the book lays down the framework demarcating fundamental political code, structure, procedures, powers, and duties of government institutions and sets out fundamental Rights, Directive principles, and the duties of citizens. The book has designed with Satyamev Jayate and Original Preamble. Original Signatures of the Constituent Committee members also included in the book. Table of Content of the book framed with a special manner.
Dr. Suresh Awasthi Ke Pratinidhi Vyangya "डॉ. सुरेश अवस्थी के प्रतिनिधि व्यंग्य" Book in Hindi
- Author Name:
Chakradhar Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Arthshastra Prashnottari
- Author Name:
Dilip Pipada
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book