GUNNERS AT THE BATTLEFRONT
(0)
₹
600
₹ 480 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789390923267
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Tamasha Mere Aage
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
B.Sc Nursing General Nursing and Midwifery (GNM) Training Selection Examination 2023 Guide with Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vaigyanik Sant Dr. Kalam
- Author Name:
Lakshman Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manavdeh Aur Hamari Deh Bhashayen
- Author Name:
Ramesh Kuntal Megh
- Book Type:

- Description: यह एक विलक्षण संहिता है जो मानवदेह तथा अनेकानेक देहभाषाओं के विश्वकोश जैसी है। इसे अध्ययन-कक्ष, शृंगार-मेज़, ज्ञान-परिसंवाद तथा रात्रि-शय्या में बेधड़क पास एवं साथ में रखना वांछनीय होगा। यह अद्यतन ‘देह धुरीण विश्वकोश’ अर्थात् अकुंठ ‘बॉडी इनसाइक्लोपीडिया’ है। पन्द्रह वर्षों की इतस्ततः अन्वीक्षा-अन्वेषण-अनुप्रयोग से यह रची गई है। इसके लिए ही कृती-आलोचिन्तक को निजी तौर पर अमेरिका में मिशिगन (डेट्राइट) में अपनी बेटी मधुछंदा के यहाँ प्रवास करना पड़ा था। इसका प्रत्येक पन्ना, रेखाचित्र, चित्र चार्ट सबूत हैं कि ‘मानवदेह और हमारी देह्भाषाएँ’ अन्तर-ज्ञानानुशासनात्मक उपागम द्वारा समाजविज्ञानों, कला, साहित्य, समाजेतिहास आदि से संयुक्त ‘सांस्कृतिक-पैटर्न’ का भी एक प्रदर्श है। यहाँ सिरजनहार की आलोचिन्तना की दावेदारी की जाँच तथा देनदारी का इम्तहान भी होगा। तथापि इसके निर्णायक तो आप ही हैं। यह ‘ग्रन्थ’ क्षयिष्णु कुंठाओं, रूढ़ वर्जनाओं-अधोगामी पूर्वग्रहों के विरुद्ध, अतः उनसे विमुक्त होकर, शालीनता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा आम आदमी की बेहतर भौतिक ज़िन्दगानी की समझदारी से प्रतिबद्ध है। इसमें भारत, रूस, अमेरिका, रोम, मेक्सिको, इजिप्त के कला-एलबमों तथा ग्रन्थाकारों और म्यूज़ियमों का भी नायाब इस्तेमाल हुआ है। यह दस से भी ज़्यादा वर्षों की तैयारी द्वारा अमेरिका-प्रवास में सम्पन्न हुआ है। लक्ष्य है : असंख्य-बहुविध प्रासंगिक सूचनाएँ देना, ज्ञान के बहुआयामी-अल्पज्ञात क्षितिजों को खोजना, तथा मानवदेह और उसकी विविध देहभाषाओं का वर्गीकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण, तथा उदारीकरण करते चलना। अथच।सर्वांत में अपने ही देश में उपेक्षित जनवादी राजभाषा हिन्दी को 21वीं शताब्दी की कलहंसनी बनाकर स्वदेश में देशकाल के पंखों द्वारा कालोत्तीर्ण उड़ानें देना। सो, यह ग्रन्थ भारत एवं विश्व की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक हंसझील-नीड़ के मुझ जैसे सादे बन्दे का हंसगान भी है। अगर आपको पसन्द आए तो इसे एक ‘आधुनिक देहभागवत’ भी कह लें। तो आपकी राय का दिन-प्रतिदिन इन्तज़ार रहेगा—ऐसे विमर्श में! हीरामन और नीलतारा के संकल्प से।
Bharatbodh: Sanatan Aur Samayik
- Author Name:
Dr. Rajaneesh Kumar Shukla
- Book Type:

- Description: भारत केवल भौगोलिक रचना या भूखंड मात्र नहीं है, न तो भारतबोध मात्र इतिहास से बनता है । वस्तुत: भारतबोध एक सनातनबोध की प्रक्रिया है, जो नित्य और निरंतर, इन दोनों के साथ गुंफित होता है। नित्यता से शाश्वत मूल्य आते हैं तो निरंतरता से समय के साथ उनका समंजन होता है। भारतबोध राष्ट्रीयता है, संस्कृति है और धर्म भी है। भारतबोध पद से जो अर्थ अभिहित होता है--वह सनातन और निरंतर सभ्यता की जीवन-प्रणाली की अभिव्यंजना है। भारतीयता का विचार, भारतबोध का प्रश्न इस रूप में समझा जा सकता है कि यह कृतज्ञता की संस्कृति है और कृतज्ञता का प्रारंभ इस मान्यता, इस विश्वास के साथ होता है कि हम कुछ ऋणों के साथ उत्पन्न हुए हैं । हमने इस धरती में जन्म लेने के साथ ही समाज का, धरती का, परिवार का, शिक्षकों का, आचार्यों का ऋण प्राप्त किया है और वास्तविक मुक्ति हमें तब होगी, जब हम इन ऋणों से मुक्त होंगे; और इससे ऋण मुक्ति का तरीका इतना ही है कि हमें मनुष्य बनना है; न तो यह सभ्य बनने की प्रणाली है और न ही यह जीनियस बनने की । भारत धर्म भी है और यह धर्म उपासना-पंथों से परे भी । यह धर्म मानवीय मूल्यों का पुंज है। भारतबोध की दृष्टि से इस पुस्तक में कुछ सूत्रों की चर्चा है और कुछ सूत्रों का आज के परिप्रेक्ष्य में पल्ल्वन भी है। समकाल के भारत की भूमिका को उभारने की कोशिश की गई है और समकाल के भारत के लिए, भारत में जन्म लिये हुए लोगों को किस प्रकार की जीवन प्रणाली को स्वीकार करना है; किस मूल्य-व्यवस्था को स्वीकार करना है, इस पर किंचित् विवेचन किया गया है.
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Teacher Recruitment" Class 11 To 12 Samajshastra "Sociology" 20 Practice Sets- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KAHAT KABIR
- Author Name:
Suresh Patel
- Book Type:

- Description: Based on Kabir ke Dohe
Rajneeti Ki Lok-Sanskriti
- Author Name:
Ram Bahadur Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nahin Kathin Hai Dagar Panghat Ki
- Author Name:
Dr. Ram Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Priyatama
- Author Name:
Phani Mohanty
- Book Type:

- Description: चारों दिशाएँ, चौदह भुवन खाली-खाली लगते हैं, एक अध-जला दीया की रस्सी की तरह नाम के वास्ते हाथ-पैर पसारकर, गिरा हुआ हूँ मैं। यह कैसा जीवन है प्रियतमा? हर पल मैं कितने शब्द जोड़ता हूँ और तोड़ता हूँ, जुड़े-तुड़े इन्हीं शब्दों से मैं एक वाक्य की माला भी बना नहीं सका, इस जीवन में। करोड़ों तारों और चाँद और सूरज के मेले में, तुम ही तो मेरे साक्षी हो, तुम ही मेरे साक्षी हो भाव में रहकर भी कवि मर सकता है, अभाव के नरक में। इस जीवन को अकेले में जाने दो, प्रियतमा, चाहे तुम जितने न पहुँचनेवाले दुनिया में, तुम ही मेरी प्रथम और आखिरी वर्णमाला तुम ही मेरा प्रथम और आखिरी वादा। —इसी पुस्तक से
Gulliver's Travels
- Author Name:
Jonathan Swift
- Book Type:

- Description: Gulliver’s Travels describes the four voyages of Lemuel Gulliver, a ship's surgeon. In Lilliput, he discovers a world in miniature. Towering over the people and their city, he is able to view their society from the viewpoint of a god. However, in Brobdingnag, a land of giants, tiny Gulliver himself comes under observation, exhibited as a curiosity at markets and fairs. On Laputa, a flying island, he encounters a society of speculators and projectors who have lost all grip on everyday reality. While they plan and calculate, their country lies in ruins. Gulliver's final voyage takes him to the land of the Houyhnhnms, gentle horses whom he quickly comes to admire, in contrast to the Yahoos, filthy bestial creatures who bear a disturbing resemblance to humans.
Pehla Sanatan Hindu "पहला सनातन हिंदू" Book in Hindi- Ratneshwar
- Author Name:
Ratneshwar Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sosobonga | A Famous Religious Saga of Mundas Book In Hindi
- Author Name:
Jagdish Trigunayat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Decode UPSC: My Take On UPSC & Beyond by Agam Jain, IPS: Insights from a Civil Services Officer
- Author Name:
Agam Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prashikshan Kala
- Author Name:
Mahendra Nath Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dastambu
- Author Name:
Mirza Ghalib
- Book Type:

- Description: मिर्ज़ा असद-उल्लाह ख़ाँ ग़ालिब का नाम भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के महान कवियों में शामिल है! मिर्ज़ा ग़ालिब ने 1857 के आन्दोलन के सम्बन्ध में अपनी जो रूदाद लिखी है, उससे उनकी राजनीतिक विचारधारा और भारत में अंग्रेज़ी राज के सम्बन्ध में उनके दृष्टिकोण को समझने में काफ़ी मदद मिल सकती है! अपनी यह रूदाद उन्होंने लगभग डायरी की शक्ल में प्रस्तुत की है। और फ़ारसी भाषा में लिखी गई इस छोटी-सी पुस्तिका का नाम है—‘दस्तंबू’। फ़ारसी भाषा में 'दस्तंबू' शब्द का अर्थ है पुष्पगुच्छ, अर्थात् बुके (Bouquet)। अपनी इस छोटी-सी किताब 'दस्तंबू' में ग़ालिब ने 11 मई, 1857 से 31 जुलाई, 1857 तक की हलचलों का कवित्वमय वर्णन किया है। 'दस्तंबू' में ऐसे अनेक चित्र हैं जो अनायास ही पाठक के मर्म को छू लेते हैं। किताब के बीच-बीच में उन्होंने जो कविताई की है, उसके अतिरिक्त गद्य में भी कविता का पूरा स्वाद महसूस होता है। जगह-जगह बेबसी और अन्तर्द्वन्द्व की अनोखी अभिव्यक्तियाँ भरी हुई हैं। इस तरह 'दस्तंबू' में न केवल 1857 की हलचलों का वर्णन है, बल्कि ग़ालिब के निजी जीवन की वेदना भी भरी हुई है। ‘दस्तंबू’ के प्रकाशन को लेकर ग़ालिब ने अनेक लम्बे-लम्बे पत्र मुंशी हरगोपाल ‘तफ़्त:’ को लिखे हैं। अध्येताओं की सुविधा के लिए सारे पत्र पुस्तक के अन्त में दिए गए हैं। भारत की पहली जनक्रान्ति, उससे उत्पन्न परिस्थितियाँ और ग़ालिब की मनोवेदना को समझने के लिए ‘दस्तंबू’ एक ज़रूरी किताब है। इसे पढ़ने का मतलब है सन् 1857 को अपनी आँखों से देखना और अपने लोकप्रिय शाइर की संवेदनाओं से साक्षात्कार करना। —भूमिका से
AMBEDKAR & MODI
- Author Name:
Bluekraft Digital Foundation
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dr. B.R. Ambedkar's influence has overarching impact on the making of Modern India. However, his legacy was sidelined and subjected to institutional neglect. The book is a prism that reflects upon the multitude of contributions of Dr. Babasaheb Ambedkar in the nation building process. Many of his ideas and interventions continue to define our governance paradigm, especially with PM Narendra Modi at the helm ensuring that his legacy is revived. The book studies the points of intersection of India’s development story under Prime Minister Narendra Modi and the ideals of Babasaheb. It also highlights the striking parallels between the two towering personalities that succeeded against all odds and worked to dismantle stifling social structures that they themselves experienced from close quarters.
Jeet Ya Haar, Raho Taiyar
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Secret Adversary Paperback
- Author Name:
Agatha Christie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sugam Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book