Gunkari Phal
Author:
Ramesh BediPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 1036
₹
1295
Available
फल प्रकृति द्वारा इनसान को दिए गए अनुपम वरदान हैं। ये कभी ताज़े, कभी पकाकर और कभी सुखाकर खाए जाते हैं। ये क्षुधा शान्त करते हैं, तृप्ति प्रदान करते हैं। मीठी सुगन्ध और उन्नत स्वाद वाले फल चित्त को आह्लादित करते हैं।
स्वस्थ शरीर के संचालन के लिए जिन प्राकृतिक तत्त्वों की ज़रूरत है, वे हमें फलों से मिलते रहते हैं। इनके द्वारा कैल्शियम, लोहा, ताम्र, फॉस्फ़ोरस आदि खनिज लवण, चिकनाई और विटामिनों की शरीर में आपूर्ति होती रहती है। फलों को रुग्णावस्था में पथ्य रूप में खिलाया जाता है। कुछ रोगों के निवारण के लिए चिकित्सक मुख्य रूप से फलों का सेवन कराते हैं।
पैंसठ फलों का 39 रंगीन तथा 103 सादे चित्रों के साथ इस पुस्तक में परिचय दिया गया है। उनका स्वरूप, प्राप्ति-स्थान, विविध भाषाओं में उनके नाम, उनकी खेती, उनका रासायनिक संघटन, उनके गुण और उनकी पौष्टिक उपादेयता का प्रतिपादन किया गया है।
ताज़ा खाए जानेवाले लोकप्रिय फल इसमें सम्मिलित किए गए हैं जैसे—आम, अमरूद, अंगूर, चीकू, नासपाती, केला, पपीता, लीची, सन्तरा, ख़रबूजा, तरबूज़ आदि; पहाड़ी इलाक़ों में पैदा होनेवाले फल खुमानी, सेब, आड़ई, आलूबुखारा, बगूगोशा, चेरी, स्ट्रॉबेरी, आदि; बाहर के देशों से भारत में सम्प्रविष्ट किए गए फल जैसे—कीवी, एवाकाडो, दुरियन, राम्बुतान; सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स), जैसे—काजू, बादाम,अख़रोट, पिस्ता, चिलगोज़ा, किशमिश आदि।
ISBN: 9788126705986
Pages: 541
Avg Reading Time: 18 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Itihas : Sanyaog Aur Sarthakata
- Author Name:
Surendra Chaudhary
- Book Type:

- Description: Fictional Critic
Search of Soul: Self Help, Motivational & Inspirational Poetry Book
- Author Name:
Dr. Birendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MPPEB Madhya Pradesh Shikshak Patrata Pariksha-2022 10 Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Saat Chiranjeevi
- Author Name:
Ramesh Soni
- Book Type:

- Description: "एक सहज और स्वाभाविक प्रश्न है, क्या मनुष्य अमर हो सकता है? इसका जवाब इतना आसान नहीं है, क्योंकि आज भी मनुष्य उन सीमाओं के पार नहीं पहुँच सका है, जो उसे अमर बना दें। हाँ, कभी-कभी कुछ विशेष व्यक्तियों के लिए प्रकृति ने अपने नियम जरूर बदले हैं। ऐसे ही विशेष महामानव हैं-सात चिरंजीवी। ये सात चिरंजीवी इसलिए कहलाए, क्योंकि सातों जीवन-मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर अमर हो गए। इन सात चिरंजीवियों में परशुराम, बलि, विभीषण, हनुमान, महर्षि वेदव्यास, कृपाचार्य और अश्वत्थामा हैं। इन चिरंजीवियों में से कुछ के बारे में गलत धारणाएँ भी प्रचलित हैं, जैसे परशुराम का नाम सुनते ही हमारी आँखों के सामने एक ऐसे ऋषि की तसवीर उभरती है, जो बेहद क्रोधी स्वभाव के हैं। लेकिन उन्होंने अत्याचारी और अन्यायी राजाओं के खिलाफ ही शत्र उठाए। एक आदर्शवादी और न्यायप्रिय राजा के रूप में राम से मिलने के पश्चात् वे महेंद्र गिरि पर्वत पर तपस्या करने चले गए। परशुराम भगवान् विष्णु के अंशावतार माने जाते हैं। आज्ञाकारी पुत्र के रूप में वे अद्भुत हैं। "
Main Ambedkar Bol Raha Hoon
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: “जो कुछ मैं कर सका, वह जीवन भर मुसीबतें सहन करके विरोधियों से टक्कर लेने के बाद कर पाया हूँ। जिस कारवाँ को आप यहाँ देख रहे हैं, उसे मैं अनेक कठिनाइयों से यहाँ ला पाया हूँ। अनेक अवरोधों, जो इसके मार्ग में आ सकते हैं, के बावजूद इस कारवाँ को बढ़ते रहना है। अगर मेरे अनुयायी इसे आगे ले जाने में असमर्थ रहे तो उन्हें इसे यहीं पर छोड़ देना चाहिए, जहाँ पर यह अब है; पर किन्हीं भी परिस्थितियों में इसे पीछे नहीं हटने देना है। मेरी जनता के लिए मेरा यही संदेश है।”
Young India
- Author Name:
Lala Lajpat Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramanujan Prashnottari
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: "रामानुजन एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपनी पीढ़ी के गणितज्ञों को प्रेरणा प्रदान की और 21वीं सदी में ऐसे बहुत से गणित-प्रेमी हैं, जो उनके गणित के शोध कार्यों का अभी भी अनुसरण कर रहे हैं। ऐसा कोई भी व्यक्ति, जिसे गणित से प्रेम है, उसके लिए रामानुजन के परिचय की आवश्यकता नहीं है। फ्रीमैन डायसन ने रामानुजन के लिए कहा था, ‘‘उन्होंने बहुत कुछ ढूँढ़ा है और अपने बगीचे में दूसरे लोगों के ढूँढ़ने के लिए और भी बहुत कुछ छोड़ दिया है। हर बार, जब मैं रामानुजन के बगीचे में आता हूँ, तब मैंने वहाँ कुछ नए खिले फूल देखे हैं।’’ इस पुस्तक की रोचकता बरकरार रखने के लिए इसे नौ अलग-अलग वर्गों में बाँट दिया गया है। रामानुजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व तथा गणित को उनके अवदान को प्रश्नोत्तर शैली में प्रस्तुत किया गया। इस रूप में विद्यार्थी-शिक्षार्थी एवं शोधार्थी गणित को बड़ी सहजता से हृदयंगम कर सकेंगे। "
Think And Grow Rich (Hindi Translation of Think And Grow Rich)
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sansad Mein Aamjan ki Baat
- Author Name:
Hukmdev Narayan Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Ten Principal Upanishads
- Author Name:
Purohit Swami +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A TALE OF TWO CITIES
- Author Name:
Charles Dickens
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Book Doesnt have any Description.
Main Hoon Pani
- Author Name:
Turshan Pal Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History of Modern India
- Author Name:
Dr. Kamal Bhardwaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acchi Kahani : Avdharna Aur Pahchan
- Author Name:
Shankar
- Book Type:

- Description: Criticism
21 Baal Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: शामली कितनी दूर है? मैंने पूछा। “क्यों दोस्त, यही तो शामली है।'' उसने उत्तर दिया। मैंने आस-पास देखा, परंतु जीवन का कहीं नामोनिशान नहीं था। एक धूलभरी सड़क थी, जो स्टेशन से जंगल में गायब हो जाती थी। “कोई रहता है यहाँ?” मैंने प्रश्न किया। ''मैं रहता हूँ।'' उसने मुसकराते हुए जवाब दिया। वह एक खुश और भाग्यशाली व्यक्ति लग रहा था। उसने सूती अँगरखा और गंदा सफेद पैजामा पहना हुआ था। “कहाँ ?''मैंने पूछा। “अपने ताँगे में, और कहाँ ?”' उसने उत्तर दिया। —इसी संग्रह से सुप्रसिद्ध किस्सागो रम्किन बॉण्ड ने बड़ों के लिए बड़ी ही मनोरंजक कहानियाँ लिखी हैं; साथ ही बच्चों के लिए भी उनकी कहानियाँ खूब सराही गई हैं। प्रस्तुत संग्रह की 21 बाल कहानियाँ एक से बढ़कर एक हैं, जिनमें बच्चों के मनोविज्ञान, कल्पना लोक और वास्तविक धरातल की मिली-जुली कहानियाँ हैं, जो शिक्षाप्रद तो हैं ही, मनोरंजन और पठनरस से भरपूर भी हैं।
Who Were The Shudras?
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Rating:
- Book Type:

- Description: "Who Were the Shudras?—Is a book about the history of the Shudra (lowest) varna of the Indian caste system written in 1946 by Dr. Bhimrao Ambedkar. The book is dedicated to Jyotirao Phule and intends to break the myth about Shudras being an untouchable caste in India. Ambedkar cites the Indian scriptures like The Vedas and Mahabharata among others to argue that Shudras were in fact Aryan kings who fell to a substandard caste after a long-drawn conflict with the Brahmans. Ambedkar also discusses the Aryan race theory and does not agree on the Indo-Aryan migration that has often been considered canon in the history of the race. The book is a debunking of myths and ideologies and hopes to achieve a sense of tolerance for a misunderstood and ill-treated caste in India."
Aks Meri Tanhai Ka "अक्स मेरी तन्हाई का" Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Matangi Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prerak Prasang
- Author Name:
Rashtra Bandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Timeless Wisdom
- Author Name:
Maulana Wahiduddin Khan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khushboo
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है।
मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है।
कथाकार, शायर, गीतकार, पटकथाकार गुलज़ार ने लीक से हटकर शरत्चन्द्र की-सी संवेदनात्मक मार्मिकता, सहानुभूति और करुणा से ओत-प्रोत कई उम्दा फ़िल्मों का निर्देशन किया जिनमें ‘मेरे अपने’, ‘अचानक’, ‘परिचय’, ‘आँधी’, ‘मौसम’, ‘ख़ुशबू’, ‘मीरा’, ‘किनारा’, ‘नमकीन’, ‘लेकिन’, ‘लिबास’, और ‘माचिस’ जैसी फ़िल्में शामिल हैं।
फ़िल्म ‘ख़ुशबू’ का मंज़रनामा शरत्चन्द्र के उपन्यास ‘पंडित मोशाय’ से प्रेरित है लेकिन पूरी तरह उसी पर आधारित नहीं है। शरत्चन्द्र के उपन्यास में प्लाट बहुत लम्बा और पेचीदा है लेकिन फ़िल्म ‘ख़ुशबू’ का मंज़रनामा लघु और प्रवाहमय है जो पाठकों को अपनी रौ में बहा ले जाने में सक्षम है। इसमें सबसे ज़्यादा प्रभावित करता है बृन्दावन और कुसुम का आपसी रिश्ता, जो रवायती कहानियों से काफ़ी अलग है। कुसुम की ख़ुद्दारी उसे बृन्दावन से अलग भी रखती है और जोड़े भी रखती है, इसलिए कि वह उसका हक़ है।
पाठक इस मंज़रनामे को पढ़कर औपन्यासिक कृति का आस्वाद प्राप्त करेंगे।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book