Civil Services : Challenges And Resolutions
Author:
Yogendra NarainPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 236
₹
295
Available
The book carefully discusses the civil services in India, USA and China and the key-role played by their respective civil services. During the Covid-19 pandemic, India could save its population despite much meager resources than the USA. The success could be attributed to the rare blending of the political will with the highly skilled and committed civil servants. Eminent civil servant Yogendra Narain politely points out that how in USA under the garb of defining the powers of the states and the federation, the national government's key role in protecting its citizens appeared to be under a seize during the pandemic.
The book is likely to trigger off the much-needed debate on the effective use of the civil services especially in a war situation or other emergencies. It also offers an insight on the issue whether a permanent civil service should be �committed� to a particular political ideology as being done in China, or it should function as an impartial instrument to serve the common people.
ISBN: 9789390900213
Pages: 232
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Field Marshal K M Cariappa
- Author Name:
K. C. Cariappa
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sargam
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Have A Laugh My Friend Stinging with Love Collection of Prem Janmejay Satires
- Author Name:
Prem Janmejay::Translated by Purabi Panwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shankhnad
- Author Name:
Mahesh Prasad Singh
- Book Type:

- Description: "शंखनाद “टिकट कब से जनाना-मर्दाना होने लगा, बाबू?” “मूर्ख, नित्य नियम बदलता है और बदलनेवाले होते हैं मंत्री। दूरदर्शन पर प्रचार हो गया, सभी अंग्रेजी अखबारों में छप गया और इनको मालूम ही नहीं है।” “तब क्या होगा?” “पैसे निकालो।” “कितना?” “पाँच सवारी के एक सौ पच्चीस रुपए। यों रसीद लोगे तो एक हजार लगेगा।” “एक हजार! तब छोड़िए रसीद। उसको लेकर चाटना है क्या?” गाँठ खुली, गिन-गिनकर रुपए दिए गए। “और देखो, किसी को कहना नहीं। गरीब समझकर तुम पर हमने दया की है।” बेचारे टिकट बाबू के आदेश पर अब प्लेटफॉर्म से निकलने के लिए पुल पर चढ़े। सिपाही पीछे लग गया। “ऐ रुको, मर्दाना टिकट लेता नहीं है और हम लोगों को परेशान करता है।” उनमें से सबसे बुद्धिमान् बूढ़े ने किंचित् ऊँचे स्वर में कहा, “दारोगाजी, बाबू को सब दे दिया है।” दारोगा संबोधन ने सिपाही के हाथों को मूँछों पर पहुँचा दिया, “जनाना टिकट के बदले दंड मिलता है, जानते हो?” “हाँ दारोगाजी, लेकिन हम तो जमा दे चुके हैं।” जेब से हथकड़ी निकाल लोगों को दिखाते हुए सिपाही ने कहा, “अरे, हथकड़ी हम लगाते हैं या वह बाबू?” “आप!” “तब मर्दाना टिकट के लिए पचास निकालो।” और पुन: गाँठ अंतिम बार खुली। —इसी पुस्तक से "
Sundarakanda
- Author Name:
Tulsidas
- Rating:
- Book Type:

- Description: संवत् 1631 में तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारंभ की। दो वर्ष, सात महीने और छब्बीस दिन में यह अद्भुत ग्रंथ संपन्न हुआ। सुंदरकांड मूलतः गोस्वामी तुलसीदास कृत इसी श्रीरामचरित मानस का एक भाग है। सुंदरकांड में हनुमानजी द्वारा किए गए महान् कार्यों का वर्णन है। मानस पाठ में सुंदरकांड के पाठ का विशेष महत्त्व माना जाता है। सुंदरकांड में हनुमान का लंका प्रस्थान, लंका दहन कर लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। साथ ही उनकी असीम शक्ति, बुद्धि-कौशल और अनन्य भक्ति का पता चलता है। सुंदरकांड का पारायण वाले साधक को असीम ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है।
37 Years 2024-1988 NEET Chapterwise And Topicwise Solved Papers Biology (Jeev Vigyan) Syllabus Based on NCERT Class 11 & 12
- Author Name:
Dr. Yatindra Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indra Nooyi Ki Biography
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: महिलाओं की कई पीढिय़ों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में मान-सम्मान पानेवाली इंदिरा नूई ने दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में अपना स्थान निरंतर बनाए रखा है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता और येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने जॉनसन ऐंड जॉनसन, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, मोटोरोला, एसिया ब्राउन बॉवेरी में महत्त्वपूर्ण पदों पर काम किया है। पेप्सिको की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किए जाने से पहले उन्होंने कंपनी के साथ 12 वर्षों तक काम किया था। भारत सरकार द्वारा प्रदत्त ‘पद्मभूषण’, सर्वश्रेष्ठ सी.ई.ओ. सहित अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त कर चुकीं इंदिरा को वर्ष 2021 में राष्ट्रीय महिला हॉल ऑफ फेम में सम्मिलित किया गया था। वे यूएस-चीन बिजनेस काउंसिल, यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल, कंज्यूमर गुड्स फोरम आदि अनेक बोर्डों की सदस्य हैं। दूरदर्शिता, नेतृत्व-क्षमता, उद्यमिता और प्रभासी प्रशासनिक क्षमताओं के बल पर इंदिरा नूई ने विश्व में नारी का सम्मान बढ़ाया है। उनका प्रेरक व्यक्तित्व किसी भी महिला का आत्मविश्वास बढ़ाकर सफलता के शिखर छूने की अद्ïभुत क्षमता रखता है। नारी शक्ति की प्रतीक इंदिरा नूई की प्रेरक जीवनगाथा।
BPSC Bihar Teacher Recruitment Upper Primary School Teacher Class 6-8 General Studies
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aks Meri Tanhai Ka "अक्स मेरी तन्हाई का" Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Matangi Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
TWAMAPI MAYA SAHA CHAL (& Jeevanpathe)
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Real Estate Evam Estate Planning
- Author Name:
Dr. Yogesh Sharma
- Book Type:

- Description: रियल एस्टेट एवं एस्टेट प्लानिंग विषय पर बाजार में कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन लेखक ने इस पुस्तक के द्वारा बैंकिंग विषय का समावेश करते हुए इन दोनों क्षेत्रों के जटिल पहलुओं को सीधी-सरल भाषा में स्पष्टता से समझाने की कोशिश की है। पुस्तक में प्रॉपर्टी बाजार की जानकारी, विभिन्न होमलोन प्रोडक्ट की जानकारी एवं प्रॉपर्टी के खरीदने से लेकर बेचने तक के दौरान रखी जानेवाली सावधानियों को उदाहरण सहित समझाया गया है। इसके अलावा पुस्तक में कैपिटल गेन स्कीम, प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) एवं रियल एस्टेट रेगुलेशन ऐक्ट की जानकारी भी समाहित की गई है। विश्वास है कि पुस्तक प्रॉपर्टी में निवेश एवं एस्टेट प्लानिंग में रुचि रखनेवालों की जिज्ञासाओं, संशयों तथा प्रश्नों का निराकरण करेगी।
Krantiveer Shraddheya Chandrapal Shailani Ka Jeevan-Darshan "क्रांतिवीर श्रद्धेय चंद्रपाल शैलानी का जीवन-दर्शन" Book in Hindi
- Author Name:
Vishakha Shailani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pakistan: Jinnah Se Jehad Tak
- Author Name:
S.K. Dutta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mind Your Mind | Explores The Transformative Power of Mindfulness In Daily Life | Mamta Mehrotra Book in Hindi
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Unesco
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Ansuni Fauzi Kahaniyan
- Author Name:
Rachna Bisht Rawat
- Book Type:

- Description: एक रिटायर्ड जनरल को मरे हुए लोगों की आवाजें डराती हैं। खून जमा देनेवाले सियाचिन में मोर्चे पर तैनात दो शत्रु देशों के सैनिकों के बीच एक अजीब संबंध जुड़ जाता है। अरुणाचल के जंगलों में एक युवा लेफ्टिनेंट तीन सैनिकों के सामने दम तोड़ रहा होता है, जिनमें से एक का भाग्य हमेशा के लिए बदल जाता है। कश्मीर में अपनी पहचान छुपाकर काम कर रहे एक मेजर और उसके जवानों के सीने में कौन सा राज दफन है? पूर्णतया पुरुषों वाले 13 पैरा के गढ़ में आगरा आ रही एक ट्रेन कैसा आश्चर्य लेकर आनेवाली है? कौन हैं वे अदृश्य लोग जिनसे लैंसडाउन मिलिट्री हॉस्पिटल में ब्रेन सर्जरी का इंतजार कर रही नन्ही लड़की बातें करती है? द ब्रेव, 1965 और कारगिल जैसी पुस्तकों को लिखनेवाली लोकप्रिय लेखिका एक ऐसी पुस्तक लेकर आई हैं जो उन कहानियों के जरिए आपको जैतूनी हरे रंग की सेना की छावनियों की दुनिया में ले जाएँगी, जो आपको जितनी खुशी देंगी, उतना ही सोचने पर मजबूर भी करेंगी।
Chaploosi Rekha
- Author Name:
Dinanath Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
20 Greatest Explorers of the World
- Author Name:
Kalyani Mookherji
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gapodi se Gapshap : Kashinath Singh se Samvad
- Author Name:
Pallav
- Book Type:

- Description: ‘गपोड़ी से गपशप’ विख्यात कथाकार काशीनाथ सिंह के साक्षात्कारों का संकलन है। विविध विधाओं में रचने के बाद भी बहुत कुछ ऐसा है जो अनकहा रह जाता है। कई बार जब लेखक प्रश्नों से घिरता है अथवा जब प्रश्न-प्रतिप्रश्न की प्रक्रिया प्रारम्भ होती है तब वह अनकहा व्यक्त होने लगता है। प्रस्तुत पुस्तक के सम्पादक पल्लव के अनुसार—कथाकार की बातें कैसी होती हैं? अलबत्ता इससे भी पहले यह पूछना चाहिए कि क्या है जो कहने से रह गया? काशीनाथ सिंह से की गई बातचीतों को सँजोते हुए इन सवालों का उभरना अस्वाभाविक तो नहीं है। कहना चाहिए कि ये बातचीतें बहुधा उनके पाठकों, प्रशंसकों या उनके साहित्य में दिलचस्पी रखनेवाले जिज्ञासुओं के कारण सम्भव हुई। इन बातचीतों का समय भी बहुत व्यापक है। लगभग तीस सालों का सफ़र पूरा करतीं ये मुलाक़ातें अपने स्वभाव में आत्मीय गपशप हैं। लेखक का संकोच और प्रश्नकर्ता की तमाम जिज्ञासाएँ मिलकर बातचीत को उत्तेजक नहीं बनातीं, न ही ये कथाकार के श्रीमुख से निकले आप्त-वचनों का सुसंकलन बन रही हैं। अपितु संशय, आत्मालोचना और जनतांत्रिकता इन संवादों को पठनीय बनाते हैं। लेखक इनमें औपचारिक होने से बचता है और जो कहा है सीधे-बेलाग। पाठक जानते हैं कि काशीनाथ सिंह विचारों को व्यक्त करते समय ‘भाषा को दरेरा’ देते रहते हैं। यही कारण है कि विभिन्न विषयों पर उनकी टिप्पणियाँ व्यापक विमर्शों का आधार बनती रही हैं। यह भी कि इन साक्षात्कारों से गुज़रने के बाद काशीनाथ सिंह के व्यक्तित्व-कृतित्व के प्रति पाठक का दृष्टिकोण संशोधित-परिष्कृत होता है।
Uttradhikar Banam Putradhikar
- Author Name:
Arvind jain
- Book Type:

- Description: “यह पुस्तक पितृसत्ता की लगभग सभी वैधानिक और संवैधानिक अभिव्यक्तियों पर लिपटे आवरणों को तार-तार करती जाती है। विधि सम्बन्धी स्त्री-विमर्श दीर्घकालीन संघर्ष में महत्त्वपूर्ण औज़ार की तरह इस्तेमाल हो सकता है।” —(‘हंस’; जून, 2000) “‘उत्तराधिकार बनाम पुत्राधिकार’ पढ़कर स्वयं को एक लोकतांत्रिक राष्ट्र की आधुनिक नारी समझने का नशा हिरण हो जाता है। विश्वसुन्दरी, अधिकारी, प्रबन्धक, वर्किंग वूमेन या घर की लक्ष्मी, जो भी हो, तुम होश में आओ...इस किताब को पढ़ो; आधुनिक, आज़ादी और बराबरी के सारे दावों की हवा निकल जाएगी। यह किताब ख़ौफ़नाक तथ्यों की तह तक उजागर करती है।” -(‘नई दुनिया’, इन्दौर; 8 जुलाई, 2000) “इस पूरी पुस्तक को पढ़ने पर अरविन्द की यह बात सही मालूम होती है कि बीसवीं सदी के आरम्भ से लेकर अब तक अदालत, क़ानून और न्याय की भाषा-परिभाषा मूलत: स्त्री के प्रति अविश्वास, घृणा और अपमान से उपजी भाषा है।”—(‘साक्षात्कार’, अगस्त, 2000) “इस पुस्तक ने औरत की पक्षधर लोकतंत्र की चार सत्ताओं को बेनक़ाब कर दिया। इसने इस तथ्य को पुन: स्थापित किया कि पुरुष नि:स्वार्थ भाव से, पुरुष दमन से मुक़ाबले के लिए, औरत का रक्षाकवच और उसके दमन के विरुद्ध लावा बन सकता है। —(‘दैनिक नवज्योति’, जयपुर; 16 सितम्बर, 2000)
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book