Captain Vijayant Thapar
(0)
₹
95
₹ 76 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789389982572
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Jack Ma Ki Biography
- Author Name:
Hanadi Falki
- Book Type:

- Description: जैक मा चीन के तीसरे और विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में हैं। वे आधुनिक युग के तकनीकी विशेषज्ञों में से एक हैं। वे अलीबाबा के संस्थापक हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स में से एक है। जैक मा नौ साल तक अंग्रेजी का अभ्यास करने के लिए और क्षेत्र के पर्यटकों को पर्यटन संबंधी जानकारी देने के लिए अपनी साइकिल पर 70 मील की दूरी तय करते रहे। जैक मा कहते हैं कि उन्हें अपनी कंपनी के लिए एक ऐसा नाम चाहिए था, जिसे पूरी दुनिया जानती हो। एक दिन वह कहीं बैठकर लंच कर रहे थे। एक वेट्रेस उनके पास आई तो उन्होंने उससे पूछा क्या तुम अलीबाबा को जानती हो? उसने कहा—जी, मैं अलीबाबा को जानती हूँ। उसके बाद जैक मा रेस्टोरेंट के बाहर बनी गली में गए और वहाँ कम-से-कम बीस लोगों से उन्होंने पूछा, क्या आप अलीबाबा को जानते हैं? सभी ने कहा कि चालीस चोरवाली कहानी में अलीबाबा हीरो था। इस तरह उन्होंने तय किया कि अलीबाबा एक अच्छा नाम है। ्न अंग्रेजी वर्णमाला का सबसे पहला अक्षर है और ्न की तरह अलीबाबा हमेशा टॉप पर रहा है। यह पुस्तक जैक मा के संघर्ष, लगन, परिश्रम, दूरदर्शिता, उद्यमशीलता और बड़ी सोच की प्रामाणिक यशोगाथा है, जो हर पाठक को प्रेरित करेगी और जैक मा की तरह सफलता की ऊँची उड़ान भरने की ऊर्जा देगी।
Sevasadan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samudri Shaiwal Aur Uski Bahu-Upyogita
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha +1
- Book Type:

- Description: शैवाल, एल्गी (Algae) या काई की संरचना अपेक्षाकृत अति सरल होने के कारण उन्हें एक कोशिकावाला पादप माना जा सकता है। ये प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन का निर्माण करते हैं। शैवाल स्वच्छ जल (तालाब, पोखर, झरना) और लवणीय जल (समुद्री जल) में मुख्यतया पाए जाते हैं। कुछ शैवाल कीचड़ में भी मिलते हैं। इनमें वास्तविक जड़ें, तना, पत्ती व संवहन ऊतक नहीं पाए जाते हैं तथा ये विश्व के सभी भागों में पाए जाते हैं। कुछ शैवाल बर्फ पर, पेड़ों के तनों, चट्टानों तथा अधिपादप के रूप में दूसरे पौधों पर भी पाए जाते हैं। ये कई रंगों के, यथा हरे, नील-हरित, भूरे तथा लाल रंग के भी होते हैं तथा इनमें विद्यमान वर्णकों तथा रासायनिक अवयवों के आधार पर ये कई क्षेत्रों, यथा औषधीय, कृषि, ऊर्जा, मत्स्यपालन, उद्योग, पर्यावरण सुधार तथा अन्य क्षेत्रों में उपयोगी हैं। इस बहु-उपयोगी पुस्तक में शैवाल की परिभाषा, शैवाल विज्ञान का इतिहास, वर्गीकरण, सामान्य लक्षण, पर्यावास, खाद्योपयोगी शैवाल, औषधीय उपयोग, जैव उर्वरक, जैव ईंधन, शैवालीय ऊर्जा तथा पर्यावरण शोधन में अवदान, समुद्री शैवाल की वाणिज्यिक खेती एवं उसके विविध आयाम तथा अनेक तत्संबंधित विषयक तकनीकी जानकारी सरल एवं बोधगम्य भाषा में यथोचित श्वेत-श्याम एवं रंगीन चित्रों सहित प्रदान करने का सुप्रयास किया गया है, जिससे सभी वर्ग के सुधी पाठक लाभान्वित हो सकें।
Pt. Suryanarayan Vyas : Pratinidhi Rachnayen
- Author Name:
Pt. Suryanarayan Vyas +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
VICHAR NIYAM
- Author Name:
Sirshree
- Book Type:

- Description: "सरश्री की आध्यात्मिक खोज का सफर उनके बचपन से प्रारंभ हो गया था। इस खोज के दौरान उन्होंने अनेक प्रकार की पुस्तकों का अध्ययन किया। इसके साथ ही अपने आध्यात्मिक अनुसंधान के दौरान अनेक ध्यानपद्धतियों का अभ्यास किया। उनकी इसी खोज ने उन्हें कई वैचारिक और शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ाया। इसके बावजूद वे अंतिम सत्य से दूर रहे। उन्होंने अपने तत्कालीन अध्यापन कार्य पर भी विराम लगाया, ताकि वे अपना अधिकसेअधिक समय सत्य की खोज में लगा सकें। जीवन का रहस्य समझने के लिए उन्होंने एक लंबी अवधि तक मनन करते हुए अपनी खोज जारी रखी। जिसके अंत में उन्हें आत्मबोध प्राप्त हुआ। आत्मसाक्षात्कार के बाद उन्होंने जाना कि अध्यात्म का हर मार्ग जिस कड़ी से जुड़ा है, वह है—समझ (अंडरस्टैंडिंग)। सरश्री कहते हैं कि ‘सत्य के सभी मार्गों की शुरुआत अलगअलग प्रकार से होती है, लेकिन सभी के अंत में एक ही समझ प्राप्त होती है। ‘समझ’ ही सबकुछ है और यह ‘समझ’ अपने आप में पूर्ण है। आध्यात्मिक ज्ञानप्राप्ति के लिए इस ‘समझ’ का श्रवण ही पर्याप्त है।"
Samajiki (Oct- Dec - 2021 - Ank - 1)
- Author Name:
Badri Narayan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raghuvansh Ki Kathayen
- Author Name:
K.K. Krishnan Nambootiri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kavita Ki Baat
- Author Name:
Ashish Singh
- Book Type:

- Description: Criticism
The Crash Of A Civilization
- Author Name:
Kanchan Banerjee
- Book Type:

- Description: The Current condition of each citizen, the society, and the nation are the result of a deeply complex history. But what we know from history books, especially academic textbooks, are constructs based on the narratives of political powers, colonists, and outdated socioeconomic analysts. The time has come to know and understand our true history from fresh and updated perspectives. The subject of this book is how foreign ideologies and forces Christian, Islamic, and later colonists, western and Marxists' profound and long-term influence have impacted India, her society, and people. With a computer science back- ground, Kanchan Banerjee makes this remarkable and significant contribution, attempting to depict the current era with unique and lively storytelling using carefully studied evidence, logical deduction, and analysis. He has given detailed and comprehensive descriptions and assessments from pre-Islamic Arabia's history, foreign attacks and invasions of the Huns, the Turks to the Islamic rule and occupation in Delhi, and the British colonial and imperial atrocities. How did the crash and fall of a great ancient civilization happen? How has it been wounded the body and soul of a nation to break into several pieces? And what is the way to change the direction to the path of recovery and revival? This book is an effort to find the answers to these questions from our true history. If we know our past, we can change our future as well.
Vikram Sarabhai: A Complete Biography | Father of The Indian Space Program
- Author Name:
Vaibhav Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Striyan : Parde Se Prajatantra Tak
- Author Name:
Dushyant
- Book Type:

- Description: समाज और वैचारिक दुनिया में औरत की जगह को लेकर चिन्ता और अध्ययन कोई नया विषय नहीं है। जॉन स्टुअर्ट मिल, मेरी वॉलस्टनक्राफ़्ट से होते हुए सीमोन द बोउवा तक होती हुई यह परम्परा भारत में प्रभा खेतान जैसी चिन्तकों तक आती है। स्त्री-विमर्श विचार के विविध अनुशासनों में अलग-अलग रूप में होता रहा है और हो रहा है, पर अन्तर्धारा एक ही है। यह पुस्तक स्त्री के विरोधाभासी जीवन की सामाजिक समस्याओं का समग्रता से मूल्यांकन करती है, पारम्परिक स्रोतों के साथ-साथ समाचार-पत्रों एवं साहित्य का प्रचुर मात्रा में उपयोग करते हुए इस पुस्तक की अध्ययन-परिधि को राजस्थान के तीन रजवाड़ों—जोधपुर, जैसलमेर एवं बीकानेर के विशेष सन्दर्भ में बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध तक विस्तार दिया गया है। इस पुस्तक की ख़ासियत यह है कि इसमें सायास रजवाड़ों, ठिकानों से इतर सामान्य महिलाओं की स्थिति पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है और बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध के साक्षी रचनात्मक साहित्य और समाचार-पत्रों को बड़े पैमाने पर इतिहास-लेखन के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया गया है। जिस भौगोलिक क्षेत्र को यह कृति सम्बोधित है, उसके लिए ऐसी पुस्तक की बेहद ज़रूरत थी जिसे इस पुस्तक ने निस्सन्देह सफलतापूर्वक पूरा किया है। अनेक विधाओं में और विभिन्न माध्यमों के लिए समान अधिकार से लिखनेवाले दुष्यंत की विषयानुरूप सहज, सम्मोहक और प्रांजल भाषा ने इस पुस्तक को बहुत रोचक और पठनीय बना दिया है। रेखांकित किया जाना ज़रूरी है कि ‘स्त्रियाँ : पर्दे से प्रजातंत्र तक’ हिन्दी में मौलिक और रचनात्मक शोध की बानगी भी पेश करती है। विश्वास किया जा सकता है कि संजीदा और सघन वैचारिक बुनियाद पर गहन शोध के आधार पर लिखित इस पुस्तक को भारत में स्त्री इतिहास-लेखन के लिहाज से महत्त्वपूर्ण माना जाएगा।
Nyayapalika : Dasha evam Disha
- Author Name:
Justice Rajendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JKS : The Logistics Man of India Hardcover
- Author Name:
Arun Arora
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Gita of Option Trading : Trading Options with Purpose
- Author Name:
Rajiv L B Roy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gandhi, Nehru, Subhash
- Author Name:
Sardar Patel
- Book Type:

- Description: यह आम धारणा है कि सरदार पटेल कांग्रेस के तीन दिग्गजों-महात्मा गांधी, पं. नेहरू और सुभाषचंद्र बोस के खिलाफ थे। किंतु यह मात्र दुष्प्रचार ही है। हाँ कुछ मामलों में-खासकर सामरिक नीति के मामलों में-उनके बीच कुछ मतभेद जरूर थे, पर मनभेद नहीं था। परंतु जैसा कि इस पुस्तक में उद्घाटित किया गया है, सरदार पटेल ने पाकिस्तान को 55 करोड़ रुपए दिए जाने के प्रस्ताव पर गांधीजी का विरोध नहीं किया था; यद्यपि वह समझ गए थे कि ऐसा करने की कीमत चुकानी पड़ेगी। इसी तरह उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में पं. नेहरू के प्रति भी उपयुक्त सम्मान प्रदर्शित किया। उन्होंने ही भारत को ब्रिटिश राष्ट्रमंडल में शामिल करने के लिए पं. नेहरू को तैयार किया था; यद्यपि नेहरू पूरी तरह इसके पक्ष में नहीं थे। जहाँ तक सुभाष चंद्र बोस के साथ उनके संबंधों की बात है, वे सन् 1939 में दूसरी बार सुभाषचंद्र बोस को कांग्रेस का अध्यक्ष चुने जाने के खिलाफ थे। सुभाषचंद्र बोस ने जिस प्रकार सरदार पटेल के बड़े भाई विट्ठलभाई पटेल-जिनका विएना में निधन हो गया था-के अंतिम संस्कार में मदद की थी, उससे दोनों के मध्य आपसी प्रेम और सम्मान की भावना का पता चलता है। अपने समय के चार दिग्गजों के परस्पर संबंधों और विचारों की झलक देती महत्त्वपूर्ण पुस्तक।
Swami Vivekanand Sanchayita
- Author Name:
Ramshankar Diwedi
- Book Type:

- Description: “धर्म को ग्रहणशील होना चाहिए और ईश्वर सम्बन्धी अपने विश्वासों में भिन्नता के कारण एक-दूसरे का तिरस्कार नहीं करना चाहिए। ईश्वर सम्बन्धी सभी सिद्धान्त मानव-सिद्धान्त के तहत आने चाहिए। और जब धर्म इतने उदार हो जाएँगे तो उनकी कल्याणकारी शक्ति सौ गुना हो जाएगी। धर्मों में अद्भुत शक्ति है लेकिन उनकी संकीर्णताओं के कारण उनसे लाभ की जगह हानि ज़्यादा हुई है।" ये शब्द स्वामी विवेकानन्द के हैं जो अपने एक अन्य लेख में यह भी कहते हैं कि, “लोग भारत के पुनरुद्धार के विषय में जो जी में आए कहें, मैं अपने अनुभव के बल पर कह सकता हूँ कि जब तक तुम सच्चे अर्थों में धार्मिक नहीं होते, भारत का उद्धार होना असम्भव है।” स्वामी विवेकानन्द भारत के ऐसे चिन्तक थे जिनके विषय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने रोम्यां रोलां को लिखा था कि अगर आप भारत को जानना चाहते हैं तो सबसे पहले विवेकानन्द का अध्ययन कीजिए। धर्म और धार्मिक होने के सन्दर्भ में उन्हीं स्वामी विवेकानन्द के उपरोक्त दो कथन स्वयं घोषित करते हैं कि आज इक्कीसवीं सदी में वे हमारे लिए कितने उपयोगी और प्रासंगिक हैं। आज जब विचार को लेकर नहीं धर्मों के झंडों को लेकर दुनिया एक नए ध्रुवीकरण की दिशा में बढ़ रही है, हमें धार्मिक होने के सही मायने समझने की ज़रूरत है। सभी धर्म अलग-अलग समय और अलग-अलग जगहों पर उस स्थान और काल की समस्याओं से निजात पाने के प्रयासों के रूप में सामने आए, और अगर कालान्तर में चलकर वे व्यक्ति की इयत्ता का, उसकी पहचान का, उसके सामूहिक बोध और यहाँ तक कि राष्ट्रों तक का आधार बन गए तो इससे सिर्फ़ यह पता चलता है कि न तो कोई धर्म अपने आप में पूर्ण है और न ही व्यक्ति अभी इतना विकसित हुआ है कि वह धर्म के बिना अपना काम चला सके। कह सकते हैं कि हमें अभी सच्चे अर्थों में धार्मिक होना नहीं आया। धर्मों के सांसारिक-राजनीतिक दुरुपयोग की वजह भी यही है। ऐसे समय स्वामी विवेकानन्द के लेखों, भाषणों, कक्षालापों के इस प्रतिनिधि संचयन का प्रकाशन विशेष महत्त्व रखता है। आशा है कि इसके अध्ययन से हमें धर्म, नैतिकता, भक्ति, ईश्वर और हिन्दुत्व के सच्चे अर्थों तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
Million Muskmelons: How To Be Like Elon Musk
- Author Name:
Dr. Parag Mahajan
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
Gangadeen
- Author Name:
Gen. Yashwant Mande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KI MUKHYA NADIYAN
- Author Name:
SAPNA MISHRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Body Language: Read What People Have in Their Minds
- Author Name:
M.K. Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book