Captain Vijayant Thapar
(0)
₹
95
₹ 76 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789389982572
-
Pages16
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Prof. Bal Apte : Vyaktitva Evam Vichar
- Author Name:
Bal Apte
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pt. Suryanarayan Vyas : Pratinidhi Rachnayen
- Author Name:
Pt. Suryanarayan Vyas +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Steady Uttarakhand : Public Policy and Their Solutions Book - Mrityunjay Tripathi
- Author Name:
Mrityunjay Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC Mukhya Pareeksha Samanya Vigyan Paryavaran Evam Takniki Vikas "General Science Environment & Technological Development" Mains Exam -2024 (Hindi) | Dr. Manish Rannjan (IAS)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Shaheed Ashfaqullah Khan "अमर शहीद अशफाकउल्ला खान" (Amar Shaheed Ashfaq Ullah Khan Indian Independence Activist) Biography in Hindi
- Author Name:
Ram Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Portrait of the IAS as A Young Man: A Collection of Short Essays by Naveen Kumar Chandra IAS
- Author Name:
Naveen Kumar Chandra (IAS)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Socrates: A Complete Biography
- Author Name:
Arun K. Tiwari
- Book Type:

- Description: Socrates had an early interest in the scientific theories of Anaxagoras, who taught the world that there are an infinite number of different kinds of elementary particles (atoms), and it is the action of the mind upon these particles that produce the objects that we see. Socrates believed that the senses of the body create difficulty for the Mind to think, and thus, he came to regard the physical world as deceptive. Socrates believed that his work, which he sought to understand through critical questioning and dialogue, was given to him as a divine mission, and hence, was his duty. His total lack of interest in material possessions was evident by his being always barefoot and wearing an old cloak the whole year around. His habit of going barefoot even in winter showed his power of endurance as well. To him, the aspiration for virtue was the highest aim anyone could have.
Is A Journey That Will Change Your Life
- Author Name:
Sandeep Amar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raja Chakradhar singh Kathak Nartya Parneta Evam Sangrakshak
- Author Name:
Dr. Yasmin Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar STET Madhaymik Shikshak Patrata Pareeksha Paper-I Evam II Theory + 30 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ikkisveen Sadi Ke Bal Natak
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aao Bachcho Suno Baba Saaheb Ambedakar Ki Kahani | Ambedkar's Biography For Children Illustration Book
- Author Name:
Shambhavi Choudhary
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Panchayati Raj Ke Naye Aayam
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

-
Description:
भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। ग्राम-व्यवस्था वस्तुतः राष्ट्र-व्यवस्था की बुनियाद है। यही कारण है कि हमारे राष्ट्रनायकों ने सामाजिक उन्नयन, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक प्रगति और राजनीतिक चेतना की दृष्टि से गाँवों को पर्याप्त महत्त्व दिया है। सबका मानना है कि भारत के विकास का रास्ता गाँवों से होकर गुज़रता है। महात्मा गांधी के श्रम, स्वदेशी और स्वावलम्बन की कर्मभूमि अधिकांश अर्थ में गाँव ही हैं।
प्रतापमल देवपुरा द्वारा लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ पुस्तक पंचायती राज के प्रति जानकारी व जागरूकता उत्पन्न करने हेतु लिखी गई है। पुस्तक जनप्रतिनिधियों से लेकर सामान्य नागरिकों के लिए समाजिक रूप से उपयोगी है। 50 छोटे-छोटे अध्यायों में पंचायती राज से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व जानकारियों की सूत्र-शैली में प्रस्तुति सकारण है। इस पद्धति से सूचनाएँ सरलता से प्राप्त हो जाती हैं। जैसे ‘सूचना का अधिकार’ के अन्तर्गत पहला सूत्र है, ‘सूचना के अधिकार का अर्थ है नागरिकों द्वारा सूचना माँगने पर सूचना मिले जिससे उसका जीवन बेहतर एवं सुरक्षित बने; इसके साथ ही सरकारी विभागों द्वारा सूचना देने का कर्तव्य।’
सरल व सुबोध भाषा में लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ अत्यन्त जनोपयोगी पुस्तक है।
NAMO 7 RACECOURSE MEIN PRATHAM VARSH
- Author Name:
Praveen Gugnani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shreshtha Schooli Geet
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: "छात्रों का सामाजिक-सांस्कृतिक विकास हो, वे अपनी संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को जानें, इसलिए विद्यालयों में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ आदि प्रमुख हैं। प्रायः विद्यालय स्तर पर एक ऐसी उपादेय पुस्तक का अभाव सदैव खटकता रहा है, जो विद्यालय में मनाए जानेवाले उत्सवों की जानकारी तथा उनसे संबंधित गीत एवं कविताओं आदि की सामग्री प्रदान कर सके। प्रस्तुत पुस्तक में छात्रों के नैतिक उत्थान को ध्यान में रखकर पर्व-त्योहार तथा जयंतियों के अनुसार कुछ गीत, कविताएँ आदि संकलित की गई हैं। इन गीतों में संदेश है, संस्कार है और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना का बीज भी। आपसी सौहार्द, देशभक्ति एवं सामाजिकता का जज्बा पैदा करनेवाले ये चुने हुए गीत विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अभिभावकों—सभी को पसंद आएँगे। "
Gadya Ki Pahchan
- Author Name:
Arun Prakash
- Book Type:

- Description: अरुण प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि हिंदी में किस तरह 'विधा' का इस्तेमाल 'फॉर्म' और 'जेनर' दोनों अर्थों के लिए होता है। उनके अनुसार उपन्यास एक रूपबंध है जिसकी कई विधाएँ हो सकती हैं। मुख्य बात है, विधाओं या रूपबंधों की सैद्धांतिक कहानी उद्ïघाटित करना, जो 'गद्य की पहचान' में बड़े विस्तार और रोचक ढंग से है। पश्चिम के साहित्यिक सिद्धांतकारों ने फॉर्म और जेनर पर बड़े-बड़े काम किए हैं। मेरे देखने में हिंदी में इधर इस ढंग का यह पहला काम है, जिसमें कुछ बुनियादी सवाल उठाए गए हैं। इस संग्रह के निबंधों में अरस्तू से लेकर बाख्तिन, रोलां बार्थ, तोदोरोव, देरिदा आदि तक के विचारों पर चर्चा है। यह जानने की चीज है कि आखिरकार कोई रूपबंध क्यों अस्तित्व में आता है, किसी युग में कुछ खास रूपबंध या विधाएँ प्रधान क्यों हो उठती हैं, जीवनी जैसा प्राचीन रूपबंध अब भी क्यों जीवित है, जबकि महाकाव्य जैसा शक्तिशाली रूपबंध मर गया, क्या इस रूपबंध की कुछ सीमाएँ और नियम हैं, मिश्रण या संकरता क्यों घटित होती है, क्या नए रूपबंध या विधाएँ पुरातन के ही कायांतर हैं, चिर-परिचित रूपबंध पाठकीय मनोविज्ञान पर कैसा प्रभाव डालते हैं, साहित्यकार किसी रूपबंध से कितना रेजिमेंटेड होता है और कितना उसे तोड़कर नई जमीन देता है—अरुण प्रकाश ने ऐसे ढेरों प्रश्नों की रोशनी में गद्य की पहचान की है। शंभुनाथ (भूमिका से)
Family Business Mein Safalta Kaise Payen? (Hindi Translation of How To Thrive In A Family Business)
- Author Name:
Ajay Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Thakkar Bapa
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: ‘ठक्कर बापा’ अद्भुत व्यक्तित्व के स्वामी थे। लोगों का कहना था कि वे अपने आप में एक संस्था थे। वे जिस युग में थे, वहाँ समाज के दुर्बल अंग की उपेक्षा की जा रही थी; तब बापा ने दलितों और पिछड़े वर्ग को साथ लेकर प्रगति का रास्ता पकड़ा। उनकी अडिग लोक-सेवा ने हर दीन-दुःखी और गरीब को सम्मान दिया और उन्हें सबका बापा बना दिया। राष्ट्रपिता बापू भी उन्हें बापा ही कहा करते थे। अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जिस अपूर्व निष्ठा, अनन्य भक्ति व अथक परिश्रम से उन्होंने अपना सेवा-व्रत निभाया, वह निस्संदेह बेजोड़ कहा जा सकता है। बापा विनम्रता और सरलता की मूरत थे; जब काका कालेलकर ने उनसे लेखन के लिए कहा तो वे बोले, ‘‘मेरे जीवन में ऐसा कुछ नहीं है, जो लिखने लायक हो।’’ उन्हें भाषण देना नहीं आता था और न ही वे साहित्यिक भाषा में लेख लिखते थे, बस उन्हें डायरी लिखने का शौक था। मानवता को सबसे बड़ा धर्म मानकर शोषित-उपेक्षितों के कल्याण और सुख के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करनेवाले सेवाव्रती कर्मयोगी ठक्कर बापा की प्रेरक-पठनीय जीवनी है यह पुस्तक।
JSSC JIS (CKHT) 2023 for Paper-1 (Language Hindi & English) & Paper-3 General Knowledge Guide (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ye To Hona Hi Tha
- Author Name:
Malti Joshi
- Book Type:

- Description: मैंने बहुत पहले अपनी एक कहानी में लिखा था कि बड़े आदमियों की बेटियाँ देखकर नहीं, तौलकर ब्याही जाती हैं। यह सच है। क्योंकि कई लोग रुपयों की चकाचौंध में अपनी विचारधारा खो बैठते हैं । पर कई बार ऐसा जान-बूझकर किया जाता है और कह दिया जाता है कि हमें चाय में कुछ पिला दिया था, जिससे हमारी मति भ्रष्ट हो गई थी। खासकर महिलाएँ इस विषय में बड़ी निपुण होती हैं । वे जान-बूझकर साधारण रूप- रंग वाली कन्या ब्याह कर ले जाते हैं। उन्हें डर होता है कि वह अगर रूपवती हुई तो बेटा उसके रूपजाल में उलझकर परिवार की अनदेखी कर देगा। फिर वे बहू के दहेज पर कुंडली मारकर बैठ जाते हैं, ताकि उसे अपनी बेटियों के काम में ले सकें। फिर बहू के रूप-रंग की आलोचना करती रहती हैं। उसे नाना विशेषणों से नवाजा जाता है, ताकि उसका मनोबल टूट जाए। वह टी.बी. से ग्रस्त हो जाए और खास बात यह कि वह बेटे के मन से उतर जाए। पर विवेकशील पुरुष पत्नी के सम्मान के लिए अपनों से भिड़ जाता है। उसका स्नेह और संबल पत्नी को टूटने नहीं देता, हारने नहीं देता। क्योंकि पति का हाथ अगर पीठ पर हो तो वह बड़े-से-बड़ा दुःख आसानी से झेल जाती है। हिंदी के सुप्रसिद्ध एवं प्रतिष्ठित लेखिका मालती जोशी की नवीन कहानियों का अद्भुत संकलन। ये कहानियाँ आपके मर्म और अंतर्मन को छू जाएँगी और आपकी संवेदना को झंकृत कर देंगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book