BPSC Bihar Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 6-8 "सामाजिक विज्ञान" Samajik Vigyan 15 Practice Sets (Hindi)
(0)
₹
325
₹ 260 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354887260
-
Pages252
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kaaljayee Bharatiya Gyan "कालजयी भारतीय ज्ञान" Book in Hindi | Bhagwati Prakash Sharma
- Author Name:
Bhagwati Prakash Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Thrilling Stories Of Intelligence Operations By Indian Spies: Raw Secret Agents
- Author Name:
Harsha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Polytechnic Combined Entrance Examination 2025 Complete Guide With Latest Solved Paper
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nelson Mandela
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने रंगभेद विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष कर दुनिया के सामने एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। 1944 में अफ्रीका नैशनल कांग्रेस में शामिल होने के बाद लगातार रंगभेद के खिलाफ लड़ते रहे और राजद्रोह के आरोप में 1962 में गिरफ्तार कर लिये गए। उम्रकैद की सजा सुनाकर इन्हें रॉबेन द्वीप पर भेज दिया गया। किंतु सजा से भी इनका उत्साह कम नहीं हुआ। इन्होंने जेल में अश्वेत कैदियों को भी लामबंद करना शुरू किया। इस कारण जेल में लोग इन्हें ‘मंडेला विश्वविद्यालय’ कहा करते थे। जीवन के 27 वर्ष कारागार में बिताने के बाद अंतत: 11 फरवरी, 1990 को रिहाई हुई और अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बने। समझौते और शांति की नीति द्वारा उन्होंने एक लोकतांत्रिक एवं बहुजातीय अफ्रीका की नींव रखी। इससे रंगभेद काफी हद तक समाप्त हुआ और बाद में उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक बने। श्री मंडेला को उनके कार्यों के लिए दुनिया भर से पुरस्कार एवं सम्मान मिले। 1993 में उन्हें विश्व शांति के लिए ‘नोबेल पुरस्कार’ तथा 2008 में भारत के प्रतिष्ठित ‘गांधी शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। श्री मंडेला अपने कार्यों का प्रेरणा-स्रोत महात्मा गांधी को बताते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में उनके कैदी से लेकर राष्ट्रपति बनने तक की संघर्षपूर्ण जीवन का मार्मिक वर्णन है। एक अंतरराष्ट्रीय प्रेरणा- पुरुष की प्रेरक जीवन-गाथा।
Romanchkari Kahaniyan
- Author Name:
Vibhor Kumar
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Athashri Vedavyasa Katha "अथश्री वेदव्यास कथा" Book In Hindi - Omprakash Pandey
- Author Name:
Prof. Omprakash Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Drishya Aur Dhwaniyan : Khand���2-Pape
- Author Name:
Sitanshu Yashashchandra
- Book Type:

-
Description:
गुजराती आदि भारतीय भाषाएँ एक विस्तृत सेमिओटिक नेटवर्क अर्थात् संकेतन-अनुबन्ध-व्यवस्था का अन्य-समतुल्य हिस्सा हैं। मूल बात ये है कि विशेष को मिटाए बिना सामान्य अथवा साधारण की रचना करने की, और तुल्य-मूल्य संकेतकों से बुनी हुई एक संकेतन-व्यवस्था रचने की जो भारतीय क्षमता है, उसका जतन होता रहे। राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय राज्यसत्ता, उपभोक्तावाद को बढ़ावा देनेवाली, सम्मोहक वाग्मिता के छल पर टिकी हुई धनसत्ता एवं आत्ममुग्ध, असहिष्णु विविध विचारसरणियाँ/आइडियोलॉजीज़ की तंत्रात्मक सत्ता, आदि परिबलों से शासित होने से भारतीय क्षमता को बचाते हुए, उस का संवर्धन होता रहे। गुजराती में से मेरे लेखों के हिन्दी अनुवाद करने का काम सरल तो था नहीं। गुजराती साहित्य की अपनी निरीक्षण परम्परा तथा सृजनात्मक लेखन की धारा बड़ी लम्बी है और उसी में से मेरी साहित्य तत्त्व-मीमांसा एवं कृतिनिष्ठ तथा तुलनात्मक आलोचना की परिभाषा निपजी है। उसी में मेरी सोच प्रतिष्ठित (एम्बेडेड) है। भारतीय साहित्य के गुजराती विवर्तों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में जाने बिना मेरे लेखन का सही अनुवाद करना सम्भव नहीं है, मैं जानता हूँ। इसीलिए इन लेखों का हिन्दी अनुवाद टिकाऊ स्नेह और बड़े कौशल्य से जिन्होंने किया है, उन अनुवादक सहृदयों का मैं गहरा ऋणी हूँ। ये पुस्तक पढ़नेवाले हिन्दीभाषी सहृदय पाठकों का सविनय धन्यवाद, जिनकी दृष्टि का जल मिलने से ही तो यह पन्ने पल्लवित होंगे।
—सितांशु यशश्चन्द्र (प्रस्तावना से)
''हमारी परम्परा में गद्य को कवियों का निकष माना गया है। रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम इधर सक्रिय भारतीय कवियों के गद्य के अनुवाद की एक सीरीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सीरीज़ में बाङ्ला के मूर्धन्य कवि शंख घोष के गद्य का संचयन दो खण्डों में प्रकाशित हो चुका है। अब गुजराती कवि सितांशु यशश्चन्द्र के गद्य का हिन्दी अनुवाद दो जि़ल्दों में पेश है। पाठक पाएँगे कि सितांशु के कवि-चिन्तन का वितान गद्य में कितना व्यापक है—उसमें परम्परा, आधुनिकता, साहित्य के कई पक्षों से लेकर कुछ स्थानीयताओं पर कुशाग्रता और ताज़ेपन से सोचा गया है। हमें भरोसा है कि यह गद्य हिन्दी की अपनी आलोचना में कुछ नया जोड़ेगा।" —अशोक वाजपेयी
BSSTET Bihar Special School Teacher Eligibility Test Paper-2 Class 6-8 | Social Science 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lok Seva Mein Naitikta : 100 Case Studies Sahit
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apni Ekaagrata Kaise Badhaye
- Author Name:
Vijay Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MARIE CURIE
- Author Name:
Deepika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Atmakatha
- Author Name:
Ramprasad 'Bismil'
- Book Type:

- Description: "आत्मकथा—रामप्रसाद बिस्मिल अंतिम समय निकट है। दो फाँसी की सजाएँ सिर पर झूल रही हैं। पुलिस को साधारण जीवन में और समाचार-पत्रों तथा पत्रिकाओं में खूब जी भर के कोसा है। खुली अदालत में जज साहब, खुफिया पुलिस के अफसर, मजिस्ट्रेट, सरकारी वकील तथा सरदार को खूब आड़े हाथों लिया है। हरेक के दिल में मेरी बातें चुभ रही हैं। कोई दोस्त, आशना अथवा यार मददगार नहीं, जिसका सहारा हो। एक परमपिता परमात्मा की याद है। गीता पाठ करते हुए संतोष है— जो कुछ किया सो तैं किया, मैं खुद की हा नाहिं, जहाँ कहीं कुछ मैं किया, तुम ही थे मुझ माहिं। ‘जो फल की इच्छा को त्याग करके कर्मों को ब्रह्म में अर्पण करके कर्म करता है, वह पाप में लिप्त नहीं होता। जिस प्रकार जल में रहकर भी कमलपत्र जलमय नहीं होता।’ जीवनपर्यंत जो कुछ किया, स्वदेश की भलाई समझकर किया। यदि शरीर की पालना की तो इसी विचार से कि सुदृढ़ शरीर से भली प्रकार स्वदेश-सेवा हो सके। बड़े प्रयत्नों से यह शुभ दिन प्राप्त हुआ। संयुक्त प्रांत में इस तुच्छ शरीर का ही सौभाग्य होगा। जो सन् 1857 के गदर की घटनाओं के पश्चात् क्रांतिकारी आंदोलन के संबंध में इस प्रांत के निवासी का पहला बलिदान मातृ-वेदी पर होगा। —इसी पुस्तक से अमर शहीद, क्रांतिकारियों के प्रेरणा-ग्रंथ पं. रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की आत्मकथा मात्र आत्मकथा नहीं है। उनके जीवन के सद्गुणों का सार है, जो भावी पीढ़ियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय पुस्तक। "
Don’t Think & Grow Rich
- Author Name:
Suresh Mansharamani
- Book Type:

- Description: Don’t Think and Grow Rich offers a novel lens to view behaviours and judgments. This book could have had a dramatic effect on your viewpoint. The book is based on scientific research and Studies undertaken throughout the world followed by anecdotes from the life of Mr. Suresh Mansharamani to help make them more relatable. The reader can apply the knowledge to circumstances in which they observe others relying excessively on thought. The critical point is to discern whether we are simply thinking about our decisions or have succumbed to Paralysis of Analysis. Don't Think and Grow Rich focuses on making once-in-a-lifetime choices and contains practical advice on how to increase your capacity to make quick and intuitive judgments. Everyone assumes that we live in an age of short attention Spans, but during the last several decades, we've learned a great deal about forming long-term judgments. Dr. Suresh Mansharamani makes a compelling case for more careful and creative decision-making. Don't Think and Grow Rich, on the other hand, demonstrates how we might approach these decisions more effectively and comprehend the subtle wisdom of the choices that shaped our most significant social history.
Sindhi Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ravi Prakash Tekchandani
- Book Type:

- Description: अखंड भारत के भूखंड सिंध की मिट्टी में पल्लवित-पुष्पित कहानियाँ ही प्रमुख रूप से सिंधी कहानियों की अविरल बहती धारा का उद्गम बिंदु है। सिंधु नदी की निर्मल जलधारा की भाँति ही सिंधी कहानियाँ भी अपनी गति के साथ निर्बाध रूप से बह रही हैं। भारत-विभाजन के भूचाल से सिंध का सामाजिक, सांस्कृतिक व भौगोलिक ताना-बाना तहस-नहस हो गया। सिंध का हिंदू समाज निर्वासित हो गया। निर्वासन की इस पीड़ा का प्रभाव सिंधी कहानियों के विकास की गति पर भी पड़ा। सिंधी समाज का हर वर्ग खंडित भारत भूखंड में ‘अटो, लटो, अझो’, अर्थात् रोटी, कपड़ा और मकान के चक्कर में फँस गया। इससे लेखक वर्ग भी अछूता न रहा, उनका जीवन भी प्रभावित हुआ। कुछ ही वर्षों के अंतराल में कहानी लेखन की गति फिर बढ़ने लगी। अब कहानी जगत् के विषय भी अनेक थे। सिंध की भूमि से प्रेम, बिछोह, यादें, दर्द, पीड़ा, सरकारी निर्णय की निंदा के साथ-साथ विस्थापितों के कैंप में रहने के अनुभव, स्थानीय समाज के व्यवहार, संबंध, जीवन की संवेदनाएँ, कोमल व कठोर भावनाएँ सिंधी लेखक की कहानियों के विषय बने हैं। सिंध की लोकप्रिय कहानियों के इस संकलन में विविध विषयों, शैलियों को समेटने का प्रयास किया गया है। सिंधी कहानियों का आसमान अति विशाल है; उसमें से कुछ रत्न यहाँ हिंदी पाठकों के लिए इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं।
Vishwaprasiddha Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shri Tilak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kedarnath Aapda Ki Sachchi Kahaniyan
- Author Name:
Ramesh Pokhariyal Nishank
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kavita Ki Baat
- Author Name:
Ashish Singh
- Book Type:

- Description: Criticism
Samay Ka Sach
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stri-Vimarsh : Vividh Pahlu
- Author Name:
Kalpana Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Simmi Harshita ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Simmi Harshita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book