BPSC Bihar Shikshak Bahali "Teacher Recruitment" Class 9 To 10 Vigyan "Science" 20 Practice Sets
Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789354888113
Pages: 196
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Management Lesson from the Films of Big B
- Author Name:
Harmik Vaishnav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antim Satya Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Himanshu Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Beej Se Vriksha Tak | Inspirational Biography of IAS G.S. Naveen Kumar
- Author Name:
Dr. Jaswant Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rasayanik Tathya : Vichitra Kintu Satya
- Author Name:
Sushila Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jug Jug Jiye Munna Bhai
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description: सिनेमा छवियों का खेल है। उन्हीं चेहरों ने अवाम के दिलों पर राज किया है जो उनके भीतर एक छवि की तरह समा गए। हिन्दी सिनेमा में कुन्दनलाल सहगल से लेकर शाहरुख़ ख़ान तक अलग-अलग कालखंडों में अनेक छवियों ने दर्शकों को सम्मोहित किया। कुछ अपना सम्मोहन अल्पकाल में ही खो बैठीं और कुछ आज तक नुमायाँ हैं। सिनेमा के पर्दे पर कोई छवि तभी मक़बूल होती है जब कलाकार द्वारा अभिनीत पात्र उसके व्यक्तित्व को आच्छादित कर लेते हैं। अपने चरित्र से एकमेक होकर जब कोई कलाकार किसी सार्थक कृति में प्रस्तुत होता है तब कहीं जाकर एक इमेज में ढल पाता है। अनेक प्रतिभाशाली अभिनेता किसी सार्थक चरित्र की प्रतीक्षा ही करते रह जाते हैं और उनकी समूची प्रतिभा सार्थकता का सन्धान नहीं कर पाती। वहीं इसके विपरीत साधारण क्षमता के अभिनेता भी किसी सार्थक चरित्र के द्वारा एक हरदिल-अज़ीज़ इमेज में तब्दील होकर यादगार बन जाते हैं। कुन्दनलाल सहगल, अशोक कुमार, दिलीप कुमार, राजकपूर, देव आनन्द, बलराज साहनी जैसी अनेक छवियाँ आज सिनेमा के वर्तमान में मौजूद न होते हुए भी अपनी जीवन्त उपस्थिति अपनी छवियों के कारण ही बनाए हुए हैं। इक्कीसवीं शताब्दी में हिन्दी सिनेमा ने एक नई छवि गढ़ी—मुन्नाभाई। उसे संजय दत्त ने इस तरह अंजाम दिया कि संजय दत्त खो गया और मुन्नाभाई ने उसकी जगह ले ली। मुन्नाभाई की यह छवि इक्कीसवीं शताब्दी में आज सबसे महत्त्वपूर्ण हो गई है तो सिर्फ़ इसलिए क्योंकि यह यथार्थ और कल्पना को एकाकार करते हुए हमें आत्मावलोकन के लिए प्रेरित करती है। वह हमारे भीतर इस तरह पैठती है कि हम सत् की ओर एक क़दम आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। नकारात्मक छवियों का भयानक संजाल तोड़कर मुन्नाभाई जीवन के सकारात्मक बिम्ब को उभारता है। सो, ‘जुग जुग जिए मुन्नाभाई’—जो आदमी से इंसान बनने की प्रक्रिया में हमारा हमसफ़र बनता है। वह छवि जो हिन्दी सिनेमा में सबसे नई उभरकर ही नहीं आई है, अपितु जिसने परिदृश्य को सार्थक दिशा की ओर मोड़ने में भी अपना विनम्र योगदान दिया है।
Dastan Aur Bhi Hain
- Author Name:
Shekh Mujibur Rahman
- Book Type:

-
Description:
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेताओं में अग्रणी थे। वे दो बार स्वतंत्र बांग्लादेश के राष्ट्रपति भी रहे।
यह पुस्तक बंगबन्धु के रूप में सम्मानित-स्वीकृत शेख मुजीबुर रहमान की आत्मकथा है, जिसे उन्होंने अपने कारावास के दिनों में लिखी थी। इसमें उन्होंने अपने 1955 तक के निजी और सार्वजनिक जीवन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है।
इस पुस्तक से ज़ाहिर होता है कि एक सच्चे जननेता के रूप में उनकी हैसियत कितनी ऊँची थी। अपने देश और अपने लोगों के लिए उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर संघर्ष का एक ऊँचा उदाहरण पेश किया।
प्रथम दृष्ट्या तथ्यों पर आधारित इस आत्मकथा में हमें भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन की कुछ झलकियों के अलावा पाकिस्तान आन्दोलन, भाषा आन्दोलन, बांग्लादेश की स्वाधीनता के आन्दोलन और इसके दौरान पाकिस्तानी शासन द्वारा किए गए षड्यंत्रों और दमन से सम्बन्धित अनेक दुर्लभ ऐतिहासिक तथ्यों और कहानियों की जानकारी मिलेगी।
कई वर्षों तक अनुपलब्ध रही इस आत्मकथा को सामने लाने का श्रेय उनकी पुत्री शेख हसीना और उनके अन्य परिजनों को जाता है जिन्होंने अत्यन्त परिश्रम के साथ जर्जर, खस्ताहाल काग़ज़ों में से इस दस्तावेज़ को सम्भव किया।
Surili Bansuri
- Author Name:
Arzoo Lakhnavi
- Book Type:

- Description: आरज़ू लखनवी की ये किताब 'सुरीली बाँसुरी', शायरी में उस भाषाई प्रयोग को दोबारा अमल में लाने की सूरत है, जिसमें अरबी, फ़ारसी, तुर्की वग़ैरा बाहरी भाषाओं का एक भी लफ़्ज़ न हो। आरज़ू लखनवी ने इस किताब को आम ज़बान में नहीं बल्कि ज़बान से चुने गए उन लफ़्ज़ों में लिखा है, जिसका नाम ख़ालिस (शुद्ध) उर्दू है। ये नायाब किताब इस बात को साबित करती है कि उर्दू में ग़ज़ल कहने के लिए लुग़त के अलफ़ाज़ और भारी-भरकम बन्दिशों की ज़रुरत नहीं।
Rani Durgavati
- Author Name:
Shankar Dayal Bhardwaj
- Book Type:

- Description: "कैसा विचित्र समय था? जब हिंदू राजाओं ने अकबर की अधीनता स्वीकार करने के बारे में विचार करना ही त्याग दिया था। वे सीधे शरणागत हो रहे थे। रानी दुर्गावती की दृढ़ता, शासन करने की शैली तथा प्रजा-रंजन बादशाह अकबर को भी चिढ़ाता था। एक विधवा रानी का सुयोग्य शासन उसे खटक रहा था। अकबर ने संदेश भेजा—रानी, पिंजरे में कैद हो जाओ, तभी सुरक्षित रहोगी और वह पिंजरा होगा, मुगल बादशाह अकबर का। सोने का ही सही, पर पिंजरा तो पिंजरा होता है। गुलामी तो गुलामी होती है। कितना निकृष्ट संदेश रहा होगा? रानी दुर्गावती ने इस संदेश के उत्तर में अकबर को उसकी औकात बता दी। रानी संस्कृति की पूजक थीं, ‘गीता’ रानी का प्रिय ग्रंथ था। वह पंडितों से नियमित गीता प्रवचन सुनती थीं। रानी जीना भी जानती थीं और मृत्यु का वरण करना भी। उन्हें पुनर्जन्म पर भी विश्वास था। वह देशाभिमान भी जानती थीं और युद्ध के मैदान में रणचंडी बनना भी। ऐसी मनस्विनी रानी अकबर की नौकरानी कैसे बन सकती थीं? दुर्गावती की गाथा गोंडवाना की लोककथाओं में जीवित है, उन्हें जन-जन पूजता है। महारानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र को अनेक लेखकों ने लिखा है। दुर्गावती के बलिदान स्थल से जन्म स्थल तक अनेक अभिलेख, आलेख तथा पुरातत्त्व के अवशेष मिल जाते हैं। दुर्गावती शोध संस्थान, जबलपुर ने रानी दुर्गावती के जीवन-चरित्र और उनके रेखांकित स्थलों पर अनुसंधान भी किया है। दुर्गावती का जीवनवृत्त सुना, समझा और पढ़ा जा रहा है। देशाभिमानी, निर्भीक, साहसी क्षत्राणी और विदुषी रानी दुर्गावती का प्रामाणिक जीवन-चरित है यह उपन्यास।
Main Dayananda Saraswati Bol Raha Hoon
- Author Name:
Shri Rajasvi
- Book Type:

- Description: स्वामी दयानंद सरस्वती का वास्तविक नाम मूलशंकर था। उनका जन्म धार्मिक विचारों के सुसंस्कृत परिवार में हुआ था। सन् 1846 में केवल 22 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना घर-परिवार त्याग दिया था। इसके बाद उन्होंने संन्यास ग्रहण कर स्वामी विरजानंद की छत्रच्छाया में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त की । स्वामी दयानंद सरस्वती ने हिंदू धर्म में व्याप्त अनेक कुरीतियों को दूर करने के लिए गंभीर प्रयास किए। वे एकेश्वरवाद के प्रबल समर्थक थे और इसका उन्होंने बढ़-चढ़कर प्रचार-प्रसार भी किया। वेद उनकी प्रेरणा थे। उन्होंने लोगों को वेदों की महत्ता का ज्ञान कराते हुए उन्हें फिर से वेदों के अध्ययन-चिंतन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सिद्ध कर दिया कि पुराण ईश्वर-प्रदत्त ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि वेद हैं । उन्होंने यह भी प्रमाणित किया कि उपनिषद् और पुराण जैसे धर्मशास्त्र ऋषि-प्रदत्त हैं, लेकिन वे सभी वेदों पर ही निर्भर हैं और उनकी मान्यता भी तभी तक है, जब तक वे वेदानुकूल हैं। ऐसे धर्मरक्षक पावन संत स्वामी दयानंद सरस्वती के अनमोल वचन इस संकलन में प्रस्तुत हैं, जो पाठक को धर्म, दर्शन, अध्यात्म, कर्म और मानव-मूल्यों की गहरी समझ देंगे।
Samanya Gyan & Current Affairs
- Author Name:
B.K.P. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jwaar
- Author Name:
Madhu Bhaduri
- Book Type:

- Description: नारी-स्वातंत्र्य के लिए प्रतिभूत इस युग में सुपरिचित लेखिका मधु भादुड़ी का यह उपन्यास कुछ बुनियादी सवाल उठाता है। नारी विवाहित हो या अविवाहित—आर्थिक स्वावलम्बन उसके लिए बहुत ज़रूरी है, लेकिन आर्थिक रूप से स्वावलम्बी स्त्रियाँ भी क्या इस समाज में अपने आत्मसम्मान, स्वाभिमान और स्वातंत्र्य को बनाए रख पा रही हैं? सुखवादी सपनों में खोई रहनेवाली पढ़ी-लिखी निशा अगर एक ‘सम्पन्न घर की बहू’ बनने के अपने और अपने माता-पिता के व्यामोह का शिकार हो जाती है, और अनपढ़ लाजो अगर कठोर श्रम के बावजूद अपने शराबी पति की ‘सेवा का धर्म’ निबाहे जा रही है, तो यह मसला शिक्षा और श्रम से ही हल होनेवाला नहीं है। इसके लिए तो वस्तुत: उसे अपने गले-सड़े संस्कारों से लड़ना होगा। यही कारण है कि लेखिका ने सुषमा जैसे नारी-चरित्र की रचना की है। सुषमा इस उपन्यास की केन्द्रीय पात्र है, जिसके आत्मसंघर्ष में सम्भवत: नारी-स्वातंत्र्य के सही मायने निहित हैं, क्योंकि इसे वह स्त्री के बाह्य व्यक्तित्व और व्यवहार तक ही सीमित नहीं मानती, बल्कि यह चीज़ उसकी अस्मिता और समूची मानसिक संरचना के साथ जुड़ी हुई है।
Nyayapalika ke Bahuaayam
- Author Name:
Dr. Prabhat Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ekta Ki Takat
- Author Name:
Anushka
- Book Type:

- Description: Ekta Ki Takat
The Collector Today : Challenges of District Administration
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

-
Description:
The role of the Collector or District Magistrate is most important in district administration. The District Magistrate is the most responsible representative of the government in the district. His job is to take out the policies and concepts of the government from paper and implement them in reality. Besides, he also has to connect directly with the problems and expectations of the genuses public. Thus we see that the responsibilities of today’s District Magistrate are more challenging and multi-dimensional than those of the earlier District Magistrate.
This book presents a very reliable and thorough analysis of these responsibilities of the District Magistrate. This book is different from the informational books available till now on the subject of District Administration and District Chief because in it, based on his personal experiences, the author has presented a practical analysis of the situations which can come in front of any District Magistrate at any time.
Mr. Alok Ranjan has worked as District Magistrate in five districts of Uttar Pradesh–Allahabad, Agra, Ghaziabad, Banda and Ghazipur. He has written this book on the basis of his experiences during this period. Obviously his experiences throw light on all aspects of district administration. The author has presented the challenges of district administration in a very simple and accessible manner through case-study technique.
kirdar Zinda Hai
- Author Name:
Rekha Kastwar
- Book Type:

- Description: ज़िन्दगी में आस-पास उगे कैक्टस जैसे प्रश्न...। रचनाओं के किरदारों से उन प्रश्नों पर सोते-जागते होनेवाला संवाद...। मेरे भीतर की स्त्री ने सम्भावना की चिट्ठी रची। मैंने महसूस किया कि यह सिर्फ़ मेरे अन्दर की स्त्री नहीं थी। क्या यह तमाम दुनिया के अन्दर की सम्भावना थी? पर लोग तो कहते हैं, नस्ल, जाति, देश, काल के धरातल पर औरत के प्रश्न इतने अलग-अलग हैं कि कभी-कभी मुठभेड़ की मुद्रा में दिखाई देते हैं। जैसे कोई माँ बनकर ख़ुश होता है तो कोई मातृत्व से मुक्ति में राह ढूँढ़ रहा है, कोई परिवार के बाहर खड़ा अन्दर आने का दरवाज़ा खटखटा रहा है तो कोई कुंडी खोल बाहर जाने को छटपटा रहा है। ख़ैर! सम्भावना ने चिट्ठी रची, चिट्ठी की आत्मीयता और संवेदना ने लुब्रीकेशन का काम किया, पत्र लेखों ने अपना आकार लेना शुरू कर दिया। सही पते की तलाश तब भी पूरी कहाँ हुई। मेरा ख़ुद से सवाल था कि यह मैं किसके लिए लिख रही हूँ? सही पते कौन से हैं? आम औरत के जीवन के सवाल और किताबों के उनके पाठकों तक पहुँचाने में, मैं क्या कोई पुल का काम कर सकती हूँ? मेरे लिए मेरे किरदार महत्त्वपूर्ण थे, जो आम ज़िन्दगी के प्रश्नों के वाहक बने। लोगों ने मेरी चिट्ठी में पात्र खोजे, प्रश्नों से साक्षात्कार किया, फिर कहा कि किताब तक कहाँ और कैसे जाएँ, आप कहानी सुना दें। मेरी किताबें गले लगकर रोईं, मुझे लताड़ा भी...लोगों के पास हम तक आने का वक़्त नहीं बचा, ‘जिस्ट’ चाहिए...। हमारा भविष्य तो लाइब्रेरियों में दब के दम घुटकर मरने या फिर ‘राइट ऑफ़’ होकर जल-मरने में है। तुम हमारी कहानी सुना दो उन्हें, वे चलकर नहीं आएँगे हम तक...। कितनी रातें हम साथ-साथ सुबके हैं। हाँ, तो सवाल था कि सही पते कौन से हैं, मेरे लेखक मित्रों ने चिकोटी काटी...किसी ‘नामवर’ तक पहुँची तुम्हारी चिट्ठी? अनाम मोहिनी देवियों की कहानी के इस्तरी-बिस्तरी विमर्श से बुद्धिजीवियों को क्या लेना-देना! आप समाज से सीधे बात करना चाहती हैं, आँकड़ों-वाँकड़ों का खेल समाजशास्त्री खेलते हैं। मैंने चुपचाप रहना ठीक समझा...समाजशास्त्रियों के अपने तर्क थे—वैज्ञानिक दृष्टि से बात कीजिए। ये साहित्यिक भाषा, संवेदना, आत्मीयता...। अरे, तटस्थ होकर सोचिए...! चिट्ठियों को सही पते की तलाश है...यूँ जानती हूँ, ऊपर लिखे सारे पते सही हैं।
Naitik Bal Kahaniyan
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA (National Testing Agency) Cuet (UG) Common University Entrance Test (Under-Graduate)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Major Shaitan Singh
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Balidani Tatya Tope
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ki Pragati Mein Incois Ke Rajat Varsh "भारत की प्रगति में इंकॉइस के रजत वर्ष" Book in Hindi
- Author Name:
Dr. D.D. Ozha +1
- Book Type:

- Description: मानव समाज सदा से ही सागर से प्रभावित होता रहा है और अनादिकाल से ही महासागरों का कई तरीकों से उपयोग करता रहा है । महासागर हमारे लिए कुबेर हैं क्योंकि ये अनेक संसाधनों, जैसे खनिज (धातुएँ, तेल, प्राकृतिक गैस, रसायन, नमक आदि), भोजन (मछली, झींगुर, लॉबस्टर आदि), ऊर्जा (तरंग, जलधाराएँ, ज्वार-भाटा आदि) तथा औषधियों के अनंत भंडार हैं । इंकॉइस ने समुद्री विज्ञान में अनुसंधान परिणाम / ज्ञान के अनुवादकीय अनुप्रयोग पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे मछुआरों, नाविकों, बंदरगाह व पोताश्रय, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और सामुद्रिक उद्योग के उपयोग के लिए सरल उत्पाद तैयार किए जा सकें । इस जनोपयोगी पुस्तक में समुद्र का महत्त्व, इंकॉइस का परिचयात्मक विवेचन इसके उद्देश्य, अनेकानेक क्षेत्रों में प्रदान की जा रही जनोपयोगी सेवाएँ, महासागर मॉडलिंग और अनुसंधान, महासागरीय प्रेक्षण, इंकॉइस का अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य, इंकॉइस प्रौद्योगिकी का प्रचार-प्रसार आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर जनोपयोगी तकनीकी जानकारी प्रदान करने का सुप्रयास किया गया है, जिससे सुधी पाठकगण लाभान्वित हो सकें।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book