Adhai Akhar (How To Get Rid of Old Thinking And How To Create New Ideas) Book in Hindi
Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789355625908
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Swarkokila Lata Mangeshkar
- Author Name:
Vineeta Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neeraj Chopra: A Complete Biography | The Golden Arm of India | From a Small Town To Olympic Gold | Inspiring Journey To Motivate The Youth
- Author Name:
Pushkar Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
High School Essays
- Author Name:
N.C. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhairyapath: An Autobiography
- Author Name:
Jitender Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Diary Mein Sahitya
- Author Name:
Balraj Pandey
- Book Type:

- Description: Diary based on Varanasi Literary Circle
Selected Poems
- Author Name:
Atal Bihari Vajpayee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Napoleon Bonaparte
- Author Name:
Vimal Kumar
- Book Type:

- Description: "नेपोलियन बोनापार्ट के कुछ महत्त्वपूर्ण विचार • लोग अपने अधिकारों की अपेक्षा अपने स्वार्थों के लिए ज्यादा मजबूती से लड़ते हैं। • सच्चा आदमी किसी से नफरत नहीं करता। • अवसरों के बिना योग्यता धरी-की-धरी रह जाती है। • चार विरोधी अखबार हजारों संगीनों से ज्यादा डरावने हो सकते हैं। • महत्त्वाकांक्षा किसी महानायक का जुनून हो सकती है। जो इससे प्रेरित होते हैं, वे बहुत अच्छे या बहुत बुरे कार्य कर सकते हैं। • जो जीत के प्रति आशंकित होता है, वह निश्चित रूप से हारता है। • मेरी आपके लिए एक ही सलाह है, त्रुटिहीन बनो। • यदि मुझसे धर्म का चुनाव करने के लिए कहा जाए तो सार्वभौमिक जीवनदाता सूर्य को मैं अपना ईश्वर चुनूँगा। • यदि तुम चाहते हो कि कोई काम एकदम ठीक से हो तो उसे स्वयं करो। • किसी लोकप्रिय शख्सियत को नजदीक से देखा जाए तो उसकी गरिमा का पर्वत भरभरा उठता है। नेपोलियन बोनापार्ट ने फ्रांसीसी क्रांति के एक जनरल से लेकर सम्राट्ï नेपोलियन बोनापार्ट तक का सफर तय किया। वह 11 नवंबर, 1799 से लेकर 18 मई, 1804 तक फ्रेंच रिपब्लिक के पहले काउंसिल के रूप में फ्रांस के शासक रहे। 18 मई, 1804 से लेकर 6 अप्रैल, 1814 तक वे नेपोलियन प्रथम के रूप में फ्रांस के सम्राट्ï और इटली के राजा थे। किसी भी भूमिका में वे पश्चिम के इतिहास के अब तक के सबसे यशस्वी व्यक्तित्वों में से एक हैं। वे फ्रांसीसी राज्य के सैन्य विस्तार के लिए समर्पित थे, जिसके लिए उन्होंने सैन्य संगठन और प्रशिक्षण में क्रांति ला दी। दुनिया भर की सैन्य अकादमियों में उनके अभियानों का अध्ययन किया जाता है और उन्हें अब तक का एक महानतम कमांडर माना जाता है। नेपोलियन के कई सुधारों ने फ्रांस के संस्थानों और पश्चिमी यूरोप के अनेक हिस्सों पर अमिट छाप छोड़ी। अपने जीवनकाल में उन्होंने बहुत सम्मान अॢजत किया और इसीलिए उन्हें इतिहास का एक महानायक माना गया। एक महान् शासक और सेनानायक की प्रेरणादायक एवं पठनीय जीवनगाथा। "
Apni Ekaagrata Kaise Badhaye
- Author Name:
Vijay Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maati Ki Moorten
- Author Name:
Ramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description: "माटी की मूरतें—श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी जब कभी आप गाँव की ओर निकले होंगे, आपने देखा होगा, किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे, चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं—माटी की मूरतें! ये मूरतें—न इनमें कोई खूबसूरती है, न रंगीनी। किंतु इन कुरूप, बदशक्ल मूरतों में भी एक चीज है, शायद उस ओर हमारा ध्यान नहीं गया, वह है जिंदगी! ये माटी की ब नी हैं, माटी पर धरी हैं; इसीलिए जिंदगी के नजदीक हैं, जिंदगी से सराबोर हैं। ये देखती हैं, सुनती हैं, खुश होती हैं; शाप देती हैं, आशीर्वाद देती हैं। खुश हुईं—संतान मिली, अच्छी फसल मिली, यात्रा में सुख मिला, मुकदमे में जीत मिली। इनकी नाराजगी—बीमार पड़ गए, महामारी फैली, फसल पर ओले गिरे, घर में आग लग गई। ये मूरतें जिंदगी के नजदीक ही नहीं, जिंदगी में समाई हुई हैं। इसलिए जिंदगी के हर पुजारी का सिर इनके नजदीक आप-ही-आप झुक जाता है। ये कहानियाँ नहीं, जीवनियाँ हैं! ये चलते-फिरते आदमियों के शब्दचित्र हैं। सुप्रसिद्ध लेखक श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी कहते हैं—‘मानता हूँ, कला ने उन पर पच्चीकारी की है; किंतु मैंने ऐसा नहीं होने दिया कि रंग-रंग में मूल रेखाएँ ही गायब हो जाएँ। मैं उसे अच्छा रसोइया नहीं समझता, जो इतना मसाला रख दे कि सब्जी का मूल स्वाद ही नष्ट हो जाए।’ जिंदगी के विविध रंगों को रेखांकित करतीं बेनीपुरीजी की सशक्त लेखनी से निकली रोचक, मार्मिक व संवेदनशील रेखाचित्र। "
Judicial Accountability
- Author Name:
Kalraj Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BSSTET Bihar Special School Teacher Eligibility Test Paper-2 Class 6-8 | Mathematics And Science 15 Practice Sets Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Speed English Speaking Course
- Author Name:
Rashmeet Kaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Surang Ke Paar Bihar
- Author Name:
Kumar Dinesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
HINDI VYAKARAN EKVACHAN-BAHUVACHAN
- Author Name:
SATISH AHUJA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Delhi Police Constable (Male/ Female) Recruitment CBE Exam 2023- 20 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr Sarvapalli Radhakrishnan
- Author Name:
Brij Kishore
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Baton-Baton Mein
- Author Name:
Manohar Shyam Joshi
- Book Type:

- Description: रचनाकार और व्यक्ति—दोनों ही रूपों में मनोहर श्याम जोशी की अपनी अलग पहचान है। उनकी दुनिया अनुभवों की उष्णता से भरपूर रही है। लेखन की विविधता से भी यह बात स्पष्ट है। यह पुस्तक उनके कई रूपों को हमारे सामने लाती है। इस पुस्तक में पत्र-पत्रिकाओं के लिए प्रमुख व्यक्तियों से की गई भेंटवार्ताएँ संकलित हैं। इंटरव्यू के लिए अप्रस्तुत आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी से भेंटवार्त्ता पढ़ें या केवल सरकारी बातचीत के लिए प्रस्तुत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से, पाठकों को बराबर यह आभास मिलेगा कि जोशी पत्रकार ही नहीं, कथाकार भी हैं। ‘बातों-बातों में’ वह सम्बद्ध व्यक्ति से असली बात तो निकाल ही लाते हैं, साथ ही उसका समूचा व्यक्तित्व उजागर कर देते हैं। श्रेष्ठ भेंट-वार्ताकार का हर गुण-लक्षण जोशी के यहाँ है—ख़ुद बेचेहरा रहना और सामनेवाले को बेनकाब होने के लिए हर तरह से उकसाना-फुसलाना, बातचीत को सहज बनाए रखना, ऐसा-वैसा सवाल भी कर डालना मगर अगले को अवमानना का आभास न देना। टेपरिकॉर्डर अथवा शॉर्टहैंड नोटबुक जैसे किसी भी उपकरण का इस्तेमाल न करते हुए भी बातचीत को बाद में सही-सही लिख डालने की कला में भी जोशी जी सिद्धहस्त थे। जोशी जी को यह कौशल आजमाने का अवसर जब भी मिला उन्होंने कुछ अनूठा कर दिखाया। ‘सारिका’ के लिए जब जनसाधारण के इंटरव्यूज का स्तम्भ लिखने को कहा गया तो आम आदमी को खास गरिमा प्रदान करके नई बात पैदा की। दूरदर्शन के लिए अपने कार्यक्रम ‘एक दृष्टिकोण’ में मंत्री आदि विशिष्ट जनों से प्रश्नोत्तर की जिम्मेदारी मिली तो व्यंग्य और अश्रद्धा से ऐसा रंग पैदा किया कि खलबली मच गई। अत्यन्त मनोरंजक पुस्तक।
Samaj, Paryavaran Aur Abhiyantriki
- Author Name:
Arvind Kumar Gupta
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में तीन अलग-अलग विषयों—समाजशास्त्र, पर्यावरण तथा इंजीनियरी को एक-दूसरे का आधार मानते हुए समाहित किया गया है। ये तीनों ही विषय समाज के विभिन्न घटकों को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं। आठ अध्यायों में विभाजित इस पुस्तक में समाजशास्त्र, सामाजिक उद्विकास एवं प्रक्रियाएँ, अभियन्ता एवं समाज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी निर्धारण एवं हस्तान्तरण, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा उद्योगों में मानवीय सम्बन्ध, आदि के विभिन्न क्षेत्रों में होनेवाले विकास तथा समाज से सम्बन्धों पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक दी इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स, (इंडिया) द्वारा संचालित सेक्शन ‘ए’ के पाठ्यक्रम के अनुसार तथा हिन्दी-भाषी विद्यार्थियों की कठिनाइयों को विशेष रूप से ध्यान में रखकर लिखी गई है। विश्वास है कि अन्य पाठकों के लिए भी यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी।
Shiksha Ka Arth Evam Auchitya
- Author Name:
Ravindranath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: शिक्षा अपने व्यापक अर्थ में नियत समय तक चलने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि व्यक्ति शैशवावस्था से मरणासन्न तक जो कुछ सीखता और अनुभव प्राप्त करता है। प्राप्त सीख एवं अनुभव का उपयोग खुद और जग कल्याणार्थ करता है। खुद और दूसरों का मूल्य समझता है तथा इन मूल्यों की महत्ता समझते हुए जीवन का औचित्य साकार करता है। वही वास्तविक शिक्षा है।
Divya Garbha Sanskar Vigyan : Garbha Vidya—Ancient Wisdom to Smart Mothers for Super-Child Birth
- Author Name:
Dr. Usha Rajender Pensiya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book