The Old Man And The Sea
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The Old Man and the Sea, a short heroic novel by Ernest Hemingway, was published in 1952 and awarded the 1953 Pulitzer Prize for fiction. It was his last major work of fiction. The story centers on an aging fisherman who engages in an epic battle to catch a giant marlin. THE OLD MAN AND THE SEA by Ernest Hemingway is a work of fiction. Names, characters, places, and incidents either are the product of the author's imagination or are used fictitiously. Any resemblance to actual persons, living or dead, events, or locales is entirely coincidental. About Author Ernest Hemingway July 21, 1899-July 2, 1961 Ernest Hemingway was an American novelist, short-story writer, and journalist. His economical and understated style including his iceberg theory-had a strong influence on 20th-century fiction, while his adventurous lifestyle and public image brought him admiration from later generations.
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The Old Man and the Sea, a short heroic novel by Ernest Hemingway, was published in 1952 and awarded the 1953 Pulitzer Prize for fiction. It was his last major work of fiction. The story centers on an aging fisherman who engages in an epic battle to catch a giant marlin. THE OLD MAN AND THE SEA by Ernest Hemingway is a work of fiction. Names, characters, places, and incidents either are the product of the author's imagination or are used fictitiously. Any resemblance to actual persons, living or dead, events, or locales is entirely coincidental. About Author Ernest Hemingway July 21, 1899-July 2, 1961 Ernest Hemingway was an American novelist, short-story writer, and journalist. His economical and understated style including his iceberg theory-had a strong influence on 20th-century fiction, while his adventurous lifestyle and public image brought him admiration from later generations.
Book Details
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ISBN9788194939368
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Pages184
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Avg Reading Time6 hrs
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Age0-11 yrs
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Country of OriginIndia
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प्रख्यात इतालवी कथाकार, सौन्दर्यशास्त्री और साहित्य-चिन्तक अम्बर्तो इको की यह क्लासिक औपन्यासिक कृति चौदहवीं सदी के एक ईसाई मद में घटित रोमांचकारी घटनाओं का वृत्तान्त है। मठ में एक के बाद एक होती आधा दर्जन से ज़्यादा संन्यासियों की रहस्यमय हत्याएँ और उपन्यास के मुख्य चरित्र, फ़्रांसिस्कन संन्यासी और पंडित ब्रदर विलिमय द्वारा इस रहस्य को भेदने की कोशिशें, एक दूसरे गहरे स्तर पर, ज्ञान की क़िलेबन्दी तथा उसको तोड़ने के विलक्षण रूपक में फलित होती हैं जिसमें पुस्तकें और बौद्धिक प्रत्यय, पठन, ज्ञान और जिज्ञासा के संवेग, धार्मिक आस्था और श्रद्धा के उत्कट, हिंसक आवेग जैसी अनेक चीज़ें अपनी साधारण ऐन्द्रियता के साथ हमारे अनुभव का हिस्सा बनती हैं। एक ओर चौदहवीं सदी के ईसाई जगत के धर्मपरीक्षणों और धर्मयुद्धों की पृष्ठभूमि में घटित होती रहस्य और रोमांच से भरी रक्तरंजित घटनाएँ, और दूसरी ओर, मानो, योरोपीय रेनेसां और एनलाइटमेंट की अगुवाई करते, बेहद सघन किन्तु उतने ही प्रांजल और अन्तर्दृष्टिपूर्ण बौद्धिक विमर्श, एक-दूसरे से अन्तर्गुम्फित होकर, एक-दूसरे में रूपान्तरित होकर जिस महान त्रासद रूपक की रचना करते हैं, वह इस उपन्यास का चमत्कृत कर देनेवाला अनुभव है।
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