Adrishyam
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सुदर्शन और विवेक का जीवन भूतों के अदृश्य किस्सों से भरा हुआ था, जिसका जिक्र उनकी दिनचर्या और काम का हिस्सा बन गया था। दोनों बचपन के जिगरी दोस्त होने के साथ-साथ आज आर्किटेक्ट कंपनी में पार्टनर भी थे। उनकी पढ़ाई के दिनों से दोनों ने इमारतों के दृश्य और अदृश्य पहलुओं को बखूबी परखा। फिर शुरुआत हुई उन इमारतों की रचनाओं से, जिनके किस्से पहले भी मशहूर थे और बनने के बाद भी चर्चा में रहे। दोनों ने मिलकर कई भूत महल, बंगले और भूतहा होटल व इमारतों की रचना की, जिनका आकर्षण अपने आप में कई अदृश्य शक्तियाँ लिए हुए था। आखिर क्या थे रहस्य इन भुतहा इमारतों के बदलते रूप और भूत, चुड़ैल और अदृश्य शक्तियों के किस्सों में?
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सुदर्शन और विवेक का जीवन भूतों के अदृश्य किस्सों से भरा हुआ था, जिसका जिक्र उनकी दिनचर्या और काम का हिस्सा बन गया था। दोनों बचपन के जिगरी दोस्त होने के साथ-साथ आज आर्किटेक्ट कंपनी में पार्टनर भी थे। उनकी पढ़ाई के दिनों से दोनों ने इमारतों के दृश्य और अदृश्य पहलुओं को बखूबी परखा। फिर शुरुआत हुई उन इमारतों की रचनाओं से, जिनके किस्से पहले भी मशहूर थे और बनने के बाद भी चर्चा में रहे। दोनों ने मिलकर कई भूत महल, बंगले और भूतहा होटल व इमारतों की रचना की, जिनका आकर्षण अपने आप में कई अदृश्य शक्तियाँ लिए हुए था। आखिर क्या थे रहस्य इन भुतहा इमारतों के बदलते रूप और भूत, चुड़ैल और अदृश्य शक्तियों के किस्सों में?
Book Details
-
ISBN9788194113157
-
Pages175
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIndia
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