Khatak
(1)
₹
249
₹ 199.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
कहते हैं, हर पुरानी इमारत की एक कहानी होती है, उसकी भी थी। दुनिया से लड़कर एक हुए अमन और परी की नई दुनिया इतनी भयानक होगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। ब्रिटिश काल के बंगले में आती खटक, निर्माण दोष की वजह से थी या किसी समस्या की आहट...? अच्छा होता अगर वक़्त रहते वे समझ पाते। हवस से भरी उस आत्मा का निशाना कौन है, अमन, परी, प्रोफेसर, एलेन या श्यामा? क्या करेंगे अगर आपका प्यार, आपके ही सामने किसी की वहशीपन का शिकार होने लगे, लेकिन न तो आप उसे देख सकें न रोक सकें? कौन है वह प्रेत? खटक का क्या है रहस्य? क्या है डेरादून से देहरादून का सफर? पढ़िए इस साल की सबसे खौफनाक कहानी... खटक!
Read moreAbout the Book
कहते हैं, हर पुरानी इमारत की एक कहानी होती है, उसकी भी थी। दुनिया से लड़कर एक हुए अमन और परी की नई दुनिया इतनी भयानक होगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। ब्रिटिश काल के बंगले में आती खटक, निर्माण दोष की वजह से थी या किसी समस्या की आहट...? अच्छा होता अगर वक़्त रहते वे समझ पाते। हवस से भरी उस आत्मा का निशाना कौन है, अमन, परी, प्रोफेसर, एलेन या श्यामा? क्या करेंगे अगर आपका प्यार, आपके ही सामने किसी की वहशीपन का शिकार होने लगे, लेकिन न तो आप उसे देख सकें न रोक सकें? कौन है वह प्रेत? खटक का क्या है रहस्य? क्या है डेरादून से देहरादून का सफर? पढ़िए इस साल की सबसे खौफनाक कहानी... खटक!
Book Details
-
ISBN9789391439088
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kinchulka : shuddham sharnam gachchami
- Author Name:
Vikas Bhanti
- Book Type:

- Description:
सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ । ततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि।। अर्थात्: जय-पराजय, लाभ-हानि और सुख-दुख को समान समझकर, उसके बाद युद्ध के लिए तैयार हो जा, इस प्रकार युद्ध करने से तू पाप को नहीं प्राप्त होगा। युद्ध एक विभीषिका है जो मानव ही नहीं बल्कि प्रकृति को भी आतंकित करती है, पर क्या किया जाये यदि उसके अतिरिक्त कोई भी विकल्प ही नहीं बचे। विज्ञान की ताक़तों से बनाया गया महामनव जब विज्ञान के लिए ही ख़तरा साबित होने लगे तब क्या करे विज्ञान, किसी अन्य सकती का उदय और अगर वह भी हावी होने लगे तब? विज्ञान को तुच्छ करने का सामर्थ्य केवल ईश्वर ही रखता है। यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।। महामनव शील और भारत के साधारण सिपाही वल्लभ के बीच के युद्ध की कहानी है, किंचुलका: शुद्धं शरणं गच्छामि
Kinchulka : Nainam Chindanti Shastrani
- Author Name:
Vikas Bhanti
- Book Type:

- Description:
"पापा, क्या हम राक्षस हैं?" "तो फिर हमारे पूर्वज किंचुलका को किंचुलकासुर क्यों कहते हैं?"भूत, भविष्य और वर्तमान कभी भी एक पटल पर नहीं आने चाहिए, क्योंकि कहते हैं अगर ऐसा हुआ तो प्रकृति जाग जाती है और कभी-कभी प्रकृति को सुसुप्ति से जगाना वीभत्स हो जाता है। विज्ञान ने हमें उत्सुकता दी और उत्सुकता ने प्रयोग, ऐसे ही प्रयोगों की कहानी है 'किंचुलका : नैनम छिंदंति शस्त्राणिउत्सुकता का एक परिणाम आकांक्षा भी होती है। राक्षसों से लड़ने के लिए उत्पन्न किये गए सर्वशक्तिशाली किंचुलका की जब आकांक्षाएं बढ़ गई तो उसे लंबी नींद सुला दिया गया। फिर विज्ञान की आकांक्षाओं ने उसे कलियुग में जगा दिया। जब देवताओं से अधिक शक्तिशाली और राक्षसों से अधिक वीभत्स एक महामानव जागा तब क्या हुआ? विकास या विनाश? विज्ञान और आस्था की इसी लड़ाई का नाम है किंचुलका : नैनम छिंदंति शस्त्राणिआखिर में एक सवाल और "जब रक्षा करने के लिए उत्पन्न शक्ति विनाशक हो जाये तब क्या उचित है, एक और शक्ति का उदय!"
Naagland
- Author Name:
Vikas Bhanti
- Book Type:

- Description:
एक घना जंगल, एक अंजान आदिवासी समूह और रहस्यमयी नागमणि की खोज नागलेंड [प्रतिबंधित क्षेत्र] इस जगह से आगे का क्षेत्र पिञालियों का है। इस सीमा के आगे भारत के राज संविधान और धाराओं के कोई नियम लागू नहीं होते। पिञालियों की अस्मिता को बरकरार रखने के लिए भारत सरकार दृढ़ है। 5000 वर्ष पुरानी इस सभ्यता की रक्षा और सम्मान हमारा दायित्व है। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया इस सीमा से आगे जाने का प्रयास न करें।
Bhag Chudail Bhag
- Author Name:
Devendra Pandey
- Book Type:

- Description:
अपनी नीरस और बोझिल जिंदगी से परेशान प्रीतम के पास दोस्त के नाम पर केवल केशव था, केशव जो अपनी ही अजीबोगरीब दुनिया में खोया रहता था। रोजमर्रा की इस बेमकसद जिंदगी में उन्हें किसी रोमांच की तलाश थी। और एक दिन मुम्बई की बरसात में वह मिली। अजीब, रहस्यमय और बला की खूबसूरत। लेकिन उनकी जिंदगी में आने वाली वह अकेली नही थी, उसके साथ आई थी कुछ अनचाही अनजानी मुसीबतें। वह कहते है ना इश्क का भूत सिर चढ़ कर बोलता है। लेकिन यहां तो इश्क वाकई भूत बना हुआ था। माईथोलॉजी, प्रेम, आदि जैसे विषयों पर लिखने वाले लेखक देवेन्द्र पाण्डेय इस बार लेकर आए हैं ‘हॉरर रोमांटिक कॉमेडी’ (Horror RomCom) नाम की विधा की हिन्दी की पहली पुस्तक ।
Laal Amavas ki Raat
- Author Name:
Kshama Kumari
- Book Type:

- Description:
पढ़ाई पूरी करके, अपने शहर सिवानपुर लौटी समीक्षा उर्फ 'सिम्मी नहीं जानती थी कि उसके परिवार पर सौ साल पुराना श्राप है, जिसका संबंध उसके उस बुरे सपने से है, जो उसे हर रात आता है।एक खतरा, जो मौत बनकर समीक्षा के ऊपर छाने वाला है क्योंकि आ गई है अमावस की रात, जो न सिर्फ समीक्षा बल्कि उसके पूरे परिवार पर ग्रहण बनकर बरसने वाली है। क्योंकि ये कोई आम अमावस की रात नहीं है। ये है... लाल अमावस की रात
Adrishyam
- Author Name:
Man Mohan Bhatia
- Book Type:

- Description:
सुदर्शन और विवेक का जीवन भूतों के अदृश्य किस्सों से भरा हुआ था, जिसका जिक्र उनकी दिनचर्या और काम का हिस्सा बन गया था। दोनों बचपन के जिगरी दोस्त होने के साथ-साथ आज आर्किटेक्ट कंपनी में पार्टनर भी थे। उनकी पढ़ाई के दिनों से दोनों ने इमारतों के दृश्य और अदृश्य पहलुओं को बखूबी परखा। फिर शुरुआत हुई उन इमारतों की रचनाओं से, जिनके किस्से पहले भी मशहूर थे और बनने के बाद भी चर्चा में रहे। दोनों ने मिलकर कई भूत महल, बंगले और भूतहा होटल व इमारतों की रचना की, जिनका आकर्षण अपने आप में कई अदृश्य शक्तियाँ लिए हुए था। आखिर क्या थे रहस्य इन भुतहा इमारतों के बदलते रूप और भूत, चुड़ैल और अदृश्य शक्तियों के किस्सों में?
Laut Aaya Narpishach
- Author Name:
Devendra Prashad
- Book Type:

- Description:
केविन मार्टिन, जो अपनी एजेंसी का सबसे काबिल प्राइवेट डिटेक्टिव था, जिसे चौहड़पुर एक ख़ास मिशन पर भेजा गया था। मिशन था एक खतरनाक नरपिशाच की सच्चाई का पता लगाना, जो पिछले सौ सालों से चौहड़पुर के लिए आतंक का पर्याय बनाहुआ था। जिसके बारे में कहा जाता था कि वह हर 24 साल के बाद क्रिसमस के बाद आता है और नए साल की शुरुआत से पहले चौहड़पुर के इकलौते चर्च के फादर का सारा खून चूसकर उसे मौत के घाट उतार देता है। 24 साल पहले भी उसने फादर मार्कोनी डिकोस्टा को वीभत्स तरीके से मार डाला था और इस बार किसी और की बारी थी। क्या केविन अपने मिशन में कामयाब हुआ और चौहड़पुर को उस खूनी नरपिशाच के आतंक से मुक्त करवा पाया? या एक बार फिर...! लौट आया नरपिशाच
Begani Rooh
- Author Name:
Anand Usha Borkar
- Book Type:

- Description:
वर्तमान से अतीत में और अतीत से वर्तमान में जाना जितना ज़्यादा कठिन था, उससे कहीं ज़्यादा कठिन था उस बेगानी रूह के बारे में पता लगाना। एक ऐसी बेगानी रूह जिसने उसके शरीर को अपना वास बना लिया था। कहते है, बेगानी रूह जब किसी के शरीर को अपना वास बनाती है, तो तब तक नहीं छोड़ती जब तक अपने अंजाम तक न पहुँच जाए। आखिर क्या मकसद था बेगानी रूह का? कहाँ से आयी थी वह और क्या चाहती थी? इन सब बातों का पता लगाने के लिए, उनके पास उतना ही वक़्त था, जितना ज़िन्दगी और मौत के बीच होता है।
Abhishapt Roopkund
- Author Name:
Devendra Prashad
- Book Type:

- Description:
"क्या मौत जिंदगी का अंत है? क्या वास्तव में मृत्यु के बाद सब कुछ समाप्त हो जाता है। यदि नहीं तो फिर इस रुपकुण्ड में अटल क्या करने आया था? रुपकुण्ड का अर्थ यहां किसी रूपवती या बेहद ही मनोरमा सी दिखने वाली स्त्री से नहीं हैं बल्कि हड्डियों से लबरेज झील से हैं, जहां मुर्दे वास करते हैं और कंकालों से पटी पड़ी इस झील को बनाती हैं, रूपकुंड झील। आखिर यह सारे मुर्दे हर अमावस की रात कैसे फिर से जागृत हो जाते थे? रूपकुंड झील में तैरते नरकंकालों का क्या रहस्य है? आखिर किस उद्देश्य के लिए पिशाचिनी ने इन नरकंकालों को 200 वर्षों से बंधक बनाया हुआ था? आखिर ऐसा कौन सा राज था जिसे जानने अटल इस मुर्दों के झील तक आने को विवश होना पड़ा था?"
Bhartiya Bhooto ki Ajeeb Dastan-1
- Author Name:
Riksunder Banerjee
- Book Type:

- Description:
भारतीय भूतों की अजीब दास्ताँ भारत में हर समुदाय, जनजाति और उप-समुदाय के अपने भूत-प्रेत हैं। सदियों से भूत-प्रेतों की दुनिया भारतीयों को आकर्षित करती रही है। माना जाता है कि कुछ भूत जलाशयों के पास पाए जाते हैं और वे गुपचुप आते-जाते राहगीरों पर नज़र बनाए रखते हैं, तो कुछ गर्मियों के दोपहर में खेतों में भटकते रहते हैं और रास्ता खोए हुए पुरुषों को बहकाते हैं, तो कुछ ऐसे भी हैं जो अन्य बुराइयों से हमारी रक्षा करते हैं। शिकार की तलाश में पास-पड़ोस में भटकती उत्तर भारत की चुड़ैलों से लेकर मछली पसंद करने वाले पश्चिम बंगाल के मेछो भूत और तमिलनाडु के भयानक मुनि पेई भूतों तक—भारतीय भूतों की श्रेणियाँ अत्यंत विशाल है, जिनकी संख्या का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। कौन हैं ये घने जंगलों में विचरने वाले रहस्मयी जीव? गहरे, शांत जल की सतह के नीचे कौन से रहस्य छिपे हैं? हम इन अतृप्त आत्माओं को कैसे समझें, जिन्होंने हमारी स्मृतियों, हमारे मानस, कल्पनाओं और साहित्य में व्यापक स्थान बना रखा है? रिकसुंदर बनर्जी भारतीय भूतों के अध्येता एवं विशेषज्ञ हैं, जो लोकप्रिय और प्रचलित किंवदंतियों, आस्थाओं, अंधविश्वासों और अनुभवों के पीछे की सच्चाई को जानने के प्रयास में भारतभर में भूत-प्रेतों की दुनिया की पड़ताल करते हैं। उनके अध्ययन और शोध का परिणाम है यह पुस्तक—जो भारत और भारतीयों को आतंकित करते भूत-प्रेतों के बारे में एक प्रामाणिक, गहन शोध-पूर्ण और रोमांचक विवरण देता है।
Ruthiyai Junction
- Author Name:
Golu Sen Kumbhraji
- Book Type:

- Description:
प्यार, जुदाई और रहस्य से बुनी एक डरावनी प्रेम कथा,जो आपके दिल की धड़कनों को थाम लेगी और रोंगटे खड़े कर देगी।यह कहानी है प्रीत और नवीन की है।दो आत्माओं की, जिनका प्रेम सीमाओं से परे जाकर भी अधूरा रह गया।जब नवीन रहस्यमयी जंगलों में तन्वी की आत्मा को मुक्त करने की खोज में भटक रहा है,तब प्रीत की पुकार धीरे-धीरे खामोशी में विलीन हो रही है…क्या प्रीत की आवाज़ मृत्यु की सीमाएँ लाँघ पाएगी? क्या तन्वी मुक्त होगी या यह रहस्य और भी गहराता चला जाएगा? यह उपन्यास आपको प्रेम, जुदाई और परालौकिक रहस्यों के उस गहरे कुएँ में ले जाएगा,जिसमे झाँकने पर किसी की परछाई तक नहीं दिखती ।
Khauf… Kadmon ki Aahat
- Author Name:
Devendra Prashad
- Book Type:

- Description:
ख़ौफ़, एक ऐसी हक़ीक़त, जिससे वाक़िफ़ है हर बच्चा और बूढ़ा! ख़ौफ़, जो पसरा है हर कदम पर साये की तरह! खौफ, मौत से नहीं, मौत से भी बदतर ज़िन्दगी का! दादी-नानी की कहानियों से शुरू होकर, चौपालों और गलियारों तक, सुनाए जाते हर किस्से में छिपा है रहस्य, एक ऐसे खौफनाक मंज़र का, जिसे मानो या ना मानो, उसके कदमों की आहट सुनाई देती है हर वक़्त आपके आसपास! अजीब, रहस्यात्मक और डरावनी, सच्ची घटनाओं पर आधारित, कथाकार की कलम से निकले, किस्सागोई और यात्रा वृत्तांत अंदाज़ में पढ़िए, भूतों और प्रेतों के डरावने और खौफनाक किस्से!!!
Kaal Kalank
- Author Name:
Sabir Khan
- Book Type:

- Description:
अतीत के परदे को संभलकर हटाना चाहिए क्योंकि कभी-कभी जिसे हम कालिख समझ रहे होते हैं, वो असल में एक दीवार होती है, वर्तमान और अतीत के बीच।वर्तमान में झांकता अतीत लगता तो अपना है, पर होता नहीं! मिट्टी और वक़्त की गहराइयों में दफन रहस्यों को बाहर लाना कभी-कभी प्रलय का कारण भी बन जाता है।अक्सर भूकंप के साथ तबाही आती है, पर उस रोज असल तबाही भूकंप के बाद आई। धरती के झूलने से गांव तो तबाह हुआ, लेकिन अतीत का एक रास्ता भी खुल गया।एक अनदेखा रास्ता जो किसी प्राचीन मंदिर के तहखाने तक जाता था। आश्चर्य यह भी कि जिस भूकंप ने इंसानी घरौंदों को उजाड़ दिया, उससे मंदिर की मूर्ति का बाल भी बांका न हुआ।अनजान तहखाने से आती रहस्यमयी टर्र-टर्र की आवाजों ने खोजकर्ता टेंसी और उसकी टीम को बरबस ही खींच लिया था।यह सिर्फ एक शुरुआत थी रहस्य, खौफ और एक के बाद एक घटती अजीबोगरीब घटनाओं की।क्या कुछ संबंध था इस जगह का टेंसी से या यह सिर्फ एक संजोग था!?समय के चक्र से छूटती कालिख और उससे तबाह होती ज़िंदगियों की रहस्यमयी कहानी है काल कलंक
Kaberi
- Author Name:
Hema Srivastava
- Book Type:

- Description:
अगर उस पिशाच ने संतान उत्पत्ति कर ली तो पृथ्वी पर सिर्फ और सिर्फ प्रलय होगी !कभी कभी न चाहते हुए भी इंसान वह कर जाता है जो उसे करना नहीं चाहिए। ऐसी ही कुछ परिस्थिति ओरछा के राजा के सामने थी और प्रतिफल में जन्म हुआ एक रक्तपिशाच का..पांच सौ वर्ष बाद इस पिशाच का लक्ष्य है संतानोत्पत्ति और इसके लिए उसका ज़रिया है काबेरी। अगर वंशवृद्धि का यह अनर्थ हुआ तो ऐसी तबाही मचेगी की कोई भी सुरक्षित न रह सकेगा।पृथ्वी और उसकी संतानों की सुरक्षा अब अगर कोई कर सकता है तो वह सिर्फ काबेरी। अब सवाल यह है कि काबेरी का निर्णय किसके हक़ में होगा, जीवन के या रक्तपिशाच के!क्या रक्तपिशाच संतान उत्पत्ति में सफल होगा?क्या काबेरी उसे रोकने की हिम्मत जुटा सकेगी?क्या पृथ्वी सुरक्षित रह सकेगी?पढ़िए लेखिका हेमा श्रीवास्तव की एक 'ऐतिहासिक हॉरर-थ्रिलर' काबेरी!
Kabristaan wali Chudail
- Author Name:
Devendra Prashad
- Book Type:

- Description:
रात के मनहूस अंधेरे को चीरती वह बेबस-सी लड़की, जिसकी बात का कोई यकीन नहीं कर रहा था। यह कहानी मैंने जिसको भी सुनाई, उन्होंने मुझे पागल ही समझा। मगर मैं जानता हूँ कि उस रात का एक-एक पल हकीकत से भरा हुआ था। जो मेरे सामने थी, वह ख्वाब नहीं हकीकत थी। हाँ, वह कब्रिस्तान वाली चुड़ैल बिल्कुल हकीकत थी। आप मानो या न मानो, वह कहानी नहीं बल्कि एक ऐसा सच था जिसने मेरी पूरी जिंदगी में भूचाल ला दिया। ऐसी कहानी, जिसे प्रतिलिपि पर 13 लाख+ पाठकों ने पढ़ा और PocketFM ऑडियो पर 30 लाख+ श्रोताओं ने सुना! प्रस्तुत है देवेन्द्र प्रसाद द्वारा लिखित व फ्लाइड्रीम्स द्वारा प्रकाशित यह खौफ़नाक उपन्यास कब्रिस्तान वाली चुड़ैल {जल्द ही वेब सीरीज के रूप में उपलब्ध}
Wo Kya Tha
- Author Name:
Geetashree
- Book Type:

- Description:
Paranormal Activities Based On Real Life Exprience
City of Evil
- Author Name:
Dilshad Ali
- Book Type:

- Description:
"आज की ताजा खबर, सुरंग के भीतर गयी ट्रेन गायब... सैंकड़ो यात्री लापता" तीन आयामों के अलावा मौजूद चौथा आयाम, सुनने में तो उत्सुकता पैदा करता है पर अगर यह चौथा आयाम मौत का आयाम साबित हो तो! सन 2025, भारत की पहली बुलेट ट्रेन जैसे ही उस सुरंग से गुज़री, दूसरी तरफ से बाहर ही नहीं निकली। ट्रेन गायब नहीं हुई थी बल्कि जा पहुंची थी किसी अनजान शहर में, जिसे शैतानों का शहर भी कहा जा सकता था, एक ऐसा शहर जो था लगभग 1500 साल पुराना। इस अनजान पुरानी जगह का अपना अलग रहस्य था, जो मुर्दों को भी जिंदा कर रहा था। क्या वापस मिलेगी यह ट्रेन? क्या जीवित बचेंगे यात्री? आखिर कौन कर रहा था मुर्दों को ज़िंदा? एक तेज़ रफ़्तार कथानक का डरावना सफर : सिटी ऑफ ईविल
Swagat Hai Bhali Aatmao
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description:
भूत कथाएँ हमारे खौफ़ का आईना हैं। हिल स्टेशनों की रूहें। आदमजात खोपड़ी की हरकतें। खंडहरों की हौलनाक यादें । आकार बदलने वाले बेहूदा जिन्न । मसूरी की भूत आंटी। इस संकलन की सारी कहानियाँ रस्किन बांड की प्रतिभा और क्षमता का प्रमाण हैं।
Bhartiya Bhooton Ki Ajeeb Dastan-2
- Author Name:
Riksunder Banerjee
- Book Type:

- Description:
ऋकसुन्दर बनर्जी ने जादवपुर विश्वविद्यालय से बंगाली साहित्य में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की है। उनकी बंगाली में ट्रेनर अड्डा, प्रबासे दैबेर बोशे, छाया शरीर (बंगाली में भूत-प्रेत कहानियों का संग्रह), चोलर पोथेर खोरकुटो आदि पुस्तकें प्रकाशित हैं और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख छपते रहते हैं। उनका पी-एच.डी. शोध-प्रबंध समय के साथ साहित्य में भूत-प्रेतों के संक्रमण पर केंद्रित रहा है। वर्तमान में वह बर्दवान विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।
Ek thi Mallika
- Author Name:
Shobha Sharma
- Book Type:

- Description:
बुंदेलखंड राज्य के टीकमगढ़ रियासत में एक ऊँची सी हवेली थी, जिसके दुमंजिला झरोखे पर बैठी एक अनिंद्य सुंदरी, हवेली के सामने बने मुख्य मार्ग से आते-जाते लोगों को निहारती और उन्हें अपने पास आने का आग्रह करती थी। "ओ लाला! तनिक इते तौ आऔ, हमाये जूड़ा कौ गुलाब गिर गऔ है ड्यौढ़ी पै, उठायैं तौ ल्याईऔ।" झरोखे पर बैठी उस सुंदरी को देख, हर कोई मंत्र-मुग्ध हो जाता। वही आकर्षण उन्हें गुलाब उठा कर हवेली में चले आने पर विवश करता। फिर वहाँ से कभी कोई लौट के वापस नहीं आता। अपने गुलाब के लिए, आवाज़ लगाती हुई उस सुंदरी का नाम था, मल्लिका
Customer Reviews
Be the first to write a review...
4 out of 5
Book