Oru Manushyan, Oru Veedu, Oru Loka
(0)
Author:
K.S. Venkitachalam, D. JayakanthanPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
MalayalamCategory:
Contemporary-fiction₹
250
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ഒരു മനുഷ്യൻ, ഒരു വീട്, ഒരു ലോകം വായനക്കാരും വിമർശകരും ഒരേ പോലെ സ്വീകരിക്കുകയും, വാഴ്ത്തുകയും ചെയ്ത നോവലാണ് ഒരു മനുഷ്യൻ, ഒരു വീട്, ഒരു ലോകം. ആരാണ് മാതാപിതക്കൾ, എവിടെയാണ് ജനിച്ചത്, എന്താണ് ജാതി എന്നൊന്നും അറിയാതെ വളർന്ന ഹെൻറി എന്ന ഒരു ചെറുപ്പക്കാരൻ വ്യത്യസ്തങ്ങളായ ജീവിതാനുഭവങ്ങളിലൂടെ കടന്നുപോകുന്നു ഈ നോവലിൽ. ഹെൻറി, ദേവരാജൻ, ദുരൈക്കണ്ണു, പാണ്ഡു, മണ്ണാങ്കട്ടി, മണിയക്കാരൻ, സഭാപതി, തെരേസ, അക്കമ്മാൾ, മൈക്കേൽ, എന്നിവരിലൂടെ കഥയെ വളർത്തി, ബേബി എന്ന ഒരു വിചിത കഥാപാത്രത്തിലേക്ക് വായനക്കാരനെ ജയകാന്തൻ എത്തിക്കുമ്പോൾ അത് ഭാരതീയ ന സംസ്കാരത്തിന്റെ, ജീവിത ശൈലിയുടെ, സൗഹൃദങ്ങളുടെ, കുടുംബ ബന്ധങ്ങളുടെ, നിഷ്ക്കളങ്കതയുടെ, ഗ്രാമീണ ജീവിതത്തിന്റെ വ്യഖ്യാനമായി മാറുന്നു.
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ഒരു മനുഷ്യൻ, ഒരു വീട്, ഒരു ലോകം വായനക്കാരും വിമർശകരും
ഒരേ പോലെ സ്വീകരിക്കുകയും, വാഴ്ത്തുകയും ചെയ്ത നോവലാണ് ഒരു മനുഷ്യൻ, ഒരു വീട്, ഒരു ലോകം. ആരാണ് മാതാപിതക്കൾ, എവിടെയാണ് ജനിച്ചത്, എന്താണ് ജാതി എന്നൊന്നും അറിയാതെ വളർന്ന ഹെൻറി എന്ന ഒരു ചെറുപ്പക്കാരൻ വ്യത്യസ്തങ്ങളായ ജീവിതാനുഭവങ്ങളിലൂടെ കടന്നുപോകുന്നു ഈ നോവലിൽ. ഹെൻറി, ദേവരാജൻ, ദുരൈക്കണ്ണു, പാണ്ഡു, മണ്ണാങ്കട്ടി, മണിയക്കാരൻ, സഭാപതി, തെരേസ, അക്കമ്മാൾ, മൈക്കേൽ, എന്നിവരിലൂടെ കഥയെ വളർത്തി, ബേബി എന്ന ഒരു വിചിത കഥാപാത്രത്തിലേക്ക് വായനക്കാരനെ ജയകാന്തൻ എത്തിക്കുമ്പോൾ അത് ഭാരതീയ ന സംസ്കാരത്തിന്റെ, ജീവിത ശൈലിയുടെ, സൗഹൃദങ്ങളുടെ, കുടുംബ ബന്ധങ്ങളുടെ, നിഷ്ക്കളങ്കതയുടെ, ഗ്രാമീണ ജീവിതത്തിന്റെ വ്യഖ്യാനമായി മാറുന്നു.
Book Details
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ISBN9788119499403
-
Pages296
-
Avg Reading Time10 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
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"रेयान दौड़कर बोर्ड के पास पहुँचा और पहली पंक्ति के नाइन पॉइंटर मुसकराए कि एक फाइव पॉइंटर क्लास के लिए योगदान देगा। यद्यपि समीकरण सही था; रेयान बोर्ड तक नहीं जाता, जब तक कि वह यह न जान ले कि वह सही है। “बहुत अच्छा, धन्यवाद रेयान। अच्छा, पिछले टर्म पेपर में स्कूटर के पेट्रोल के उपयोग पर लूब्रीकेंट की कार्य-क्षमता के बारे में तुमने ही लिखा था?” “जी हाँ, सर।” “क्या यह सच है कि यह परिणाम तुमने अपने स्कूटर पर टेस्ट किया है?” “हाँ, मैंने किया है, सर। यद्यपि बिलकुल सही तरीके से नहीं।” “वह मुझे अच्छा लगा।” प्रो. वीरा ने नाइन पॉइंटर्स की तरफ देखते हुए कहा, जो रट्टू तोतों की तरह नोट्स बनाने में व्यस्त थे—“मुझे वास्तव में अच्छा लगा।” —इसी उपन्यास से आज की गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा के दौर में कैसे अपनी क्षमता, इच्छाशक्ति और कुछ हासिल करने की शिद्दत से युवा सफल हो सकते हैं-यह मूल संदेश है 5 पॉइंट समवन का । लेखन के क्षेत्र में पदार्पण करते ही अपनी सरल-सुबोध भाषा, आकर्षक शिल्प तथा किस्सागोई के कारण लाखों युवाओं को लुभा लेनेवाले बेस्टसेलर लेखक चेतन भगत का उपन्यास है 5 पॉइंट समवन। "
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