Matoshree
(0)
₹
200
160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अहिल्याबाई होलकर एक बेटे, एक परिवार की नहीं, समस्त प्राणिमात्र की माँ बन गईं और प्रजा ने उन्हें प्रातः स्मरणीय, पुण्यश्लोका, देवी, लोकमाता मान अपनी आत्मा में स्थान दे रखा है। प्रस्तुत नाटक ‘मातोश्री’ उसी चरित्र की नाटकीय प्रस्तुति है। लेखिका ने इसे देवी की प्रेरणा से लिपिबद्ध किया है। नाटक पठनीयता के स्थान पर प्रभावी अभिनयता के कारण अधिक गहरा और लंबे समय तक प्रभाव कायम रखता है। सुमित्राजी लेखिका नहीं हैं, लेकिन देवी के प्रति श्रद्धा एवं पूजाभाव ने उनसे नाटक लिखवा सिद्धहस्त नाटककार बना दिया। नाटक ‘मातोश्री’ देवी अहिल्याबाई के मातृत्व के श्रेष्ठ गुणों का परिचायक है। नाटक न केवल पठनीय है, वरन् मंचनीय भी है, क्योंकि इसमें नाटक एवं मंचन की दृष्टि से सारे तत्त्व मौजूद हैं। स्वर, भाषा, संवाद पात्रानुकूल हैं। लेखिका ने नाटक के जरिए मातोश्री अहिल्याबाई की पारिवारिक त्रासद जिंदगी को अद्वितीय अभिव्यक्ति दी है। एक सतत प्रेरणादायी नाटक।
Read moreAbout the Book
अहिल्याबाई होलकर एक बेटे, एक परिवार की नहीं, समस्त प्राणिमात्र की माँ बन गईं और प्रजा ने उन्हें प्रातः स्मरणीय, पुण्यश्लोका, देवी, लोकमाता मान अपनी आत्मा में स्थान दे रखा है।
प्रस्तुत नाटक ‘मातोश्री’ उसी चरित्र की नाटकीय प्रस्तुति है। लेखिका ने इसे देवी की प्रेरणा से लिपिबद्ध किया है। नाटक पठनीयता के स्थान पर प्रभावी अभिनयता के कारण अधिक गहरा और लंबे समय तक प्रभाव कायम रखता है। सुमित्राजी लेखिका नहीं हैं, लेकिन देवी के प्रति श्रद्धा एवं पूजाभाव ने उनसे नाटक लिखवा सिद्धहस्त नाटककार बना दिया।
नाटक ‘मातोश्री’ देवी अहिल्याबाई के मातृत्व के श्रेष्ठ गुणों का परिचायक है। नाटक न केवल पठनीय है, वरन् मंचनीय भी है, क्योंकि इसमें नाटक एवं मंचन की दृष्टि से सारे तत्त्व मौजूद हैं।
स्वर, भाषा, संवाद पात्रानुकूल हैं। लेखिका ने नाटक के जरिए मातोश्री अहिल्याबाई की पारिवारिक त्रासद जिंदगी को अद्वितीय अभिव्यक्ति दी है।
एक सतत प्रेरणादायी नाटक।
Book Details
-
ISBN9789352661343
-
Pages96
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kya Main Andar Aa Sakta Hoon
- Author Name:
Arun Kumar Asafal
- Book Type:

- Description: Novel
Karmeleena
- Author Name:
Damodar Mauzo +1
- Book Type:

- Description: Karmeleena- Damodar Mauzo's Award Winning Novel translated by S. M. Krishna Rao from Konkani to English.
Maiyadas Ki Madi
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
‘मय्यादास की माड़ी’ में दाख़िल होने का एक ख़ास मतलब है, यानी पंजाब की धरती पर एक ऐसे कालखंड में दाख़िल होना, जबकि सिक्ख-अमलदारी को उखाड़ती हुई ब्रिटिश-साम्राज्यशाही दिन-ब-दिन अपने पाँव फैलाती जा रही थी।
भारतीय इतिहास के इस अहम बदलाव को भीष्म जी ने एक क़स्बाई कथाभूमि पर चित्रित किया है और कुछ इस कौशल से कि हम जन-जीवन के ठीक बीचोबीच जा पहुँचते हैं। झरते हुए पुरातन के बीच लोग एक नए युग की आहटें सुनते हैं, उन पर बहस-मुबाहसा करते हैं और चाहे-अनचाहे बदलते चले जाते हैं—उनकी अपनी निष्ठाओं, कदरों, क़ीमतों और परम्पराओं पर एक नया रंग चढ़ने लगता है। इस सबके केन्द्र में है दीवान मय्यादास की माड़ी, जो हमारे सामने एक शताब्दी पहले की सामन्ती अमलदारी, उसके सड़े-गले जीवन-मूल्यों और हास्यास्पद हो गए ठाठ-बाट के एक अविस्मरणीय ऐतिहासिक प्रतीक में बदल जाती है। इस माड़ी के साथ दीवानों की अनेक पीढ़ियाँ और अनेक ऐसे चरित्र जुड़े हुए हैं जो अपने-अपने सीमित दायरों में घूमते हुए भी विशेष अर्थ रखते हैं—इनमें चाहे सामन्ती धूर्तता और दयनीयता की पराकाष्ठा तक पहुँचा दीवान धनपत और उसका बेटा हुकूमतराय हो, राष्ट्रीयता के धूमिल आदर्शों से उद्वेलित लेखराज हो, बीमार और नीम-पागल कल्ले हो, साठसाला बूढ़ी भागसुद्धी हो या फिर विचित्र परिस्थितियों में माड़ी की बहू बन जानेवाली रुक्मो हो—जो कि अन्ततः एक नए युग की दीप-शिखा बनकर उभरती है।
वस्तुतः भीष्म जी का यह उपन्यास एक हवेली अथवा एक क़स्बे की कहानी होकर भी बहते काल-प्रवाह और बदलते परिवेश की दृष्टि से एक समूचे युग को समेटे हुए है और उनकी रचनात्मकता को एक नई ऊँचाई सौंपता है।
Jalaanjali
- Author Name:
Pankaj Parashar
- Book Type:

- Description: Book
Heroic Deceit
- Author Name:
Salim Hansa
- Book Type:

- Description: Ali, a disillusioned corporate employee, seeks solace in a meditation and yoga camp, despite his initial reservations as a devout Muslim. But little does he know, this journey will transform him in unimaginable ways. As Ali discovers his newfound ability to heal, he must navigate the constraints of his power and confront the darkness within. His quest for fame and recognition slowly corrupts his thoughts, testing the boundaries of his faith. Torn between his religious beliefs and the lure of superhero status, Ali must confront the ultimate question: will his actions redeem or destroy him? Dive into a gripping tale of self-discovery, spirituality, and the true meaning of heroism.
Shahi Shikar
- Author Name:
Abhishek Sighal
- Book Type:

- Description: Book
Baandi
- Author Name:
Bhairavprasad Gupt
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत उपन्यास ह्रासशील सामन्तवाद को उसके सम्पूर्ण घिनौने पहलुओं के साथ, बड़ी बारीकी से हमारे समक्ष पेश करता है। इस ह्रासशील सामन्तवाद को उसकी सारी सड़ांध के साथ हम बड़े सरकार के चरित्र, उनके क्रियाकलापों, जो उनके अन्तःपुर से लेकर बाहर के परिवेश तक फैले हुए हैं, सामन्ती साम्राजी साँठ-गाँठ और उसके शिकार साधारण जनों की ज़िन्दगी तथा नरक की इस ज़िन्दगी से मुक्त होने की उनकी कोशिशों तथा मुक्त न हो पाने की स्थिति में उनकी छटपटाहट, प्रतिहिंसा आदि में देखते हैं। भैरव जी ने इस सारे परिदृश्य को यथार्थ के सही आलोक में बारीकी के साथ देखा और चित्रित किया है।
Harichitta Satya
- Author Name:
Vasudhendra
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ- ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರ ಮೊದಲ ಕಾದಂಬರಿ. ಅತ್ಯಂತ ಸಂಯಮದಿಂದ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಹೆಣೆದಿದ್ದು ಅವರ ಪ್ರೌಢಿಮೆಗೆ ಕನ್ನಡಿ ಹಿಡಿಯುತ್ತದೆ. ಸನ್ನಿವೇಶಗಳ ಜೋಡಣೆ, ಪಾತ್ರಗಳ ಸಂಭಾಷಣೆ, ನಿರೂಪಣೆ ಶೈಲಿ ಓದುಗರ ಗಮನ ಸೆಳೆಯುತ್ತದೆ. ಕಟ್ಟರ ಸಮಾಜ ಹಾಗೂ ಮುಕ್ತ ಸಮಾಜದ ಮಧ್ಯೆ ಇರುವ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳು, ವೈಚಾರಿಕ ಪ್ರವಾಹ ಇಲ್ಲಿಯ ಪ್ರಮುಖ ವಸ್ತು. ಆದರೂ, ವಿಧಿಯ ಪಾತ್ರವನ್ನು ತಳ್ಳಿ ಹಾಕದೇ ಇದ್ದರಿಂದ ಅವರು ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ ಎಂದೇ ಕಾದಂಬರಿಗೆ ಹಸರು ಇಟ್ಟಿದ್ದು ಸೂಕ್ತವೆನಿಸಿದೆ.
Colours Caught in Mist
- Author Name:
Govind Mishra +1
- Book Type:

- Description: Colors Caught in Mist is the English translation of Govind Mishra's Hindi novel “Kohre Mein Quiad Rang,” showcasing considerable maturity and craftsmanship. The story unfolds about the past while being discussed in the present, creating a narrative that feels like a novel within a novel. In another creative twist, fiction intertwines with reality. The narrative juxtaposes two distinct time periods, where the innocent, traditional Saraswati is replaced by the modern, confident, and independent Reva, who critically reflects on the narrative thus far. Featuring both memorable and breakout characters, this work stands as a hallmark of contemporary Hindi fiction. It was awarded the Sahitya Academy Award in 2008.
Million Dollar ki Hera-Pheri
- Author Name:
Jeffrey Archer
- Book Type:

- Description: इसी उपन्यास से विश्वप्रसिद्ध लेखक जेफरी आर्चर का रोचक-रोमांचक उपन्यास, जो किसी मसाला मूवी का आनंद तो देता ही है; साथ ही माया के मोहजाल में फँसे किरदारों की मनःस्थिति भी दिखाता है।
Deh
- Author Name:
Achala Nagar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Mod Par
- Author Name:
Dhumketu
- Book Type:

- Description: Maithili Novel by Dhumketu Hindi translated by Swarna
Vaikalya
- Author Name:
Dr. Shireesh Gopal Deshpande
- Book Type:

- Description: वैकल्य अर्थात् विकलता। कुष्ठरोग पर आधारित हिंदी में संभवतः यह पहला क्लासिकल और मूल ललित शैली में लिखा गया उपन्यास है। इसने कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास और उपचार को लेकर समाज में लोगों की आँखें खोलने का काम किया है। उपन्यास का कथानक अंतर्मन को छू लेता है। विषय बहुत ही हृदयस्पर्शी और दिलचस्प है। यह दो महापुरुषों के मौन संघर्ष की गाथा है। एक वह जो, समाजसेवी हैं, कुष्ठरोगियों के लिए आश्रम व्यवस्था की बात करते हैं, तो दूसरे वह, जो प्रख्यात डॉक्टर हैं, अस्पताल व्यवस्था की बात करते हैं और रोगियों का इलाज घर से ही होना चाहिए—इसका पुरजोर समर्थन करते हैं। कुल मिलाकर कुष्ठरोग को लेकर वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण के बीच की यह गहरी खाई सशक्त कथ्य के ताने-बाने से बुनी एक करुण-गाथा है। दोनों महापुरुषों की पत्नियों का अपने पति और उनके कार्य के प्रति त्याग और समर्पण की कहानी भी गजब की है। कुष्ठरोग को महारोग के नाम से भी जाना जाता है, जिसके प्रति लोगों के मन में कई प्रकार के भ्रम, भय और अंधविश्वासी भावनाएँ थीं। इस रोग के संसर्ग की स्थिति, टीके का आविष्कार, उपलब्ध दवाइयाँ, देश-विदेश के अनुसंधानकर्ताओं की मान्यताएँ, सरकारी रवैया, रोगियों का देश निकाला, पाप-पुण्य जैसे मुद्दों को लेकर यह उपन्यास वैचारिक द्वंद्व पेश कर जनजागरण की स्थिति पैदा करता है।
Vaishalinama : Loktrantra Ki Janamkatha
- Author Name:
Prabhat Pranit
- Book Type:

- Description: वैशालीनामा सुदूर अतीत की पृष्ठभूमि में ऐसी एक कथा प्रस्तुत करता है जो न केवल रोचक है बल्कि जिसमें निहित मूल्यबोध तत्कालीन देशकाल में जितना युग-परिवर्तक हो सकता था, उससे कम परिवर्तनकारी और प्रासंगिक वह आज भी नहीं है। वह मूल्यबोध है मनुष्यमात्र की समानता का। यह समानता ऐसी किसी व्यवस्था में सम्भव नहीं हो सकती जिसका आधार स्वयं असमानता पर टिका हो। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था ही यह सम्भव कर सकती है। वैशाली को लोकतंत्र की जन्मस्थली माना जाता है। इतिहास ही नहीं, इसके पौराणिक सन्दर्भ भी मिलते हैं। लेखक ने इस उपन्यास के लिए एक पौराणिक आख्यान को आधार बनाया है और वर्णों के श्रेणीक्रम में विभाजित समाज की सतह के नीचे खदबदाते उस लावे पर रोशनी डाली है जो मुट्ठीभर उच्चस्थों के वर्चस्व से उत्पीड़ित अधिसंख्य जनों के क्षोभ और क्रोध से निर्मित है। स्पष्टतः यह किसी पूर्ववर्णित आख्यान का औपन्यासिक रूपान्तर मात्र नहीं है। लेखकीय कल्पना का इसमें पर्याप्त निवेश हुआ है जिसके जरिये यह कृति राजतंत्र के प्राचीन युग में समाज में व्याप्त असमानता और उसके विरुद्ध हुई प्रतिक्रिया का उल्लेख कर लोकतंत्र के आदि रूप को रेखांकित करता है और किसी ऐतिहासिकता का दावा किये बिना एक समानता पर आधारित समाज का आह्वान करता है।
Amar Desva
- Author Name:
Praveen Kumar
- Rating:
- Book Type:

- Description: कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीतते-न-बीतते उस पर केन्द्रित एक संवेदनशील, संयत और सार्थक औपन्यासिक कृति का रचा जाना एक आश्चर्य ही कहा जाएगा। कहानियों-कविताओं की बात अलग है, पर क्या उपन्यास जैसी विधा के लिए इतनी अल्प पक्वनावधि/जेस्टेशन पीरियड काफ़ी है? और क्या इतनी जल्द पककर तैयार होनेवाले उपन्यास से उस गहराई की उम्मीद की जा सकती है जो ऐसी मानवीय त्रासदियों को समेटनेवाले उपन्यासों में मिलती है? इनका उत्तर पाने के लिए आपको अमर देसवा पढ़नी चाहिए जिसने अपने को न सिर्फ़ सूचनापरक, पत्रकारीय और कथा-कम-रिपोर्ट-ज़्यादा होने से बचाया है, बल्कि दूसरी लहर को केन्द्र में रखते हुए अनेक ऐसे प्रश्नों की गहरी छान-बीन की है जो नागरिकता, राज्यतंत्र, भ्रष्ट शासन-प्रशासन, राजनीतिक निहितार्थों वाली क्रूर धार्मिकता और विकराल संकटों के बीच बदलते मनुष्य के रूपों से ताल्लुक़ रखते हैं। इस छान-बीन के लिए प्रवीण संवादों और वाचकीय कथनों का सहारा लेने से भरसक परहेज करते हैं और पात्रों तथा परिस्थितियों के घात-प्रतिघात पर ज़्यादा भरोसा करते हैं। इसीलिए उनका आख्यान अगर मानवता के विरुद्ध अपराध घोषित किए जाने लायक़ सरकारी संवेदनहीनता और मौत के कारोबार में अपना लाभ देखते बाजार-तंत्र के प्रति हमें क्षुब्ध करता है, तो निरुपाय होकर भी जीवन के पक्ष में अपनी लड़ाई जारी रखनेवाले और शिकार होकर भी अपनी मनुष्यता न खोनेवाले लोगों के प्रति गहरे अपनत्व से भर देता है। संयत और परिपक्व कथाभाषा में लिखा गया अमर देसवा अपने जापानी पात्र ताकियो हाशिगावा के शब्दों में यह कहता जान पड़ता है, ‘कुस अस्ली हे... तबी कुस नकली हे। अस्ली क्या हे... खोज्ना हे।’ असली की खोज कितनी करुण है और करुणा की खोज कितनी असली, इसे देखना हो तो यह उपन्यास आपके काम का है।
Phans
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: सभ्यता के वर्तमान पड़ाव पर जितनी उपेक्षा किसान और किसानी की हो रही है उतनी शायद ही किसी और की हुई हो। देश में तीन लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं और अस्सी लाख से ज्यादा किसानी से किनारा कर चुके हैं। इसी भीषण यथार्थ की पृष्ठभूमि पर रचा गया है यह उपन्यास ‘फाँस’। कभी प्रेमचन्द ने ‘गोदान’ के जरिये भारतीय ग्रामीण तंत्र के शोषणकारी ढाँचे और किसानों के जीवन-संघर्ष को उजागर किया था, उसके वर्षों बाद, ‘फाँस’ हिन्दी का किंचित पहला उपन्यास है जो किसानों की दारुण स्थिति को उसकी व्यापकता में सामने लाता है। इस उपन्यास में विदर्भ (महाराष्ट्र) के किसानों की कहानी गई है जिनके एक कन्धे पर घर-परिवार का उत्तरदायित्व है तो दूसरे कन्धे पर किसानी का। दोनों उत्तरदायित्व एक-दूसरे से नाभिनालबद्ध—फसल होगी तो घर-परिवार चलेगा, नहीं होगी तो पेट भरना मुश्किल, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई दुश्वार, हारी-बीमारी का इलाज असम्भव। फिर किसानी भी तो सिर्फ मेहनत नहीं माँगती; उसमें भी पैसा चाहिए। पैसा जुटता है कर्ज से। इस तरह फर्ज से कर्ज तक एक ऐसा व्यूह बनता है जिसमें पड़ने के बाद किसान निरुपाय और अन्तत: आत्महंता हो जाता है। इस दुखान्त को यह उपन्यास पूरी सूक्ष्मता से दर्ज करता है और यह सोचने को विवश करता है कि क्या यह त्रासदी केवल किसानों की है अथवा एक समूची सभ्यता, एक समूचे समाज की? अत्यन्त समसामयिक और ज्वलन्त विषय पर एक अवश्य पठनीय कृति!
Beghar Ankhen
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Bhorvela
- Author Name:
Jyoti Jain
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Bahurangi Madhupuri
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
- Book Type:

- Description: राहुल सांकृत्यायन ने हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों में यात्राएँ करके वहाँ के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन को पाठकों के लिए सुलभ किया। अपने यात्रा-वृत्तान्तों और अन्य पुस्तकों में उसके सप्रमाण और सुदीर्घ विवरण दिए, जिससे हिन्दी और पाठकों के ज्ञानकोष में उल्लेखनीय अभिवृद्धि हुई। लेकिन हिमालय के निचले तराई क्षेत्र के जीवन-जगत को भी उन्होंने बहुत नजदीक से देखा था। यहाँ हो रहे सामाजिक तथा सांकृतिक बदलावों और परिवर्तनशील वर्तमान की ये छवियाँ अकसर उनकी कहानियों में प्रकट हुई हैं। ‘बहुरंगी मधुपुरी’ में शामिल कहानियों को आप उसी के उदाहरण के रूप में पढ़ सकते हैं। मधुपुरी जिसे उन्होंने विलासपुरी भी कहा है, वह स्थान है जहाँ अंग्रेज गर्मियों के दिनों में रहने और काम करने जाते थे। उन्होंने उन क्षेत्र को अपने ढंग से विकसित करना शुरू किया था, फलतः वहाँ के मूल निवासियों से भी उनका सीधा सम्पर्क हुआ। ये कहानियाँ इसी गतिशील सामाजिकी को सामने लाती हैं। ये सिर्फ कहानियाँ नहीं हैं, इनमें एक तरह का समाजशास्त्रीय विश्लेषण भी है। अंग्रेजों की देखा-देखी देशी राजे-महाराजे भी इस राह चले, तो कहानियों में वे भी आते हैं, और स्थानीय लोग भी जिन पर इन गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव भी पड़ रहा था, और नकारात्मक भी।
King Solomon Mines
- Author Name:
H. Rider Haggard
- Book Type:

- Description: तीन अनजान पुरुष, एक धनी और पराक्रमी योद्धा, दूसरा एक जहाज़ी कप्तान और तीसरा जो मामूली लेकिन बड़ा ही अनुभवी शिकारी था। जब ये तीनों एक भटके हुए साथी की खोज में उस सफ़र पर निकल पड़ते हैं जिसके रास्ते अनोखे, अद्भुत, चमत्कारी और भयावह अनुभवों से भरपूर थे, जो की उन्हें बड़ी कठिनाइयों और एक महायुद्ध के बाद सुलेमान के ख़ज़ाने तक ले जाती हैं। वह सुलेमान का खज़ाना जिसके कीमती रत्नों के भण्डार तक पहुंचने वाला, सदियों पुराने शाप से शापित हो जाता। तो क्या इतनी कठिनाइयों के बाद उन्हें उनका खोया हुआ साथी मिल पाता है? क्या वह उस खजाने तक पहुंच पाते हैं? क्या वह उस सदियों पुराने शाप से बच पाते हैं? या फिर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है? यह अद्भुत कहानी उनके उस सफर की है जिसे कभी कोई पूरा नहीं कर पाया था। क्या उनका अनुभव, साहस, समझदारी, संयम और सूझबूझ, उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने में सफल होता है?
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book