SSC CHSL COMBINED HIGHER SECONDARY LEVEL 10 + 2 TIER-I, ONLINE RECRUITMENT EXAMINATION, 2020 GENERAL INTELLIGENCE 46 CHAPTERWISE SOLVED PAPERS
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
165
₹ 132 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level TIER-I GENERAL INTELLIGENCE Online Recruitment Examination-2020 Based on the Latest Syllabus 46 Chapterwise Solved Papers (2017–19) Quick Revision
Read moreAbout the Book
SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level TIER-I GENERAL INTELLIGENCE Online Recruitment Examination-2020
Based on the Latest Syllabus
46 Chapterwise Solved Papers (2017–19)
Quick Revision
Book Details
-
ISBN9789353228804
-
Pages188
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Krishi (CUET Agriculture in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET/TETs Shikshak Patrata Pareeksha Bal Vikas Evam Shikshan Shastra 2022 (34 Solved Papers, 40 Practice Sets)
- Author Name:
Sumumar Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Savita
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: तारकनाथ और राखाल केवल तीन महीने के ही साथ-संग से घनिष्ठ मित्र हो गए। जब तीन बज गए और तारक अभी तक नहीं आया, तब राखाल के हृदय में घबराहट और बेचेनी पैदा होने लगी। भवानीपुर में आज स्त्रियों की एक सभा होनेवाली है। वहाँ पर बहुत से शिक्षित परिवारों को लड़कियाँ इकट्ठी होंगी और इस समय राखाल वहाँ के लिए चल देने को बेचैन होता जा रहा था। जाने के सब इंतजाम कर चुका था। सफेद कुरता, धोतो और सिल्क का साफा पलंग पर तैयार रखे थे और पास ही ताजा पॉलिश किया हुआ जूता चमचमा रहा था। मेज पर रखी हुई सोने को रिस्टवॉच भी सोने को चेन के साथ चमचमा रही थी।
MAIN KRISHANA BOL RAHA HOON
- Author Name:
Ed. Anil Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Allahabad High Court Samiksha Adhikari (RO) ,Sahayak Samiksha Adhikari (ARO) & Computer Assistant Stage - I Exam 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: इलाहाबाद हाई कोर्ट समीक्षा अधिकारी RO चयन परीक्षा स्टेज-I 15 प्रैक्टिस सेट्स नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित Latest Solved Papers 2025-2026 Edition
Sakshatkar : Kaise Hon Taiyar
- Author Name:
Shahroz
- Book Type:

- Description: फ़्रायड ने कहा है कि जब किरण फूटती है तो सवेरा होता है। वही महत्त्व संवाद का भी है कि जब कोई व्यक्ति बोलता है तो वह खुलता है। साक्षात्कार दरअसल नियोक्ता द्वारा उम्मीदवार को खोलने का ही प्रयास है जिससे वह पता लगाता है कि उम्मीदवार उनके संस्थान के लिए कितना समर्थ और योग्य है। यह पुस्तक साक्षात्कार की तकनीक पर केन्द्रित है, लेकिन इसका मूल स्वर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाना है। साक्षात्कार के दौरान क्या कहना है, इसकी तैयारी महत्त्वपूर्ण है, लेकिन कैसे कहना है, यह उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है। यह पुस्तक युवा साथियों के सामने आनेवाली ऐसी कई दिक़्क़तों का हल बताती है। याद रखें—सफलता उन्हीं को मिलती है जिन्हें अपना लक्ष्य और उस तक पहुँचने का सही रास्ता मालूम होता है। इस रास्ते को सफलतापूर्वक तय कर लेना, बहुत बड़ा रहस्य या तिलिस्म नहीं है। अच्छी क्षमता होने के बावजूद अक्सर कुछ लोगों के क़दम डगमगा जाते हैं। इस पुस्तक का ध्येय यही है कि आप बिलकुल न डगमगाएँ।
Ruskin Bond Ki Diary (Hindi Translation of A Book of Simple Living)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: जब हिमालय की घाटियाँ कोहरे में लिपट जाती हैं और मानसूनी बारिश पहाडिय़ों को सराबोर कर देती है, तब दिन के समय, कभी-कभी एक चिडिय़ा मेरे पास आती है—गहरे बैंगनी रंग की चहचहाती चिडिय़ा। वह खिडक़ी की चौखट पर बैठती है, और मेरे साथ बाहर की ओर बारिश को देखती है। यह पुस्तक ऐसे अनेक छोटे-छोटे पलों को दर्ज करती है, जो स्वयं के साथ ही इस प्राकृतिक जगत्, दोस्तों और परिवार ही नहीं आने-जानेवालों को मिलाकर भी एक सामंजस्यपूर्ण जीवन की रचना करती है। इन पन्नों में हम एक जंगली बेर को फलते और देवदार के पेड़ों के बीच से चंद्रमा को निकलते देखते हैं। हम रेडस्टार्ट पक्षियों को चहचहाते और टिन की छत पर बारिश को ढोल बजाते सुनते हैं। हम क्षति के परिणामों और पुराने साथियों की सांत्वना को समझते हैं। नैतिक मूल्यों, संवेदना, पारस्परिकता, समभाव और सद्ïभाव के साथ जीवन जीने के सरल-सुबोध उपाय बताती एक रोमांचक और प्रेरक पुस्तक।
Mata Baghin
- Author Name:
Sudama Sharad
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Sanskriti Bhasha Aur Rashtra
- Author Name:
Ramdhari Singh Dinkar
- Book Type:

-
Description:
‘संस्कृति, भाषा और राष्ट्र’ राष्ट्रकवि दिनकर के सारगर्भित भाषणों, आलेखों और निबन्धों का कालातीत और हमेशा प्रासंगिक रहनेवाला संकलन है।
‘संस्कृति के चार अध्याय' के लेखक के रूप में साहित्य-जगत् को कवि दिनकर की विराट प्रतिभा के दर्शन हुए थे। वे कवि तो थे ही, साथ-साथ विद्वान् चिन्तक और अनुसन्धानकर्ता भी थे।
इस पुस्तक में दिनकर की गम्भीर चिन्तन-दृष्टि की झाँकी हमें मिलती है। उनके निबन्ध, लेख और भाषण प्रमाणित करते हैं कि हिन्दू-धर्म और हिन्दू-संस्कृति के निर्माण में केवल आर्यों और द्रविड़ों का ही नहीं, बल्कि उनसे पूर्व के आदिवासियों का भी काफ़ी योगदान है। यही नहीं, हिन्दुत्व, बौद्ध मत और जैन मत के पारस्परिक मतभेद भी बुनियादी नहीं हैं।
पुस्तक में दिनकर बेहद सरल, सुबोध भाषा-शैली में हमें बताते हैं कि जातियों का सांस्कृतिक विनाश तब होता है, जब वे अपनी परम्पराओं को भूलकर दूसरों की परम्पराओं का अनुकरण करने लगती हैं तथा सांस्कृतिक दासता का भयानक रूप वह होता है जब कोई जाति अपनी भाषा को छोड़कर दूसरों की भाषा अपना लेती है। फल यह होता है कि वह जाति अपना व्यक्तित्व खो बैठती है और उसके स्वाभिमान का विनाश हो जाता है।
प्रस्तुत पुस्तक प्राचीन भारत के विभिन्न सम्प्रदायों, धर्मों, जातियों और संस्कृतियों की मूलभूत एकता और उनकी विषमता को रेखांकित करनेवाली अमूल्य कृति है।
LOVE IN LUCKNOW
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: लखनऊ की गलियों में बुनी गई दोस्ती की, साथ बड़े होने और खुद को ढूँढ़ने की दिल को छू लेने वाली कहानी। दिनेश, फिरोज और राहुल लखनऊ के शांत गंजों में क्रिकेट खेलते और साइकिल चलाते साथ-साथ बड़े हुए, जहाँ उनकी जिंदगी का उनके शहर के साथ आपस में एक करीबी रिश्ता जुड़ गया। लेखक ने उनकी रोजाना की जिंदगी और साहसिक कारनामों को जीवंतता से पेश किया है; उनके उस सफर को बखूबी बयाँ किया है, जब वे तीनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं। क्या होता है, जब प्यार उन्हें आमने-सामने ला देता है और उनका सामना कड़वी सच्चाई से होता है? क्या पैसों और सियासत की वेदी पर पत्रकारिता के मूल्यों की बलि दे दी जाएगी? साजिश और धोखे के आगे आदर्शवाद की राजनीति टिक पाएगी? और खास तौर पर, क्या प्यार जगह, समय और हालात की खाई को पाट देगा? ‘लव इन लखनऊ’ आए दिन बदलते समाज की पृष्ठभूमि में बुनी गई इश्क और ख्वाहिश, सियासत और भ्रष्टाचार, अरमानों और सपनों, रिश्तों और खुलासों की जबरदस्त कहानी है, जो पाठकों के मर्म और संवेदना को सहज छू लेगी।
Dictionary of Proverbs
- Author Name:
Najmussehar
- Book Type:

- Description: "Proverbs are wise sayings. They are usually short, pithy statements of general truth. Proverbs are largely based on common sense or the practical experience of humanity. They are often metaphorical. The word ‘proverb’ is said to have originated from the Latin word proverbium meaning concrete statement. These statements usually express a truth of any kind ranging from spiritual, practical to philosophical. The book is packed with popular proverbs arranged under alphabetical headings intended to help the readers in finding the proverbs of their choice. The use of proverbs certainly adds to the beauty and impact of the expression. The readers are sure to benefit from this book."
History of Punjabi Literature
- Author Name:
Sant Singh Sekhon +1
- Book Type:

- Description: The vitalityof Punjabi lietrature, its rootedness in its landscape, and its concern with the totality of human experience is evident everywhere in this volume. While it will be of undoubted value to the student of Punjabi literature, we also hope that its vitality and readability will make it attractive to other readers as well.
Bihar Ke Parva-Tyohar Aur Khanpan
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: ‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी' कहावत तो एक वैश्विक लोकोक्ति बन गई है, किंतु भारत, खासकर बिहार राज्य में यह कुछ अधिक ही चरितार्थ होती है। देश-विदेश से यहाँ आनेवाले लोग न केवल ज्ञान-विज्ञान की पोथियाँ लादकर ले गए, बल्कि यहाँ के आचार-विचार, पर्व-त्योहार, अतिथि-सत्कार और भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजनों-पकवानों के कभी न भूलनेवाले स्वाद भी सहेजकर ले गए। इस तरह यहाँ आनेवालों के दिलो-दिमाग में यहाँ की हर एक चीज बिहार की पहचान के रूप में रच-बस जाती है। उन्हीं में से कुछ ऐसी चीजें हैं, जो सर्वसाधारण के जन-जीवन से लेकर विशेष वर्ग में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं, वे हैं बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान! प्रस्तुत पुस्तक बिहार के पर्व-त्योहार और खानपान की, उसी लोकप्रिय बिहारीपन के बारे में विस्तार से बात करती है। लेखक ने 120 अध्यायों की अपनी इस पुस्तक के 57 अध्यायों में बिहार के पर्व- त्योहारों की तथा 63 अध्यायों में खानपान की जानकारी विस्तार से दी है। यह पुस्तक बिहारी तीज-त्योहार और खानपान की समृद्ध परंपरा को जानने-समझने का माध्यम तो होगी ही, बिहार के पर्यटन विकास में भी सहायक होगी।
Lokbharti Hindi Muhaware Aur Lokokti Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: मुहावरे और लोकोक्तियाँ जन-जीवन की अभिव्यक्ति के सहज उपकरण हैं। मुहावरा पद या पदबन्ध होता है, वाक्य का अंग बनता है तथा उसका अर्थ शब्दों की लक्षणाशक्ति से निकलता है। इसके विपरीत लोकोक्ति अपने में एक पूर्ण विचार, फलत: वाक्य रूप होती है तथा उसका अर्थ शब्दों की व्यंजना शक्ति से निकलता है। मुहावरे भाषा का शृंगार होते हैं और उसमें चमत्कार और चुटीलापन लाते हैं। लोकोक्तियाँ सत्यकथन या परमार्श के रूप में होती हैं और होती हैं समाज के सामूहिक चिन्तन का निचोड़।
Shribhagwati Seeta Mahashakti-Sadhna
- Author Name:
Paramhans Pujya Sandipendra ji Maharaj
- Book Type:

- Description: माता सीताजी लक्ष्मी स्वरूपा साक्षात् भगवती की अवतार हैं। यह पुस्तक एक संकलन है, जिसके माध्यम से कोई साधक माँ सीताजी की साधना कर सकता है। जिस घर में इसका पाठ अथवा श्रवण होगा, वहाँ धन- धान्य की पूर्णता रहेगी, सुख-शांति व्याप्त होगी, पद-प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी तथा साधक कैसी भी परेशानी में हो, वह बाधा-मुक्त हो सकेगा। आप साधकों को इस पुस्तक से माँ सीताजी की पूजा आसान हो सके एवं उससे मनोवांछित लाभ प्राप्त हों, इसके लिए शुभकामनाएँ। जय माई! जय सीता राम!
Shriramcharitmanas
- Author Name:
Ram Singh Thakur
- Book Type:

-
Description:
‘श्रीरामचरितमानस’ भारतीय संस्कारों का श्रेष्ठतम महाकाव्य है। भारतीय संस्कार का अर्थ है—समग्र मानव जाति के निखिल मंगल, कल्याण एवं हितैषिता के प्रति समर्पित होकर प्रेम, स्नेह, उदारता, ममता, सहिष्णुता, दया, अस्तित्व, अहिंसा, सत्य, परोपकार आदि मूल्यों की प्रतिष्ठा करना। इस प्रकार, ‘मानस’ मानव अस्तित्व को सर्वोपरि मानकर उसके लिए सबसे सुलभ, सर्वाधिक सुगम तथा श्रेयस्कर मार्ग की तलाश की छटपटाहट से संयुक्त है। समाज के सर्वोच्च शुभ की प्रतिष्ठा ही मानसकार तुलसी का महत्तम शुभ है।
गोस्वामी तुलसीदास ने मानवीय अस्तित्व की सार्थकता के लिए जिस भव्यतम शुभ का दर्शन किया है, ‘मानस’ की कविता के विविध पात्रों द्वारा उसे जिस प्रकार व्यंजित किया है तथा नैतिक मंगल के सर्वोच्च मूल्य श्रीराम और उनके ठीक विपरीत गर्हित अशुभ एवं अधर्म के प्रतीक रावण को आमने-सामने रखकर जिस मानवीय शुभ की स्थापना की है—उसकी चरम परिणति असत्य पर सत्य की विजय, अशुभ पर शुभ की स्थापना, क्रूरता पर प्रेम तथा दया का प्रसार, प्रपंच तथा छल पर मानवीय सहजता की छाया की स्थापना में होती है। इस सृष्टि पर जब तक मानव जाति रहेगी, अपनी सांस्कृतिक धरोहर सत्य, प्रेम, दया, उदारता आदि श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों से संपृक्त ‘श्रीरामचरितमानस’ जैसे काव्य की रक्षा करती
रहेगी।इस प्रकार ‘श्रीरामचरितमानस’ निखिल मानव जाति की सनातन धरोहर है और इस टीका का मन्तव्य है—उसकी इस अमूल्य तथा परम शुभमयी धरोहर से उसे बराबर परिचित कराते रहना।
NTA UGC NET/JRF/SET Sociology 28 Solved Papers (2012-2021) & 10 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhikhna Pahari
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: "रमेश चंद्र हिंदी के अत्यंत प्रभावशाली शिल्पकार हैं । कहानी बुनने और कथानक को विश्वसनीयता के साथ आत्मीय बनाने के लिए रचनाकार की सूक्ष्म दृष्टि और मानवीय मूल्य की सकारात्मकता बेहद जरूरी होती है। इस एतबार से चंद्र स्वाभाविक रूप से हमें पारंगत नजर आते हैं। सबसे बड़ी विशेषता कहानी की पठनीयता होती है। चंद्र निस्संदेह अपनी पीढ़ी के ऐसे रचनाकार हैं, जिनमें बखूबी यह हुनर है। कहानी भी समाज का आईना होती है। और जब तक हमारा चेहरा साफ-साफ नहीं दिखता, हम आईने पर यकीन नहीं कर सकते। “भिखना पहाड़ी ' में शीर्षक कथा के अलावा अन्य कहानियों--ऊँघती उँगलियाँ और लाली लौट गई ! कमासुत, कसूर क्या था ? कैसे मरद हो जी ?, घंटाघर, जामुन की जड़, तेरी बेटी, तू जाने! दरकती दीवारें और जीरो माइल से गुजरते हुए जिंदगी के कई रंग रोशन होते हैं ।साँसों के निरंतर आरोह-अवरोह की तरह जिंदगी भी हर जगह अपनी सुविधा और शर्तों पर चलती है। ऐसे में हमारा गहन तजुर्बा ही रचनात्मकता के आवरण में ढलकर कोई जीवंत आकृति उकेर सकता है। यही जज्बा रमेश चंद्र की प्रायः सभी कहानियों में मौजूद है। चंद्र ने वक्त की नब्ज पहचानी है। कहानियाँ ऐसे मोड़ पर अवश्य ठहरती हैं, जहाँ हमें संभावनाओं के कई रास्ते नजर आते हैं। अपने कथा-परिवेश को चंद्र ने व्यापक बना दिया है। हम समझते हैं कि हिंदी के अलावा इन कहानियों को विभिन्न भाषाओं में अवश्य स्थानांतरित होना चाहिए, क्योंकि विषय और कथानक की दृष्टि से ये बदलती दुनिया की बेहद मार्मिक कहानियाँ हैं ।—डॉ. कासिम खुरशीद, अंतरराष्ट्रीय शायर, लेखक ओर शिक्षाविद्, मो. : 9334079876
Adhunik Vividh Kala Shabdsagar
- Author Name:
Roop Narayan Batham
- Book Type:

- Description: ‘आधुनिक विविध कला शब्दसागर’ तेईस आधुनिक सर्जनात्मक और व्यावसायिक कलाओं के सामान्य प्रचलित और महत्त्वपूर्ण शब्दों का संग्रह है। इसमें चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, नृत्य, नाटक, काव्य, फैशन, पाककला, गृहसज्जा, फोटोग्राफी, विज्ञान, फिल्म, टेलीविजन, संग्रहालय विज्ञान, पुरातत्त्व, अभिलेख, डिजाइन, शिल्प, सौन्दर्यशास्त्र, कला-समीक्षा, छापाकला आदि कलाओं से सम्बन्धित शब्द शामिल हैं। कोश के आरम्भिक पृष्ठों में सभी कला विषयों के शब्दों को अंग्रेजी के वर्णक्रमानुसार प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उसका वर्गीकरण, उच्चारण, हिन्दी पर्याय तथा साधारण शब्दों में उसकी सामान्य व्याख्या प्रस्तुत की गई है। अनेक कम प्रचलित किन्तु महत्त्वपूर्ण शब्दों के साथ कई अन्य तत्सम्बन्धित शब्दों के भी अंग्रेजी समानार्थी शब्द दिये गए हैं ताकि पाठक सहजता से कोश में प्रयुक्त शब्दों के भाव समझ सकें। शब्दों के शुद्ध उच्चारण के सम्बन्ध में सदैव मतभेद रहा है, मुख्यतः विदेशी भाषाओं के सन्दर्भ में। इस समस्या के निदान के लिए इसमें विदेशी शब्दों के शुद्ध उच्चारण में एक व्यावहारिक समझौता किया गया है, जैसे— Colour के वास्तविक उच्चारण ‘कलअॅ’ के स्थान पर ‘कलर’ ही रखा है, इस प्रकार ‘अ’, (R) ‘र’ की ध्वनि से समझौता किया गया है। उसी तरह Art के शुद्ध उच्चारण में ‘आट’ के स्थान पर ‘आर्ट’ स्वीकारा है। नाटक के एक शब्द ‘Daddy’ के लिए ‘पितातुल्य’ प्रतिष्ठित ‘नाट्यकर्मी’ के साथ उर्दू के शब्द ‘उम्रदराज फनकार’ को भी लिया गया है। अंग्रेजी शब्दों के हिन्दी सुबोध पर्यायों के लिए विभिन्न भारतीय भाषाओं के बोलचाल से जुड़े अनेक शब्दों को स्वीकार किया गया है। जैसे—‘Dedicated Artist’ के लिए ‘जुझारू कलाकार’, ‘व्रती कलाकार’ आदि। शब्दों के अधिकाधिक पर्याय देने के प्रयास में उनके भावार्थ से जुड़े भाव को प्राथमिकता दी गई है। जैसे Design शब्द के 18 तो Aesthetics के 9 पर्याय दिये गए हैं। यह कोश कभी-कभार कला के किसी शब्द की जानकारी मात्र देने वाला कोश नहीं है, कला के विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्वपूर्ण पाठ है। भारत में बहुउपयोगी कलाओं के समग्र कोश की रचना का यह सम्भवतः पहला प्रयास है, अतः इसमें अनेक त्रुटियों और कमियाँ रह गई होंगी। मुझे आशा है कि सुधी-पाठक इसे और समृद्ध करने के लिए अपने बहुमूल्य सुझावों से हमें अवगत करायेंगे।
Punarjanma
- Author Name:
Dr. Walter Semkiw
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book