Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण 50 प्रैक्टिस सेट प्रस्तुत पुस्तक ‘सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण गाइड’ एस.एस.सी., बैंकिंग, रेलवे, एन.डी.ए., पुलिस भर्ती, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग आदि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गयी है| वर्तमान पैटर्न पर आधारित इस पुस्तक में अभ्यर्थियों के अभ्यास हेतु 50 प्रैक्टिस सेट्स को शामिल किया गया है| जिससे अभ्यर्थी इस विषय से सम्बंधित परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह से समझ सके और उन्हें प्रश्नों के प्रकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके| पुस्तक की अभ्यास सामग्री अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में पेशेवर रूप से मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से दिए गए हैं| पुस्तक की महत्वपूर्ण विशेषताएं (1) समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखकर विशेष रूप से तैयार की गयी पुस्तक| (2) अभ्यास सामग्री (व्याख्यात्मक उत्तर के साथ) संबंधित विषय-विशेषज्ञ द्वारा निर्मित। (3) 50 प्रैक्टिस सेट का महत्वपूर्ण संकलन| (4) सभी प्रश्नों के उत्तर गहन संदर्भ और संशोधन के बाद प्रस्तुत| (5) अभ्यर्थियों के स्व-मूल्यांकन के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक|
Read moreAbout the Book
सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण 50 प्रैक्टिस सेट प्रस्तुत पुस्तक ‘सामान्य बुद्धि एवं तर्कशक्ति परीक्षण गाइड’ एस.एस.सी., बैंकिंग, रेलवे, एन.डी.ए., पुलिस भर्ती, संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग आदि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गयी है| वर्तमान पैटर्न पर आधारित इस पुस्तक में अभ्यर्थियों के अभ्यास हेतु 50 प्रैक्टिस सेट्स को शामिल किया गया है| जिससे अभ्यर्थी इस विषय से सम्बंधित परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह से समझ सके और उन्हें प्रश्नों के प्रकार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके| पुस्तक की अभ्यास सामग्री अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में पेशेवर रूप से मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से दिए गए हैं| पुस्तक की महत्वपूर्ण विशेषताएं (1) समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखकर विशेष रूप से तैयार की गयी पुस्तक| (2) अभ्यास सामग्री (व्याख्यात्मक उत्तर के साथ) संबंधित विषय-विशेषज्ञ द्वारा निर्मित। (3) 50 प्रैक्टिस सेट का महत्वपूर्ण संकलन| (4) सभी प्रश्नों के उत्तर गहन संदर्भ और संशोधन के बाद प्रस्तुत| (5) अभ्यर्थियों के स्व-मूल्यांकन के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक|
Book Details
-
ISBN9789390315604
-
Pages351
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Loksanskriti Mein Rashtravad
- Author Name:
Badri Narayan
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘लोकसंस्कृति में राष्ट्रवाद’ में शोध को एक ढाँचा प्रदान करने के लिए तीन लोक-कवियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है जो लोक-चेतना के तीन कालखंडों में प्रतिनिधि हैं। लोकसंस्कृति के कुछ अन्य रूपों का उपयोग इतिहास लेखन और लोकसंस्कृति में किया गया है। इसमें सन् 1857 के ग़दर की झलक भी शामिल है। लोकसंस्कृति को समय में बाँधने के कारण इस अध्ययन की कई सीमाएँ बन गई हैं।
पुस्तक में अन्तःअनुशासनिक तकनीकों एवं प्रविधियों का उपयोग किया गया है। इसमें मौखिक इतिहास की उपलब्ध प्रविधि को विकसित करने का प्रयास है। पुस्तक छह खंडों में विभाजित है—‘राष्ट्रवाद का प्रमेय’, ‘इतिहास-लेखन और लोकसंस्कृति’, ‘रचना-काल (1857 से 1900 ई.) : लोक-सजगता एवं सुखदेव भगत की संघटना का वृत्तान्त’, ‘विरचना-काल (1900-1920 ई.) : लोकसंस्कृति में स्वीकार और बहिष्कार : निर्धिनराम की गाथा’, ‘पुनर्रचना-काल (1920-1947 ई.) : लोकचेतना की क्रियात्मक क्षमता का पुनर्निर्माण और कवि कैलाश का सन्दर्भ’ तथा ‘निष्कर्ष’।
पुस्तक निश्चय ही पठनीय और संग्रहणीय है।
CTET Central Teacher Eligibility Test Poorv Varshon Ke Solved Papers (2021-2016) Paper 1 and 2
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Janiye Upanishadon Ko
- Author Name:
Ramkishore Vajpayee
- Book Type:

- Description:
स्वाध्याय-यात्रा का विराम-बिंदु तब तक लक्षित नहीं होता, जब तक मेधा विश्रांति में पर्यवसित होने को विकल न हो। विश्रांति में पर्यावसान से ही विद्या के आस्वादन की पीठिका सजती है। श्री रामकिशोर वाजपेयी की स्वाध्याय-यात्रा का यही परिदृश्य है। अध्यापन, वित्तीय संस्थान में सेवा, टे्रड यूनियन की गतिविधियाँ, सामाजिक सरोकार तथा राजनीति विज्ञान के शिखर विचारकों के चिंतन और बीसवीं सदी की राजनैतिक उथल-पुथल के विपुल साहित्य के अनुशीलन तथा लेखन में प्रवृत्त होकर श्री वाजपेयी अगाध जिज्ञासा के नए प्रस्थान खोजते रहे। विगत शती के साठ से अस्सी के दशकों के बीच सतीर्थ श्री वाजपेयी आधुनिक शंकर स्वामी करपात्रीजी महाराज और स्वामी महेशानंद गिरि के सान्निध्य में ब्रह्मविद्या विषयक जिज्ञासाओं का स्थिर समाधान खोज रहे थे तथा अपने विद्वत् शोध-पत्रों एवं व्याख्यानों में उसे अभिव्यक्त कर रहे थे। वैदिक सृष्टि-विज्ञान और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे गूढ़ विषयों पर उन्हें प्रामाणिक साहित्य के स्वाध्याय का सुअवसर सुलभ हुआ। प्रस्तुत पुस्तक में उपनिषद् विषयक सही और संक्षिप्त परिचय इसी अभिप्रेत से उनके द्वारा संकलित है कि ब्रह्मविद्या की आलोक-गुहा में ऋषियों के अनुभूत सत्यों की विविधता एवं उनके आत्मप्रकाश की प्रखरता से प्रवेशार्थी भ्रमित न हो जाएँ; ऐसे में यह कृति आश्वस्ति है और पाथेय भी। —डॉ. शिवकुमार दीक्षित ललित निबंधकार
Mission Everest 1965
- Author Name:
Capt. M.S. Kohli
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
UPPCL TECHNICIAN (VIDYUT) SAMOOH ‘C’
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Patnim Manoramam Dehi...
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Radhakrishna Nobel Puraskar Kosh : 1901-2016
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description:
'मेरा डायनामाइट दुनिया में शान्ति के लिए होनेवाले हज़ारों सम्मेलनों से भी जल्दी शान्ति ला देगा।'
—अल्फ़्रेड नोबेल
डायनामाइट का आविष्कार करनेवाले 'पागल वैज्ञानिक' ने जब अपनी वसीयत में एक ऐसी संस्था स्थापित करने की बात कही, जिससे 'उन लोगों को पुरस्कार (राशि) बाँटे जाएँ, जिन्होंने मानव जाति के लिए अपनी सेवाएँ प्रदान की हों', तो यक़ीनन उनका सपना विश्व शान्ति ही था। लेकिन इसके बावजूद विवाद लगातार सामने आते रहे। सोवियत रूस की सरकार ने सखारोव को 'शान्ति पुरस्कार' दिए जाने का विरोध जताया, तो चीन ने दलाई लामा को पुरस्कार दिए जाने पर। फिर भी नोबेल पुरस्कारों की स्वीकार्यता या इनके महत्त्व को नकारा नहीं जा सकता। सौ वर्षों से भी अधिक समय से इन पुरस्कारों की निरन्तरता अपने-आपमें एक अद्भुत करिश्मा है।
'नोबेल पुरस्कार कोश' का उद्देश्य है नोबेल पुरस्कारों के सम्बन्ध में पाठकों को पर्याप्त और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना। इस कोश में नोबेल पुरस्कारों के संस्थापक अल्फ़्रेड नोबेल की वसीयत के साथ ही उससे जुड़े विवादों व अन्य तथ्यों पर भी प्रकाश डाला गया है। रसायन व भौतिकी, साहित्य, चिकित्सा, शान्ति और अर्थशास्त्र के लिए दिए जानेवाले ‘नोबेल पुरस्कार’ के 1901 से 2016 तक के विजेताओं के नाम, परिचय के साथ पुरस्कार के मद्देनज़र उनके कार्य का विस्तृत ब्यौरा इस कोश में संकलित हैं। पुरस्कार विजेताओं की सूची के साथ ही पुरस्कृत संस्थाएँ, ‘नोबेल पुरस्कार’ से सम्मानित महिलाएँ, दो बार पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, एक ही परिवार के पुरस्कृत विजेताओं, मरणोपरान्त पुरस्कार प्राप्त करनेवालों, पुरस्कार लेने से मना करनेवालों इत्यादि की भी विस्तृत व प्रामाणिक जानकारी इस कोश में उपलब्ध कराई गई है।
इससे पहले ‘नोबेल पुरस्कार’ के बारे में इतनी अधिक और परिपूर्ण जानकारी देनेवाला कोई कोश हिन्दी में उपलब्ध नहीं था। इस दिशा में यह अपने-आपमें बहुत बड़ा प्रयास है। 116 वर्षों के अनूठे इतिहास को सँजोए यह कोश पाठकों के लिए संग्रहणीय है।
History of Indian English Literature
- Author Name:
M.K. Naik
- Book Type:

- Description:
Indian English literature began as an interesting by-product of an eventful encounter in the late eighteenth cntury between a vigorous and enterprising Britain and a stagnant and chaotic India, and is now nealy twi hundred years old. It is literature written originally in English by authors Indian by birth, ancestry or nationality. It is no part of English literature any more than American literature or Australian lterature can be said to be branch of British literature. It is legitimatly a part of Indian literature, since its differntia is the expression in it of an Indian ethos.
Nastikon ke desh mein: Netherlands
- Author Name:
Praveen Kumar Jha
- Book Type:

- Description:
लेखक प्रवीण झा शहरों और देशों के विचित्र पहलूओं में रुचि रखते हैं। आईसलैंड के भूतों के बाद यह अगला सफर नीदरलैंड के नास्तिकों की तफ़्तीश में है। इस सफर में वह नास्तिकों, गंजेड़ियों और नशेड़ियों से गुजरते वेश्याओं और डच संस्कृति की विचित्रता पर आधी नींद में लिखते नजर आते हैं। किताब का ढाँचा उनकी चिर-परिचित खिलंदड़ शैली में है, और विवरण में सूक्ष्म भाव पिरोए गए हैं। यह एक यात्रा-संस्मरण न होकर एक मन में चल रहा भाष्य है। भिन्न संस्कृतियों के साम्य और द्वंद्व का चित्रण है। इसी कड़ी में उनका सफर एक खोई भारतीयता का सतही शोध भी करता नजर आता है। पुस्तक ‘भूतों के देश में: आईसलैंड’ की शृंखला रूप में ‘नास्तिकों के देश में: नीदरलैंड’ शीर्षक से लिखी गयी है, लेकिन दोनों की शैली में स्वाभाविक अंतर है। ख़ास कर नीदरलैंड की गांजा संस्कृति और वेश्यावृत्ति पर लेखन नवीनता लिए है। इन विषयों पर अनुभव जीवंत रूप से दर्शाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, नीदरलैंड की नास्तिकता पर एक अलग दृष्टिकोण से विवरण है। किताब की ख़ासियत यह भी है कि नीदरलैंड के भिन्न-भिन्न शहरों और नहरों से उनकी नाव गुजरती है। वह देश की राजधानी एम्सटरडम में सिमटे नहीं रहते, बल्कि एक देश को भटक-भटक कर टटोलते हैं। और इस भटकाव में लेखक के अपने पूर्वाग्रह और अंतर्द्वंद्व भी जुड़ जाते हैं। लेखक सूफ़ियाना हो चलता है, और बह कर किसी द्वीप पर जा बसता है। वान गॉग की आखिरी तस्वीर में खो जाता है। जब वह कुछ दिन गुजारता है- नास्तिकों के देश में।
Kala-Mann (Essays)
- Author Name:
Dr. Rajesh Kumar Vyas
- Book Type:

- Description:
कला-मन' का अपना ही एक ललित स्वाद और संवाद है। राजेश कुमार व्यास कलाओं को लेकर एक खिड़की और आकाश एक साथ रचते हैं—खिड़की कलाओं को देखने-सुनने की और आकाश वह, जहाँ कुछ रचनात्मक घटित हो रहा है, जिसे देखने में हमें आनंद मिलता है। कलाएँ स्वयं अपने रचनाकारों के माध्यम से, मानो कुछ नया खोजती रहती हैं और पुराने को सहेजती भी हैं, जिसका नया होना, होते रहना कभी समाप्त नहीं होता। व्यास के लेखन में इस तथ्य का, इस बोध का, कलाओं के मर्म का भान सदा बना रहता है। एक जगह वह लिखते हैं-कला क्या है? आकार, रंग, अंतरिक्ष (स्पेस) का सम्मिलित सौंदर्य ही तो है !''''संगीत, नृत्य-चित्र, नाट्य को अपने में बसाते हम कला के समय में रूपांतरित हो जाते हैं। हम वह नहीं रहते, जो पहले थे। कला के समय का इससे बड़ा सच और क्या हो सकता है ! कलाओं का अंतर्सबंध भी राजेश कुमार व्यास की इस रचना में लगातार ध्वनित होता है। कलाओं के बारे में लिखते हुए वह, मानो पाठक को कलाओं के संसार में आने का निमंत्रण देते हैं। सुखद है कि व्यास नियमित ढंग से कलाओं पर लिखते हैं । उनको उत्सव- सा मानते हैं और उनमें विन्यस्त विचारों को रेखांकित करते हैं । निश्चय ही उनके लेखन से हिंदी में कला-लेखन समृद्ध हो रहा है। इसमें भला क्या संदेह कि एक बड़ा पाठक वर्ग उनकी इस पुस्तक को भी प्रीतिपूर्वक अपनाएगा, जिस तरह वह पहले भी अपनाता रहा है। —प्रयाग शुक्ल
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhautik Vigyan (CUET Physics in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhautik Vigyan (CUET Physics in Hindi 2022)
Team Prabhat
20% off₹ 225
₹ 180
Out of Stock
NAYE BHARAT KI NEENV
- Author Name:
Avanish Kumar Singh
- Book Type:

- Description:
जिस प्रकार पेड़-पौधों का विकास कृषि द्वारा होता है, उसी प्रकार मानव समाज का विकास शिक्षा द्वारा होता है। शिक्षा कैसी हो जिससे राष्ट्र सुशिक्षित ही नहीं सुदृढ़ भी बने—इसका निर्धारण शिक्षा नीति ही करती है। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने जा रही है। यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित है। इस पुस्तक में भारतवर्ष में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक शिक्षा पद्धतियों पर प्रकाश डाला गया है, तत्पश्चात् राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को केंद्र में रखकर शिक्षा जगत् में होनेवाले परिवर्तनों और उनके प्रभावों पर विचार किया गया है। लागू होने जा रही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संबंध में देश के ख्यातिप्राप्त विद्वानों के विचारों को ज्यों-का-त्यों प्रस्तुत किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में विश्व के प्रमुख देशों की शिक्षा व्यवस्था को समझने-समझाने का एक प्रयास भी किया गया है। अंततः राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रहे युगांतरकारी परिवर्तनों का उल्लेख किया गया है। साथ ही इस बात को व्याख्यायित करने का प्रयास किया गया है कि शिक्षा नीति से हमारा राष्ट्र कैसे उन्नति-प्रगति करेगा, बेरोजगारी कैसे दूर होगी, हमारे विद्यार्थियों को—जो हमारे देश का भविष्य हैं—शिक्षा प्राप्त करने के उत्तमोत्तम अवसर कैसे प्राप्त होंगे।
Prashasnik Kosh (Angreji-Hindi)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

- Description:
इस शब्दकोश की ख़ास विशेषता यह है कि इसमें अपने समय के तमाम ज़रूरी विषयों के शब्दों को संगृहीत किया गया है—अर्थ व्याख्या, आयोजन (planning), उद्योग-धन्धे, कार्यालयी कार्य, डाक-तार-संचार, नागरिक आपूर्ति, परिवहन, पुलिस प्रशासन, प्रसारण और दूरदर्शन, बीमा, बैंकिंग, मुद्रण, रक्षा, राजनीति विज्ञान, रेलवे, लेखा-परीक्षण, लेखाविधि, वाणिज्य, वास्तुकला, वित्त, विदेश-नीति, विधि (क़ानून), शिक्षा, श्रम और रोज़गार, संसदीय मामले, संस्कृति, समाज कल्याण, सहकारिता और स्वास्थ्य आदि।
निस्सन्देह, अंग्रेज़ी से हिन्दी का यह कोश सरकारी काम करनेवालों और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी और संग्रहणीय है।
RRB Para-Medical Staff
- Author Name:
Vivek Shukla
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vaishwik Prem Kahaniyan
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description:
Book
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Samajshastra 14 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Sociology Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Kuchh Suni Kuchh Ansuni Kahaniyan
- Author Name:
Surya Sinha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Shiksha Shastra Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Education Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Tishnagi (Diwan-A-Hafeez)
- Author Name:
Gaurav Krishna Bansal ‘Hafiz’
- Book Type:

- Description:
तिश्नगी महज़ एक किताब नहीं है। यह आपकी दोस्त है। अगर आपके दिल में कोई जज़्बा है—प्यार, मसर्रत, अफसोस, गुस्सा या और भी कुछ—तो आप उसे इस दीवान में ज़रूर पाएँगे। कई बार ऐसा होता है कि हम अपने जज़्बे को लफ्ज नहीं दे पाते। अगर आपके अंदर जज़्बात हैं, तो बहुत मुमकिन है कि दीवान-ए-हाफज़ आपके जज़्बात को अल्फाज़ दे दे। अगर आप किसी से कुछ कहना चाहते हैं तो शायद ये किताब बड़ी तहज़ीब से, तरीके से अपनी बात कहने में आपकी मददगार साबित हो। ऐसा भी हो सकता है कि जो नए शोअरा अदब की दुनिया में कदम रख रहे हैं, उन्हें इस दीवान से कुछ सीखने को मिल जाए। इस किताब में उर्दू शायरी की तीनों सिनफें हैं—गज़ल, रुबाई और नज़्म। आप इस किताब के पन्ने पलटिए और बहुत मुमकिन है कि आपको किसी पन्ने पर आपकी खुशी बाँटती हुई कोई गज़ल, या आपके बिछड़े दोस्त को बुलाती हुई कोई नज़्म, या फिर आपकी उदासी को साझा करती हुई कोई रुबाई मिल जाए। दीवान-ए-हािफज़ एक तोहफा है उन सबके लिए, जिन्हें अच्छी शायरी पसंद है और उर्दू अदब से मुहब्बत है।
Persian Hindi Dictionary : Vols. 1-2
- Author Name:
Chandrashekhar
- Book Type:

- Description:
फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं। प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है। आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book