Shrikant (Vol.-2)
Author:
Sarat Chandra ChattopadhyayPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
जिस भ्रमण-कथा के बीच ही में अचानक एक दिन यवनिका खींचकर विदा हुआ था, कभी फिर उसी को अपने हाथ से उद्घाटित करने की अपनी प्रवृत्ति न थी। मेरे गाँव के रिश्ते के दादाजी, वे जब मेरी उस नाटकीय उक्ति के जवाब में सिर्फ जरा मुसकराए तथा राजलक्ष्मी के झुककर प्रणाम करते जाने पर जिस ढंग से हड़बड़ाकर दो कदम हट गए और बोले, ' अच्छा! अहा, ठीक तो है! बहुत अच्छा ! जीते-जागते रहो!” कहते हुए कौतृहल के साथ डॉक्टर को साथ लेकर निकल गए, तो उस समय राजलक्ष्मी के चेहरे कौ जो दशा देखी, वह भूलने कौ नहीं, भूला भी नहीं; लेकिन यह सोचा था कि वह नितांत मेरी ही है, दुनिया पर वह कभी किसी भी रूप में जाहिर न हो, परंतु अब लगता है, अच्छा ही हुआ, बहुत दिनों के बंद दरवाजे को फिर मुझी को आकर खोलना पड़ा। जिस अनजान रहस्य के लिए बाहर का क्रोधित संशय अविचार का रूप धारण करके बार-बार धक्के मार रहा है, यह अच्छा ही हुआ कि बंद द्वार का अर्गल खोलने का मुझे ही मौका मिला।
ISBN: 9789352662630
Pages: 312
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Premchand : Addhyan Ki Nai Dishayen
- Author Name:
Kamal Kishore Goenka
- Book Type:

- Description: हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक प्रेमचंद पर विद्वान लेखक डॉ. कमल किशोर गोयनका द्वारा लिखा गया एक अनूठा ग्रंथ।
Vedic Vichar
- Author Name:
Chitranjan Savant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Bhagat Singh Prashnottari
- Author Name:
Yavindar Singh Sandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Taju Sansay Bhaju Rama
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHAROSA EVAM ANYA KAHANIYAN (PB)
- Author Name:
Anima Khesh
- Book Type:

- Description: कहानियाँ लोगों तक अपने विचार पहुँचाने का सशक्त माध्यम होती हैं। एक साहित्यिक पत्रिका के संपादकीय में पढ़ा था कि चिकित्सा जगत् से संबंधित बहुत कम कहानियाँ लिखी णई हैं। लोगों में रोज से जुड़े अंधविश्वास एवं गलतफहमियाँ भी होती हैं | चिकित्सक अपने मेडिकल एथिक्स से बँधा होता है, पर उसे अपने रोगियों को संतुष्ट भी करना होता है | चिकित्सक अपनी सेवा काल के दौरान विभिन्न प्रकार के रोगियों एवं उनके परिजनों के संपर्क में आते हैं। उनमें से कुछ रोगी, उनके परिजन या उनसे जुड़ी घटनाएँ भ्रुलाई नहीं जा सकती हैं; वे कहानी का रूप ले लेती हैं | कुछ घटनाओं या परिस्थितियों के पीछे हमारी सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक बंदिशें होती हैं। यह पुस्तक लंबे समय से चिकित्सा के क्षेत्र में सेवारत लेखिका की स्वयं की अनुभूत स्थितियों और घटनाओं का कहानी रूप में चित्रण है | इनमें संवेदना, मार्मिकता, सहानुभूति और जीवन के विविध रंण चित्रित हैं।
History of Nepali Literature
- Author Name:
Kumar Pradhan
- Rating:
- Book Type:

- Description: Nepali is widely spoken in the Himalayan terrain. Like many other Indo-Aryan languages, Nepali took its birth and grew in the Indian sub-continent long before India and Nepal took their present political shape. The story of Nepali literaturrebegins from the thirteenth century rock inscriptions and has a chequered course. Prose writing in Nepali began earlier than in many other languages of India, and has steadily developed. Other genres appeared gradually and flourished.
Siri Gita Jee Cho Mahema
- Author Name:
Ramsingh Thakur
- Book Type:

-
Description:
सिरी गिता जी चो महेमा के ए किताप भितरे भाइगमानी सिरी ठाकुर साहेब इतरो सुँदर साँगलासोत की एके पढ़तो लोग एक हार पढ़ुक मुरयाला बल्ले हुन मन के किताप के छाँडुक नीं भायदे। मोके बिस्वास आसे की एके सब झन खुबे मन करदे आउर आपलो सँगे-सँगे आपलो घर-गाँव चो लोग मन के बले पढ़तो काजे साँगदे-बलदे। एचो सँगे-सँगे जे लोग पढ़ुक नीं सकोत नाहले नीं जानोत, असन मन के पढ़ुन भाती साँगतो बले पढ़लो-गुनलो लोग चो धरम आय। तेबेय ए किताप भितरे साँगलो गियान चो गोठ गुलाय बाटे बिगरेदे। फुल चो सुँदर बास असन गुलाय माहकेदे।
—हरिहर वैष्णव
Bharatiya Vangmay Evam Kalkram: Kinnar Darshan
- Author Name:
Reshma Prasad
- Book Type:

- Description: राम की बधाई परंपरा विधर्मी की चादर से ढक गई है। उस चादर को किस तरीके से हटाया जा सकता है। सनातन धर्म के उन मूल्यों को स्थापित किया जा सकता है, जिन मूल्यों के आधार पर यह परंपरा निरंतर चलती हुई आ रही है। यह परंपरा अब अपराधीकरण और आर्थिक उपार्जन का साधन बन गई है। परंपरा के नाम पर गृहस्थ भाव के व्यक्ति ने तपस्वी भाव को समाप्त कर दिया है। पहचान के संघर्ष को इस तरीके से समाज में ले गए कि आज समुदाय की पहचान समाज में डर की हो गई है। इस डर को किस तरीके से निकाला जाए। समुदाय को सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार वापस लाया जाए। इसे सिर्फ जीविकोपार्जन के साधन के रूप में समझौतावादी स्थितियों से न गुजारा जाए। इसके लिए किस तरीके से कार्य किया जा सकता है कि किन्नर समुदाय के मठ और मंदिर स्थापित हों और उनमें नशे के आदी और सेलिब्रिटी पहचान की जरूरत वाले व्यक्ति शामिल न हों। पुस्तक को अलग-अलग तरीके से साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया है। किन्नर समुदाय की कला एवं परंपरा को कैसे पुनः स्थापित किया जा सकता है, इस पर भी प्रकाश डाला गया है।
BHARAT KA ITIHAS
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: वर्तमान सामाजिक और राजनैतिक माहौल में हम अपने इतिहास को नजरअंदाज करने लगे हैं। आज निचले वर्ग केपाठ्यक्रम में भी इतिहास एक स्वतंत्र विषय के रूप में नहीं रह गया। उसे सामाजिक विज्ञान का एक छोटा सा अंश बना दिया गया है। फलतः छात्रों को अपने देश के इतिहास से पूरा परिचय नहीं हो पाता। वे अपने पूर्वजों की आन, बान और शान से, उनके त्याग व बलिदान से उनकी शूरता एवं वीरता से परिचित नहीं हो पा रहे हैं। उनमें राष्ट्रीयता की भावना का लोप होने लगा है। यह स्थिति चिंताजनक है। सरकार, शिक्षक सबका दायित्व है कि वे छात्रों में इतिहास प्रेम जगाने का प्रयास करें। भारतीय इतिहास की यह पुस्तक मैंने इसी भावना से प्रेरित होकर लिखी है। मैंने इसमें मुख्य रूप से मुगलकालीन एवं ब्रिटिशकालीन भारत की राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दशाओं पर प्रकाश डालने का एक छोटा सा प्रयास किया है। मैंने छात्रों को यह बताने का प्रयास किया है कि हमारे इतिहास ने कहाँ-कहाँ चूक की है, जिसका लाभ उठाकर विदेशियों ने कितनी बार हमारे सोने की चिडि़या के पर कुतरने की कोशिश की है। फिर भी हम अपनी अस्मिता को बचाए रखे हैं। पुस्तक की सफलता या विफलता तो पाठकों के निर्णय पर है।
Aadhunik Hindi Proyog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग।
भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं।
प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है।
सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं।
‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Harsingar
- Author Name:
Kumar Arunodaya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
YOGIGATHA
- Author Name:
Shantanu Gupta
- Book Type:

- Description: यह जीवनी आपको अपने चार खंडों में योगी आदित्यनाथ के जीवन के चार पहलुओं से होकर ले जाती है। पुस्तक का आरंभ योगी के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के वर्तमान रूप; 2017 की उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति; यू.पी. का सी.एम. चुने जाने के तथ्यों और पंचम तल (यू.पी. के सीएम का दफ्तर) से होता है। दूसरा खंड आपको योगी आदित्यनाथ के पाँच बार के सांसद के रूप में लंबे कार्यकाल; चुनावी जीत; संसद् में उनकी कुशल भागीदारी; उनके तथाकथित विवादित भाषणों की सच्चाई; लव-जिहाद की उनकी सोच के पीछे का तर्क; घर वापसी; हिंदू युवा वाहिनी और भाजपा के साथ उनके संबंध से परिचित कराता है। तीसरे खंड में लेखक अपने पाठकों को गोरखनाथ मठ के महंत अवेद्यनाथ; योगी आदित्यनाथ; उनकी कठोर यौगिक दिनचर्या; नाथ पंथ के गुरुओं और कई दशकों से मठ की सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता से होकर ले जाते हैं। आखिरी खंड में लेखक अपने पाठकों को उत्तराखंड के इलाके में पले अजय सिंह बिष्ट के बचपन से जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प और उनके अपनों के मुँह से कही बातों के साथ छोड़ देते हैं; जो गायों; खेतों; पहाड़ों; नदियों के बीच पला-बढ़ा और आगे चलकर एक सांसद और मुख्यमंत्री बना।
Rajkamal Angreji Hindi Vakyansh Evam Muhavara Kosh
- Author Name:
Suresh Awasthi +1
- Book Type:

- Description: अनुवादकों तथा सामान्यतः अंग्रेज़ी भाषा में रुचि रखनेवाले पाठकों तथा विद्यार्थियों के लिए तैयार इस कोश में लगभग 7000 वाक्यांश तथा मुहावरे सम्मिलित हैं। इनका चयन किसी एक कोश से नहीं, बल्कि सामान्य प्रयोग में आनेवाले जनसंचार माध्यमों, पाठ्य-पुस्तकों और व्यावहारिक जीवन से किया गया है। प्रशासनिक क्षेत्र में कार्यरत अनुवादकों को ध्यान में रखते हुए इसमें वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की शब्दावली में सम्मिलित वाक्यांशों को भी लिया गया है, ताकि प्रशासनिक साहित्य व दस्तावेज़ों का अनुवाद कार्य करनेवाले व्यक्तियों के लिए भी यह कोश उपयोगी हो सके। साथ ही इस कोश में उन वाक्यांशों को भी रखा गया है जो देखने में एकल क्रिया रूप प्रतीत होते हैं, लेकिन परसर्गों से मिलकर वाक्यांशों के रूप में प्रयुक्त होने लगते हैं।
Ram Katha
- Author Name:
Hiralal Shukla
- Book Type:

-
Description:
आदिवासी जनजातियों की बोली हल्बी में रचित ‘राम कथा’ पुस्तक में सिर्फ़ राम की कथा ही नहीं है, बल्कि वह आध्यात्मिक चेतना भी है जिससे जीवन-उद्देश्य के लिए कठिन रास्ते और धुँधली दिशाएँ तय की जा सकती हैं और अपने सपनों के मुताबिक़ अपना संसार रचा जा सकता है। इस तरह अँधेरे में जैसे एक रोशनी हो—यह कथा—राम कथा।
गोस्वामी तुलसीदास की कृति ’रामचरितमानस’ ‘भक्ति-शक्ति और मुक्ति’ की कृति है। चार सौ वर्षों के बाद भी जन-जन में समाहित इस कृति में 'युग का समय और समय का युग' एक सम्पूर्णता में श्रेष्ठतम सृजन में 'देखने' और 'दिखने' को मिलता है। यह पुस्तक उसी समय-सृजन युग से जुड़ने और जोड़ने की एक सतत प्रक्रिया प्रतीत होती है।
यह पुस्तक रामकथा के बहाने हाशिए की ज़िन्दगी जी रही जनजातियों के लिए एक सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि भी तैयार करती है कि वही भक्ति सच्ची भक्ति है, जिसमें शक्ति के स्रोत हों और वही शक्ति वास्तविक शक्ति है, जिसमें मुक्ति की सम्भावना हो।
The Hidden Hindu Book 2 "द हिडन हिंदू-2" - अक्षत गुप्ता (Hindi Version of Hidden Hindu 2) - Akshat Gupta
- Author Name:
Akshat Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadar Andolan ka Itihas
- Author Name:
Bhairab Lal Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Ankaha Itihas
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में आप पढ़ेंगे एक अहिंसक तानाशाह को, जिसने नियमों को हमेशा ताक पर रखा। कहानी कम्युनिज्म के नशे में चूर एक युवा नेता की, जिसने यहाँ तक कह दिया कि “सोवियत की जेलों में रहना बेहतर है, बजाय भारत की किसी फैक्टरी में काम करने से !'' कहानी एक ऐसे संगठन की, जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मान कर भारतीय अस्मिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा। साथ ही हम जानेंगे, आखिर कैसे रचा गया खालिस्तान का षड्यंत्र ? कितनी बार हुआ कश्यप की धरती पर उन्हीं के वंशजों का पलायन ? हम बात करेंगे इतिहास के मिथ्याकरण की, जिसमें कपटपूर्ण चालों से झूठ को सच बताया गया। आप पढ़ेंगे एक ऐसे वीर को, जिसके साहस के आगे समुद्र को भी अपनी रफ्तार धीमी करनी पड़ी और फ्रांस जैसे सशक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति को त्यागपत्र तक देना पड़ा। आज आवश्यकता है इतिहास के पुनरावलोकन की, ताकि हम स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करनेवाले सच्चे वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें एवं उनसे प्रेरणा लेकर भविष्य की चुनौतियों का हल निकालने का प्रयास करते हुए स्वाधीनता की 100वीं वर्षगाँठ पर भारत को एक विश्वगुरु के रूप में प्रतिस्थापित कर सकें |
Coronanama : Buzurgon Ki Ankahi Dastaan
- Author Name:
Amit Rajpoot
- Book Type:

- Description: "यह रिपोर्ताज-संग्रह कोरोनानामा : बुजुर्गों की अनकही दास्तान वैश्विक महामारी कोविड-19 यानी कोरोना-काल में बुजुर्गों के प्रति सजगता को परिलक्षित करती हुई उनकी विशिष्ट भूमिकाओं की एक ग्राउंड रिपोर्ट है। इसमें पाठकों को इस सामाजिक आपातकाल में वृद्धजनों की सेवा, सहयोग और सम्मान के कुछ अप्रतिम उदाहरणों के बारे में पढ़ने को मिलेंगे। बुजुर्गों की सेवा और उनके वीरत्व के ये उत्कृष्ट उदाहरण अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय हैं। बुजुर्गों के प्रति संवेदना और श्रद्धा की आधारित घटनाओं की सजीवता न सिर्फ आपके हृदय को स्पर्श करेगी वरन् आपको भी किसी-न-किसी रूप में इनसे संबद्ध करेगी। हर वर्ग के पाठकों के भीतर संवेदनाओं को उकेरे और समाज में बुजुर्गों के प्रति हमारी भूमिका को रेखांकित कर पाए तो इसका प्रकाशन सोद्देश्य होगा।
Delhi Police (Ministerial) Head Constable Bharti Pareeksha-2022 (Delhi Police HC Ministerial Recruitment 20 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History of Indian English Literature
- Author Name:
M.K. Naik
- Rating:
- Book Type:

- Description: Indian English literature began as an interesting by-product of an eventful encounter in the late eighteenth cntury between a vigorous and enterprising Britain and a stagnant and chaotic India, and is now nealy twi hundred years old. It is literature written originally in English by authors Indian by birth, ancestry or nationality. It is no part of English literature any more than American literature or Australian lterature can be said to be branch of British literature. It is legitimatly a part of Indian literature, since its differntia is the expression in it of an Indian ethos.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book