Saral Gita
(0)
Author:
Mahesh SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
200
₹ 160 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788173156236
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
BPSC (Bihar Public Service Commission) General Studies Combined (Preliminary) Competitive Examination 20 Practice Sets (Including 68th Solved Question Paper)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanatan Dharmakosh Antim Satya
- Author Name:
Krishna Mohan Prasad Singh
- Book Type:

-
Description:
पुस्तक के आत्म-निवेदन में डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद सिंह लिखते हैं कि इस धार्मिक पुस्तक में भगवान की तीन महाशक्तियाँ—श्रीराधा, श्रीसीता और श्रीशिवा, चारों वेद, अठारहों पुराण, 108 उपनिषदों, वाल्मीकि एवं स्वामी तुलसीदास कृत रामायण के सात कांडों, गीता के 18 अध्यायों, ओंकार-परमात्मा की ध्वनि, धर्म-परमात्मा की आत्मा, पंच देवता उपासना—पदार्थों एवं जीवों की उत्पत्ति का मूल कारण, महामंत्रों की शक्तियाँ एवं आधुनिक
परिवेश में धर्मशास्त्रों पर आधारित कतिपय मूल प्रश्नों के उत्तर अत्यन्त ही सरल, सूक्ष्म एवं व्यावहारिक रूप से चित्रित किए गए हैं। ब्रह्म सनातन है, परब्रह्म सनातन है। परमात्मा ही धर्म है, और सिर्फ़ वही अन्तिम सत्य है।
‘वृहदाकार सम्पूर्ण धर्मशास्त्रों को समेटकर गूढ़ तत्त्वों को जिज्ञासु पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करना बड़ा ही चुनौतीपूर्ण कार्य है। लेकिन यदि आप इसे थोड़ा-बहुत ही आत्मसात् कर सकें तो मेरे लिए बड़े ही सौभाग्य की बात होगी।’
वस्तुतः यह पुस्तक मनुष्य को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ जिज्ञासा, आस्था, और विश्वास की विचित्र छवियाँ हैं। भौतिकता से आक्रान्त इस युग में यदि कोई अभौतिक सत्य का साक्षात्कार करना चाहता है तो यह पुस्तक उसे प्रकाश प्रदान कर सकती है। तर्क और तर्कातीत के मध्य विचरण करती यह रचना विराट चेतना की ओर पाठक का ध्यान आकृष्ट करती है।
Mera Rang De Basanti Chola
- Author Name:
Malwinder Jit Singh Waraich
- Book Type:

- Description: क्रांतिवीर भगत सिंह का नाम सुनते ही माँ भारती के एक ऐसे वीर सपूत की तसवीर सामने आ जाती है, जो मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में ही अपनी मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए फाँसी के फंदे पर झूल गए। हुतात्मा भगत सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की जड़ें हिला दी थीं। उनकी दृढ़ता, देशभक्ति, आत्मार्पण, संकल्पशीलता अनुकरणीय और अद्भुत थी। वे सदा हम भारतीयों को प्रेरित करते रहेंगे। उनका बलिदान, उनके विचार, उनकी ऊर्जा हमारे मन-मस्तिष्क को सदा भारतवर्ष के लिए समर्पित रहने के लिए बल देती रहेगी। भगत सिंह बहुपठित और अध्ययनशील क्रांतिकारी थे। उनकी दूरदर्शिता और तेजस्विता का ही परिणाम था कि लाखों युवा भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त करवाने के लिए स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े। शहीद भगत सिंह के जीवन पर अत्यंत प्रामाणिक एवं पठनीय पुस्तक, जो उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर फाँसी के फंदे को चूमने तक के संघर्षशील और त्यागमय जीवन की झलक दिखाती है। इसे पढ़कर हर पाठक के मन में भाव उठेंगे-- 'मेरा रंग दे बसंती चोला '।
SSC (SI & ASI) Sub-Inspector & Assistant Sub-Inspector 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zindagi Ke 78 Kohinoor
- Author Name:
Mrityunjay Kumar Singh
- Book Type:

- Description: जीवन में होने वाली घटनाएँ हमेशा हमें कुछ-न-कुछ सिखाकर हमारा ज्ञान, अच्छाई और तजुर्बा बढ़ाती हैं। जीवन में कभी-कभी अच्छाई के लिए मनुष्य को कुछ-न-कुछ त्याग करना पड़ता है। जीवन में अच्छाई की यह शिक्षा इनसान को प्रकृति से मिली है। प्रकृति के प्रत्येक कार्य में सदैव भलाई की भावना निहित दिखाई पड़ती है। नदियाँ अपना जल स्वयं न पीकर दूसरों की प्यास बुझाती हैं। वृक्ष अपने फल दूसरों को अर्पित करते हैं। बादल पानी बरसाकर धरती की प्यास बुझाते हैं। सूर्य तथा चंद्र भी अपने प्रकाश को दूसरों में बाँट देते हैं। इसी प्रकार अच्छे इनसान का जीवन भलाई में ही लगा रहता है। जीवन में हर इनसान छोटे-छोटे कार्य करके अनेक प्रकार की अच्छाई संसार में कर सकता है। भूखे को रोटी खिलाकर, अशिक्षितों को शिक्षा देकर, जरूरतमंद को दान देकर, प्यासे को पानी पिलाकर व अबलाओं तथा कमजोरों की रक्षा कर अच्छाई की जा सकती है। —इसी पुस्तक से भारत के सांस्कृतिक एवं धार्मिक इतिहास से गहरे लगाव के कारण कोरोना काल में फुर्सत के पलों में तैयार पुस्तक ‘जिंदगी के 78 कोहिनूर’ में घटनाओं और प्राप्त अनुभवों के आधार पर जिंदगी की वास्तविकता को जैसा लेखक ने समझा है, उन्हें दृढ़ संकल्प, साफ नीयत और अटल निष्ठा के साथ स्पष्ट करने का प्रयास किया है। मेरा यह पहला प्रयास आपके सामने है। यह कैसी बन पड़ी है, इसका निर्णय आपको करना है।
Aadhunik Hindi Prayog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग। भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं। प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है। सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं। ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Aanand Ki Raah (Hindi)
- Author Name:
Rajendra Tiwari
- Book Type:

- Description: विश्व में अशांति, कलह, संघर्ष, युद्ध, नकारात्मकता, ईर्ष्या, अहम् की प्रतिस्पर्धा में शांतिविहीन समाज का स्वरूप बन रहा है, जिस कारण अभाव, अपूर्णता, असंतुष्टता पनप रही है। व्यक्ति का आंतरिक सुख व आनंद विलुप्त हो रहा है। प्रश्न यह है कि हमारा मन शांत और संतुष्ट कैसे हो व हम आनंद कैसे प्राप्त करें? प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने स्पष्ट किया है कि अध्यात्म का तात्पर्य किसी धर्म-विशेष से नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति को सही व गलत के भेद को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का रास्ता मिलता है, विवेकशीलता जाग्रत् होती है। आध्यात्मिक चिंतन में द्वंद्व और भेदभाव नहीं है। यह विषय सिर्फ संत-महात्माओं और भक्ति के क्षेत्र से जुडे़ व्यक्तियों के लिए ही नहीं है, बल्कि इसकेमाध्यम से मनन करके हम आनंद की राह खोज सकते हैं। हमें हमारे शिक्षणकाल में उस ज्ञान को परोसा ही नहीं जा रहा है जो आनंद के आभास की राह बताता हो। जीवन का उद्देश्य आनंद में रहने का है। मनुष्य के नैसर्गिक गुणों में द्वंद्व, भ्रम, अवसाद, चिंता, व्यग्रता, असंतोष, असंतुलन, क्लेश आदि ग्राह्य नहीं हैं। प्रसन्न रहना एक स्वाभाविक गुण है। अतः जीवन में संतोष और उल्लास प्राप्त करने के लिए मानवीय गुण तथा आध्यात्मिक-सांस्कृतिक चिंतन प्राप्त करने के लिए प्रसन्न रहिए, आनंदित रहिए। इसी से जीवन में आनंद की राह प्रशस्त होगी। व्यावहारिक जीवन में आनंद का एकमात्र साधन आध्यात्मिक चिंतन है। पुस्तक की प्रस्तावना मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति माननीय श्री जस्टिस आनंद पाठक ने प्रस्तुत की है।
BPSC Bihar Shikshak Bahali Samajshastra Bhag-1 (Sociology) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Police Aur Samaj
- Author Name:
S. Akhilesh
- Book Type:

- Description: डॉ. एस. अखिलेश द्वारा लिखी गई यह पुस्तक ‘पुलिस और समाज’ एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समस्त देश की पुलिस प्रशिक्षण-शालाओं के लिए अनुशंसित पाठ्यक्रम के अनुरूप है। इस पुस्तक की रचना के सम्बन्ध में लेखक की विषय पर पकड़, मौलिक विचार और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशंसनीय है। पुस्तक के सत्रह अध्याय इस प्रकार हैं : ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता-आन्दोलन’, ‘प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का योगदान’, ‘संविधान की प्रमुख विशेषताएँ’, ‘मौलिक अधिकार : कर्तव्य एवं नीति-निर्देशक सिद्धान्त’, ‘स्वाधीन भारत में राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन और उनका पुलिस पर प्रभाव’, ‘समाज के दुर्बल वर्ग के लोगों का उत्थान’, ‘राजनीतिक दलों का संगठन एवं उनकी विचारधाराएँ’, ‘राष्ट्रीय एकीकरण’, ‘प्रमुख सामाजिक समस्याएँ’, ‘प्रमुख तात्कालिक घटनाएँ’, ‘मानव व्यवहार’, ‘पुलिस की छवि’, ‘लोक-सम्पर्क एवं लोक-सम्पर्क अधिकारी’, ‘पुलिस-आचरण के सिद्धान्त एवं दृष्टिकोण’, ‘पुलिस का व्यवहार’, ‘नीति और नैतिकता’, ‘शिष्टाचार’, ‘नागरिक अधिकार एवं स्वतंत्रताएँ’। निस्सन्देह, अपने विषय उद्देश्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कृति।
Drishtikon
- Author Name:
Lal Krishna Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KVS Kendriya Vidyalaya Sangathan PRT : Primary Teacher Written Examination 2023 (Complete Syllabus) Guidebook
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UP TGT Vanijya 14 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Commerce Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class: 1-5) 24 Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSSC AVAR DAROGA MUKHYA PAR. (30 PRCT SET)-NEW
- Author Name:
Ram Mohan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARTIYA VAYU SENA AIRMEN GROUP Y GAIR TAKNIKI TRADES PARIKSHA-2021 30 PRACTICE SETS (REVISED 2021)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pahadiya Janajati: Itihas Evam Sanskrti
- Author Name:
Dr. Surendra Nath Tiwary
- Book Type:

- Description: भारत में पिछले 50 वर्षों के दौरान जनजातीय जीवन के संबंध में नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन का महत्त्व बढ़ा है। नृ-पुरातत्त्व के अंतर्गत समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवहारों तथा भौतिक संस्कृति के विभिन्न तत्त्वों का अध्ययन प्राप्त पुरातात्त्विक अवशेषों की विशेषताओं के आधार पर किया जाता है। इस पद्धति ने जनजातीय अध्ययन को बड़ा फलक प्रदान किया है। इसमें परिवर्तन तथा निरंतरता का विशेष महत्त्व है। पहाडि़या आदिम जनजाति पर पूर्व में किए गए शोध व लेखन की तुलना में यह पुस्तक कई मायनों में खास है। यह पहाडि़या जीवन पर शोध की दिशा में ठोस वैज्ञानिक आधारों पर नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखक डॉ. सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इस पुस्तक में पहाडि़या जनजाति पर शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक स्थितियों का सांगोपांग वर्णन किया है। इसमें आदियुग के कई सूत्र छिपे हुए हैं, जो समाजशास्त्रियों, नीति-निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित आम पाठक के साथ-साथ इतिहासकारों व पुराविदों को भी रुचिकर लगेंगे।
SBI PO Prelim Online Bharti Pareeksha Phase-I Prarambhik Pareeksha 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Bharat Ka Itihas
- Author Name:
Vivek Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ZINDAGI BULA RAHI HAI
- Author Name:
Smt. Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: Description of the book is awaited.
BPSC Bihar Shikshak Bahali Samanya Adhyayan: Prathamik Vidyalaya Ke Adhyapakon Ke Liye
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book