Hamare Ped-Paudhe Aur Jungle
(0)
₹
100
₹ 80 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788177212228
-
Pages35
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
MAHARAJA RANJIT SINGH
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lincoln: The Unknown
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ACHARYA VINOBA BHAVE
- Author Name:
Sumit Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meri Ayodhya, Mera Raghuvansh
- Author Name:
Rajeev "Acharya"
- Book Type:

- Description: हम दोनों भ्राता जब तक अपनी कुटी तक पहुँचते, तब तक अनर्थ घटित हो चुका था। हमारी कुटी रिक्त थी। भूमि पर धूलिकणों के मध्य अन्न एवं पात्र औंधे पड़े थे। 'सीते!' मैंने पुकारा, परंतु प्रत्युत्तर नहीं मिला। 'सीते!' मैंने पुन: पुकारा; पुन: प्रत्युत्तर में मुझे मौन ही प्राह्रश्वत हुआ। तत्पश्चात मैं भयभीत कुटी के प्रांगण में आया, जहाँ विशाल वटवृक्ष अवस्थित था। 'सीते! वृक्ष की आड़ में छिपकर मेरे साथ क्रीड़ा न करो। यह हास का समय नहीं है!' फिर भी मुझे कोई उत्तर नहीं मिला। अब मैं उसके पदचिन्हो को देखते हुए आगे बढऩे लगा। रथ के पहियों का चिह्नï मिलने के पश्चात् कोई अन्य चिह्नï नहीं मिला। मेरे धैर्य का सेतु टूट गया। 'देवताओ, गंधर्वो! क्या आपने भी नहीं देखा?' मैंने आकाश की ओर मुख करके भीषण गर्जना की। स्तब्ध पवनदेव ने अपना वेग मद्धिम कर दिया। उस तनावपूर्व घड़ी में देवताओं ने प्रश्नसूचक दृष्टि से गुरु बृहस्पति की ओर देखा। उन्होंने मंद-मंद मुसकराते हुए कहा, 'प्रभु लीला कर रहे हैं। आह! मेरा हृदय असंख्य शरों से बिंधा हुआ था। मैं लीला नहीं कर रहा था, वरन राम रूपी मानव काया में असहनीय वेदना का अनुभव कर रहा था। मैंने पुन: लक्ष्मण से कहा, अवश्य देखा होगा, इन वृक्षों ने, इन लताओं ने, इन पक्षियों ने, इन मृगों ने...। यह कहते हुए मैंने कदंब, अर्जुन, ककुभ, तिलक, अशोक, ताल, जामुन, कनेर, कटहल, अनार आदि अनेक वृक्षों से पूछा, क्या तुमने मेरी भार्या सीता को कहीं देखा है? परंतु वे सभी मौन रहे। —इसी पुस्तक से
Parasmani Stories Book in Hindi
- Author Name:
Ramesh Chandra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chandrakanta
- Author Name:
Devaki Nandan Khatri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IROM SHARMILA AUR AAMARAN ANSHAN
- Author Name:
Shashidhar Khan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ubharate Sawal
- Author Name:
M. Hamid Ansari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MUHAMMAD ALI (MUKKEBAZ)
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premyoga
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Krishi-Katha
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: कृषि आज भी भारत का मुख्य व्यवसाय है, और यही वह मानव–उद्यम है जिसे मनुष्य–सभ्यता का प्रस्थान–बिन्दु कहा जा सकता है। कृषि का आरम्भ होने के बाद ही गाँव और नगर अस्तित्व में आए। कहा जा सकता है कि पहले कृषक समाज अस्तित्व में आया; शासकों, पुरोहितों, चिन्तकों, शिल्पकारों और कारीगरों का उद्भव बाद में हुआ। आज हमारे सांस्कृतिक जीवन के अनेक अनुष्ठान, संस्कार और पर्व मूलत: कृषि से जुड़े हुए हैं। जैसे होली मूलत: नए अन्न के आगमन का उत्सव है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारत के इतिहास को ठीक से समझने के लिए कृषि–उत्पादन के इतिहास को समझना बेहद ज़रूरी है। यह पुस्तक आदिकाल से अब तक कृषि के क्षेत्र में हुए विकास का चरणबद्ध परिचय देती है और इतिहास में कृषि के योगदान को रेखांकित करती है। जंगलों में भोजन की तलाश में भटकते पुराकालीन मानव से लेकर आज तक, विशेषकर भारत में अलग–अलग कालखंडों में कृषि–व्यवसाय में आई तब्दीलियों को चिह्नित करती हुई यह पुस्तक बताती है कि कृषि ही व्यवसाय है जिसमें आज की सभ्यता की नींव पड़ी हुई है।
Super Success Habits
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rashtriya Swayamsevak Sangh : Kya, Kyon, Kaise?
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gadya Ka Paani
- Author Name:
Neelesh Raghuwanshi
- Book Type:

- Description: नीलेश रघुवंशी की कविता अपने साथ अपने पूरे समाज, पूरे परिवेश को लेकर आती है। इसी तरह उनके उपन्यासों में जो लोग आते हैं वे अपना पर्यावरण, जीने और नहीं जीने की अपनी तमाम परिस्थितियों के साथ आते हैं। ‘गद्य का पानी’ पुस्तक में वे ख़ुद को हौसला देती, ग़रीबी और अकेलेपन में साथिन बनकर उनकी बातें सुनती, सोचती अपनी डायरी; अपने प्रिय कवियों-कलाकारों-रंगकर्मियों को समझती काव्यात्मक टिप्पणियों; यात्राओं और कविता-कला-फ़िल्मों और किताबों पर विचारते गद्य के साथ उपस्थित हैं। उनका मन ‘मैं’ का उतना नहीं है जितना ‘हम’ का। उनके गद्य के इस बहुरंगी संचयन में उनका यह मन अपने प्रश्नों, अपने अचम्भों, अपनी करुणा, अपने दुखों—जो दरअसल सबके हैं; और अपनी बेचैनियों को एक साधारण नागरिक की भाषा में हमारे सामने रखता है। मज़दूर स्त्रियाँ-पुरुष, बच्चे, पेड़, कविताएँ, फ़िल्में, आवारगी, उच्च व मध्यवर्गीय समाज के विद्रूप, लोकतंत्र और यात्राएँ वे जगहें हैं जहाँ नीलेश का रचना-मन बार-बार रुकता है, आन्दोलित और सक्रिय होता है। इस संचयन में हमारे समय की एक महत्वपूर्ण कवि-उपन्यासकार के देखने और सोचने के तरीक़े का भी पता चलता है और रचना-प्रक्रिया का भी।
SHARE INVESTMENT HANDBOOK
- Author Name:
Shri C.A. Vikram Narsaria
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description
SHRI RAM KI ATMAKATHA
- Author Name:
Deokinandan Gautam
- Book Type:

- Description: श्रीराम लोकमानस में रचे-बसे हैं। इससे बड़ा सत्य यह है कि श्रीराम से पुराना कोई नाम नहीं है। श्रीराम के चरित्र से हजारों वर्षों से मानव ने स्वयं को पुनीत किया है। भगवान् श्रीराम के हृदय में तो मैत्रीभाव, सौहार्द भाव है। वे विरोधी के कल्याण की ही सोचते हैं। उनके हृदय में तो बस सबके लिए कल्याण-भाव है। भगवान् श्रीराम के मन में शत्रुभाव का नितांत अभाव है। उन्होंने अपना अनर्थ करनेवाले रावण के प्रति भी हमेशा उदारता दिखाई, समझाया और धर्म की रीति का पालन करते हुए धर्मयुद्ध में राक्षसों का संहार किया। ऐसे श्रीराम की राजकुमार से भगवान् के परमपद तक की जीवन-यात्रा साधना के साथ होना इस पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य रहा है। धैर्यशीलता, सत्यशीलता और कृपाशीलता की संयुक्त झलक श्रीराम के चरित्र में स्थान-स्थान पर मिलती है। उनके अवतरण से समाज में समभाव, और सत्यनिष्ठा, अद्वितीय कर्त्तव्य से पीडि़त, शोषित और वंचितों के सम्मान की श्रीवृद्धि हुई और समाज में जीवन-मूल्यों की स्थापना हुई। पुस्तक में श्रीराम के राजकुमार, ब्रह्मचारी, शिष्य, परिव्राजक, पुत्र, पति, वनवासी, जिज्ञासु, ऋषि-सत्ता के प्रति श्रद्धावान्, परम योद्धा, भ्राता, मित्र, शत्रु, राजा, त्यागी, मर्यादा पुरुषोत्तम आदि सभी रूपों में अनुकरणीय आदर्श के रूप में चरित्र को उकेरने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक श्रीराम का अयोध्या के राजकुमार से भगवद्पद तक प्रेरक एवं पुनीत प्रस्तुतीकरण है।
The Life and Times of Napoleon
- Author Name:
Hareld F.B. Wheeler
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gitashastram
- Author Name:
C. Radhakrishan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhautiki Ki Rochak Baaten
- Author Name:
Sheo Gopal Misra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aana Mere Ghar
- Author Name:
Tulsi Devi Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book