BAAL YAUN-SHOSHAN KI ROKTHAM
(0)
₹
95
₹ 76 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788184306057
-
Pages24
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Sharat Chandra Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: "शरतचंद्र की श्रेष्ठ कहानियाँ भारतीय भाषाओं के साहित्य में बँगला साहित्य की अपनी अलग पहचान है। इस भाषा के अनेक रचनाकारों ने अपनी लेखनी के दम पर विश्व साहित्य पर प्रभुत्व स्थापित किया। ऐसे ही रचनाकारों में बाबू शरतचंद्र चटर्जी का नाम अजर-अमर है। उनका संपूर्ण साहित्य विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवादित होकर जन-जन में प्रचारित व प्रसारित हुआ। ‘देवदास’, ‘चरित्रहीन’, ‘श्रीकांत’, ‘काशीनाथ’ जैसी रचनाओं का नाम सामने आते ही शरतचंद्र का संपूर्ण व्यक्तित्व मानो साकार हो जाता है। शरतचंद्र ने अपने साहित्य में भारतीय समाज की मान्यताओं व परंपराओं को उनके आदर्श़ों सहित यथार्थ रूप में चित्रित किया है। उन्होंने अपने साहित्य में सामाजिक व राजनीतिक समस्याओं के बीच अपनी रोमांटिक प्रवृत्ति की छाप अवश्य छोड़ी है; समाज की कुरीतियों व कुचेष्टाओं पर प्रबल प्रहार किए हैं, साथ ही नारी-मन के अंतर्द्वंद्व व पीड़ा का भी मार्मिक चित्रण किया है। शरत बाबू की इन कहानियों में समाज में व्याप्त बुराइयों, समस्याओं, पारिवारिक उलझनों को अलग-अलग प्रकार से चित्रित किया गया है। अनेक कहानियाँ ऐसी हैं, जो कभी भुलाई नहीं जा सकेंगी।
Captain Vijayant Thapar
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे। महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई। जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा। साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी। "
Satyavadi Raja Harishchandra
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: सत्य, शाश्वत धर्म और सदाचार ऐसे गुण हैं, जिन्हें सहज भाव से अपनानेवाला मानव भी देवताओं की श्रेणी से उत्तम स्थान प्राप्त कर सकता है। जब राजा हरिश्चंद्र के नाम-यश की चर्चा होती है और उनके साथ यदि ‘सत्यवादी’ शब्द का प्रयोग न किया जाए तो प्रतीत होता है कि इतिहास के किसी अन्य राजा का वर्णन किया जा रहा है। इसके विपरीत यदि केवल ‘सत्यवादी’ राजा का वर्णन हो तो स्पष्ट संकेत सतयुग के राजा सत्यवादी हरिश्चंद्र की ओर ही होता है। यहाँ तक कि सूर्यवंशी राजा हरिश्चंद्र और शब्द ‘सत्यवादी’ एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। ऐसा हुआ राजा हरिश्चंद्र के द्वारा सत्य, शाश्वत धर्म और सदाचरण जैसे गुणों को अपने जीवन में उतारने से। इस पुस्तक में राजा हरिश्चंद्र के चरित्र के विशिष्ट एवं प्रेरणाप्रद गुणों को सरल एवं सरस भाषा में सहज भाव से प्रस्तुत किया गया है। इसे पढ़कर पाठक सत्य, निष्ठा, कर्तव्यबोध आदि गुण अपने जीवन में उतार सकें, तो पुस्तक का लेखन व प्रकाशन सफल माना जाएगा।
Pehla Sanatan Hindu "पहला सनातन हिंदू" Book in Hindi- Ratneshwar
- Author Name:
Ratneshwar Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Marjar Kosh
- Author Name:
Parashuram Shukla
- Book Type:

- Description: मार्जार संस्कृत भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है—बिल्ली। सामान्यतया बिल्ली से घरेलू बिल्ली का बोध होता है; किन्तु जीवविज्ञान में इस शब्द का विस्तृत अर्थों में प्रयोग किया गया है एवं इसके अन्तर्गत बाघ और सिंह से लेकर पालतू बिल्ली तक को सम्मिलित किया गया है। ये सभी जीव मार्जार परिवार के जीव कहलाते हैं। बाघ सहित मार्जार परिवार के अन्य जीवों की जानकारी पुस्तक के परिचय में संक्षेप में दी गई है। इनमें रोचक और रोमांचक तथ्यों के साथ ही ज्ञानवर्धक जानकारियाँ भी हैं, जो निश्चित रूप से जनसामान्य के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी। इस पुस्तक का उद्देश्य लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। वन्यजीवों का सीधा सम्बन्ध वनों से है। वनों से वर्षा और वर्षा से जीवन। अर्थात् मानव का अस्तित्व बनाए रखने के लिए वन्यजीव आवश्यक हैं। हमारे देश में अधिकांश लोग ऐसे हैं, जिन्होंने बाघ, सिंह, तेंदुए आदि का नाम तो सुना है, किन्तु इनके विषय में कुछ नहीं जानते। घरेलू बिल्लियाँ तो सभी ने देखी होंगी, किन्तु इनके विषय में भी जनसामान्य को विशेष जानकारी नहीं है। भारत में मार्जार परिवार के ऐसे अनेक जीव पाए जाते हैं, जिनका लोगों ने नाम तक नहीं सुना। इस पुस्तक में इन्हीं सब जीवों की जानकारी बड़े रोचक ढंग से दी गई है।
Pairol Par Atma Stories Book In Hindi
- Author Name:
K.P.S. Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanatan Sanskriti Ka Mahaparva Simhastha
- Author Name:
Siddhartha Shankar Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat mein Print, Electronic Aur New Media
- Author Name:
Sundeep Kulshrestha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Mein Prashasanik Seva Pareekshayen : Mithak evam Yatharth
- Author Name:
Devender Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shri Narayan Guru : Adhyatmik Kranti Ke Agradoot
- Author Name:
G. Gopinathan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khel-Khel Mein Ganit
- Author Name:
Gupta +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jab Bapu Ko Himalaya Ne Roka
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: भारतीय सांस्कृतिक नवजागरण के अग्रदूत गौतम बुद्ध, सम्राट् चंद्रगुप्त, आदिशंकराचार्य, समर्थ रामदास, महर्षि दयानंद सरस्वती, वेदांत केसरी स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामतीर्थ आदि महात्माओं ने हिमालय की गोद में प्रेरणा प्राप्त की। इसी की शरण और सान्निध्य में निष्काम कर्म यानी ‘अनासक्ति’ का महापाठ सीखा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी हिमालय से अभिभूत रहे। उनकी कृति गीता का अनुवाद ‘अनासक्ति योग’ संयोग से इसी हिमालय की प्रेरणा से पूरी हो पाई। यहीं उन्होंने इसकी सारगर्भित प्रस्तावना लिखी। इस पुस्तक में उनके व्यवहृत जीवन का दर्शन भी समाहित है। गीता को बापू ने किस तरह अपने आचरण में ढाल लिया, इसका भी जीवंत दस्तावेज है यह ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक। भारतव्यापी दौरे पर निकले बापू स्वास्थ्य लाभ और सीमांत पर्वतीय जनता में नई उमंग भरने यहाँ आए थे। ये वर्ष १९२९ की गरमियों के दिन थे। नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत होते हुए वह कौसानी पहुँचे। यहाँ की नयनाभिराम छटा और सामने दुग्ध धवल हिमालय के अप्रतिम-आध्यात्मिक सौंदर्य ने बापू के पाँवों में जैसी बेडिय़ाँ डाल दीं। दो दिन के प्रवास पर यहाँ आए गांधीजी पूरे १४ दिन यहीं रुके रह गए। कौसानी चाय बागान का यह अतिथि-गृह, जहाँ बापू ठहरे और ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक लिखी, वही आज ‘अनासक्ति आश्रम’ के नाम से जाना जाता है। भारतवर्ष के मस्तक हिमालय का जयघोष करती गौरवबोध करवाने वाली पठनीय कृति।
Amar Karantiveer Chandrashekhar Azad
- Author Name:
Bharat Bhushan
- Book Type:

- Description: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनका मूल नाम चंद्रशेखर तिवारी था। भले ही लोग स्वतंत्रता-संग्राम में उनके योगदान को पूर्ण रूप से न जानते हों, लेकिन इतना अवश्य जानते हैं कि वे इस संग्राम के अग्रगण्य क्रांतिकारियों में एक थे और उनके नाम से बड़े-बड़े अंग्रेज पुलिस अधिकारी तक काँप उठते थे। बाल्यावस्था में ही उन्होंने पुलिस की बर्बरता का विरोध प्रकट करते हुए एक अंग्रेज अफसर के सिर पर पत्थर दे मारा था। अपने क्रांतिकारी जीवन में आजाद ने कदम-कदम पर अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी। उन्होंने सुखी जीवन का त्याग करके कँटीला रास्ता चुना और अपना जीवन देश पर बलिदान कर दिया। भले ही वे अपने जीवन में आजादी का सूर्योदय न देख पाए, लेकिन गुलामी की काली घटा को अपने क्रांति-तीरों से इतना छलनी कर गए कि आखिरकार उस काली घटा को भारत की भूमि से दुम दबाकर भागना पड़ा। महान् क्रांतिकारी, अद्वितीय देशाभिमानी एवं दृढ़ संकल्पवान् चंद्रशेखर आजाद के अनछुए जीवन-प्रसंगों के साथ संपूर्ण व्यक्तित्व का दिग्दर्शन करानेवाली अनुपम कृति।
Antarnaad
- Author Name:
Usha Shrivastav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Phoolon Ki Boli
- Author Name:
Vrindavan Lal Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Grenadier Yogendra Singh Yadav
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vinayak Sahasra Siddhai
- Author Name:
Rajendra Mohan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vivek Ki Seema
- Author Name:
N.K. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Captain Vikram Batra
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Vikram Batra (Known by Luv, Shershah, Kargil-ka-She) was born on September 9, 1974 in Palampur district of Himachal Pradesh. Rank—Captain Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Param Vir Chakra (Posthumously) Whenever any discussion comes up regarding the Kargil war, the first name that reminds to us is that of Captain Vikram Batra, the valiant son of India. Captain Vikram Batra of 13 Jammu and Kashmir Rifles is one of those bravehearts who contributed in the victory of the Kargil war after fiercely fighting on multiple peaks one after another. Captain Vikram Batra showed unprecedented valour in the Kargil war and attained martyrdom. He was awarded with the ‘Param Vir Chakra’ posthumously.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book