RRB Para-Medical Staff
Author:
Vivek ShuklaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 104
₹
130
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789353223373
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
UPSSSC Kanisth Sahayak (Junior Assistant Mains) Mukhya Pariksha (20 Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Administrative Ethics
- Author Name:
R.K. Sirohi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vajood Aurat Ka
- Author Name:
Gloria Steinem
- Book Type:

-
Description:
दुनिया की सर्वाधिक प्रतिष्ठित नारीवादी लेखिका ग्लोरिया स्टायनेम ने अपने कुछ शुरुआती साल भारत में बिताए हैं। जिस दौरान ग्लोरिया भारत में थीं, वे इस गाँधीवादी विचार से प्रभावित हुईं कि परिवर्तन को हमेशा एक वृक्ष की तरह नीचे से ऊपर की ओर बढ़ना चाहिए। इसके बाद, अमेरिका और विश्व-भर के नारीवादी आन्दोलनों के लिए किए गए अपने कई दशकों के काम से उन्होंने सीखा कि कर्ता और कारक, शासक और शासित, 'मर्द’ और 'औरत’ के रूप में मनुष्यों के झूठे बँटवारे की आड़ में हिंसा और वर्चस्व का सामान्यीकरण किया जाता रहा है।
'वजूद औरत का’ में, ग्लोरिया स्टायनेम और एक्टिविस्ट रुचिरा गुप्ता ने साथ मिलकर ग्लोरिया के कुछ अभूतपूर्व निबन्धों को प्रस्तुत किया है। ये वे निबंध हैं जो अपने लिखे जाने के बाद से, सीमाओं से बेपरवाह दुनिया-भर में पहुँच गए और आधुनिक नारीवादी विचारों के एक बड़े हिस्से के लिए नींव तैयार की। इन पन्नों में, ग्लोरिया ने यह सच्चाई खोलकर रख दी है कि स्त्री-शरीर पर नियंत्रण के ज़रिए ही नस्ली और जाति तथा वर्ग आधारित भेद-भाव अपनी जड़ें जमाए हुए हैं—ग्लोरिया यह भी बताती हैं कि किस-किस तरह से स्त्री और पुरुष इस नियंत्रण के लिए आपस में लड़ रहे हैं। वह बड़े ही शानदार ढंग से पुरुषत्व के प्रति अडोल्फ़ हिटलर की सनक का विश्लेषण करती हैं और उसके व्यक्तित्व में जड़ें जमाते हुए हिंसा के लैंगिक विचार को उभरता हुआ पाती हैं। उन्होंने कामुक साहित्य (इरोटिका) और पोर्नोग्राफ़ी के अंतर को समझाया है और स्पष्ट किया है कि यह अन्तर दोनों लिंगों के मध्य सम्बन्धों को नियंत्रित करनेवाली असमानता के कारण पैदा होता है। एक प्लेबॉय बनी के रूप में बिताए अपने कुछ दिनों के मार्मिक अनुभव के अलावा इस किताब में ग्लोरिया द्वारा देह-व्यापार के लिए की जानेवाली मानव तस्करी पर लिखा गया और अब तक अप्रकाशित निबन्ध 'तीसरी राह’ भी शामिल है।
'वजूद औरत का’ एक अध्ययनशील नज़रिए से लिखी गई किताब है जिसमें काफ़ी गहराई है। इस किताब को ऐसे अन्दाज़ में लिखा गया है कि इसमें मौजूद जटिल बहसें भी सहजता के स्पर्श के कारण पढ़नेवाले को एकदम सरल रूप में समझ आती हैं। इस संग्रह में आपको नए विचार, ग़ुस्सा, गम्भीरता और हँसी और एक दोस्त, सबकुछ मिलेगा।
Konkani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ed. Jyoti Kunkoliekar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Bihar Vastunisth (7500+ vastunisth Questions in Hindi
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Teen Pairon Wala
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: अंदर जश्न हो रहा था बहुत शोर मच रहा था नाच-गजाना भी हो रहा था लोग खा-पीकर मस्त थे। तभी दरवाजे पर एक आवाज आई- दस पैसे या रोटी दे दो दो दिनों का भूखा हूँ। तभी अंदर से चीख निकली- चल, जा आगे! आजादी के पचास साल का जश्न है इसी में सब मग्न हैं।
Lokbharti Hindi Angreji Paryayvachi Evam Viparyay Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
इस कोश में 5000 से कुछ अधिक ही पर्यायमालाएँ दी गई हैं जिनमें 30000 से अधिक पर्याय शब्दों का संकलन हुआ है। सहस्राधिक मालाएँ बिलकुल नई हैं। पर्यायमालाओं के निर्धारण में प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक पद्धति का अनुसरण किया गया है। एकाधिक अर्थों के सूचक शब्दों को पर्यायमाला में सम्मिलित नहीं किया गया है। संज्ञा-सूचक शब्दों के पर्याय के रूप में विशेषण–सूचक शब्दों को भी शामिल कर लेने के अभ्यास से इस कोश को सचेत रूप से मुक्त रखा गया है। प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दों को पर्यायमालाओं के निर्धारण में शामिल नहीं किया गया है। कभी–कभी कुछ कोशकार ऐसे शब्दों को भी परस्पर पर्याय घोषित कर देते हैं जिनके अर्थों में कुछ भी समानता नहीं होती। यह कोश इस दोष से सर्वथा मुक्त है। कुछ ऐसी पर्यायमालाएँ भी हैं जिनके एक से अधिक शब्द प्रमुख प्रतीत होते हैं। ऐसी स्थिति में निर्णय करना कठिन होता है कि किस शब्द को प्रमुख शब्द माना जाए। इसलिए इस कोश में कुछ ऐसी मालाएँ हैं जो दो–दो मूल शब्दों के अन्तर्गत रखी गई हैं। ऐसा पाठकों की सुविधा की दृष्टि से किया गया है। पर्यायमाला में शब्दों के क्रम का निर्धारण कोश विज्ञान के नियमानुसार किया गया है। एक उल्लेखनीय विशेषता यह भी है कि इस कोश में प्रचलित साहित्य तथा लोक-जीवन से भी पर्याय–शब्द सम्मिलित किए गए हैं। कोश में पर्याय वर्णानुक्रम में रखे गए हैं, जिससे इस कोश में पर्यायों की खोज सर्वथा सुगम है। प्रत्येक पर्यायमाला के साथ कुछ अंग्रेज़ी समानक या तदर्थी शब्द इस कोश में दिए गए हैं जिससे कोश की गुणवत्ता बढ़ गई है। इस कोश में पहली बार विपर्यायों की लम्बी सूची भी दी गई है।
अध्यापकों, विद्यार्थियों, लेखकों, शोधार्थियों व पत्रकारों के लिए यह कोश संग्रहणीय है।
I am Madhobhai : A Pakistani Hindu
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: This book ‘I am Madhobhai : A Pakistani Hindu’ is not a story or anyone’s idea. This is a true incident narrated by a representative of thousands of Hindu brothers and sisters who have endured crime and atrocities of Pakistanis for years. Hearing and feeling the inner pain and compassion of Hindu brothers and sisters who have come from Pakistan and settled down in Delhi’s Majlis Park, Sanjay Sherpuriya is making sincere efforts to solve their problems of life. This book brings to light the atrocities which the Pakistani Muslims have committed on our Hindu brethren. They have ruined their lives, looted their properties, raped their daughters and vandalised our Hindu Gods & Goddesses. A must read book for every enlightened Hindu.
Mata Baghin
- Author Name:
Sudama Sharad
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Seekh
- Author Name:
Rajni Bhandari
- Book Type:

- Description: अपनी ख़ुशी तलाशती मैं कभी बंद आलमारी और बंद दरवज्ञों में कभी खुली खिड़िकयों में तो कभी यादों के झरोखों में कभी गैस पर चढ़े कुकर में तो कभी भगोने में उबलती खीर में कभी सड़क से आती कार की आवाज़ में तो कभी सड़क पर चलती हवा में कभी बजती डोर बेल में तो कभी सुनाई आती आरती में कभी नल से टपकते पानी में तो कभी भरे मठके में कभी सनन्नाटे को चीरती सब्जी वाले की आवाज़ में कभी सोचती सी में, जाने कहाँ गए वे दिन वापस उनके लौटने की आशा में और समेटी हुई अपनी अभिलाषा में बटोरी गई हिम्मत और समेटी गई उम्मीद में ।
Aatmkatha Ke Elake Mein
- Author Name:
Bharat Singh +1
- Book Type:

-
Description:
बनारसीदास जैन ने 'अर्धकथा' (1641) में लिखा कि 'गर्भित कथा कहाँ हिय खोल।' छिपाए जानेवाले या कहें कि गोपन प्रसंगों को भी दिल खोलकर अथवा खुलकर बताना आत्मकथा को प्रसिद्धि दिलाता है, निवैयक्तिक बनाता है। आत्मकथा चर्चित विधा है और आत्मकथा- लेखन की एक समृद्ध परम्परा है, लेकिन यह आलोचना से परे विधा हो, ऐसा भी नहीं है। बाबू बनारसीदास चतुर्वेदी ने आत्मकथा लेखक की पात्रता का सवाल उठाया था। चतुर्वेदी जी ने 'जागरण' में यह सवाल उठाया था कि आत्मकथा किसे लिखनी चाहिए। भाव यह था कि आत्मकथा किसे नहीं लिखनी चाहिए। हालाँकि उनके द्वारा तय की गई शर्तों पर आगे लोगों ने आत्मकथा लिखी, ऐसा भी नहीं है। जब प्रेमचन्द ने 'हंस' का आत्मकथांक (1932) निकाला तो नन्ददुलारे वाजपेयी ने यह कहकर विरोध किया था कि इससे आत्म-विज्ञापन का भाव बढ़ेगा जो कि हिन्दी के हित में नहीं होगा।
लेखिकाओं की आत्मकथा में स्त्री-वेदना के विविध स्वर सुनाई पड़ते हैं। इनकी वेदना समस्त स्त्रियों को शोषण के खिलाफ विरोध की ताकत देती है। इन्होंने अपने आत्मकथा-साहित्य के द्वारा जहाँ स्त्री करुणा, शोक, वेदना, विवशता को व्यक्त किया वहीं उसे हिंसा, शोषण, अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की शक्ति भी प्रदान की। इन्होंने स्त्री स्वतन्त्रता, समानता, सम्मान, सहभागिता इत्यादि जैसे प्रश्नों पर विचार करते हुए पितृसत्तात्मक व्यवस्था से स्त्री-मुक्ति की भी वकालत की।
आत्मकथाओं में अपने भीतर की यात्रा के जरिये बाहर का जो सफ़र तय होता है उसमें केवल अपनी दुनिया की ही बात नहीं होती है पूरा सामयिक सन्दर्भ आ जाना स्वाभाविक है। दलित आत्मकथाओं को आत्मकथात्मक उपन्यास यूँ ही नहीं कहा जाता है। जीवन का पूरा विस्तार है यथार्थ को देखने की एक नई दृष्टि के साथ ये आत्मकथाएँ हिन्दी साहित्य के मुख्य धारा के साहित्य की चेतना को झकझोरती हैं और उसकी चली आ रही परम्परा में एक तरह की वैचारिक हलचल पैदा करती हैं, दलित आत्मकथाएँ, साहित्य की दुनिया में निर्मित 'औदात्य' की धारणा को बदलकर रख देती हैं और जीवन के नए-नए मुहावरों के बीच अपने पाठकों को ले जाकर खड़ा करती हैं।
France ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Smt. Pramila Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Arthshastra Paribhasha Kosh
- Author Name:
Sudarshan Kumar Kapoor
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी में अर्थशास्त्र की मानक शब्दावली को परिभाषित और व्याख्यायित करता अपने तरह का पहला कोश है—‘अर्थशास्त्र परिभाषा कोश’, जिसे गहन अध्ययन-मनन के पश्चात् ख्यात शिक्षाविद् सुदर्शन कुमार कपूर ने परिश्रमपूर्वक तैयार किया है।
उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए तमाम सरकारी शैक्षिक संस्थानों द्वारा प्रकाशित पुस्तकों, सन्दर्भ ग्रन्थों और अन्य पठन सामग्रियों में वैज्ञानिक व तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा निर्मित हिन्दी शब्दावली के प्रयोग का निर्देश दिया गया है, जिससे सभी पुस्तकों में हिन्दी तकनीकी शब्दावली की एकरूपता सुनिश्चित की जा सके। लेखक ने उक्त सारी बातों का ध्यान कोश में रखा है।
यह कोश विद्यालयीन, स्नातक, स्नातकोत्तर स्तर के लाखों छात्रों के लिए अत्यन्त उपयोगी है, जिनकी शिक्षा का माध्यम हिन्दी है। इस कोश में प्रवेशक अर्थशास्त्र, व्यष्टि अर्थशास्त्र, समष्टि अर्थशास्त्र और अर्थतंत्र से सम्बन्धित लगभग आठ सौ संकल्पनाओं की व्याख्या की गई है। तमाम तकनीकी शब्दावलियों के सार्थक प्रयोग बतानेवाली यह पुस्तक बरसों की रिक्तता की पूर्ति करती है।
छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यन्त संग्रहणीय कोश।
UPSSSC Adhinasth Krishi Sewa (Varg-3) Pravidhik Sahayak Group-C (Samanya Chayan) Bharti Pariksha 15 Practice Papers
- Author Name:
Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tankman (Hindi Translation of The Burning Chaffees)
- Author Name:
Brig. B.S. Mehta
- Book Type:

- Description: सन 1947 तक गैर-लड़ाकू करार दिए गए और भारतीय सेना में योद्धाओं के रूप में शामिल होने से वंचित अदर इंडियन क्लासिक्स (ओ.आई.सी. ), घुड़सवार सेना के सी स्क्वाड्रन का हिस्सा थे। महत्त्वाकांक्षी पीटी-76 उभयचर टैंकों से सुसज्जित होने के कारण उन्हें पूर्वी पाकिस्तान से आनेवाले खतरे का मुकाबला करने के लिए महत्त्वपूर्ण बोयरा इलाके के पास कबोदक नदी को पार करने का निर्देश दिया गया। 21 नवंबर, 1971 को पाकिस्तानी सेना के जो उम्दा फौजी थे और डींगें हाँकते थे कि एक पाकिस्तानी सैनिक तीन भारतीय सैनिकों के बराबर है, गरीबपुर में उनका टैंक बनाम टैंक के मुकाबले से पाला पड़ा। एक ही झटके में चौदह अमेरिकी एम-24 चाफी टैंक वाली तीन (अलग-अलग) बख्तरबंद स्क्वाड्रन पूरी तरह तबाह कर दी गईं और पैदल सैनिकों की दो बटालियन बुरी तरह रौंद दी गईं। वहीं दो पीटी-76 टैंकों के नुकसान के बदले तीन साब्रे एफ-86 जेट मार गिराए गए। भारतीयों और मुक्ति वाहिनी को सबक सिखाने के लिए जनरल एएके नियाजी ने जिस सबसे बड़े हमले की योजना बनाई थी, वह धुआँ-धुआँ हो गई । 45वीं घुड़सवार सेना ने भारतीय इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया था। 300 से 700 मीटर के इलाके में लड़ी गई लड़ाई ने एक स्क्वाड्रन के हाथों दूसरी स्क्वाड्रन की पूरी तबाही की एक अद्भुत मिसाल कायम की। इसने अजेय होने के पाकिस्तानी भ्रम को तोड़ दिया और जनरल याहया खान समेत उनके जनरलों की मंडली में खलबली मचा दी । सातवाँ बेड़ा जब तक बंगाल की खाड़ी में दाखिल होता, तब तक पाकिस्तान के 93,000 सैनिक मित्र वाहिनी (भारत-बांग्लादेश की संयुक्त सेना) के आगे आत्मसमर्पण कर चुके थे, और बांग्लादेश आजाद हो चुका था।
Jawahar Navodaya Vidyalaya Pravesh Pareeksha-2024 JNV Class 6 Entrance Exam Book 2024 (Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Vidyalaya Book for Class 9 Entrance Exam -2024 JNV Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agniveer Vayu (Indian Airforce) Bhartiya Vayu Sena Science Subjects Bharti Pareeksha 25 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Polytechnic JCECE Sanyukt Pravesh Pratiyogita Pariksha
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NDA/NA National Defence Academy & Naval Academy Entrance Examination Guide
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book