Roohani Safar
(0)
Author:
Sanjay AgarwalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
यह पुस्तक 'रूहानी सफ़र' प्रेम और मार्मिक भावनाओं पर आधारित शेरो- शायरी और कविताओं का संग्रह है। जेसे-जेसे पाठक इस रोचक और भावनापूर्ण सरोवर में डूबेंगे, हर नज्म जटिल मानवीय रिश्तों के एक नए पहलू को सुलझाने का प्रयास करेगी | स्त्री-पुरुष के संबंधों के खट्ठे-मीठे पलों का अनूठा व्याख्यान आपको इसे बार-बार पढ़ने के लिए आकर्षित करेणा | लेखक मानते हैं कि दिल के एहसासों को कागज के आईने में उतारने की कोशिश में उनकी कलम कब एक कवि बनने का नया स्वप्न लिखने लगी, उन्हें पता भी नहीं चला। पारिवारिक सभाओं में उनके काव्य पर मिली प्रशंसाओं एवं हौसला अफजाई ने उनके आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया, जिसका फल '“रूहानी सफर” पाठकों के समक्ष है। यह पुस्तक मानवीय संबंधों और सामाजिक मूल्यों की एक अनूठा सफर है, जिसमें आपको जीवन के प्रति एक नई दृष्टि प्राप्त होगी |
Read moreAbout the Book
यह पुस्तक 'रूहानी सफ़र' प्रेम और मार्मिक भावनाओं पर आधारित शेरो- शायरी और कविताओं का संग्रह है। जेसे-जेसे पाठक इस रोचक और भावनापूर्ण सरोवर में डूबेंगे, हर नज्म जटिल मानवीय रिश्तों के एक नए पहलू को सुलझाने का प्रयास करेगी | स्त्री-पुरुष के संबंधों के खट्ठे-मीठे पलों का अनूठा व्याख्यान आपको इसे बार-बार पढ़ने के लिए आकर्षित करेणा | लेखक मानते हैं कि दिल के एहसासों को कागज के आईने में उतारने की कोशिश में उनकी कलम कब एक कवि बनने का नया स्वप्न लिखने लगी, उन्हें पता भी नहीं चला। पारिवारिक सभाओं में उनके काव्य पर मिली प्रशंसाओं एवं हौसला अफजाई ने उनके आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया, जिसका फल '“रूहानी सफर” पाठकों के समक्ष है। यह पुस्तक मानवीय संबंधों और सामाजिक मूल्यों की एक अनूठा सफर है, जिसमें आपको जीवन के प्रति एक नई दृष्टि प्राप्त होगी |
Book Details
-
ISBN9789392013133
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Chhattisgarhi : Boli, Vyakaran Aur Kosh
- Author Name:
Kanti Kumar Jain
- Book Type:

-
Description:
भारत संघ के 26वें राज्य छत्तीसगढ़ की बोली छत्तीसगढ़ी की गणना हिन्दी की पूर्वी शाखा की अवधी और बघेली के साथ की जाती है। 1 नवम्बर, 2000 को छत्तीसगढ़ के पृथक् राज्य बन जाने से छत्तीसगढ़ी को अब राजभाषा का सम्मान प्राप्त है। इस बोली का अध्ययन वैसे तो ग्रियर्सन से आधुनिक काल तक अनवरत रूप से किया जाता रहा है, किन्तु प्रसिद्ध लोकभाषाविद् डॉ. कान्तिकुमार जैन ने 1969 में प्रकाशित अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ी : बोली, व्याकरण और कोश’ में विभिन्न राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक कारणों से छत्तीसगढ़ी बोली में होनेवाले परिवर्तनों का विशद सर्वेक्षण एवं प्रामाणिक तथ्यों के आधार पर जो विवेचन किया था, वह आज भी निर्विवाद एवं स्वीकार्य
है।डॉ. जैन ने आज से चालीस वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ी के परिनिष्ठित रूप के सम्बन्ध में जो भविष्यवाणी की थी, वह सत्य सिद्ध हुई है। कान्तिकुमार जी जेनेवा के भाषाविद् फर्डिनेंड द सस्यूर की तरह किसी भी बोली को उसके व्यवहारकर्ताओं की मानसिक, समाजशास्त्रीय एवं सांस्कृतिक संरचना से संयुक्त कर देखने के पक्षपाती हैं। उनकी मान्यता है कि आर्य परिवार की बोली होते हुए भी छत्तीसगढ़ी अपने भौगोलिक एवं सामाजिक सन्दर्भों के कारण आर्येतर बोलियों एवं भाषाओं से पर्याप्त मात्रा में प्रभावित हुई है। छत्तीसगढ़ी की उपबोलियाँ भी छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक बनावट के कारण अपनी विशिष्टता ग्रहण करती हैं। छत्तीसगढ़ी की शब्दार्थ सम्पदा भी कैसे निरन्तर विकसित एवं समृद्ध हो रही है, इसके विपुल साक्ष्य भी इस पुस्तक में विद्यमान हैं।
छत्तीसगढ़ी क्षेत्र से अपने जीवनव्यापी परिचय एवं छत्तीसगढ़ी के गहन अध्येता होने के कारण कान्तिकुमार जैन ने ‘छत्तीसगढ़ी : बोली, व्याकरण और कोश’ के इस परिवर्धित एवं संशोधित संस्करण में सर्वेक्षण एवं अध्ययन का जो प्रारूप अपनाया है, वह हिन्दी की अन्य बोलियों के विवेचन के लिए आदर्श का काम करेगा।
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army General Duty (GD) Bharti Pareeksha Guide
Khushhaal Family Ke Funde
- Author Name:
N Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAHARANA Sahastr varsho ka Dharmayuddh
- Author Name:
Dr. Omendra Ratnu
- Book Type:

- Description: इस क्षणभंगुर अस्तित्व में यदि कोई तत्त्व स्थायी हैं तो वे हैं आत्मसम्मान तथा स्वतंत्रता। ये तत्त्व, बहुत मूल्य चुका कर प्राप्त होते हैं। मेवाड़ के महान सिसोदिया राजवंश ने अपने सुख, संपत्ति व जीवन का मूल्य चुकाकर ये तत्त्व हिंदू समाज को सहजता से दे दिए। एक सहस्त्र वर्षो तक अरावली में यायावरों का सा जीवन जीने वाले मेवाड़ के इन अवतारी पुरुषों के कारण ही भारत में आज केसरिया लहराता है। यह पुस्तक उन महापुरुषों के प्रति हिंदू समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास है। लेखक ने निष्पक्ष प्रामाणिकता से भारत के इतिहास के साथ हुए व्यभिचार को उजागर किया है । यह पुस्तक स्थापित भ्रांतियों को भंग करने के अतिरिक्त नई मान्यताओं को भी स्थापित करती है। भारतीय उपमहाद्वीप में गत चौदह शताब्दियों से चले आ रहे हिंदू-मुस्लिम संघर्ष को यह पुस्तक उसकी भयानक नग्नता में प्रकट करती है। हत्यारे व बलात्कारी आक्रांताओं के समूह से हिंदू धर्म को बचाकर लानेवाले इन देवपुरुषों के इतिहास को किस निर्लज्जता व निकृष्टता से पोंछ डाला गया है, यह इस पुस्तक का आधार है। सत्य कोई अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन का मूल स्रोत है । जो समाज असत्य में जिएगा, वह बच नहीं सकता। जो समाज सत्य धारण करेगा, वह शाश्वत अमरत्व को प्राप्त होगा। मेवाड़ के महान् पुरखे तो सत्य में जीकर इहलोक व परलोक में परमगति पा गए। क्या आज के हिंदू समाज में इतना आत्मबल है कि सत्य के लिए लड़ सके, जी सके, मर सके! इन प्रश्नों के उत्तर ही निश्चित करेंगे कि हिंदू समाज सफलता के शिखर को छुएगा या अब्राह्मिक मतों की दासता भोगता हुआ मिट जाएगा।
Bharatiya Vaigyanik
- Author Name:
Krishna Murari Lal Srivastava
- Book Type:

- Description: सृष्टि के आरंभ से लेकर आज तक की चमत्कृत कर देनेवाली वैज्ञानिक उपलब्धियाँ हममें विज्ञान के बारे में अद्भुत जिज्ञासा भरती रही हैं। वैज्ञानिक प्रगति ने विश्व भर में नित नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक नई-नई खोजों से हमें चौंकाते रहे हैं। इनमें भारतीय वैज्ञानिकों का महत्व प्राचीन काल से ही विशेष रूप से रहा है और इनपर हमें अपार गर्व है। बात प्राचीन काल की करें या अर्वाचीन की, भारत के वैज्ञानिक सभी क्षेत्रों में सदैव अग्रणी रहे हैं। आयुर्वेद, खगोल, रसायन, धातु विज्ञान शरीर शास्त्र सौर ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान तथा परमाणु ऊर्जा आदि विज्ञान की सभी शाखा-प्रशाखाओं और खोजो मे भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान प्रशसनीय रहा है। प्रस्तुत पुस्तक हमारे वैज्ञानिकों के व्यक्तत्वि और कृतित्व से छात्रों, अध्यापकों और अनुसंधित्सुओं को परिचित कराने में पूर्णतः सक्षम है। इनके परिचय चित्रमय होने से इनकी प्रेरणा व आकर्षकता और भी बढ़ जाती है।
MADHYA PRADESH POLICE ARAKSHAK -(GUIDE)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indonesia Mein Hindu Punarutthan
- Author Name:
Ravi Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAIN KRISHANA BOL RAHA HOON
- Author Name:
Ed. Anil Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Sapne Hue Sach
- Author Name:
Preeti Kumari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pariksha Samajik Adhyayan Visheshank
- Author Name:
Sinha Evam Mathur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Sharirik Shiksha (CUET Physical Education in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jal hi amrit hai
- Author Name:
Arun Kumar Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patnim Manoramam Dehi...
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mission UPSC - Meri Yatra: UPSC Aur Uske Paar (Hindi Translation of DECODE UPSC)
- Author Name:
Agam Jain
- Book Type:

- Description: यूपीएससी की तैयारी के दौरान हमारे मन में उठने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर इस पुस्तक में शामिल हैं। अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर मैंने कुछ विषयों और तैयारी के तरीकों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। पुस्तक को अलग-अलग अध्यायों में बांटा गया है, इन अध्यायों में 'यूपीएससी से पहले का समय' से जुड़े कुछ प्रश्न हैं यानि कि जब मैं कोटा और अपने विश्वविद्यालयी जीवन से एक साल का ब्रेक लेने के बाद भी आईआईटी में फेल हो गया था, जहाँ मैं निश्चित नहीं था कि जिंदगी मुझे कहाँ ले जाएगी; यूपीएससी के दौरान यानि जब मैं यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और 'यूपीएससी के बाद' जहाँ मसूरी और हैदराबाद की अकादमियों तथा सिविल सेवकों की जिंदगी से संबंधित सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। मैं आरंभ में ही इस बात का खंडन करता हूँ कि यह पुस्तक यूपीएससी पाठ्यक्रम के किसी भी हिस्से को कवर करती है। यह पुस्तक केवल यूपीएससी तथा जीवन के अन्य संघर्षों हेतु आपकी रणनीति तथा तरीकों के बारे में संदेश देने और आपकी सहायता के लिए है। मैं पाठकों को सलाह देना चाहूँगा कि वे इस पुस्तक को केवल “जानकारी पाने के लिए' न पढ़ें बल्कि खाली समय में इस पुस्तक को पढ़ें। जब भी आप संशय में हों, उदास महसूस करें या तैयारी को बीच में ही छोड़ने की सोच रहे हों, तो यह किताब उठाए और पढ़ें। निश्चय ही कठिन समय में यह पुस्तक आपकी पसंदीदा साथी बनेगी। मेरी कुछ गलतियों से आप सीखेंगे, कुछ पलों पर आपको हँसी आएगी, इस पुस्तक को पढ़ते हुए आप स्वयं को एक सफल उम्मीदवार के रूप में देख सकते हैं। इस पुस्तक को शुरू से अंत तक पूरा पढ़ने की कोई बाध्यता नहीं है। मुझे विश्वास है कि आप इसे किसी भी पृष्ठ से पढ़ना शुरू कर सकते हैं। चूँकि पुस्तक में मैंने अपने अनुभवों के बारे में अधिक-से-अधिक बताने की कोशिश की है इसलिए पुस्तक का आकार कुछ बड़ा हो गया है।
SSC CHSL COMBINED HIGHER SECONDARY LEVEL 10 + 2 TIER-I, ONLINE RECRUITMENT EXAMINATION, 2020 GENERAL INTELLIGENCE 46 CHAPTERWISE SOLVED PAPERS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level TIER-I GENERAL INTELLIGENCE Online Recruitment Examination-2020 Based on the Latest Syllabus 46 Chapterwise Solved Papers (2017–19) Quick Revision
VASTUNISHTH PRASHN JHARKHAND VASTUNISHTH
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में झारखण्ड की समस्त जानकारी को निम्न अध्यायों में बहुत ही सरल व सहज तरीके से किया गया है- झारखण्ड का इतिहास, भौगोलिक स्वरुप, झारखण्ड आंदोलन, नदी तंत्र, खनिज संसाधन, उद्योग-धंधे, कृषि, पशुपालन, वन, राष्ट्रीय उद्यान एवं जनजातीय समाज इत्यादि। पुस्तक में दिए गए एक हज़ार प्रश्न के लिए झारखण्ड की जानकारी का एक उपयोगी खजाना यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षाओ में लेने वाले सभी छात्रों के लिए निश्चिन्त तौर पर लाभप्रद होगी।
1000 VIGYAN PRASHNOTTARI
- Author Name:
Dilip M. Salwi
- Book Type:

- Description: आरंभ से ही मानव स्वभाववश खोजी प्रवृत्ति का रहा है । उसके मस्तिष्क में सवाल कौंधते रहे हैं-यह क्या है, कैसे है, क्यों है आदि । ऐसे ही सवालों से जूझने का नाम विज्ञान है । सवालों की तह में जाने की कोशिश से ही हम जान पाते हैं कि हमारी पृथ्वी पर कभी डायनासोर जैसे विशाल सरीसृप का राज हुआ करता था तथा पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती हैं, न कि सूर्य पृथ्वी की- और ऐसे ही अनंत सवाल हैं, जो विज्ञान ने हमारे समक्ष रखे हैं । आज विज्ञान के प्रभामंडल से हमारी दुनिया ओतप्रोत है । जिधर भी निगाह डालिए उधर उसकी मौजूदगी मिलेगी- रेडियो, टेपरिकॉर्डर सिनेमा, वीडियो, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टेलीविजन, कंप्यूटर, कार, रेल, जहाज, रॉकेट, मिसाइल, परमाणु बम आदि । यह सूची और भी लंबी है । जीवन का ऐसा कोई कोना नहीं बचा है जहाँ' उसका हस्तक्षेप नहीं हें, चाहे नितांत व्यक्तिगत हो या सामाजिक । जीवन में विज्ञान की इतनी उपयोगिता के बाद भी इसकी अनेक ऐसी छोटी- छोटी एवं महत्त्वपूर्ण बातें हैं जिनसे हम अनभिज्ञ हैं । इस पुस्तक में इन्हीं बातों को रोचक प्रश्नों के माध्यम से पाठकों तक पहुँचाने का प्रयत्न किया गया है ।
JPSC JHARKHAND LOK SEVA AAYOG SAMANYA ADHYAYAN PRARAMBHIK PAREEKSHA
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: 20 PRACTICE SETS PAPER-I EVAM PAPER-II
32000 Saal Pahale
- Author Name:
Ratneshwar Kumar Singh
- Book Type:

- Description: हाल के दिनों में गल्फ ऑफ खंभात (गुजरात) की गहराइयों में बत्तीस हजार साल पुराने हिमयुग में नगर होने के साक्ष्य मिले हैं। संसार में अबतक मिली नगरीय सभ्यताओं में यह सबसे पुराना नगर होने का अनुमान है। वैज्ञानिकों-पुरातत्त्ववेत्ताओं के नवीन शोध और खोज को केंद्र में रखकर महायुग उपन्यास-त्रयी लिखा गया है। '32000 साल पहले तीन उपन्यासों की शृंखला का पहला उपन्यास है। उन दिनों संसार में सांस्कृतिक विकास के साथ कई नवीन प्रयोग हुए। संसार में पहली बार देह ढकने से लेकर, तेल का दीया जलाने, दूध का सेवन करने, बाँसुरी बजाने, नृत्य करने, गीत गाने, कथा वाचन आदि शुरू हुए। इन्हीं लोगों ने पहली बार नौका, हिमवाहन और चक्के के साथ विविध अस्त्रों का निर्माण किया। पहली बार मनुष्य के ओठों ने खाने और बोलने के आलावा प्रेम करना सीखा। खुले सेक्स की अवधारणा के साथ पहले परिवार की परिकल्पना भी शुरू हुई। कुछ अज्ञात-प्राकृतिक संघर्ष के कारण वहाँ प्रार्थना की शुरुआत हुई। परग्रहियों ने होमो सेपियंस के डी.एन.ए. का पुनर्लेखन किया। कुछ वैज्ञानिकों और पुरातत्त्ववेत्ताओं ने समुद्र की गहराइयों से जीरो पॉइंट फील्ड में संरक्षित ध्वनियों को संगृहीत कर उसे फिल्टर किया। कड़ी मेहनत के बाद उनकी भाषा को डिकोड किया गया और उसे इंडस अल्ट्रा कंप्यूटर पर चित्रित किया गया। उनकी आवाजों से ही बत्तीस हजार साल पहले की पूरी कहानी सामने आई।
115 Din Ki Tirath Yatra
- Author Name:
Omkar
- Book Type:

- Description: जैसा कि पुस्तक के शीर्षक से प्रतीत होता है, यह पुस्तक उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पौड़ी गढ़वाल के सांसद तीरथ सिंह रावतजी के मुख्यमंत्री काल पर आधारित है। इस पुस्तक में न केवल तीरथजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में विस्तार से लिखा गया है बल्कि उनके मुख्यमंत्री बनने के कारणों पर प्रकाश डालते हुए इस पहाड़ी राज्य की राजनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई है। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के कारणों पर भी अच्छी तरह से प्रकाश डाला गया है। साथ ही बताया गया है कि असंभव से प्रतीत हो रहे कुंभ मेले को भव्यता से संपन्न कराने की प्रशंसा की बजाय उन्हें कोरोना फैलाने का दोषी दिखाने का प्रयास किया गया। परंतु जब धीरे-धीरे कोरोना की दूसरी लहर पर भी नकेल डाल दी गई तो दूसरे कारणों से उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जाने लगी। हालाँकि अपने दृढ़ निश्चय और कर्तव्यपरायण व्यक्तित्व के कारण मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने कार्यों से सभी आलोचकों की बोलती बंद कर दी; लेकिन फ़िर भी सीधे-सादे और प्रदेश की बेहतरी चाहनेवाले तीरथजी ने राजनीति की चालबाजी में पड़ने की बजाय पद से इस्तीफा देना ज्यादा उचित समझा। पुस्तक को अध्यायों में बाँटा गया है और मुख्य तीन भागों में विभक्त किया गया है-- (क) त्रिवेंद्र रावतजी का जाना, तीरथजी का शपथ ग्रहण और कुंभ का आयोजन । (ख) कोविड की दूसरी लहर पर नियंत्रण व प्रदेश में विकास की बयार । (ग) मुख्यमंत्री तीरथ रावतजी की विदाई ।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book