Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Bharat Ka Itihas
Author:
Vivek MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789353224431
Pages: 156
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Meri Maa Ke Baees Kamre : Kashmiri Pandito Ke Palayan Ki Kaljayi Katha (Hindi Translation of Our Moon Has Blood Clots: A Memoir of A Lost Home In Kashmir)
- Author Name:
Rahul Pandita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT Objective Bhugol Evam Paryavaran (Geography & Environment) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indian Constitution and Polity Bhartiya Samvidhan Evam Rajvyavastha "भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था" For Union and State Service Commission Exams 2023 Book in Hindi
- Author Name:
Udyabhan Singh
- Book Type:

- Description: "प्रस्तुत पुस्तक ' भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था' संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं हेतु लिखी गई है। यह पुस्तक भारतीय संविधान एवं भारतीय राजव्यवस्था से संबद्ध समस्त अवधारणाओं का निष्पक्ष एवं सरल भाषा में विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें संवैधानिक संरचना, संवैधानिक विकास, कार्यपालिका : संघ एवं राज्य, व्यवस्थापिका : केंद्रीय एवं राज्य, न्यायपालिका, स्थानीय शासन, नगरीय शासन, केंद्र-राज्य संबंध, आपातकालीन प्रावधान, कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान, संविधान संशोधन, संवैधानिक संस्थाएँ, राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग, नीति आयोग, भारत में राजनीतिक दल, दबाव समूह, स्वैच्छिक संगठन, लोकपाल एवं लोकायुक्त, भारत में खुफिया तंत्र, ई-शासन, कॉर्पोरेट गवर्नेस इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों पर विश्लेषणात्मक सामग्री प्रस्तुत की गई है। ◆ प्रमुख विशेषताएँ ◆ लोकतंत्र में सिविल सेवा की भूमिका पर विश्लेषणात्मक सामग्री । विभिन्न देशों की संवैधानिक व्यवस्था पर अद्यतन सामग्री । भारत की विदेश नीति (नेहरू से मोदी तक) का समग्र अवलोकन । राजनीतिक / संवैधानिक / संसदीय शब्दावली । भारत के संविधान पर विस्तृत सामग्री । सिविल सेवा (प्रा.) परीक्षा में विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का समावेश । राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र शासन संशोधन अधिनियम-2021 का समावेश ।
Deepak Jalana Hi Bhata Rahe
- Author Name:
Ram Kinkar Singh
- Book Type:

- Description: किंकर की कविताओं का यह अद्भुत संकलन अत्यधिक रोचक एवं उपयोगी है। कविताएँ न केवल जीवन का दर्शन प्रस्तुत करती हैं, अपितु प्रेरणादायक भी हैं। जहाँ एक ओर इन कविताओं के माध्यम से विशुद्ध प्रेम का निवेदन है, वहीं दूसरी ओर हार को कभी न स्वीकारने का संकल्प भी है। मनुष्य अपना मार्ग किस प्रकार प्रशस्त करे, इसका विवरण पथिक कविता में सुचारु रूप से किया गया है। कवि ने प्रकृति के माध्यम से ईश्वर के बोध का सजीव प्रस्तुतीकरण प्रकृति और ईश्वर कविता में प्रस्तुत किया है। राम किंकर सिंह की कविताएँ अवसर और परिश्रम के सराहनीय उद्देश्य को लेकर सोचने के लिए प्रेरित करनेवाली हैं। जीवन में हर महत्त्वपूर्ण बिंदु को इस तरह स्पर्श करती हैं, जिससे सभी पल जीवंत हो उठें। —अनिल स्वरूप आई.ए.एस. (अ.प्रा.) पूर्व सचिव, भारत सरकार लेखक और विचारक
Bihar Police Daroga Prarambhik Pareeksha 30 Practice Sets (Avar Seva Ayog Patna) (vol-1)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Drishtikon
- Author Name:
Lal Krishna Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Sharirik Shiksha 14 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Physical Education Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vedic Vichar
- Author Name:
Chitranjan Savant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT Objective Samanya Vigyan Evam Prodyogiki (General Science & Technology) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Heart Ki Dekhbhal
- Author Name:
Dr. H.S. Wasir
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anuvad Ki Samasyaen
- Author Name:
G. Gopinathan
- Book Type:

- Description: हिन्दी तथा विश्व की अन्य महत्त्वपूर्ण भाषाओं के बीच अनुवाद की भाषागत समस्याओं के बारे में यह द्विभाषी (हिन्दी अंग्रेज़ी) पुस्तक एक अन्तरराष्ट्रीय परिचर्चा के रूप में पत्राचार द्वारा संकलित की गई है। पुस्तक की परिकल्पना तथा परिचर्चा का आयोजन मुख्य रूप से कालीकट विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रो. जी. गोपीनाथन ने किया तथा इसके सह-सम्पादन में वहीं के अंग्रेज़ी विभाग के प्रो. एस. कंदास्वामी ने योग दिया। पुस्तक में छत्तीस शोधपत्र हैं जिनमें अनुवाद के सिद्धान्त और व्यवहार से उत्पन्न होनेवाली समस्याओं की विस्तृत चर्चा है और हिन्दी तथा विश्व की अन्य प्रमुख भाषाओं के बीच अनुवाद-कार्य पर विशेष बल दिया गया है। भारत में अनुवाद में विभिन्न प्रकार की जिन व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना होता है, उनकी भी विस्तृत चर्चा इसमें शामिल है। हिन्दी भारत की सम्पर्क भाषा और भारत की मिली-जुली संस्कृति के सम्प्रेषण के माध्यम के रूप में तेज़ी से विकास कर रही है। हिन्दी तथा अन्य भाषाओं के बीच अनुवाद-कार्य पिछले कुछ दशकों से गतिशील हुआ है। प्रस्तुत अध्ययन अनुवाद कार्य को बढ़ावा देने और अनुवाद के क्षेत्र में विकसित अध्ययन तथा शोध के सिलसिले में सैद्धान्तिक और व्यावहारिक रूप से सहायक सिद्ध होगा। एशियाई भाषाओं में अनुवाद सम्बन्धी अध्ययन एक नया विकसित होता क्षेत्र है और प्रस्तुत अध्ययन व्यावहारिक भाषाविज्ञान तथा साहित्यिक शोध के इस क्षेत्र में एक पहलक़दमी है।
Akshar Katha
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

-
Description:
प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में जब नगरों की स्थापना होने लगती है, पहली बार लिपियाँ तभी जन्म लेती दिखाई देती हैं। यह कोई छह हजार साल पहले की बात है।
वर्णमालात्मक लिपियाँ ई.पू. दसवीं सदी के आस-पास पहली बार सामने आती हैं। तब से आज तक लिपियों का विशेष विकास नहीं हुआ। बहुत-सी पुरालिपियाँ मर गईं, उनका ज्ञान भी लुप्त हो गया। पिछले क़रीब दो सौ वर्षों में संसार के अनेक पुरालिपिविदों ने पुनः उन पुरालिपियों का उद्घाटन किया है।
इस ग्रन्थ में गुणाकर जी ने मुख्यतः संसार की प्रमुख पुरालिपियों की जानकारी दी है। पाठक इससे जान जाएँगे कि किस देश में कौन-सी लिपि का अस्तित्व था, उसका स्वरूप कैसा था, उसके संकेत या अक्षर कैसे थे और आधुनिक काल में उन पुरालिपियों का उद्घाटन कैसे हुआ। पुस्तक के दूसरे खंड में भारतीय लिपियों की जानकारी है। आरम्भ में सिन्धु लिपि (अज्ञात) तथा खरोष्ठी लिपि का विवरण है। फिर ब्राह्मी लिपि के उद्भव तथा विकास के बारे में यथासम्भव पूरी जानकारी दी गई है। पुस्तक का परिशिष्ट संसार के प्रमुख भाषा-परिवारों पर केन्द्रित है। भाषा सम्बन्धी जिज्ञासु पाठकों और छात्रों के लिए प्रामाणिक तथ्यों, चित्रों और तालिकाओं से समृद्ध यह पुस्तक निश्चित रूप से उपादेय होगी।
MAHARANA: सहस्त्र वर्षो का धर्मयुद्ध
- Author Name:
Dr. Omendra Ratnu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Comprehensive Guide B.Sc Nursing General Nursing & Midwifery (GNM) Recruitment Exam
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Goli
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: ऐतिहासिक कथा-लेखन के सर्वाधिक प्रसिद्ध स्तंभ आचार्य चतुरसेन ने इस उपन्यास में राजस्थान के रजवाड़ों और उनके रंगमहलों की भीतरी जिंदगी का बड़ा मार्मिक, रोचक और मनोरंजक चित्रण किया है। उसी परिवेश की एक बदनसीब गोली की करुणकृगाथा, जो जीवनभर राजा की वासना का शिकार बनती रही और उसका पति उसे छूने का सहास भी नहीं कर सका। यह संस्करण संपूर्ण मूल पाठ है। इसीलिए इसे हमेशा प्रामाणिक दस्तावेज के रूप में समझा जाएगा|
Vastu Vidya
- Author Name:
K. Mahadev Shashtri +1
- Book Type:

- Description: ‘अनंत शयन संस्कृत ग्रंथावली’ के तीसवाँ (३०) अंक का प्रसिद्ध ‘वास्तु विद्या’ का यह द्वितीय संस्करण है। यह ११०६वें वर्ष (कोलंबाब्द) में आरम्मुळ वासुदेव मूस महाशय से प्राप्त वास्तु विद्या का केरल भाषा में लिखित व्याख्या के आधार पर, इसी ग्रंथालय में तात्कालिक अध्यक्ष, श्री महादेव शास्त्री के द्वारा प्रस्तुत लघु विवृत्ति नाम के व्याख्यान को अर्थ स्पष्टीकरण के लिए संयोजित किया है। वास्तु संबंधी ज्ञान इस ग्रंथ से प्राप्त हो, अतः इसका ‘वास्तु विद्या’, संज्ञा करण समुचित लगता है। और यह ‘साधन कथन’ से आरंभ होकर, ‘मृल्लोष्ट विधान’ तक सोलह अध्यायों में सगुंफित है। ग्रंथ के सोलहवें अध्याय के अंत में, समाप्ति प्रकटन का कोई दूसरा वाक्य उपलब्ध नहीं है। ‘इति वास्तु विद्या समाप्त’, ऐसा दृश्यमान होने पर भी— “दारुस्वीकरणं वक्ष्ये निधिगेहस्य लक्षणे।” (अध्याय १३) अर्थात् निधि गेह के लक्षण में दारु ग्रहण (लकड़ी का चयन) करना बताऊँगा। इस प्रकार ग्रंथकर्ता के ‘दारुस्वीकरण’ आदि स्वयं की वचनबद्धता से बोध के अभाव से (अज्ञानता या भ्रम के कारण) लेखक के द्वारा (‘इति वास्तु विद्या समाप्त’ ऐसा) लिखित होना संभावित होता है।
Trivendra : Ek Zindaginaama
- Author Name:
Dr. Nandan Singh Bisht "Vishw"
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lafzon Ka Sangam
- Author Name:
Naazrin Ansari
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत काव्य पुस्तक में रचनाकार नाज़रीन अंसारी ने अपनी भावनात्मक कविताओं की रचना की है।जिसमें उनके अंतर्मन के द्वंद्व, असमंजस, भटकाव और सामाजिक उतार चढ़ाव को कविता के माध्यम से व्यक्त किया गया है। विश्वास है, यह पुस्तक सभी पाठकों के दिल में अपनी जगह जरूर बनाएगी।
Hindi Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Acharya Ramchandra Shukla
- Book Type:

- Description: "हिंदी साहित्य का भंडार पर्याप्त समृद्ध है। गद्य तथा पद्य की लगभग सभी विधाओं का प्रचुर मात्रा में साहित्य-सर्जन हुआ है। अनेक कालजयी कृतियाँ सामने आईं। लेखक-कवियों ने भी सर्जना के उच्च मानदंड स्थापित किए, जिन पर साहित्य-सृजन को कालबद्ध किया गया; वह युग उनके नामों से जाना गया। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गहन शोध और चिंतन के बाद हिंदी साहित्य के पूरे इतिहास पर विहंगम दृष्टि डाली है। हिंदी भाषा के मूर्धन्य इतिहासकार- साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का जो इतिहास रचा है, वह सर्वाधिक प्रामाणिक तथा प्रयोगसिद्ध ठहरता है। इससे पहले भी हिंदी का इतिहास लिखा गया; पर आचार्यजी का ज्ञान विस्तृत फलक पर दिग्दर्शित है। इसमें आदिकाल यानी वीरगाथा काल का अपभ्रंश काव्य एवं देशभाषा काव्य के विवरण के बाद भक्तिकाल की ज्ञानमार्गी, प्रेममार्गी, रामभक्ति शाखा, कृष्णभक्ति शाखा तथा इस काल की अन्य रचनाओं को अपने अध्ययन का केंद्र बनाया है। इसके बाद के रीतिकाल के सभी लेखक-कवियों के साहित्य को इसमें समाहित किया है। अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक काल के गद्य साहित्य, उसकी परंपरा तथा उत्थान के साथ काव्य को अपने विवेचन केंद्र में रखा है। हिंदी साहित्य का क्षेत्र चहुँदिशि विस्तृत है। हिंदी साहित्य के इतिहास को सम्यक् रूप में तथा गहराई से जानने-समझने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह इतिहास-ग्रंथ सर्वाधिक उपयुक्त है।
HSSC Group D Bharti Pariksha–2019 (20 Practice Sets)
- Author Name:
Mohit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...