Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Bharat Ka Itihas
Author:
Vivek MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789353224431
Pages: 156
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kabira Baitha Debate Mein
- Author Name:
Piyush Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Current Affairs Varshiki (Vastunisth)
- Author Name:
Pradyuman Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pankaj Subeer Ki Kahaniyon Ka Samaj Shastreey Adhdhyan
- Author Name:
Dinesh Pal
- Book Type:

- Description: Book
Purushottam Ki Padyatra
- Author Name:
Dr. Mayank Murari
- Book Type:

- Description: जीवन में पुरुषोत्तम की यात्रा आसान नहीं होती है। मानव जीवन में शिखर पर पहुँचने के लिए पदयात्रा करनी होती है। श्रीराम के जीवन को ध्यान से देखिए | उन्होंने कभी खुद को अवतार कौन कहे, पुरुषोत्तम के रूप में भी प्रस्तुत नहीं किया। वे सदैव जीवन की जटिलताओं के बीच खड़े एक आम मानव की तरह चलते हैं, सामान्य लोगों के साथ बराबरी का संबंध बनाते हैं। पुरुषोत्तम की पदयात्रा को जिस प्रकार श्रीराम ने अपने विचार और विवेक के धरातल पर सहज बनाया, वह आज अनुकरणीय बने-- वैज्ञानिक चेतना के आधार पर मौलिक विचारों के प्रकटीकरण तथा विचार और विवेक के साथ अध्यात्म में प्रवेश करने की सरल यात्रा करवाती है यह पुस्तक “पुरुषोत्तम की पदयात्रा'। इसके लिए अंतर्यात्रा आवश्यक है । रामायण में वर्णन है कि विश्वमित्र के साथ भेजने के निर्णय के पश्चात् दशरथजी ने श्रीराम को बुलाकर पूछा कि वह आजकल सब कामों के प्रति उदासीन क्यों हैं ? राम कहते हैं कि जीवन में आदमी जो कुछ भी करता है, वह अंतत: क्षणिक परिणामों वाला तथा मृत्यु की ओर जानेवाला होता है। जीवन में कहीं किसी बात की कोई स्थायी उपलब्धि नहीं है; धन, यश, बल और पद--सभी के अपने अंतर्विरोध हैं। भला कोई विवेकशील प्राणी क्यों इन क्षणिक सुख से जुड़ना चाहेगा ? भारतीय चिंतन में उत्कृष्टता की खोज सदैव की गई है। नचिकेता ऐसे ही कुछ सवाल यम के समक्ष उठाते हैं, महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन शंका व्यक्त करते हैं और इस युग में तथागत को भी कट सत्य से जुझना पड़ता है। लेकिन कोई पुरुषोत्तम कैसे बनता है ? इसके लिए श्रीराम का आदर्श जीवन समाज के सामने है।
Bhartiya Jyotish Vigyan
- Author Name:
Ravindra Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: प्रत्येक काल में मनुष्य के ज्ञान की एक सीमा रही है । अज्ञात क्षेत्र का ज्ञान प्राप्त करने के प्रयास सदैव जारी रहे हैं । प्राचीन भारत में ज्योतिष विज्ञान एक प्रमुख विज्ञान था । लेकिन किसी भी विषय का सामान्य ज्ञान जनसाधारण को न होने की दशा में उस विषय के प्रति जनसामान्य में अनेक भ्रांतियाँ पैदा हो जाती हैं । वैसा ही कुछ ज्योतिष के बारे में भी है । लेकिन ज्योतिष एक पूर्ण विज्ञान है । जनसामान्य को ज्योतिष की विज्ञान-सम्मत जानकारी हासिल कराना, वह ज्योतिष के अर्द्धज्ञानी व्यक्तियों की ' पैसा खींचू मानसिकता ' का शिकार न बने तथा ज्योतिष विज्ञान के वास्तविक लाभ अपने परिवार एवं समाज हेतु प्राप्त हों—ये ही इस पुस्तक के उद्देश्य हैं ।
SSC Staff Selection Commission Constable (GD) (Male and Female) Computer Based Examination (15 Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kendriya Vidyalaya Sangathan KVS PRT Prathamik Shikshak Chayan Pariksha (KVS Primary Teacher Exam 2023 Guidebook in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dara Shukoh : Sangam Sanskriti Ka Sadhak
- Author Name:
Manager Pandey
- Book Type:

-
Description:
दारा शुकोह भारत के इतिहास का एक विशिष्ट पात्र है। यह मुग़ल शहज़ादा अपने समय में जितना प्रासंगिक था, उससे कहीं अधिक प्रासंगिकता उसकी हमारे समय में है। इसकी अहम वजह है दारा की विचार-दृष्टि और उसके अनुरूप किये गये उसके कार्य। वह भारतीय समाज में संगम-संस्कृति को विकसित करना चाहता था। संगम-संस्कृति से उसका आशय इस्लाम और हिन्दू धर्म-दर्शनों की आपसी एकता से था। अपने विचारों को ज़ाहिर करने के लिए उसने दो किताबें लिखीं, बावन उपनिषदों और भगवद्गीता का फ़ारसी में अनुवाद किया, इस्लाम और हिन्दू धर्म-दर्शनों के तुलनात्मक अध्ययन की शुरुआत की तथा सूफ़ी साधना और साधकों से जन-सामान्य को परिचित कराने के लिए पाँच और किताबें लिखीं। वस्तुतः वह ख़ुद एक सूफ़ी साधक और हिन्दी, फ़ारसी का शायर था और उसकी शायरी में भी तौहीद की मौजूदगी है।
सत्ता-संघर्ष के ब्योरों से भरे मध्यकालीन इतिहास में दारा शुकोह अपवाद ही था जिसके लिए सत्ता से अधिक ज़रूरी अध्ययन-मनन करना और भारत में संगम-संस्कृति की जड़ें मज़बूत करना था। धार्मिक-आध्यात्मिक उदारता से भरे अपने विचारों की क़ीमत उसे जान देकर चुकानी पड़ी।
प्रख्यात आलोचक मैनेजर पाण्डेय की यह पुस्तक न सिर्फ़ वर्तमान दौर में दारा शुकोह की प्रासंगिकता को नये सिरे से रेखांकित करती है, बल्कि उस संगम-संस्कृति की ज़रूरत पर भी ज़ोर देती है जिसका आकांक्षी वह था। इसमें दारा के कठिन जीवन-संघर्ष और असाधारण सृजन-साधना को सारगर्भित रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Uttrakhand Ki Vibhootiyan
- Author Name:
Raj Kishore
- Book Type:

- Description: उत्तराखंड की विभूतियाँ 1. देव सुमन 2. चंद्र सिंह गढ़वाली 3. अनुसूया प्रसाद बहुगुणा 4. माधो सिंह भंडारी 5. भारतरत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत 6. सुमित्रानंदन पंत 7. सुंदरलाल बहुगुणा 8. हेमवती नंदन बहुगुणा 9. प्रसून जोशी 10. नंदकिशोर नौटियाल 11. अभिनव बिंद्रा 12. डॉ. मुरली मनोहर जोशी 13. नारायण दत्त तिवारी 14. भुवन चंद्र खंडूरी 15. रमेश पोखरियाल 16. महेंद्र सिंह धोनी 17. वीरेन डंगवाल 18. डॉ. गंगाप्रसाद विमल 19. रस्किन बॉण्ड 20. डॉ. खड्ग सिंह वल्दिया 21. सुधीर पांडे 22. धर्मेश तिवारी 23. टॉम आल्टर 24. हिमांशु जोशी 25. गोपाल बाबू गोस्वामी 26. जसपाल राणा 27. बछेंद्री पाल 28. देविका चौहान 29. शिवानी 30. टिंचरी माई उर्फ इच्छागिरि माई 31. कलावती रावत 32. संग्रामी देवी राणा 33. डॉ. हर्षवंती बिष्ट 34. चंद्रप्रभा एतवाल 35. उनीता सच्चिदानंदन 36. पूर्णिमा पांडे 37. रीना सजवाण 38. सुषमा राणा
History of Punjabi Literature
- Author Name:
Sant Singh Sekhon +1
- Book Type:

- Description: The vitalityof Punjabi lietrature, its rootedness in its landscape, and its concern with the totality of human experience is evident everywhere in this volume. While it will be of undoubted value to the student of Punjabi literature, we also hope that its vitality and readability will make it attractive to other readers as well.
Jharkhand GK
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: झारखंड को अस्तित्व में आए कई वर्ष हो चुके हैं। इन वर्षों में राज्य ने काफी प्रगति की है। ‘नव-निर्मित’, ‘नया राज्य’ जैसे शब्द अब झारखंड के लिए उपयुक्त नहीं हैं। झारखंड ने अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता, वन्य एवं खनिज संपदा और अद्भुत विकास गाथा के कारण राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है। अन्य विकसित राज्यों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने को तैयार है। कुछ अन्य कारणों से यह वैश्विक पटल पर भी जाना-पहचाना जाता है। धोनी और दीपिका ने झारखंड को विश्व पटल पर पहचान पहले ही प्रदान कर दी है। अब झारखंड अपनी विकास गति के कारण समाचारों में छाया है। पुस्तक में इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु झारखंड की सम्यक् जानकारी को निम्न अध्यायों के अंदर प्रस्तुत किया गया है—झारखंड का इतिहास, झारखंड आंदोलन, भौगोलिक अवस्थिति, नदी तंत्र, खनिज-संसाधन, उद्योग-धंधे, कृषि-पशुपालन, वन एवं राष्ट्रीय उद्यान, जनजातीय समाज इत्यादि। झारखंड राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी पुस्तक।
Kainchi Dham Ke Baba Shri Neeb Karauri Maharaj "कैंची धाम के बाबा श्री नीब करौरी महाराज" | Daily Rituals, Satsang And Spiritual Practices Teachings of Maharajji Make It The Center of Giving Meaning To Human Life.
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Indian Mammals
- Author Name:
Vivek Menon
- Rating:
- Book Type:

- Description: A fully updated edition of the bestselling guide to the mammals of India! Covering the rich diversity of mammal species in India, from tigers, elephants, rhinoceros and whales to primates, rodents and bats, Indian Mammals is field-ready, illustrated and comprehensive in approach. Rigorously researched, Indian Mammals reflects a lifetime's work by Vivek Menon, one of India's leading authorities on Indian wildlife. Planned for easy reference, this compact guide is the essential resource for wildlifers of any age, including animal watchers, eco-tourists and active conservationists. * More than 425 species of both land and water mammals with introductory pages on each order * Describes key identification features, biometrics, behaviour, social strategies, habitat and distribution * Over 1,000 carefully curated photographs and supplementary illustrations * More than 150 updated distribution maps * Colour tabs for sections to facilitate ease of use * Live-action field notes from the author offering personal insights into main mammalian Orders
Ladki Anjani Si
- Author Name:
Ajay K. Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kahani Jammu-Kashmir Ki
- Author Name:
Col. Ajay K Raina
- Book Type:

- Description: "कश्मीर-जम्मू और कश्मीर है' से 'मकबूल शेरवानी ने कश्मीर को बचाया', 'डोगराओं ने कश्मीरियों पर अत्याचार किया', 'विलय के दस्तावेज पर कभी हस्ताक्षर नहीं किए गए' से लेकर 'कश्मीरी अलग हैं और एक विशेष सुलूक के हकदार हैं', बहुत से आख्यान—झूठे और विश्वास करने लायक, दोनों कई दशकों से जम्मू-कश्मीर के बारे में राजनीतिक और अकादमिक बातचीत के केंद्र बिंदु रहे हैं। इस काम में ऐसे आख्यानों पर जानबूझ कर एक नजर डाली गई है, क्योंकि ये हमारे इतिहास की सबसे महत्त्वपूर्ण अवधि से संबंधित हैं और जम्मू-कश्मीर के लोगों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। किंतु कई समीक्षक आज भी भुलावे और भ्रमित मनस्थिति में हैं। यह पुस्तक उन लोगों की मदद कर सकती है, जो हमारे देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में कुछ आख्यानों का मजमून खोजने के लिए घूम रहे हैं। आशा है कि जो पाठक इस पुस्तक को पढेंग़े, उनके पास इसमें निहित मुद्दों के बारे में अपना विचार बदलने के कारण होंगे; यदि कोई भी बदलाव, होगा तो, वह इस पुस्तक में प्रस्तुत किए जा रहे तर्क की कसौटी पर होगा।"
Ek Sarkari Babu Ke Notes
- Author Name:
Madhav Prasad Singh
- Book Type:

- Description: मैंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी भी की थी। एक बार साक्षात्कार का मौका भी मिला, लेकिन वहाँ असफल रहा। शायद मेरा आत्मविश्वास तब तक कम हो चुका था और कामचलाऊ जीवन में ही रस मिल रहा था। कभी-कभी सोचता हूँ कि सबको खुश रखने और उनसे मिलनेवाली प्रशंसा की बजाय अगर दुराव और बदनामी के झटके मिलते तो प्रयत्नों में तेजी आती। उन झटकों से अपने गंतव्य तक पूरी तरह न सही, लेकिन आंशिक तौर पर पहुँचने का रास्ता तो खुलता। इसके बाद जो सफलता मिलती, वह स्थायी होती; व्यक्तित्व में और निखार लाती। यहापि यह मेरी सोच है, और आवश्यक नहीं है कि ऐसा होता भी। —इसी पुस्तक का अंश
Lok : Parampara, Pahachan Aur Pravah
- Author Name:
Shyam Sunder Dubey
- Book Type:

-
Description:
भारतीयता को आकार देने में लोक-संस्कृति की भूमिका केन्द्रीय कारक की तरह रही है। भारतीयता के जो समन्वयमूलक शाश्वत जीवन-मूल्य हैं, वे लोक-संस्कृति की ही उपज हैं। प्रकृति और मनुष्य के आन्तरिक रिश्तों पर आधारित लोक-संस्कृति पर्यावरण के प्रति अधिक सक्रिय और अधिक सचेष्ट विधायिनी रचना को सम्भव करती है। वह अपने वैविध्य में पर्यावरण की सुरक्षा और उसकी गतिशीलता की भी प्रेरक है। लोक-संस्कृति के एक सबल पक्ष लोक-साहित्य की गहरी समझ रखनेवाले डॉ. श्यामसुन्दर दुबे की यह कृति लोक-साहित्य में निहित लोक-संस्कृति की पहचान और परम्परा को विस्तार से विवेचित करती है। लोक-साहित्य के प्रमुख अंग लोकगीत, लोक-नाट्य, लोक-कथाओं को लेखक ने अपने विश्लेषण का आधार-विषय बनाया है। लोक की प्रसरणशीलता और लोक की भूभौतिक व्यापकता में अन्तर्निहित सामाजिक सूत्र-चेतना को इन कला-माध्यमों में तलाशते हुए लेखक ने जातीय स्मृति की पुनर्नवता पर गहराई से विचार किया है।
आधुनिकता के बढ़ते दबावों से उत्पन्न ख़तरों की ओर भी इस कृति में ध्यानाकर्षण है। अपनी विकसित प्रौद्योगिकी और अपने तमाम आधुनिक विकास को लोक-जीवन के विभिन्न सन्दर्भों से सावधानीपूर्वक समरस करनेवाली कला-अवधारणा की खोज और उसके प्रयोग पर विचार करने के लिए यह कृति एक नया परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करती है। दृश्य और श्रव्य कला-माध्यमों द्वारा इधर सौन्दर्यबोध की जो नई प्रणालियाँ आविष्कृत हो रही हैं, इनमें एक अनुकरण-प्रधान उपरंगी संस्कृति की ओर हमारे समूचे लोक को बलात् खींचा जा रहा है। लेखक ने प्रस्तुत कृति में लोक की इस व्यावसायिक प्रयोजनीयता और उसके इस विकृत प्रयोग को कला-क्ष्रेत्र में अनावश्यक हस्तक्षेप माना है। यह हस्तक्षेप हमारी सांस्कृतिक पहचान पर दूरगामी घातक प्रभाव डाल सकता है।
लोक के समाजशास्त्रीय मन्तव्यों और लोक की मनः-सौन्दर्यात्मक छवियों को अपने कलेवर में समेटनेवाली यह कृति लोक-साहित्य की कुछ अंशों में जड़ और स्थापित होती अध्ययन-प्रणाली को तोड़ेगी और लोक के विषय में कुछ नई चिन्ताएँ जगाएगी।
UPPSC Uttar Pradesh Lok Seva Ayog Nyayik Seva Civil Judge (Junior Division) Paper-I Samanaya Gyan (UPPSC Civil Judge JD General Knowledge Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samay
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Charitraheen
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: पुस्तक के संबंध में एक बार शरत की अन्य पुस्तकों के साथ उनकी चरित्रहीन की पांडुलिपि, जो लगभग पाँच सौ पृष्ठों की थी, जल गई। इससे हताश वे अवश्य ही बहुत हुए, परंतु निराश नहीं। अपने असाथारण परिश्रम से उसे पुन: लिखने से समर्थ हुए। प्रस्तुत रचना उनकी बड़ी लगन और साधना से निर्मित वही कलाकृति है। शरतबाबू ने अपनी इस अमर कृति के संबंध में अपने काव्य-मर्मज्ञ मित्र प्रमथ बाबू को लिखा था, “केवल नाम और प्रारंभ को देखकर ही चरित्रहीन मत समझ बैठना। मैं नीतिशास्त्र का सच्चा विद्यार्थी हूँ। नीतिशास्त्र समझता हूँ। कुछ भी हो, राय देना, लेकिन राय देते समय मेरे गंभीर उद्देश्य को याद रखना। मैं जो उलटा-सीधा कलम की नोक पर आया, नहीं लिखता। आरंभ में ही उद्देश्य लेकर चलता हूँ। वह घटना-चक्र में बदला नहीं जाता।'!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book