Indian Mujahideen Evam Bheetri Shatru
(0)
Author:
Shishir GuptaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
225
₹ 180 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789352667321
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Chiriya Udd
- Author Name:
Poonam Dubey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anuvad Ki Samasyaen
- Author Name:
G. Gopinathan
- Book Type:

- Description: हिन्दी तथा विश्व की अन्य महत्त्वपूर्ण भाषाओं के बीच अनुवाद की भाषागत समस्याओं के बारे में यह द्विभाषी (हिन्दी अंग्रेज़ी) पुस्तक एक अन्तरराष्ट्रीय परिचर्चा के रूप में पत्राचार द्वारा संकलित की गई है। पुस्तक की परिकल्पना तथा परिचर्चा का आयोजन मुख्य रूप से कालीकट विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रो. जी. गोपीनाथन ने किया तथा इसके सह-सम्पादन में वहीं के अंग्रेज़ी विभाग के प्रो. एस. कंदास्वामी ने योग दिया। पुस्तक में छत्तीस शोधपत्र हैं जिनमें अनुवाद के सिद्धान्त और व्यवहार से उत्पन्न होनेवाली समस्याओं की विस्तृत चर्चा है और हिन्दी तथा विश्व की अन्य प्रमुख भाषाओं के बीच अनुवाद-कार्य पर विशेष बल दिया गया है। भारत में अनुवाद में विभिन्न प्रकार की जिन व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना होता है, उनकी भी विस्तृत चर्चा इसमें शामिल है। हिन्दी भारत की सम्पर्क भाषा और भारत की मिली-जुली संस्कृति के सम्प्रेषण के माध्यम के रूप में तेज़ी से विकास कर रही है। हिन्दी तथा अन्य भाषाओं के बीच अनुवाद-कार्य पिछले कुछ दशकों से गतिशील हुआ है। प्रस्तुत अध्ययन अनुवाद कार्य को बढ़ावा देने और अनुवाद के क्षेत्र में विकसित अध्ययन तथा शोध के सिलसिले में सैद्धान्तिक और व्यावहारिक रूप से सहायक सिद्ध होगा। एशियाई भाषाओं में अनुवाद सम्बन्धी अध्ययन एक नया विकसित होता क्षेत्र है और प्रस्तुत अध्ययन व्यावहारिक भाषाविज्ञान तथा साहित्यिक शोध के इस क्षेत्र में एक पहलक़दमी है।
ZINDAGI BULA RAHI HAI
- Author Name:
Smt. Preeti Shenoy
- Book Type:

- Description: Description of the book is awaited.
History of Indian English Literature
- Author Name:
M.K. Naik
- Rating:
- Book Type:

- Description: Indian English literature began as an interesting by-product of an eventful encounter in the late eighteenth cntury between a vigorous and enterprising Britain and a stagnant and chaotic India, and is now nealy twi hundred years old. It is literature written originally in English by authors Indian by birth, ancestry or nationality. It is no part of English literature any more than American literature or Australian lterature can be said to be branch of British literature. It is legitimatly a part of Indian literature, since its differntia is the expression in it of an Indian ethos.
Vaidik Sanskriti
- Author Name:
Govind Chandra Pandey
- Book Type:

-
Description:
भारतीय परम्परा में वेद को अनादि अथवा ईश्वरीय माना गया है। इतिहास और संस्कृति के विद्यार्थी के लिए इनमें भारतीय एवं आद्यमानव परम्परा की निधि है। महर्षि यास्क से लेकर सायण तक वेद के पंडितों ने इनके अनेक अर्थ निकाले हैं, जिसके कारण वेदों की सही व्याख्या कठिन है। आधुनिक युग में वेदों पर जो भी प्रसिद्ध ग्रन्थ लिखे गए हैं, उनमें इतिहास की दृष्टि से व्याख्या भले ही की गई हो, लेकिन आध्यात्मिक और सनातन अर्थ उपेक्षित है।
पुरानी भाषाशास्त्रीय व्याख्या के स्थान पर नई पुरातात्त्विक खोज के द्वारा वेदों का जो इतिहास पक्ष बदला है, उसका मूल्यांकन भी यहाँ किया गया है।
इस ग्रन्थ में न केवल मैक्समूलर आदि को नई व्याख्याएँ एवं सायण आदि की यज्ञपरक व्याख्या पर, बल्कि दयानन्द, श्री अरविन्द, मधुसूदन ओझा आदि की संकेतपरक व्याख्या पर भी विचार किया गया है। वैदिक संस्कृति की परिभाषा करनेवाले ऋत-सत्यात्मक सूत्रों की विवेचना एवं किस प्रकार वे भारतीय सभ्यता के इतिहास में प्रकट हुए हैं, इस पर भी चिन्तन
किया गया है।
वैदिक संस्कृति, धर्म, दर्शन और विज्ञान की अधुनातन-सामग्री के विश्लेषण में आधुनिक पाश्चात्य एवं पारम्परिक दोनों प्रकार की व्याख्याओं की समन्वित समीक्षा इस पुस्तक में की गई है।
इस प्रकार तत्त्व जिज्ञासा और ऐतिहासिक के समन्वयन के द्वारा सर्वांगीणता की उपलब्धि का प्रयास इस ग्रन्थ की विचार शैली का मूलमंत्र और प्रणयन का उद्देश्य है।
Sachchi Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Major Pradeep Khare
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UP TGT Vigyan 15 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Science Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NCERT Objective Bharat Ka Itihas, Kala Evam Sanskriti (History of India, Art & Culture) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Radhakrishna Angreji-Hindi Vyavharik Kosh
- Author Name:
Santosh Prasad +1
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया गया है।
इस कोश में विद्वान् कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं। साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper -1 (Class 1-5 ) 15 Practice Sets Evam 11 Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manusmriti Punarmoolyankan (Urf Muft Hue Badnam)
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: मनुस्मृति पुनर्मूल्यांकन' हिंदू कानून की पुस्तक न होकर एक सामाजिक निर्देशिका भर है। मनुस्मृति के लिखे जाने के समय हिंदू समाज में जातिप्रथा या वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर नहीं, गुण-कर्म-स्वभाव के आधार पर निर्धारित की जाती थी। अगर ऐसी कोई व्यवस्था होती तो भला चंद्रगुप्त मौर्य, जो एक दासी-पुत्र था, एक ब्राह्मण चाणक्य उसे अपना शिष्य या राजा बनाते। यही नहीं, वेदों, रामायण तथा महाभारत में शूद्र राजाओं का जिक्र कैसे आता? वर्ण व्यवस्था को समझने हेतु यह भी आवश्यक है कि वर्ण व्यवस्था हर काल में, हर देश-समाज में विद्यमान थी, और आज भी है। ब्राह्मण = विद्वान् ज्ञानी = आज के वैज्ञानिक; क्षत्रिय = समाज के बलशाली व्यक्ति = राजा = आज के राजनेता; बिजनेस tycoon, यथा बिल गेट्स या एलन मस्क—वैश्य; तब के कृषि मैनेजर आज के अनेक क्षेत्रों के मैनेजर [MBA] शूद्र = वर्कर। आज आधुनिक शिक्षा में ये वैज्ञानिक, राजनेता तथा बिजनेस tycoon, मैनेजर या वर्कर कहलाते हैं, तब भी गुण-कर्म-स्वभाव से वर्ण निर्धारित होते थे।
Karysthal Par Yaun Utpeedan, Karan Aur Nivaran
- Author Name:
Shaharyar Amjad Khan
- Book Type:

- Description: Book
Dushyant Kumar : Ek Shodharthi Ki Nazar Se
- Author Name:
Jaimini Pandya
- Book Type:

- Description: book on the life of famous poet dushyant kumar
Jharkhand Vastunishtha
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KVS PRT Primary Teacher Written Examination 2023 15 Practice Sets includes Latest Solved Paper
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ki Lok Sanskriti
- Author Name:
Hemant Kukreti
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Puratan Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Pramod Bhargava
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति के दो विलक्षण पहलू हैं। एक, धर्म एवं अध्यात्म और दूसरा, आध्यत्मिक विज्ञान। विडंबना यह रही कि इन्हें वर्गीकृत करके परिभाषित नहीं किया गया। मिथक रूपी विधा ने इन्हें और जटिल बना दिया। लेकिन इसकी चिरंतरता और सफलता यह रही कि इसके तीनों रूप श्रुति और वाचन में सरलता के कारण आज अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इनके रहस्यों को तकनीक के उत्तरोत्तर विकास ने प्रामाणिक साक्ष्यों में बदल दिया। अतएव नासा ने रामसेतु और समुद्र विज्ञानियों ने द्वारका व श्रीलंका के राम-रावण युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अवशेषों को खोज निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने रामायण और महाभारत में उल्लिखित तिथियों की प्रामाणिकता सिद्ध कर दी। बहरहाल विज्ञान की अनेक उपलब्धियों के सूत्र हमारे धर्म ग्रंथों में यत्र-तत्र-सर्वत्र बिखरे पडे़ हैं। इस पुस्तक में इसी सनातन ज्ञान को चिरंतन बनाने की एक समन्वयवादी वैज्ञानिक पहल है। इसमें दिए अध्याय—‘हवा का भोजन कर जीवित रहीं अहल्या’, ‘बालक ध्रुव के तारा बनने का विज्ञान’, ‘हनुमान के उड़ने का विज्ञान’, ‘चौरासी लाख योनियों का विज्ञान’, ‘सूर्यरथ के एक चक्रीय होने का विज्ञान’, ‘कुंभ पर्व में स्नान का विज्ञान’, ‘तैरनेवाले पत्थरों का विज्ञान’, ‘भ्रूण प्रत्यारोपण से जनमे थे बलराम’, ‘रामायणों में विज्ञान’, ‘प्राचीन भारत में टीकाकरण’ एवं ‘प्राचीन मंदिरों में विज्ञान’ पुरातन विज्ञान की महत्ता को सिद्ध कर भारतीय ज्ञान चेतना का दिग्दर्शन कराते हैं।
Prabandh Paribhasha Kosh
- Author Name:
Sudarshan Kumar Kapoor
- Book Type:

-
Description:
आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी विभिन्न विषयों पर हिन्दी में ऐसी मानक व स्तरीय पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें हिन्दी की मानक तकनीकी शब्दावली का प्रयोग किया गया हो। ख्यात शिक्षाविद् सुदर्शन कुमार कपूर की यह पुस्तक ‘प्रबन्ध परिभाषा कोश’ इस रिक्तता और कमी को पूरा करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। इस पुस्तक में प्रबन्ध की विभिन्न शाखाओं—जैसे प्रबन्ध के सिद्धान्त, संगठनात्मक व्यवहार, विपणन, वित्तीय और कार्मिक प्रबन्ध आदि से सम्बन्धित लगभग हज़ारेक संकल्पनाओं की व्याख्या की गई है। लेखक ने वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा बताए मानक शब्दावली के सार्थक प्रयोग भी बताए हैं।
पुस्तक की मौलिकता इस बात में सन्निहित है कि इसकी रचना वर्णक्रमानुसार न होकर, प्रबंधशास्त्र से सम्बन्धित विद्यालयीन, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तरों पर निर्धारित पाठ्यक्रमों पर आधारित है। छात्रों और शिक्षकों के लिए सन्दर्भ-ग्रन्थ के साथ-साथ सन्दर्शिका के रूप में भी उपयोगी कोश।
Pyar To Hona Hi Tha
- Author Name:
Himanshu Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Abhagi Ka Swarg
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: बांग्ला के उपन्यास-सम्राट् शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की संपूर्ण अमर कृतियाँ देश-विदेश की अनेक भाषाओं में अनूदित होकर प्रकाश में आ चुकी हैं; परंतु हिंदी में जहाँ एक ओर उनके उपन्यास तथा उपन्यास के रूप में बड़ी-बड़ी कहानियों के अनेक अनुवाद हुए हैं, वहाँ उनकी लघु-कथाओं के अनुवाद अपेक्षाकृत बहुत कम हो प्रकाश में आए हैं। प्रस्तुत पुस्तक में शरतबाबू की सात लघु-कथाएँ संकलित हैं। सभी कहानियाँ एक-से-एक सुंदर, प्रेरणाप्रद, मर्मस्पर्शी एवं शिल्प की दृष्टि से अत्युत्तम हैं। अनुवाद में केवल मूल भावों की ही रक्षा नहीं की गई है, अपितु वह अक्षरश: हो और प्रभाव में भी शिथिलता न पड़े, इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। आशा है, रवींद्रकथा-माला की भाँति शरतकथा-माला को भी स्नेहपूर्वक अपनाकर हिंदी-पाठक हमारे श्रम को सार्थक करेंगे।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book