General Knowledge 2022
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
365
₹ 292 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
GENERAL KNOWLEDGE 2021 (For All Competitive Examinations) • J&K AND LADAKH NEW MAP • INDIAN HISTORY • ART AND CULTURE • WORLD HISTORY • GEOGRAPHY • ENVIRONMENT AND ECOLOGY • INDIAN POLITY AND CONSTITUTION • INDIAN ECONOMY • SCIENCE • SCIENCE AND TECHNOLOGY • WORLD PANORAMA • INDIAN PANORAMA • BOOKS AND AUTHORS • AWARDS AND HONOURS • GAMES AND SPORTS • ABBREVIATIONS
Read moreAbout the Book
GENERAL KNOWLEDGE 2021 (For All Competitive Examinations)
• J&K AND LADAKH NEW MAP
• INDIAN HISTORY
• ART AND CULTURE
• WORLD HISTORY
• GEOGRAPHY
• ENVIRONMENT AND ECOLOGY
• INDIAN POLITY AND CONSTITUTION
• INDIAN ECONOMY
• SCIENCE
• SCIENCE AND TECHNOLOGY
• WORLD PANORAMA
• INDIAN PANORAMA
• BOOKS AND AUTHORS
• AWARDS AND HONOURS
• GAMES AND SPORTS
• ABBREVIATIONS
Book Details
-
ISBN9789353228842
-
Pages464
-
Avg Reading Time15 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
HSSC Group D Bharti Pariksha–2019 (20 Practice Sets)
- Author Name:
Mohit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Limitless Life (Hindi Translation Of Be The Hands And Feet)
- Author Name:
Nick Vujicic
- Book Type:

- Description: पूरी दुनिया में निक वुईचिक को एक ऐसे इनसान के तौर पर जाना जाता है, जिनके न हाथ हैं न पैर, फिर भी उनकी सोच जबरदस्त रूप से सकारात्मक है। जैसा कि निक 'लिमिटलेस Life ' में कहते हैं, उनके लिए अपने जीवन में इससे बड़ा सुकून और कुछ नहीं कि वह लोगों का परिचय ईश्वर से कराते हैं, जो उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते। आखिर यह कैसे होता है ? पाँच दिन के धार्मिक प्रवचन से हमें निक के मूल संदेश की जानकारी मिलती है, जो हमें इस संसार को ईश्वर में अपना विश्वास जताने की प्रेरणा देती है, जो कृपा की उम्मीद के लिए तरस रहा है।
Kavirajamarga and the kannada world
- Author Name:
K V Subbanna +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Kavirajamarga was formative in the literary growth of Kannada and is a guide book to the Kannada grammar that existed in that period. It laid the "royal path" for guiding many aspiring writers.
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha 15 Practice Sets Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UTTAR PRADESH SANYUKT PARAMEDICAL PRASHIKSHAN PRAVESH PARIKSHA
- Author Name:
Naveen Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deendayal Upadhyaya Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उन्नयन को ही राष्ट्र-निर्माण का मुख्य ध्येय माननेवाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय सादगी एवं प्रभावी व्यक्तित्व की प्रतिमूर्ति थे, लेकिन अपने दिव्य गुणों से वे दिव्य और अद्भुत बन गए। प्रत्येक व्यक्ति उनका सान्निध्य पाकर स्वयं को धन्य समझता था। वे किसी भी व्यक्ति को निराश नहीं लौटाते थे। अपने प्रखर और तीव्र मस्तिष्क का प्रयोग कर हर व्यक्ति की समस्या का हल ढूँढ़ने का प्रयास करते थे। हर व्यक्ति उनका ऋणी था। ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और नेतृत्व के गुण उनमें कूट-कूटकर भरे थे। वे अपने इन गुणों के माध्यम से ही हर व्यक्ति के हृदय में अपना एक विशेष स्थान बना पाए। राष्ट्र की एकता-अखंडता उनके लिए सर्वोपरि रही और इसी के लिए वे अनवरत कर्मशील रहे। अपने छोटे, परंतु यशस्वी जीवन में उन्होंने सामूहिकता, संगठन-कौशल और राष्ट्रभाव के जो अप्रतिम उदाहरण प्रस्तुत किए, वे न केवल वर्तमान वरन् भविष्य की पीढि़यों का भी मार्ग प्रशस्त करेंगे। माँ भारती के अमर सपूत पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्रेरणाप्रद जीवन की ये छोटी-छोटी कहानियाँ जीवन में कुछ बड़ा करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी, ऐसा हमारा अटल विश्वास है। "
UPSC CSAT Samanya Adhyayan Paper-Ii Solved Papers 2011-2023
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nachiket
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति एक ऐसी महान् संस्कृति है, जिसका दुनिया में कोई सानी है ही नहीं। हमारे वेद-उपनिषद् और भगवद्गीता ने मनुष्य को जन्म के साथ ही मृत्यु तक जो जीवन जीना है, उन सब चीजों के लिए अलग-अलग उपाय दिए हुए हैं। इस पुस्तक के माध्यम से हमने एक प्रामाणिक प्रयत्न किया है कि आज की जो सामान्य या अहम समस्या है, पति-पत्नी के संबंध और माँ-बाप का पुत्र-पुत्री के साथ व्यवहार, जिसे हम संस्कारों की मूलभूत बात भी कह सकते हैं, उसको वेद-उपनिषद् की ही बातों को थोड़ा सरल करके सामान्य व्यक्ति समझ सके और उसका उपयोग करके अपने घर को ‘धन्यो गृहस्थाश्रम’ कर सके। इस पुस्तक का नाम ‘नचिकेत’ इसलिए रखा गया है, क्योंकि हमारे वेद और उपनिषद् में नचिकेत पात्र को कई जगहों पर अंकित किया गया है, जो पात्र एक अद्भुत दैवी संतान की प्रतिकृति है, जिसको पढ़कर भी हमें ऐसा लगता है कि भगवान् हमारे घर पर ऐसी संतान को जन्म देना। ‘नचिकेत’ एक रूपक है—अद्भुत, अविस्मरणीय और असामान्य बालक का।
IAS/IPS Pariksha Mein Safalta Ke Secrets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MPPEB MADHYA PRADESH SHIKSHAK PATRATA PARIKSHA-2020 VASTUNISTH BAL VIKAS EVAM SHIKSHAN SHASTRA (80 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Arthik Evam Dharniya Vikas
- Author Name:
Manoj Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagirath Badole Samagr, Bhag 2
- Author Name:
Bhagirath Badole
- Book Type:

- Description: This book has no description
Hinduon ke vrat parv aur Tyohar
- Author Name:
Rampratap Tripathi Shastri
- Book Type:

-
Description:
भारतरत्न बाबू पुरुषोत्तमदास जी टण्डन की पुण्य स्मृति में समर्पित इस पुस्तक में हिन्दुओं के सम्पूर्ण व्रतों, त्योहारों और पर्वों से सम्बन्धित पौराणिक, लौकिक तथा शास्त्रीrय विद्याओं की परम्परागत प्राचीन विधियों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
व्रत, पर्व और त्योहार यद्यपि ये तीनों उत्सव के भिन्न-भिन्न रूप हैं तथापि किसी-न-किसी रूप में इनमें परस्पर विचित्र समानता पायी जाती है। व्रत का विधान बहुधा आध्यात्मिक अथवा मानसिक शक्ति की प्राप्ति के लिए, चित्त अथवा आत्मा की शुद्धि के लिए, संकल्प-शक्ति की दृढ़ता के लिए, ईश्वर की भक्ति और श्रद्धा के विकास के लिए, वातावरण की पवित्रता के लिए, दूसरों पर अपने प्रभाव जमाने के लिए, अपने विचारों को उच्च एवं परिष्कृत करने के लिए तथा प्रकारान्तर से स्वास्थ्य की प्रगति के लिए किया जाता है। यद्यपि भारतीय विचारधारा में व्रत का सामान्य अर्थ व्रत अथवा उपवास ही है, तथापि कुछ ऐसे व्रत हैं जिनमें उपवास का स्थान गौण है और चित्त-शुद्धि अथवा आत्म-परिष्कृत का स्थान मुख्य है। पर्व किसी मुख्य तिथि अथवा ज्योतिष के अनुसार ग्रहों आदि के संयोग का ही दूसरा नाम है, जो किसी निर्दिष्ट समय पर आता है। पर्व का बीच-बीच में निर्दिष्ट अवधि पर आते रहते हैं जैसे कुम्भ पर्व आदि। आकाश के नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के अनुसार इन पर्वों का धरती के जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। त्योहार एक सामान्य शब्द है। आजकल इसका प्रयोग व्रत और पर्व के लिए भी होने लगा है, किन्तु इसका तात्पर्य वस्तुत: लौकिक उत्सवों एवं समारोहों की तिथि से ही अधिक समीप है जैसे दशहरा, होली आदि।
व्रत दो प्रकार के होते हैं, ‘काम्य’ और ‘नित्य’। काम्य उन्हें कहते हैं जो किसी विशेष कामना को लेकर किये जाते हैं और नित्य वे हैं, जिनमें किसी कामना का समावेश नहीं होता, वरन् जो भक्ति और प्रेम के कारण आध्यात्मिक प्रेरणा से किये जाते हैं। निष्काम अथवा नि:स्वार्थ व्रत का ही स्थान ऊँचा होता है।
व्रत का सामान्य अर्थ आज ‘उपवास’ हो गया है। उपवास शब्द का अर्थ है दुर्गुणों एवं दोषों से बचकर आत्मा अथवा गुणों के साथ वास अर्थात् निवास। इन व्रतों अथवा पर्वों में हमारे देश के भिन्न-भिन्न मतावलम्बी लोगों के लिए अपनी-अपनी कुल-परम्परागत मान्यता के अनुसार चलने की पूरी सुविधाएँ प्रदान की गयी हैं। एक धर्म अथवा सम्प्रदाय के देवता का अन्य धर्म अथवा सम्प्रदाय में बड़ी उदारता एवं सहानुभूति के साथ चित्रण किया गया है। सनातन हिन्दू धर्म में तो इस व्यापक दृष्टिकोण का पदे-पदे परिचय मिलता है। भगवान् विष्णु के चौबीसों अवतारों में जैन धर्म के आदि प्रवर्तक भगवान् ऋषभदेव तथा बुद्ध धर्म के प्रतिष्ठापक भगवान् गौतम बुद्ध का भी गिनाया गया है और इनकी जयन्तियों तथा पुण्यकथाओं को सुनने-सुनाने का बड़ा माहात्म्य वर्णित है।
सनातनी हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों होली, दीवाली, विजयादशमी, वसन्तपंचमी, नागपंचमी आदि त्योहार तो बौद्ध, जैन आदि मतों में भी सनातन धर्म के समान ही समादृत और महत्त्वपूर्ण हैं। कुछ अन्य त्योहार तो ऐसे भी हैं जो सनातन धर्म में किसी अन्य कारण से महत्त्व रखते हैं और बौद्ध तथा जैन धर्म में किसी अन्य कारण से। किन्तु हिन्दुओं के सभी मतानुयायियों में उनकी विशेषता अखण्डित है। कार्तिकी पूर्णिमा, मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी, अक्षय तृतीया, अनन्त चतुर्दशी आदि व्रतों अथवा पर्वों का सनातन हिन्दू धर्म तथा बौद्ध एवं जैन धर्मों में समान महत्त्व है, किन्तु कारण भिन्न-भिन्न दिये गये हैं।
Jawahar Navodaya Vidyalaya Class-6
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Solved Papers 2023-2005 JNV Sainik School Preparation
Bharat Evam Vishva Ke Mahan Divas
- Author Name:
Pushpa Sinha
- Book Type:

- Description: सदियों से दुनिया भर में दिवसों का महत्त्व है। दिवस ही आदमी को कर्म में संलग्न करते हैं, जबकि रातें विश्राम और नींद के लिए होती हैं। इस तरह दिवस हमारे लिए पवित्र और पूजनीय बन जाते हैं। प्रस्तुत पुस्तक के दिवस किसी-न-किसी उद्देश्य के लिए लोगों के महान् त्याग, बलिदान और तपस्या की याद दिलाते हैं तो किन्हीं क्षेत्रों में उनके अद्भुत, चमत्कारी कार्यों की बानगी को रेखांकित करते हैं। कहीं शौर्य, खेल, स्वास्थ्य, संस्कृति, करुणा, प्रेम, भाईचारा के लिए समर्पित योगदान को याद किया जाता है, तो कहीं गुलामी की जंजीरें तोड़कर आजादी के खुले आकाश में साँस लेनेवाले देश को स्मृति के पटल पर अंकित कर उसकी याद का हर साल जश्न मनाते हैं। यहाँ तक कि देश और दुनिया को नई दिशा देने के लिए, नए समाज की रचना के लिए, नई रीतियों और परिपाटियों की शुरुआत के लिए भी इन्हें याद किया जाता है। चहुँ ओर फैली विकृतियों, विसंगतियों, अपराधों, अंधविश्वासों और कुरीतियों को दूर करने के लिए जो महान् कार्य किए गए उनकी महानता को भी हम याद करते हैं। ‘भारत एवं विश्व के महान् दिवस’ ऐसी ही एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, जो देश और दुनिया के 191 महान् दिवसों की याद दिलाएगी, जिन्हें प्रत्येक वर्ष एक खास तिथि को समारोहपूर्वक मनाया जाता है। यह पुस्तक सुधी पाठकों को हर महान् दिवस की रोमांचक जानकारी देगी। साथ ही छात्रों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेनेवालों, प्रवक्ताओं एवं शिक्षकों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
Vayam Rakshamah
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: मेरे हृदय और मस्तिष्क में भावों और विचारों की जो आधी शताब्दी की अर्जित प्रज्ञा- पूँजी थी, उस सबको मैंने 'वय॑ रक्षाम: ' में झोंक दिया है। अब मेरे पास कुछ नहीं है। लुटा-पिटा सा, ठगा सा श्रांत-क्लांत बैठा हूँ। चाहता हूँ--अब विश्राम मिले। चिर न सही, अचिर ही परंतु यह हवा में उड़ने का युग है। मेरे पिताश्री ने बैलगाड़ी में जीवन-यात्रा की थी, मेरा शैशव इक्का टाँगा-घोड़ों पर लुढ़कता तथा यौवन मोटर पर दौड़ता रहा। अब मोटर और वायुयान को अतिक्रांत कर आठ सहख मील प्रति घंटा की चालवाले रॉकेट पर पृथ्वी से पाँच सौ मील की ऊँचाई पर मेरा वार्धक्य उड़ा चला जा रहा है। विश्राम मिले तो कैसे ? इस युग का तो विश्राम से आचूड़ बैर है। बहुत घोड़ों को, गधों को, बैलों को बोझा ढोते-ढोते बोच राह मरते देखा हैं। इस साहित्यकार के ज्ञानयज्ञ की पूर्णाहुति भी किसी दिन कहीं ऐसे ही हो जाएगी। तभी उसे अपने तप का संपूर्ण पुण्य मिलेगा।
Parivaar-Kalyan
- Author Name:
Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: परिवार नियोजन जैसे महत्त्वपूर्ण, किंतु नीरस विषय पर काव्य-पुस्तिका रचकर डॉ. सुरेश ने बड़े साहस तथा महत्त्व का काम किया है। भारत के लिए परिवार नियोजन एक राष्ट्रीय आवश्यक है, ऐसी आवश्यकता जिसके बिना आर्थिक विकास की हमारी योजनाओं पर, फिर चाहे ये कितनी भी उपयोगी तथा फलदायी क्यों न हों, पानी फिर जाएगा। डॉ. सुरेश की काव्य-कला इस काम में हिस्सा बँटा रही है। —अटल बिहारी वाजपेयी पद्य विधा में परिवार-कल्याण के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालना एक टेढ़ी खीर थी, पर डॉ. प्रसाद ने अपनी सधी कलम और अनुभव से इस समस्या को इतना हृदयग्राही बनाया है कि पाठक का झुकाव बरबस परिवार नियोजन तथा परिवार-कल्याण की ओर हो जाता है। अतः मेरी शुभकामना है कि इस पद्य-प्रबंध को प्राप्त करने की ललक हर परिवार में हो, जिससे वह परिवार सुखी बन सके। —डॉ. ए.के.एन. सिन्हा
I am Madhobhai : A Pakistani Hindu
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: This book ‘I am Madhobhai : A Pakistani Hindu’ is not a story or anyone’s idea. This is a true incident narrated by a representative of thousands of Hindu brothers and sisters who have endured crime and atrocities of Pakistanis for years. Hearing and feeling the inner pain and compassion of Hindu brothers and sisters who have come from Pakistan and settled down in Delhi’s Majlis Park, Sanjay Sherpuriya is making sincere efforts to solve their problems of life. This book brings to light the atrocities which the Pakistani Muslims have committed on our Hindu brethren. They have ruined their lives, looted their properties, raped their daughters and vandalised our Hindu Gods & Goddesses. A must read book for every enlightened Hindu.
Konkani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ed. Jyoti Kunkoliekar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Loksanskriti Mein Rashtravad
- Author Name:
Badri Narayan
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘लोकसंस्कृति में राष्ट्रवाद’ में शोध को एक ढाँचा प्रदान करने के लिए तीन लोक-कवियों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है जो लोक-चेतना के तीन कालखंडों में प्रतिनिधि हैं। लोकसंस्कृति के कुछ अन्य रूपों का उपयोग इतिहास लेखन और लोकसंस्कृति में किया गया है। इसमें सन् 1857 के ग़दर की झलक भी शामिल है। लोकसंस्कृति को समय में बाँधने के कारण इस अध्ययन की कई सीमाएँ बन गई हैं।
पुस्तक में अन्तःअनुशासनिक तकनीकों एवं प्रविधियों का उपयोग किया गया है। इसमें मौखिक इतिहास की उपलब्ध प्रविधि को विकसित करने का प्रयास है। पुस्तक छह खंडों में विभाजित है—‘राष्ट्रवाद का प्रमेय’, ‘इतिहास-लेखन और लोकसंस्कृति’, ‘रचना-काल (1857 से 1900 ई.) : लोक-सजगता एवं सुखदेव भगत की संघटना का वृत्तान्त’, ‘विरचना-काल (1900-1920 ई.) : लोकसंस्कृति में स्वीकार और बहिष्कार : निर्धिनराम की गाथा’, ‘पुनर्रचना-काल (1920-1947 ई.) : लोकचेतना की क्रियात्मक क्षमता का पुनर्निर्माण और कवि कैलाश का सन्दर्भ’ तथा ‘निष्कर्ष’।
पुस्तक निश्चय ही पठनीय और संग्रहणीय है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book