Ramesh Upadhyay Chuninda Bal Kahaniyan
(0)
₹
130
₹ 123.5 (5% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
रमेश उपाध्याय (01 मार्च 1942-24 अप्रैल 2021 ) हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक, संपादक और आलोचक रहे हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और 'कथन' पत्रिका के संपादक रहे। उनके प्रकाशित कहानी संग्रह, उपन्यास, नाटक, निबंध आदि की संख्या पचास से अधिक है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, उ.प्र. हिंदी संस्थान, हिंदी अकादमी, दिल्ली सहित कई संस्थाओं से सम्मानित श्री उपाध्याय ने बाल साहित्य भी लिखा। पार्थ सेनगुप्ता बच्चों की 100 से अधिक पुस्तकों के चित्रकार हैं। उन्होंने गवमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की और वे अब दिल्ली में रहते हैं। वे लगभग एक दशक तक हिंदुस्तान टाइम्स के लिए काम करते रहे।
Read moreAbout the Book
रमेश उपाध्याय (01 मार्च 1942-24 अप्रैल 2021 ) हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक, संपादक और आलोचक रहे हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और 'कथन' पत्रिका के संपादक रहे। उनके प्रकाशित कहानी संग्रह, उपन्यास, नाटक, निबंध आदि की संख्या पचास से अधिक है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, उ.प्र. हिंदी संस्थान, हिंदी अकादमी, दिल्ली सहित कई संस्थाओं से सम्मानित श्री उपाध्याय ने बाल साहित्य भी लिखा। पार्थ सेनगुप्ता बच्चों की 100 से अधिक पुस्तकों के चित्रकार हैं। उन्होंने गवमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की और वे अब दिल्ली में रहते हैं। वे लगभग एक दशक तक हिंदुस्तान टाइम्स के लिए काम करते रहे।
Book Details
-
ISBN9789354918650
-
Pages74
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Padhna, Zara Sochna
- Author Name:
Krishna Kumar +1
- Book Type:

- Description:
क्यों और क्या पढ़ना है, इस जिज्ञासा का अंत कैसे हुआ ? जब आप स्कूल में थे और जब आप उसी स्कूल में शिक्षक हैं तो आप वही कर रहे हैं जो आपके साथ किया जा रहा था। पढ़े हुए लोगों में पढ़ने को लेकर इतनी विरक्ति क्यों है इसे कृष्ण कुमार ने कितनी सरलता से समझाया है। इस जटिल संसार में कृष्ण कुमार को पढ़ना ख़ुद को सरल बनाना है। हर बच्चा पढ़ना चाहता है लेकिन हर बच्चा पढ़ाई से दूर हो जाता है। इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ नहीं हैं क्योंकि यह पुस्तक लाभ के लिए पढ़ने की मनोवृत्ति का प्रतिकार करती है। तय आपको करना है कि पढ़ना है या नहीं और क्यों पढ़ना है । आनंद आया। किसी ने पढ़ाया तो नहीं लेकिन पढ़ने का रास्ता बता दिया। शिक्षण में जो लोग हैं वो कैसे नहीं पढ़ाना चाहिए, उसके गुर सीखने के लिए इसे पढ़ सकते हैं। माँ बाप,जिन्होंने माँ और बाप बनने के बहुत पहले पढ़ना छोड़ दिया लेकिन चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ें वो अगर इसे पढेंगे तो मज़ा आएगा।
Bagh Bhi Padhte Hai
- Author Name:
Chandan Yadav +1
- Book Type:

- Description:
कथाकार चन्दन यादव का यह पहला संग्रह है। उनकी भाषा का चुटीलापन, दोटूकपन कहानी को अतिरिक्त आभा देता है। उनकी कहानियों में पाठ का एक न एक तलघर महसूस होता रहता है। जहाँ कहानी के भीतर एक और कहानी नींव की तरह चलती रहती है। पाठक को आवाजाही का सुख मिलता है। ये कहानियाँ हिन्दी में कहानी का एक नया रास्ता बनाती हैं। इन कहानियों को चित्रकार अमृता ने बहुत अपनेपन से बनाया है। इन कहानियों के उन्होंने खासतौर पर किरदार रचे हैं। ऊँट कहानी का ऊँट है, बिल्ली कहानी की बिल्ली है। इस तरह कहानी के सच को दुनियावी सच से बड़ा दिखाया है। एक जगह ऊँट का बयान है कि करनवीर ने चिल्ला-चिल्लाकर आसमान सिर पर उठा लिया है। इस बयान को चित्रकार ने मुहावरे की गिरवी से छुड़ाया है। चित्र में ऊँट पर बैठे बच्चे के फैले हाथ सचमुच आसमान उठाए दिखते हैं।
Roo Roo
- Author Name:
Paro Anand +1
- Book Type:

- Description:
कंगारू का बच्चा रू रू अपनी माँ की जेब में रहता है। वह दिन भर रोता रहता है. मम्मी कंगारू जानना चाहती है कि वह इतना क्यों रोता है। फिर, वह जेब से बाहर इस अद्भुत दुनिया में आता है और सब कुछ बदल जाता है। यह युवा पाठकों के लिए पारो आनंद की एक मजेदार कहानी है। कहानी के साथ ऋषि साहनी के चित्रण कहानी को समृद्ध करते हैं। रंगों का प्रयोग आपको पसंद आएगा और उन्होंने शब्दों से भी खेला है. Age group 6-8 years
Is Hamam mein
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description:
कहानी को लेकर होनेवाली तमाम चर्चाओं को ध्यान में रखा जाए तो यह विश्वास करना पड़ेगा कि किसी के लिए कहानी केवल भाषा है, किसी के लिए केवल स्थिति चित्रण, कुछ के लिए केवल विचार है तो कुछ के लिए सिर्फ संवेदनाओं का अभिलेख। हरेक के अपने-अपने प्रवर्तक और समर्थक हैं, जो कभी इसे तो कभी उसे कहानी का शिखर घोषित करते रहते हैं। अपने उत्साह में वे यह भुला देते हैं कि कथा साहित्य के व्यापक कैनवस पर अलग-अलग रंगों के रूप में तो उनका कुछ महत्त्व हो सकता है, लेकिन किसी एक को ही कहानी का सर्वोच्च पैमाना नहीं बनाया जा सकता। अर्थरहित भाषा का झुनझुना कब तक बज सकता है, या जीवन-स्थितियों से रहित संवेदना का या संवेदनाविहीन जीवन-स्थितियों का क्या अर्थ है? बहुत से रचनाकार ऐसे हैं, जो प्रचलित मुहावरों और फैशनों से अप्रभावित रहते हुए इस बात के प्रति सचेत हैं कि कहानी वह सबकुछ है और इन सबसे मिलकर बनती है। चित्रा मुद्गल इन्हीं सचेत दृष्टि सम्पन्न रचनाकारों में हैं। उनकी कहानियों का मुख्य सरोकार समकालीन जीवन-स्थितियों में मनुष्य के भीतरी संसार का उद्घाटन है। लेकिन यह भीतरी कशमकश भी बदलते जीवन-परिवेश का आत्मीय ब्योरों और कलात्मक नजर के साथ अंकन भी करती चलती है। इस तरह ये इकहरी अभिव्यक्ति की कहानियाँ न होकर कई स्तरों पर प्रभावित करनेवाली कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ मानवीय सम्बन्धों की आन्तरिक जटिलताओं का अंकन पात्रों को उनके परिवेश से काटकर शिमला या कश्मीर के डाकबँगलों में ले जाकर नहीं, बल्कि उनके दैनन्दिन जीवन के संघर्षों के बीच, सामाजिक व्यवस्था की पृष्ठभूमि में करती हैं, जहाँ रोजी-रोटी का संघर्ष भी है और पारिवारिक परम्पराओं तथा जीवन की रूढ़ स्थितियों से टकराव भी।
Zindaginama
- Author Name:
Krishna Sobti
- Book Type:

- Description:
लेखन को जीवन का पर्याय माननेवाली कृष्णा सोबती की क़लम से उतरा एक ऐसा उपन्यास जो सचमुच ‘ज़िन्दगी’ का पर्याय है—‘ज़िन्दगीनामा’। ‘ज़िन्दगीनामा’—जिसमें न कोई नायक। न कोई खलनायक। सिर्फ़ लोग और लोग और लोग। ज़िन्दादिल। जाँबाज़। लोग जो हिन्दुस्तान की ड्योढ़ी पंचनद पर जमे, सदियों ग़ाज़ी मरदों के लश्करों से भिड़ते रहे। फिर भी फ़सलें उगाते रहे। जी लेने की सोंधी ललक पर ज़िन्दगियाँ लुटाते रहे। ‘ज़िन्दगीनामा’ का कालखंड इस शताब्दी के पहले मोड़ पर खुलता है। पीछे इतिहास की बेहिसाब तहें। बेशुमार ताक़तें। ज़मीन जो खेतिहर की है और नहीं है, वही ज़मीन शाहों की नहीं है मगर उनके हाथों में है। ज़मीन की मालिकी किसकी है? ज़मीन में खेती कौन करता है? ज़मीन का मामला कौन भरता है? मुजारे आसामियाँ। इन्हें जकड़नों में जकड़े हुए शोषण के वे क़ानून जो लोगों को लोगों से अलग करते हैं। लोगों को लोगों में विभाजित करते हैं। ‘ज़िन्दगीनामा’ का कथानक खेतों की तरह फैला, सीधा-सादा और धरती से जुड़ा हुआ। ‘ज़िन्दगीनामा’ की मजलिसें भारतीय गाँव की उस जीवन्त परम्परा में हैं जहाँ भारतीय मानस का जीवन-दर्शन अपनी समग्रता में जीता चला जाता है। ‘ज़िन्दगीनामा’—कथ्य और शिल्प का नया प्रतिमान, जिसमें कथ्य और शिल्प हथियार डालकर ज़िन्दगी को आँकने की कोशिश करते हैं। ‘ज़िन्दगीनामा’ के पन्नों में आपको बादशाह और फ़क़ीर, शहंशाह, दरवेश और किसान एक साथ खेतों की मुँड़ेरों पर खड़े मिलेंगे। सर्वसाधारण की वह भीड़ भी जो हर काल में, हर गाँव में, हर पीढ़ी को सजाए रखती है।
Jadui Jungle aur Ashwamanavon ki wapsi
- Author Name:
Mithilesh Gupta
- Book Type:

- Description:
ये कहानी कई सौ बरस पुरानी है.. ये कहानी है उस जंगल की, जो न सिर्फ जादुई था, बल्कि कुछ अजीबोगरीब रहस्यों से भरा हुआ था। ये कहानी है उन अश्वमानवों की, जिन पर कभी इस जंगल का भविष्य निर्भर था। ये कहानी उन तिलिस्मी वृक्षों की भी है जिन्होंने जंगल के इतिहास को करीब से देखा और जिनकी हुकूमत उस जादुई जंगल के कोने-कोने तक फैली हुई थी! लेकिन वक्त बदला और एक दुष्ट सर्प 'सर्पांग' ने उस सुनहरे जंगल को अपनी विषैली शक्तियों के आगोश में ले लिया। और फिर वह जादुई जंगल व उसके विलक्षण प्राणी फिर कभी किसी को नजर नहीं आए। 1300 साल बाद, फिर समय बदला और अब 'अश्वमानवों' को देखा जाना इस बात का सुबूत है कि वाकई कुछ जादुई घटनाएं घटने वाली है। लेकिन क्या... कोई नहीं जानता...
Yenangvikarh
- Author Name:
Smt. Meera Jaiswal
- Book Type:

- Description:
मीरा जायसवाल का बचपन और किशोरावस्था उत्तर प्रदेश के कस्बे, शहरों और गंगा की लहरों पर किलोल करते हुए बीता। उनकी रगों में कस्बाई भाषा, संस्कृति, मुहावरे और कजरी बसी हैं। बंसीलाल, अनंतलाल, प्रकाशवती, लता, स्वर्णा और नन्ही फूआ इसी मिट्टी से जुड़े किरदार हैं। नन्ही फूआ की बाल-सुलभ नादानी या बाल-विवाह जैसी कुरीतियों के कारण अच्छे दिनों ने साथ भले ही छोड़ दिया हो, पर कभी न खत्म होनेवाला पश्चात्ताप हमेशा उनका सहचर बना रहा। बंशीलाल, अनंतलाल, प्रकाशवती ऐसे किरदार हैं, जिन्होंने विलायत से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सभी प्रतिष्ठित और धनाढ्य वर्ग के इन किरदारों के निजी जीवन का बदरंग चेहरा भी इसी कस्बाई मिट्टी से गढ़ा है। दीर्घायु और खिलाड़ी के जीवन का नीरजा के व्यक्तित्व पर इतना गहरा असर पड़ा कि जीवन भर बात-बात पर कहकहे लगानेवाली, लेकिन किसी भी प्रेमपत्र को देखकर आपे से बाहर हो जानेवाली उनकी अविश्वसनीय एवं नितांत विरोधी प्रवृत्ति लोगों की समझ से परे थी। स्विट्जरलैंड में रहने के बाद मीरा जायसवाल को फ्रेंच, जर्मन, इटैलियन और बेनेजुयेलियन संस्कृति को भी देखने-जानने का अवसर मिला। फ्रोसुआ, इसी स्विट्जरलैंड के रनो शहर के इर्द-गिर्द बसा एक किरदार है। अपने निष्कलुष, निश्छल और बाल-सुलभ चरित्र के बाँकपन के साथ वह भी यहाँ उपस्थित है। ‘येनांगविकारः’ कहानी किन्नरों के जीवन की उन परतों को उधेड़ती है, जिनसे हम कभी रूबरू हुए ही नहीं। इस कहानी के किरदार लता और मोहित उन अपराधों का दंड भुगत रहे हैं, जो उन्होंने किया ही नहीं, जबकि स्वर्णा अपनी झोली में आए उस अप्रत्याशित हर्ष के साथ हैं, जो किसी किन्नर के लिए अकल्पनीय है। अनुक्रम भूमिका—7 आभार—9 1. येनांगविकार: 2. सजनवा बैरी हो गए हमार—41 3. जोड़ियाँ जग थोड़ियाँ —64 4. समरथ को नहिं दोष गुसाईं?—80 5. मेरा सिनेमाई खत—99 6. सफरगाथा गोलगप्पों की —130 7. मिशियो फ्रोंसुआ शोजों —137 8. सराहना तेरो कितनो नाम!—156
Jadui Chashmen
- Author Name:
Dr. Manjari Shukla
- Book Type:

- Description:
डॉ मंजरी शुक्ला की पठनीय और शिक्षाप्रद बाल-कहानियों का संग्रह है 'जादुई चश्में' 'जादुई चश्में' लेखिका डॉ मंजरी शुक्ला का कहानी संग्रह है। इसमें लेखिका की चौदह कहानियों को संकलित किया गया है। कहानियाँ रोचक है और बच्चों को पढ़ने के लिए दी जा सकती हैं या इन्हें उन्हें पढ़कर सुनाया जा सकता है:
Angoor
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इजाफ़ा हो गया है। यह बेहद लोकप्रिय कॉमेडी ‘अंगूर’ का मंज़रनामा है। दो जुड़वाँ जोड़ियों के बीच बुनी घटनाओं की यह कहानी आज भी दर्शकों को उतना ही लुभाती है जितना अपने समय में लुभाती थी। शेक्सपीयर के नाटक ‘द कॉमेडी ऑफ़ एरर्स’ से प्रेरित इस फ़िल्म ने स्वस्थ और चुटीले हास्य का एक मानक फ़िल्म-उद्योग के सामने रखा था। विश्वास है, पुस्तक के रूप में इस फ़िल्म की यह प्रस्तुति पाठकों की स्मृति में रचे चित्रों को पुनः गतिमान करेगी और साथ ही एक उपन्यास का आनन्द भी देगी।
Janane ki Batein (Vol. 8)
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay
- Book Type:

- Description:
Janane ki Batein Vol. 8 about Fiction: Stories
Godam
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description:
मास्टर कहानीकार, विनोद कुमार शुक्ला की एक ऐसे व्यक्ति की बहुत ही मार्मिक लघु कहानी है जो एक पेड़ वाले घर में रहना चाहता है। उनके वर्तमान घर में करंज का पेड़ है। करंज की पत्तियाँ और फूल उसके घर में उड़ते हैं क्योंकि हवा उसकी सुगंध उड़ा देती है। एक दिन मालिक ने उससे घर खाली करने को कहा. उसने तलाश की और एक पेड़ वाले दूसरे घर की तलाश की। अब कम से कम घरों में एक पेड़ लगाया जा सकता है। आपका क्या करते हैं? वह कहाँ रहेगा? अनुभवी चित्रकार, तपोशी घोषाल के पानी के रंग के चित्र एक दृश्य आनंद हैं। इतने कम रंगों के साथ, वह करंज के पेड़ को उसके सभी साथियों - घर और कबूतरों के साथ जीवंत कर सकती है। चित्रण के माध्यम से, वह न केवल पुस्तक का एक शांत और शांत मूड बनाती है, बल्कि वह इसकी प्रस्तुति में परिपक्वता की भावना भी जोड़ती है। Age group 9-12 years
Ajanta Ki Rajkumari
- Author Name:
Sourabh Sharma
- Book Type:

- Description:
अजंता की गुफाओं ने भारत के क्लासिकल समाज को ज्यों का त्यों अपने भीतर सहेज लिया है। अजंता अपने भीतर आश्चर्य लोक है। अपने सुंदर समय की स्मृतियों को सहेजने का विचार जब राजपुरुषों के मन में आया होगा तो इस अद्भुत गैलरी का निर्माण हुआ होगा। इसका निर्माण भी उतना ही रहस्यमयी और रोचक होगा जितनी ये गुफाएं हैं। संभवतः राजा ने इसके निर्माण के लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट बुलवाया होगा। चित्रकारों का चुनाव किया होगा और चित्रों का भी। इतने गहरे भावों को सृजित कराने वाले आश्रयदाताओं की भावभूमि भी गहन होगी। इनकी कहानियों पर एक कथा रचने का प्रयास है अजंता की राजकुमारी।
Aawo bachhon tumhe sunayen
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description:
नेहा, आयशा, कबीर और राहुल भी बाकि बच्चों की तरह पार्क में बैठकर मोबाइल की दुनिया में व्यस्त थे। तभी उन्हें वहाँ एक रहस्यमयी बूढ़ा व्यक्ति मिलता है जो उन्हें कहानियाँ सुनाने की पेशकश करता है। इसके बाद तो बच्चों को कहानियों का ऐसा चस्का लगता है कि उनकी हर शाम पार्क में उस व्यक्ति के साथ कहानियाँ सुनते हुए गुजरने लगती है। दूसरी तरफ उनके माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय ही कहाँ था? वे तो अब भी मोबाइल के संसार में उलझे हुए थे। ऐसे में बच्चे एक बेहद खतरनाक निर्णय लेते हैं.. निर्णय था घर से भाग निकलने का।
Boski Ka Panchtantra
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description:
‘बोसकी का पंचतंत्र’ की पाँच किताबों में, नीति के पाँच हिसाबों में जो पंचतंत्र आरम्भ हुआ, उसे बच्चों के प्यारे फ़िल्मकार-शायर गुलज़ार ने बोसकी को सुनाया। दुनिया-भर के बच्चों के लिए सुनाया। ‘बोसकी का पंचतंत्र’ उसी की एक कड़ी है। इसकी पठनीयता भी पूर्व की तरह आकर्षित करती है। इसमें क़िस्सागोई की भारतीय परम्परा का ख़ास आकर्षण है। किताब के चित्र और रेखांकन बच्चों के लिए और अधिक रोचकता पैदा करते हैं।
Aasha ki nanhi kirane
- Author Name:
Bruno Pilorget
- Book Type:

- Description:
मलाला, केसज, सांड्रा, ओम, मायरा, बरुआनी, मेमरी, क्रेग ने जीवन की मुश्किलों से लड़ने के लिए कभी स्वयं को अकेला या कमज़ोर नहीं माना। अपनी इच्छा शक्ति से इन्होंने अपनी किस्मत बदली और अपने जैसे दूसरों बच्चों को राह दिखाई। दुनिया के अलग अलग कोनों से आए इन लड़के-लड़कियों की कठोर संघर्ष का उल्लेख है, एक बेहतर दुनिया की उम्मीद में।
Aaj Nahi Padhunga
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

- Description:
‘आज नहीं पढ़ूँगा’ कृष्ण कुमार की बाल कहानियों का संकलन है। घर, पड़ोस और स्कूल के आसपास घूमती बच्चों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से जुड़ी यह रोमांचक कथा-शृंखला दो दशकों से चर्चा का विषय बनी हुई है। इसकी दो कहानियाँ पहली बार अज्ञेय के ‘नया प्रतीक’ में छपी थीं। बच्चों को उनके अपने मनोलोक की गहराइयों में ले जाने वाली यह किताब मामूली बातों में कौतूहल जगाती है और बार-बार पढ़ने की इच्छा पैदा करती है।
Holi ki Ghujhiya
- Author Name:
Leela J Lopez
- Book Type:

- Description:
Holi Ki Ghujhiya
Rafu Wali Saree
- Author Name:
Dakshineshwar Rai Renu
- Book Type:

- Description:
ग्रामीण, क़स्बाई और शहरी जीवन के सुख-दुख की ये कहानियाँ अपने भाषिक प्रवाह के लिए ख़ासतौर पर प्रभावित करती हैं। कहीं छोटे और कहीं बड़े अपने कलेवर में जीवन का एक सम्पूर्ण चित्र सम्भव करती हुईं ये कहानियाँ देर तक हमारी स्मृति में बनी रहती हैं। शीर्षक कथा ‘रफू वाली साड़ी’ के अलावा ‘एक टुकड़ा प्रेम’, ‘किस्मत का खेल’, ‘भला कीजिए भला होगा’, ‘मोहिनी’, ‘पिता’ और ‘भला-बुरा’ आदि संग्रह की लगभग सभी कहानियाँ निम्न तथा मध्यवर्गीय भारतीय जीवन के किसी न किसी महत्त्वपूर्ण पहलू को उजागर करती हैं। यह कथाकार का कौशल है कि अपनी कहानी के फ़्रेम में वे मनुष्य-जीवन के कई पहलुओं को एक साथ रेखांकित करते हुए चलते हैं। ‘चुनावी यात्रा’ शीर्षक कहानी इसका अच्छा उदाहरण है जिसमें आम जन-जीवन से जुड़ी कितनी ही समस्याओं को छूते हुए कथाकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, काम के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में पलायन की विडम्बना को दिखाते हुए नई पीढ़ी में राजनीतिक सजगता के अभाव की ओर भी इशारा करती है। एक पठनीय कथा-संग्रह|
Pashubhasha Visheshgya Doctor Dolittle Ki Kahani
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description:
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो पशु-भाषा विशेषज्ञ था। डॉक्टर जॉन डूलिटिल। जो था तो इंसानों का डॉक्टर किन्तु उसके पशुप्रेम ने उसे इंसानों से दूर कर जानवरों के करीब ला दिया। उसने जानवरों की भाषा सीखी और उनका इलाज करने लगा। उसकी प्रसिद्धि इतनी फैली कि अफ्रीका से उसे एक संदेश आया। वहाँ के बंदरों को जानलेवा बीमारी से बचाने के डॉक्टर जॉन डूलिटिल अपने पशुओं के साथ एक ऐसी खतरनाक और रोमांचक यात्रा पर निकल पड़ा जिसे आप कभी भी नहीं भुला सकेंगे।
Putani Bharateeyaru
- Author Name:
Pika Nani
- Book Type:

- Description:
ಭೇಡಾಘಾಟ್ ನಲ್ಲಿ ನಿಜವಾಗಿಯೂ ವಜ್ರಗಳು ಅಡಗಿವೆಯೇ? ಪುಟ್ಟ ಸಿಬ್ಸಾಳ ಮ್ಯಾಜಿಕ್ ಹಾಸುಗಂಬಳಿ ಅವಳನ್ನು ತವಾಂಗ್ನಿಂದ ಹೊರಗೆ ಹಾರಿಸುತ್ತದೆಯೇ? ಅಂಡಮಾನ್ನಲ್ಲಿ ದೋಣಿ ವಿಹಾರದ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ಮೊಸಳೆಗಳು ಕಣ್ಮಣಿ ಮತ್ತು ಅವಳ ಸ್ನೇಹಿತರ ಗುಂಪನ್ನು ಬೆನ್ನಟ್ಟಿದಾಗ ಏನಾಗುತ್ತದೆ? ಕರ್ನಾಟಕದ ವೀರಗಲ್ಲುಗಳ ಬಗ್ಗೆ ನಿಮಗೆ ತಿಳಿದಿದೆಯೇ? ರಾಮೋಜಿ ಫಿಲ್ಮ್ ಸಿಟಿಯಲ್ಲಿ ರಾಜಾ ಕತ್ತೆ ಏನು ಮಾಡುತ್ತಿದೆ? ವಿಶ್ವದ ಅತಿ ಎತ್ತರದ ಅಂತರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಕ್ರಿಕೆಟ್ ಸ್ಟೇಡಿಯಂ ಹಿಮಾಚಲದಲ್ಲಿದೆ ಎಂದು ನಿಮಗೆ ತಿಳಿದಿದೆಯೇ? ಗೋವಾದಲ್ಲಿ ಮಾತ್ರ ಮೋಟಾರ್ ಸೈಕಲ್ ಟ್ಯಾಕ್ಸಿಗಳಿವೆಯೇ? ಅಥವಾ ಡೈನೋಸಾರ್ಗಳು 65 ಮಿಲಿಯನ್ ವರ್ಷಗಳ ಹಿಂದೆ ಗುಜರಾತ್ನಲ್ಲಿ ಬದುಕಿದ್ದವೇ? ಕಥೆಗಳು ಮತ್ತು ಆಕರ್ಷಕ ಸಂಗತಿಗಳು ನಿಮ್ಮನ್ನು ಭಾರತದ 16 ರಾಜ್ಯಗಳಲ್ಲಿ ಒಂದು ಅದ್ಭುತ ಸವಾರಿಗೆ ಕರೆದೊಯ್ಯುತ್ತವೆ. ಅವು ಜಿಗ್ ಸಾ ಪಜಲ್ ನ ತುಂಡುಗಳಂತೆ ತುಂಬಾ ವಿಭಿನ್ನವಾಗಿ ಕಂಡರೂ ನಮ್ಮ ಭವ್ಯವಾದ ಅಖಂಡ ಭಾರತವನ್ನು ಒಟ್ಟಿಗೆ ಕಟ್ಟಿಕೊಡುತ್ತವೆ. ಈ ಪುಸ್ತಕದ ಐದು ಕಥೆಗಳನ್ನು ICSE ಮತ್ತು NCERT ಪಠ್ಯಪುಸ್ತಕಗಳಲ್ಲಿ ಪ್ರಕಟಿಸಲಾಗಿದೆ.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book