Ramesh Upadhyay Chuninda Bal Kahaniyan
(0)
₹
130
₹ 123.5 (5% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
रमेश उपाध्याय (01 मार्च 1942-24 अप्रैल 2021 ) हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक, संपादक और आलोचक रहे हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और 'कथन' पत्रिका के संपादक रहे। उनके प्रकाशित कहानी संग्रह, उपन्यास, नाटक, निबंध आदि की संख्या पचास से अधिक है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, उ.प्र. हिंदी संस्थान, हिंदी अकादमी, दिल्ली सहित कई संस्थाओं से सम्मानित श्री उपाध्याय ने बाल साहित्य भी लिखा। पार्थ सेनगुप्ता बच्चों की 100 से अधिक पुस्तकों के चित्रकार हैं। उन्होंने गवमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की और वे अब दिल्ली में रहते हैं। वे लगभग एक दशक तक हिंदुस्तान टाइम्स के लिए काम करते रहे।
Read moreAbout the Book
रमेश उपाध्याय (01 मार्च 1942-24 अप्रैल 2021 ) हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक, संपादक और आलोचक रहे हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और 'कथन' पत्रिका के संपादक रहे। उनके प्रकाशित कहानी संग्रह, उपन्यास, नाटक, निबंध आदि की संख्या पचास से अधिक है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, उ.प्र. हिंदी संस्थान, हिंदी अकादमी, दिल्ली सहित कई संस्थाओं से सम्मानित श्री उपाध्याय ने बाल साहित्य भी लिखा। पार्थ सेनगुप्ता बच्चों की 100 से अधिक पुस्तकों के चित्रकार हैं। उन्होंने गवमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, कोलकाता से शिक्षा ग्रहण की और वे अब दिल्ली में रहते हैं। वे लगभग एक दशक तक हिंदुस्तान टाइम्स के लिए काम करते रहे।
Book Details
-
ISBN9789354918650
-
Pages74
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIN
Recommended For You
Jadui Chashmen
- Author Name:
Dr. Manjari Shukla
- Book Type:

- Description:
डॉ मंजरी शुक्ला की पठनीय और शिक्षाप्रद बाल-कहानियों का संग्रह है 'जादुई चश्में' 'जादुई चश्में' लेखिका डॉ मंजरी शुक्ला का कहानी संग्रह है। इसमें लेखिका की चौदह कहानियों को संकलित किया गया है। कहानियाँ रोचक है और बच्चों को पढ़ने के लिए दी जा सकती हैं या इन्हें उन्हें पढ़कर सुनाया जा सकता है:
Khushboo Ki Chori
- Author Name:
Various Authors +1
- Book Type:

- Description:
‘खुशबू की चोरी ’ में शामिल कहानियाँ मूल रूप से बाँग्ला में लिखी गईं थी। इस किताब के ज़रिये हम हिन्दी में पढ़वा रहे हैं। फिर भी हमने कहीं-कहीं बाँग्ला के असर बचाकर रखे हैं। ताकि लगे कि यह हिन्दी किसी बाँग्ला वाले द्वारा रची जा रही है। भाषा अलग होने से बचपन की रुचियाँ, अहसास और कारनामे अलग नहीं हो जाते। प्यार, बूझ, डर, गुस्सा, होशियारी और कल्पना आदि भावों की ज़मीन भाषा नहीं है। ये व्यक्त ज़रूर भाषा में होते हैं। इस गुच्छे में भी इनके बारे में दिलचस्प कहानियाँ हैं। Age 12+
Sachchi Aur Romanchak Kahaniyan
- Author Name:
Naresh Saxena
- Book Type:

- Description:
जगह बदलते ही चीज़ें किस तरह बदल जाती हैं। डिब्बे के भीतर, मुझये सिर्फ चार पाँच इंच दूर हवा गुनगुनी थी। बिस्तर था, कम्बल था और मैं बाहर सिर्फ पाज़ामा कुर्ता पहने रेल के दरवाज़े से लटका ठण्ड से सिहर रहा था। सिर्फ चार इंच की दूरी ने जीवन को मौत की और धकेल दिया था। और ये चार इंच पार करना असंभव था। इस संकलन में नामचीन कवि नरेश सक्सेना के जीवन की सच्ची और रोमांच से भरी कहानियाँ हैं। इनमें जिजीविषा, साहस और बूझ भी है।
Bapu Katha Chaudas
- Author Name:
Madhukar Upadhyay
- Book Type:

- Description:
Mahatma Gandhi's life story in Hindi by Madhuker Upadhyay.
Padhna, Zara Sochna
- Author Name:
Krishna Kumar +1
- Book Type:

- Description:
क्यों और क्या पढ़ना है, इस जिज्ञासा का अंत कैसे हुआ ? जब आप स्कूल में थे और जब आप उसी स्कूल में शिक्षक हैं तो आप वही कर रहे हैं जो आपके साथ किया जा रहा था। पढ़े हुए लोगों में पढ़ने को लेकर इतनी विरक्ति क्यों है इसे कृष्ण कुमार ने कितनी सरलता से समझाया है। इस जटिल संसार में कृष्ण कुमार को पढ़ना ख़ुद को सरल बनाना है। हर बच्चा पढ़ना चाहता है लेकिन हर बच्चा पढ़ाई से दूर हो जाता है। इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ नहीं हैं क्योंकि यह पुस्तक लाभ के लिए पढ़ने की मनोवृत्ति का प्रतिकार करती है। तय आपको करना है कि पढ़ना है या नहीं और क्यों पढ़ना है । आनंद आया। किसी ने पढ़ाया तो नहीं लेकिन पढ़ने का रास्ता बता दिया। शिक्षण में जो लोग हैं वो कैसे नहीं पढ़ाना चाहिए, उसके गुर सीखने के लिए इसे पढ़ सकते हैं। माँ बाप,जिन्होंने माँ और बाप बनने के बहुत पहले पढ़ना छोड़ दिया लेकिन चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ें वो अगर इसे पढेंगे तो मज़ा आएगा।
Registan Mein Bus
- Author Name:
Prabhat +1
- Book Type:

- Description:
कवि प्रभात हिन्दी बाल साहित्य के प्रतिष्ठित नामों में से एक हैं। उनके लेखन को बच्चों द्वारा बहुत पसंद किया जाता है क्योंकि वह भाषा के साथ उसी तरह खेलते हैं जैसे हम नदी में पानी के साथ खेलते हैं। उनकी कविताओं में वर्णित वर्णन राजस्थान के सबसे सुंदर और मानवीय दृश्यों को जीवंत कर देते हैं। उनकी कविताओं में अक्सर सामान्य बातें भी जगह पाती हैं. कोई सिद्ध कवि ही बिजली के तार से पूछ सकता है, कहाँ जाओ हो? ऋषि साहनी के जल रंग इतने जीवंत हैं कि कोई भी पानी के प्रवाह और चित्रण के क्रमिक विस्तार को महसूस कर सकता है। उनका रंग पैलेट समृद्ध है. वे आपको करीब से देखने के लिए आमंत्रित करते हैं क्योंकि वे आपके भीतर प्रकट होते हैं। Age group 6-8 years
Roo Roo
- Author Name:
Paro Anand +1
- Book Type:

- Description:
कंगारू का बच्चा रू रू अपनी माँ की जेब में रहता है। वह दिन भर रोता रहता है. मम्मी कंगारू जानना चाहती है कि वह इतना क्यों रोता है। फिर, वह जेब से बाहर इस अद्भुत दुनिया में आता है और सब कुछ बदल जाता है। यह युवा पाठकों के लिए पारो आनंद की एक मजेदार कहानी है। कहानी के साथ ऋषि साहनी के चित्रण कहानी को समृद्ध करते हैं। रंगों का प्रयोग आपको पसंद आएगा और उन्होंने शब्दों से भी खेला है. Age group 6-8 years
Na Bhoolanewali 100 Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description:
दादा जे.पी. वासवानी हमेशा से उत्कृष्ट किस्सागो रहे हैं। उनकी अनौपचारिक वार्त्ताओं, प्रवचनों और पुस्तकों में भी पुराणों की कहानियाँ बहुतायत से बिखरी होती हैं, ताकि वे उन बातों को सुस्पष्ट कर सकें, जिन्हें वे चाहते हैं कि हम आत्मसात् कर लें। ये कहानियाँ इतनी यादगार हैं कि एक लंबे समय तक हमारे दिलों में बसी रहती हैं तथा उन संदेशों या जीवन-मूल्यों को हृदयंगम करने में हमारी मदद करती हैं, जिन्हें दादा ने इतने रचनात्मक रूप में हमारे सामने रखा है। इस पुस्तक में, पूज्य दादा की वार्त्ताओं और पुस्तकों से चुनी हुई एक सौ कहानियाँ संगृहीत हैं। प्रत्येक कहानी के साथ आपके द्वारा मनन करने के लिए आदरणीय दादा का या उनका पसंदीदा विचार तथा एक पुस्तक के रूप में व्यावहारिक अभ्यास भी दिया गया है, जो दादा की अपनी विशेषता है, जिसका अनुसरण करके आप लाभान्वित हो सकते हैं। न भूलनेवाली एक सौ रोचक-ज्ञानवर्धक कहानियों का प्रेरणादायक संग्रह।
Is Hamam mein
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description:
कहानी को लेकर होनेवाली तमाम चर्चाओं को ध्यान में रखा जाए तो यह विश्वास करना पड़ेगा कि किसी के लिए कहानी केवल भाषा है, किसी के लिए केवल स्थिति चित्रण, कुछ के लिए केवल विचार है तो कुछ के लिए सिर्फ संवेदनाओं का अभिलेख। हरेक के अपने-अपने प्रवर्तक और समर्थक हैं, जो कभी इसे तो कभी उसे कहानी का शिखर घोषित करते रहते हैं। अपने उत्साह में वे यह भुला देते हैं कि कथा साहित्य के व्यापक कैनवस पर अलग-अलग रंगों के रूप में तो उनका कुछ महत्त्व हो सकता है, लेकिन किसी एक को ही कहानी का सर्वोच्च पैमाना नहीं बनाया जा सकता। अर्थरहित भाषा का झुनझुना कब तक बज सकता है, या जीवन-स्थितियों से रहित संवेदना का या संवेदनाविहीन जीवन-स्थितियों का क्या अर्थ है? बहुत से रचनाकार ऐसे हैं, जो प्रचलित मुहावरों और फैशनों से अप्रभावित रहते हुए इस बात के प्रति सचेत हैं कि कहानी वह सबकुछ है और इन सबसे मिलकर बनती है। चित्रा मुद्गल इन्हीं सचेत दृष्टि सम्पन्न रचनाकारों में हैं। उनकी कहानियों का मुख्य सरोकार समकालीन जीवन-स्थितियों में मनुष्य के भीतरी संसार का उद्घाटन है। लेकिन यह भीतरी कशमकश भी बदलते जीवन-परिवेश का आत्मीय ब्योरों और कलात्मक नजर के साथ अंकन भी करती चलती है। इस तरह ये इकहरी अभिव्यक्ति की कहानियाँ न होकर कई स्तरों पर प्रभावित करनेवाली कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ मानवीय सम्बन्धों की आन्तरिक जटिलताओं का अंकन पात्रों को उनके परिवेश से काटकर शिमला या कश्मीर के डाकबँगलों में ले जाकर नहीं, बल्कि उनके दैनन्दिन जीवन के संघर्षों के बीच, सामाजिक व्यवस्था की पृष्ठभूमि में करती हैं, जहाँ रोजी-रोटी का संघर्ष भी है और पारिवारिक परम्पराओं तथा जीवन की रूढ़ स्थितियों से टकराव भी।
Zindaginama
- Author Name:
Krishna Sobti
- Book Type:

- Description:
लेखन को जीवन का पर्याय माननेवाली कृष्णा सोबती की क़लम से उतरा एक ऐसा उपन्यास जो सचमुच ‘ज़िन्दगी’ का पर्याय है—‘ज़िन्दगीनामा’। ‘ज़िन्दगीनामा’—जिसमें न कोई नायक। न कोई खलनायक। सिर्फ़ लोग और लोग और लोग। ज़िन्दादिल। जाँबाज़। लोग जो हिन्दुस्तान की ड्योढ़ी पंचनद पर जमे, सदियों ग़ाज़ी मरदों के लश्करों से भिड़ते रहे। फिर भी फ़सलें उगाते रहे। जी लेने की सोंधी ललक पर ज़िन्दगियाँ लुटाते रहे। ‘ज़िन्दगीनामा’ का कालखंड इस शताब्दी के पहले मोड़ पर खुलता है। पीछे इतिहास की बेहिसाब तहें। बेशुमार ताक़तें। ज़मीन जो खेतिहर की है और नहीं है, वही ज़मीन शाहों की नहीं है मगर उनके हाथों में है। ज़मीन की मालिकी किसकी है? ज़मीन में खेती कौन करता है? ज़मीन का मामला कौन भरता है? मुजारे आसामियाँ। इन्हें जकड़नों में जकड़े हुए शोषण के वे क़ानून जो लोगों को लोगों से अलग करते हैं। लोगों को लोगों में विभाजित करते हैं। ‘ज़िन्दगीनामा’ का कथानक खेतों की तरह फैला, सीधा-सादा और धरती से जुड़ा हुआ। ‘ज़िन्दगीनामा’ की मजलिसें भारतीय गाँव की उस जीवन्त परम्परा में हैं जहाँ भारतीय मानस का जीवन-दर्शन अपनी समग्रता में जीता चला जाता है। ‘ज़िन्दगीनामा’—कथ्य और शिल्प का नया प्रतिमान, जिसमें कथ्य और शिल्प हथियार डालकर ज़िन्दगी को आँकने की कोशिश करते हैं। ‘ज़िन्दगीनामा’ के पन्नों में आपको बादशाह और फ़क़ीर, शहंशाह, दरवेश और किसान एक साथ खेतों की मुँड़ेरों पर खड़े मिलेंगे। सर्वसाधारण की वह भीड़ भी जो हर काल में, हर गाँव में, हर पीढ़ी को सजाए रखती है।
Kuch Aata Na Jata
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
- Book Type:

- Description:
कौवा कितना काला है? जैसे कि रोशनी उल्टी हो गई हो, मशहूर कवि राजेश जोशी जवाब देते हैं। उनके जैसा स्थापित कवि अवलोकन की बारीकियों को व्यक्त करने के लिए नई भाषा का निर्माण कर सकता है। यह एक अनोखा संग्रह है, जो बच्चों को बहुत पसंद आएगा। वे पूरे दिन आपके साथ या अकेले इन्हें गाना चाहेंगे। युवा चित्रकार शिवम चौधरी के चित्र ताज़ा हैं। वे दिखाते हैं कि चित्रण में रंगों की अपनी आवाज़ होती है, आप ध्यान से सुनना चाहेंगे।
Deshbhakton Ki Amar Kahaniyan
- Author Name:
Chitra Garg
- Book Type:

- Description:
हमारे राष्ट्र के निर्माण में अनेक महान देशभक्तों व क्रांतिवीरों का योगदान रहा है। चाहे राष्ट्र का स्वावलंबन हो, स्वतंत्रता संग्राम हो या स्वाभिमान, सभी में देशभक्तों ने अमूल्य योगदान दिया है, जिससे नए भारत का निर्माण हो सका। अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वाधीनता हेतु अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी जीवन-स्मृति व योगदान हमारी अमूल्य धरोहर है। उनके जीवन की कहानियाँ हमारे अंदर देशप्रेम की भावना जाग्रत करके हमें राष्ट्र-निर्माण में सहयोग देने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रस्तुत पुस्तक में माँ भारती के कुछ अमर सपूतों के जीवन से संबंधित प्रेरणाप्रद घटनाओं को कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कुछ देशभक्तों के नाम जाने-पहचाने हैं और कुछ पूरी तरह अपरिचित हैं। दरअसल अनेक क्रांतिकारी वीरों को हमारे देश ने विस्मृत कर दिया है। एक ही पुस्तक में बहुत सारे क्रांतिवीरों और देशभक्तों की कहानियाँ पाठकों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने का यह विनम्र प्रयास है। वर्तमान और भावी पीढिय़ों को अपने हुतात्माओं, क्रांतिवीरों और देशभक्तों के त्याग, समर्पण तथा राष्ट्रभक्ति से परिचित करानेवाली पठनीय कृति।
Aawo bachhon tumhe sunayen
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description:
नेहा, आयशा, कबीर और राहुल भी बाकि बच्चों की तरह पार्क में बैठकर मोबाइल की दुनिया में व्यस्त थे। तभी उन्हें वहाँ एक रहस्यमयी बूढ़ा व्यक्ति मिलता है जो उन्हें कहानियाँ सुनाने की पेशकश करता है। इसके बाद तो बच्चों को कहानियों का ऐसा चस्का लगता है कि उनकी हर शाम पार्क में उस व्यक्ति के साथ कहानियाँ सुनते हुए गुजरने लगती है। दूसरी तरफ उनके माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए समय ही कहाँ था? वे तो अब भी मोबाइल के संसार में उलझे हुए थे। ऐसे में बच्चे एक बेहद खतरनाक निर्णय लेते हैं.. निर्णय था घर से भाग निकलने का।
Jadui Jungle aur Ashwamanavon ki wapsi
- Author Name:
Mithilesh Gupta
- Book Type:

- Description:
ये कहानी कई सौ बरस पुरानी है.. ये कहानी है उस जंगल की, जो न सिर्फ जादुई था, बल्कि कुछ अजीबोगरीब रहस्यों से भरा हुआ था। ये कहानी है उन अश्वमानवों की, जिन पर कभी इस जंगल का भविष्य निर्भर था। ये कहानी उन तिलिस्मी वृक्षों की भी है जिन्होंने जंगल के इतिहास को करीब से देखा और जिनकी हुकूमत उस जादुई जंगल के कोने-कोने तक फैली हुई थी! लेकिन वक्त बदला और एक दुष्ट सर्प 'सर्पांग' ने उस सुनहरे जंगल को अपनी विषैली शक्तियों के आगोश में ले लिया। और फिर वह जादुई जंगल व उसके विलक्षण प्राणी फिर कभी किसी को नजर नहीं आए। 1300 साल बाद, फिर समय बदला और अब 'अश्वमानवों' को देखा जाना इस बात का सुबूत है कि वाकई कुछ जादुई घटनाएं घटने वाली है। लेकिन क्या... कोई नहीं जानता...
Angoor
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इजाफ़ा हो गया है। यह बेहद लोकप्रिय कॉमेडी ‘अंगूर’ का मंज़रनामा है। दो जुड़वाँ जोड़ियों के बीच बुनी घटनाओं की यह कहानी आज भी दर्शकों को उतना ही लुभाती है जितना अपने समय में लुभाती थी। शेक्सपीयर के नाटक ‘द कॉमेडी ऑफ़ एरर्स’ से प्रेरित इस फ़िल्म ने स्वस्थ और चुटीले हास्य का एक मानक फ़िल्म-उद्योग के सामने रखा था। विश्वास है, पुस्तक के रूप में इस फ़िल्म की यह प्रस्तुति पाठकों की स्मृति में रचे चित्रों को पुनः गतिमान करेगी और साथ ही एक उपन्यास का आनन्द भी देगी।
Godam
- Author Name:
Vinod Kumar Shukla +1
- Book Type:

- Description:
मास्टर कहानीकार, विनोद कुमार शुक्ला की एक ऐसे व्यक्ति की बहुत ही मार्मिक लघु कहानी है जो एक पेड़ वाले घर में रहना चाहता है। उनके वर्तमान घर में करंज का पेड़ है। करंज की पत्तियाँ और फूल उसके घर में उड़ते हैं क्योंकि हवा उसकी सुगंध उड़ा देती है। एक दिन मालिक ने उससे घर खाली करने को कहा. उसने तलाश की और एक पेड़ वाले दूसरे घर की तलाश की। अब कम से कम घरों में एक पेड़ लगाया जा सकता है। आपका क्या करते हैं? वह कहाँ रहेगा? अनुभवी चित्रकार, तपोशी घोषाल के पानी के रंग के चित्र एक दृश्य आनंद हैं। इतने कम रंगों के साथ, वह करंज के पेड़ को उसके सभी साथियों - घर और कबूतरों के साथ जीवंत कर सकती है। चित्रण के माध्यम से, वह न केवल पुस्तक का एक शांत और शांत मूड बनाती है, बल्कि वह इसकी प्रस्तुति में परिपक्वता की भावना भी जोड़ती है। Age group 9-12 years
Boski Ka Panchtantra
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description:
‘बोसकी का पंचतंत्र’ की पाँच किताबों में, नीति के पाँच हिसाबों में जो पंचतंत्र आरम्भ हुआ, उसे बच्चों के प्यारे फ़िल्मकार-शायर गुलज़ार ने बोसकी को सुनाया। दुनिया-भर के बच्चों के लिए सुनाया। ‘बोसकी का पंचतंत्र’ उसी की एक कड़ी है। इसकी पठनीयता भी पूर्व की तरह आकर्षित करती है। इसमें क़िस्सागोई की भारतीय परम्परा का ख़ास आकर्षण है। किताब के चित्र और रेखांकन बच्चों के लिए और अधिक रोचकता पैदा करते हैं।
Aasha ki nanhi kirane
- Author Name:
Bruno Pilorget
- Book Type:

- Description:
मलाला, केसज, सांड्रा, ओम, मायरा, बरुआनी, मेमरी, क्रेग ने जीवन की मुश्किलों से लड़ने के लिए कभी स्वयं को अकेला या कमज़ोर नहीं माना। अपनी इच्छा शक्ति से इन्होंने अपनी किस्मत बदली और अपने जैसे दूसरों बच्चों को राह दिखाई। दुनिया के अलग अलग कोनों से आए इन लड़के-लड़कियों की कठोर संघर्ष का उल्लेख है, एक बेहतर दुनिया की उम्मीद में।
Tum Yaad Aaoge Leelaram
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description:
‘तुम याद आओगे लीलाराम’ संग्रह वरिष्ठ कवि-कथाकार प्रकाश मनु की इधर लिखी गई, नई और ताजा कहानियों का संग्रह है। बिल्कुल अलहदा ढंग की कथन-शैली और गहरी मर्म पुकार लिये ये कहानियाँ अपनी अद्भुत किस्सागोई और अनौपचारिक लहजे के कारण अलग पहचान में आती हैं। सच तो यह है कि ‘तुम याद आओगे लीलाराम’ संग्रह प्रकाश मनुजी की कथा-यात्रा में एक सार्थक मोड़ की तरह है, और एक साथ कई विशेषताओं के कारण जाना जाएगा। संग्रह की कहानियाँ जिंदगी में इस कदर गहरे धँसकर अपनी बात कहती हैं कि पाठक चकित हुआ सा, खुद को अपनी तकलीफों, समूची वेदनाओं और आत्मिक द्वंद्वों के साथ इनमें पूरी तरह उपस्थित पाता है। लेखक और पाठक का इतना गहन तादात्म्य हिंदी कहानी के मौजूदा परिदृश्य में एक विरल चीज है। फिर अपने ही ढंग के ?विशिष्ट कथाकार प्रकाश मनुजी की ये कहानियाँ अकसर बतकही के-से अंदाज में अपनी बात कहती हैं। इनमें कविता सरीखी मर्म पुकार है तो आत्मकथा सरीखा निजत्व भी। कहानी और जिंदगी के फासलों को पाटनेवाली ये सादा और पुरअसर कहानियाँ अगर प्रेमचंद और मटियानी सरीखे दिग्गजों की याद दिलाएँ, तो कोई हैरत की बात नहीं। उम्मीद है, प्रकाश मनु की इन कहानियों की ताजगी पाठकों के दिलों में कभी फीकी न पड़नेवाली एक अलग छाप छोड़ेगी। और एक बार पढ़ने के बाद वे इन्हें कभी भूल नहीं पाएँगे।
Pashubhasha Visheshgya Doctor Dolittle Ki Kahani
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description:
यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो पशु-भाषा विशेषज्ञ था। डॉक्टर जॉन डूलिटिल। जो था तो इंसानों का डॉक्टर किन्तु उसके पशुप्रेम ने उसे इंसानों से दूर कर जानवरों के करीब ला दिया। उसने जानवरों की भाषा सीखी और उनका इलाज करने लगा। उसकी प्रसिद्धि इतनी फैली कि अफ्रीका से उसे एक संदेश आया। वहाँ के बंदरों को जानलेवा बीमारी से बचाने के डॉक्टर जॉन डूलिटिल अपने पशुओं के साथ एक ऐसी खतरनाक और रोमांचक यात्रा पर निकल पड़ा जिसे आप कभी भी नहीं भुला सकेंगे।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book