Gramakkinar
(0)
Author:
S. Salimkumar, Kolakaluri EnochPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
MalayalamCategory:
Short-story-collections₹
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ഗ്രാമക്കിണർ : എഴുത്തുകാരൻ എന്ന നിലയിൽ കൊലകലൂരി ഇനോക്കിനെ അതുല്യനാക്കിയത് 'ഗ്രാമക്കിണർ' എന്ന ഈ കഥാസമാഹാരമാണ്. ഇതിലുള്ള ഒമ്പതിൽ അഞ്ചു കഥകൾ (ഗ്രാമക്കിണർ, വിശപ്പ്, പഴന്തുണിക്കീറ്, വെളിമ്പുറം, തലയില്ലാത്തവൻ) ദളിത് ജീവിതത്തിലെ ചൂഷണവും സഹനവും ചെറുത്തു നിൽപ്പും കേന്ദ്രമാക്കിയുള്ളവയാണ്. ക്ഷുരകർ, ചെരുപ്പുകുത്തികൾ, അലക്കുകാർ, തോട്ടികൾ മുതലായവരുടെ അരികുവൽക്കരിക്കപ്പെട്ട ചരിതങ്ങൾ നിറഞ്ഞ ഈ കഥകളിൽ അവരുടെ പ്രതിഷേധം പ്രകടിപ്പിക്കുവാനുള്ള ധീരമായ സംഘർ ഷങ്ങൾ, കയ്യേറ്റത്തിനെതിരെയുള്ള പ്രതിരോധം, നിശ്ശബ്ദമായ സഹനങ്ങൾ, അറുതിയില്ലാത്ത സർവ്വവ്യാപിയായ സാമൂഹിക അനീതിയോടുള്ള അടിയറവ് ഇവയൊക്കെ നിറയുന്നു. ബാക്കിയുള്ള നാലു കഥകളിൽ ഒരു നാടകനടന്റെ വ്യക്തി ജീവിതം (പുതിയ വീട്), കൗമാരപ്രണയത്തിൽ ഭ്രമിച്ചുപോയ ഒരുവന്റെ ദുരന്തം (കൗമാരഹൃദയം), ജീവിതസംശുദ്ധിക്കായി പ്രതിജ്ഞാബദ്ധനായ ഒരുവന്റെ ധർമ്മസങ്കടങ്ങൾ (മാപ്പപേക്ഷ), ഒരു ഹോട്ടൽ തൊഴിലാളിയുടെ ധീരമായ ജീവിതം (അണഞ്ഞ ജ്വാല) എന്നിവയാണ് പ്രതിപാദ്യം.
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ഗ്രാമക്കിണർ : എഴുത്തുകാരൻ എന്ന നിലയിൽ കൊലകലൂരി ഇനോക്കിനെ
അതുല്യനാക്കിയത് 'ഗ്രാമക്കിണർ' എന്ന ഈ കഥാസമാഹാരമാണ്. ഇതിലുള്ള ഒമ്പതിൽ അഞ്ചു കഥകൾ (ഗ്രാമക്കിണർ, വിശപ്പ്, പഴന്തുണിക്കീറ്, വെളിമ്പുറം, തലയില്ലാത്തവൻ) ദളിത് ജീവിതത്തിലെ ചൂഷണവും സഹനവും ചെറുത്തു നിൽപ്പും കേന്ദ്രമാക്കിയുള്ളവയാണ്. ക്ഷുരകർ, ചെരുപ്പുകുത്തികൾ, അലക്കുകാർ, തോട്ടികൾ മുതലായവരുടെ അരികുവൽക്കരിക്കപ്പെട്ട ചരിതങ്ങൾ നിറഞ്ഞ ഈ കഥകളിൽ അവരുടെ പ്രതിഷേധം പ്രകടിപ്പിക്കുവാനുള്ള ധീരമായ സംഘർ ഷങ്ങൾ, കയ്യേറ്റത്തിനെതിരെയുള്ള പ്രതിരോധം, നിശ്ശബ്ദമായ സഹനങ്ങൾ, അറുതിയില്ലാത്ത സർവ്വവ്യാപിയായ സാമൂഹിക അനീതിയോടുള്ള അടിയറവ് ഇവയൊക്കെ നിറയുന്നു. ബാക്കിയുള്ള നാലു കഥകളിൽ ഒരു നാടകനടന്റെ വ്യക്തി ജീവിതം (പുതിയ വീട്), കൗമാരപ്രണയത്തിൽ ഭ്രമിച്ചുപോയ ഒരുവന്റെ ദുരന്തം (കൗമാരഹൃദയം), ജീവിതസംശുദ്ധിക്കായി പ്രതിജ്ഞാബദ്ധനായ ഒരുവന്റെ ധർമ്മസങ്കടങ്ങൾ (മാപ്പപേക്ഷ), ഒരു ഹോട്ടൽ തൊഴിലാളിയുടെ ധീരമായ ജീവിതം (അണഞ്ഞ ജ്വാല) എന്നിവയാണ് പ്രതിപാദ്യം.
Book Details
-
ISBN9789361831638
-
Pages264
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIN
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