Kar Vijay Har Shikhar
Author:
Premlata AgrawalPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Self-help0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789351865742
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ahankar ko Karen Bye-Bye
- Author Name:
Rajesh Aggarwal
- Book Type:

- Description: "अहंकार रूपी शत्रु का विरोध सभी करेंगे, लेकिन जहाँ अपने भीतर छिपे बैठे अहंकार रूपी शत्रु को मारने की बात आएगी, सब बगलें झाँकने लगेंगे। क्योंकि किसी-न-किसी रूप में अहंकार रूपी शत्रु हम सभी के अंदर छिपा होता है और जब-तब मौका देखकर सिर उठा लिया करता है। इसका पूरी तरह दमन करना असंभव तो नहीं, लेकिन कठिन जरूर है। अहंकार का निषेध करना जरा भी कठिन नहीं है। बस सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर हम अपने अहंकार पर पूरी तरह काबू पा सकते हैं। हमारे धर्म-शास्त्रों में अहंकार और उससे उपजने वाले कष्ट-क्लेशों को अनेक कथा-कहानियों, वृत्तांतों, संस्मरणों के माध्यम से दिग्दर्शित किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में अहंकार से उपजनेवाली कुंठा, दुष्प्रभाव व अन्य बुराइयों का वर्णन और उनके निवारण के उपाय सुझाए गए हैं। अनेक पौराणिक कथाओं द्वारा भी अहंकार के निषेध के बारे में बताया गया है। अहंकार की विश्रांति हेतु यह एक उपयोगी पुस्तक है।"
Jeene Ka Naam Zindagi
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: "‘जीने का नाम जिंदगी’ उनके लिए एक जरूरी किताब मात्र ही नहीं है, बल्कि एक ऐसी पगडंडी है, जिस पर चलकर और अपने हृदय में उन मानवीय गुणों को आत्मसात् कर वे स्वयं एक बेहतर मनुष्य ही नहीं बनेंगे, बल्कि मनुष्यता की परिभाषा को भी अपने जीवन में जी सकेंगे, जिसका बहुत बड़ा दायित्व उनके ऊपर है। यह कहने में संकोच नहीं कि सरलता से बुनी गई अपनी कहानियों के माध्यम से ‘निशंक’ जी के भीतर का सृजनकर्ता अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को जिस तरह से अपनी रचनाओं में अंकित कर लोगों के भीतर दर्द पैदा करता है, वह आसान काम नहीं है; क्योंकि आसान काम ही बहुत मुश्किल होता है। मैं उनकी कुछ कहानियों से बहुत प्रभावित हुई हूँ, जिनका प्रभाव मेरे भीतर को बहुत कुछ सौंप गया है और जो मेरे मर्म में गहरी धँसी कील-सा धँस गया है। इसकी पीड़ा से मैं अब तक मुक्त नहीं हो पाई हूँ। —चित्रा मुद्गल "
Ruk Jana Nahin
- Author Name:
Dr. Sachin Pachorkar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dand Ka Aranya
- Author Name:
Brahmaveer Singh
- Book Type:

- Description: "दंड का अरण्य-ब्रह्मवीर सिंह दंड का अरण्य युवा उपन्यासकार ब्रह्मवीर सिंह की नक्सलवाद से उपजे दर्द को लेकर निष्पक्ष दृष्टि है। नक्सली और खाकी के बीच पिसती आदिवासियों की साँसों का लेखा-जोखा है और मौतों के बाद छलके आँसुओं को स्वर देनेवाली अभिव्यक्ति है। दंड का अरण्य सैकड़ों लोगों की हत्याओं के सौदागरों और गुनहगारों के चेहरे से नकाब उठाता है। बेबस लोगों की लाशों पर भावनाओं का कड़वा सच है। वैसे नक्सलवाद को लेकर लेखन बहुत हुआ है, बहुत हो रहा है। परंतु यह कृति निष्पक्षता का भरोसा दिलाती है। दंड का अरण्य किसी वाद का विरोध नहीं करता। किसी विवाद को जन्म नहीं देता। यह उपन्यास विचारों की हिंसा में टूटती साँसों की दो-टूक अभिव्यक्ति है। आशा है, उपन्यास नक्सलवाद के रहते उपजी लोगों की बेबसी को नए नजरिए से पारिभाषित करेगा। विचारों के आवरण को हटाएगा और...सच न देखने के लिए मुँदी आँखों को खोल सकेगा।"
Classroom ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: मेरी बेटी बेहतर विकल्पों के लिए बाहर चली गई है, मेरी पत्नी अपने कॅरियर में व्यस्त है तो खाना अब पहले की तरह ‘स्वादिष्ट’ नहीं रहा, जिसमें प्रेम, लगाव, देखभाल करनेवाले शब्दों के साथ पूछताछ होती थी। सबसे बढ़कर वह वात्सल्य होता, जो इस धरती पर तो केवल माँ ही दे सकती है, खासतौर पर अपने बच्चों को। जब भी किसी दिन मैं अकेला भोजन के लिए बैठता हूँ तो मेरे कानों में माँ के शब्द गूँजते, ‘क्या तुम कुछ और खाओगे,’ ‘आज तुमने क्या खाया है,’ और मैं मूर्खों की तरह चारों ओर देखता हूँ, जबकि मुझे अच्छी तरह मालूम है कि ऐसे पूछनेवाला आस-पास कोई नहीं है। भीतर कहीं हूक सी उठती है कि कोई यह पूछनेवाला नहीं है। साफ कहूँ तो अब उन शब्दों में संगीत सुनाई देता है, फिर चाहे आँखें भीग ही क्यों न आई हों। कभी-कभी तो मैं अकेले खाने से घबराने लगता हूँ। शायद इसलिए बडे़-बुजुर्ग कहते हैं कि पूरे परिवार को कम-से-कम एक बार भोजन साथ लेना चाहिए। —इसी पुस्तक से क्लासरूम की ये प्रेरक कहानियाँ हमारे आस-पास तथा दैनिक जीवन से संबंधित हैं। कुछ नया करने की प्रेरणा देनेवाली कहानियाँ।
VICHAR JO KAMYAB RAHE (PB)
- Author Name:
Bhagwati Prasad Dobhal
- Book Type:

- Description: ‘विचार जो कामयाब रहे’ भारत के बीस अग्रणी उद्योगपतियों, राजनेताओं, अधिकारियों और समाजसेवियों के रोचक और ज्ञानवर्द्धक लेखों का संकलन है। इन लेखों में इन प्रबुद्ध हस्तियों ने बताया है कि कैसे उन्होंने अपने सामने आई चुनौतियों का सामना किया और देशी व नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास किया, जिनसे राष्ट्र की उन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आनेवाली चुनौतियों और उनमें मिली सफलताओं के बारे में बताया है, साथ ही पाँच ऐसे मेगा प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बताया है, जो हमारे राष्ट्र को एक विकसित देश बना सकते हैं। एन.आर. नारायण मूर्ति याद करते हैं कि किस तरह उन्होंने अपनी टीम के साथ इंफोसिस टेक्नोलॉजीज को विश्वस्तरीय फॉर्चून 500 कंपनी की सूची में शामिल होने लायक बनाया। रतन टाटा भारत की पहली स्वदेशी जिसकावर्णन इंडिका के निर्माण और उसका डिजाइन तैयार करने से जुड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का ब्योरा देते हैं, तो मुकेश अंबानी 2005 तक नॉलेज इकोनॉमी में भारत द्वारा विश्व का नेतृत्व करने के अपने सपने को विस्तार से बताते हैं। आलोक शर्मा ने अपने उन दो सालों के अनुभव का जिक्र किया है, जब उन्होंने प्रतिदिन लगभग दो करोड़ लोगों के जमावड़े वाले दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले कुंभ के आयोजन की तैयारियाँ की थीं, और विलासराव सालुंखे ने पानी पंचायत के विकास का ब्योरा दिया है, जो जल-सक के क्षेत्र में एक नायाब प्रयोग है और जिसने सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र के गाँवों में किसानों की जिंदगी बदल दी है। ये अनुभव भारत के विकास की अंदरूनी कहानियाँ बताएँगे और आपको प्रेरित भी करेंगे। इसी पुस्तक से.
Ruko Mat, Aage Badho
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद के जीवन का तो हर प्रसंग ही प्रेरक है। जहाँ अपने ओजस्वी उद्बोधन से उन्होंने देश- विदेश में ख्याति अर्जित की और भारत का नाम रोशन किया, वहीं अपनी ओजस्वी वाणी से अपने देशवासियों में एक नई ऊर्जा का संचार किया, जन-जन को जागरूक किया और उनमें मानवता का संचार किया। इस पुस्तक में स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी घटनाओं का संकलन प्रस्तुत है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को रोचक भी लगेंगी और प्रेरणादायी भी। वे इन घटनाओं को अपने जीवन से जुड़ा हुआ भी महसूस करेंगे। देशभक्ति से लेकर मानवता, शिक्षा, लक्ष्य-प्राप्ति, धर्म- अध्यात्म, चरित्र-निर्माण, गुरु-शिष्य परंपरा, महिला सशक्तीकरण आदि कई सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। ये प्रेरक कथाएँ आपमें आत्मविश्वास उत्पन्न करेंगी और संघर्षों से निपटने का साहस भी प्रदान करेंगी, क्योंकि स्वामी विवेकानंद का जीवन केवल गेरुए वस्त्र में सिमटे एक सन्यासी तक ही सीमित नहीं था, वरन् मानवता के कल्याण के लिए समर्पित था। तभी तो उनके जीवन की हर घटना हमें हार न मानने की शक्ति देती है। इसीलिए इतने वर्षों बाद भी वे युवाओं के लिए प्रेरणास्नोत हैं। स्वामी विवेकानंद के प्रेरक, अनुकरणीय और श्लाघनीय जीवन के ऐसे प्रसंग जो हर पाठक के जीवन को प्रकाशमान कर देंगे।
Uske Pankhon Ki Udaan
- Author Name:
Swati Lahoti
- Book Type:

- Description: ‘IIT-JEE की तैयारी करना आसान नहीं है, यह अच्छे-अच्छों के छक्के छुड़ा देता है। ऐसे में बड़ा स्वाभाविक है कि आप दबाव में आ जाएँ, अपनी काबिलियत पर शक करने लगें या फिर हताश हो जाएँ। यह किताब आपको बताती है कि आप फिर से पटरी पर कैसे आ सकते हैं, कि कैसे परिवार के सदस्य, खासकर माँएँ इस दौरान अपने बच्चों के लिए मददगार हो सकती हैं। ‘उसके पंखों की उड़ान’ यह साबित करती है कि अगर आप कुछ हासिल करना चाहते हैं तो उसे पाने के लिए दिलोजान से जुट जाइए। मुमकिन है कि छोटी-मोटी खरोंचें आप के हिस्से में आएँ, लेकिन कामयाबी आपके कदम चूमेगी, यह तय है।’’ —नीतेश तिवारी डायरेक्टर, दंगल, IIT, बॉम्बे, 1996 ‘‘जैसा कि सब जानते हैं IIT-JEE सबसे मुश्किल प्रवेश-परीक्षाओं में से एक है, टीचर्स को मालूम है कि कैसे पढ़ाना है, स्टूडेंट भी जानता है कि कैसे पढ़ना है। लेकिन माता-पिता नहीं जानते कि इस मुश्किल सफर में अपने बच्चे को कैसे सपोर्ट करना है। तैयारी के दौरान, कई बार अच्छे-अच्छे छात्र भी हिम्मत हार बैठते हैं। मेरा मानना है कि इस किताब को पढ़ने के बाद माता-पिता अपने बच्चे को सही तरीके से सपोर्ट कर पाएँगे, जिससे बच्चे हौसलामंद रहकर अच्छी पढ़ाई कर सकते हैं। यह किताब अभिभावकों का नजरिया बदल देगी।’’ —प्रवीण त्यागी डायरेक्टर, IITians’ PACE, IIT, दिल्ली, 1997
Chetana Ka Ek Antheen Mahasagar (Hindi Translation of One Ocean of Unbounded Conciousness)
- Author Name:
Dr. Tony Nader
- Book Type:

- Description: क्या जीवन में कोई छिपा उद्देश्य है? क्या इसका कोई एक गोपनीय डिजाइन या एक सार्थक तर्क है? क्या जीवन में एक लक्ष्य है, जिसे प्राप्त किया जाना है? हम कहाँ से आते हैं और जाने के बाद हम कहाँ जाते हैं? हमें जीवन में क्यों लडऩा चाहिए? क्या हम चुन सकते हैं? क्या हम स्वतंत्र हैं या नियति के दास हैं? हम क्या प्रकृति के नियमों के अधीन हैं या फिर ईश्वर के? उन संवेदनशील प्राणियों के लिए, जो अपने जीवन पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, ये प्रश्न मौलिक हैं, और इनके विषय में हर कोई धारणा बना लेता है या उनमें से कई के बारे में दृढ़ता से विश्वास करते है। वे विश्वास हमारे अंतर्निहित 'ब्रह्मांड बन जाते हैं, जो हम जो कुछ भी करते हैं उसे प्रभावित करते हैं। मैंने यह ठीक से समझने के लिए चिकित्सा, मनोरोग और तंत्रिका विज्ञान के अध्ययन की ओर रुख किया। जब हम इतने समान हैं तो हम अपनी राय, मानसिकता और दृष्टिकोण में इतने भिन्न कैसे हो सकते हैं। मेरे मौलिक सवालों के उत्तर वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से अत्यंत जटिल और सारगर्भित थे। यह ट्रांसेंडैंटल मेडिटेशन टीएम था, जिसने मुझे विश्लेषण और अनुमान के बजाय प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से उनका पता लगाने की अनुमति दी। यह पुस्तक ज्ञान के सभी साधकों, वैज्ञानिकों, दार्शनिकों, शिक्षकों, बुद्धिमान नेताओं और मार्गदर्शकों को समर्पित है, जो इस रहस्य का अध्ययन करते हैं कि प्रकृति कैसे काम करती है और प्रकृति कैसे पृथ्वी पर जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करती है?
Sukhi, Saral, Safal Jeevan
- Author Name:
Dr. Vijay Mittal
- Book Type:

- Description: हमारा जीवन कैसा होना चाहिए? वैवाहिक जीवन कैसे जिएं? अच्छे माँ-बाप कैसे बनें? अपनी संतान की परवरिश कैसे करें? अन्य लोगों से, परिजनों से कैसा व्यवहार रखें? जिंदगी के प्रति हमारा दृष्टिकोण कैसा हो? हर इंसान स्वस्थ रहना चाहता है, सुख-शांति से जीवन व्यतीत करना चाहता है तथा अपने कार्यक्षेत्र में सफलता की ऊँचाइयों को छूना चाहता है | पर्याप्त मात्रा में धन अर्जित करना चाहता है, ताकि अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताएँ पूरी कर सके; समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बना सके| इस पुस्तक के द्वारा यही प्रयास किया गया है कि आप अपनी पसंद व क्षमता अनुसार किस प्रकार सुखी और सफल जीवन जी सकते हैं तथा मानसिक तनाव से दूर रहकर सार्थक जीवन की कामना फलीभूत कर सकते हैं| जीवन में सकारात्मकता, सार्थकता, संतोष और आनंद की अनुभूति करवा सकने की क्षमता रखनेवाली अत्यंत पठनीय कृति|
Suno Kishori
- Author Name:
Smt. Asha Rani Vohra
- Book Type:

- Description: आज की आपाधापीवाली जिंदगी में प्रतियोगिताएँ बहुत बढ़ गई हैं। शिक्षा व कैरियर के साथ लड़कियों के पास घर के काम-काज के लिए समय का अभाव है। दूसरी ओर घरेलू श्रम महँगा हो गया है। इन परिस्थितियों में अपनी किशोरी बेटी को ‘अपने हाथ जगन्नाथ’ का गुर सिखाना होगा। सपनों की दुनिया से बाहर के कटु यथार्थों से भी उसे परिचित कराना होगा कि वय:संधिकाल में वह भावना के प्रवाह में बहकर अपनी अस्मिता के तटबंधों के प्रति बेखबर न रह जाए, उसके भीतर कुछ बनने, कुछ कर दिखाने की तमन्ना जागे। प्रसिद्ध लेखिका आशारानी व्होरा ने अपनी इस कृति में लेखन की नवीनतम पत्र-शैली में किशोर वय के विशेष प्रशिक्षण के लिए किशोरियों के साथ उनके स्तर पर संवाद स्थापित किया है। उनकी शंकाओं, प्रश्नों एवं दुश्चिंताओं का समाधान एक माँ, एक अंतरंग सहेली और मार्ग-निर्देशिका के रूप में किया है। किशोरियों के हृदय में झाँककर, मित्रवत् उन्हें विश्वास में लेकर उचित-अनुचित, करणीय-अकरणीय का बोध कराया है। यह पुस्तक किशोरियों को उनकी देखभाल, सुरक्षा तथा जीवनोपयोगी शिक्षा देने के साथ ही उनका भरपूर मार्गदर्शन भी करेगी तथा उनमें निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएगी।
Talash Khud Ki
- Author Name:
Ekta Singh
- Book Type:

-
Description:
खुद को जानने की थोड़ी सी कोशिश हमें जीवन की राह में कहीं बहुत आगे ले जा सकती है।
हममें से कोई प्रोफेसर है, कोई छात्र, कोई डॉक्टर, इंजीनियर या आई.ए.एस. है। किसी का अपना बिज़नेस है तो कोई होम मेकर है। प्रोफेशन कोई भी हो पर हम सभी अपना-अपना जीवन जी रहे हैं। जीवन जीना बड़ी कला है। एक छोटे से सफर पर जाने के लिए हम ढेरों तैयारियाँ करते हैं, सारी जानकारी इकट्ठी करते हैं। जिन्दगी का सफर जो कई दशकों का है उसकी कोई तैयारी हम नहीं करते हैं।
औरों से सलाह लेना ठीक है, परन्तु अपने जीवन की पहेलियाँ हमें खुद सुलझानी होती हैं। यदि हम कुछ आधारभूत तथ्य जान लेते हैं तो जीवन बेहतर, खुशहाल और आसान हो सकता है। हम उन ऊँचाइयों को सहजता से छूने लगते हैं जिन पर कभी औरों को देख हम अचरज और प्रशंसा से भर जाते थे। अन्यथा हम में से कुछ तो जीवन से हार कर उसे खत्म करने तक का सोच लेते हैं।
तो दोस्तो, क्यों न जीवन की दौड़ में आगे बढ़ने के साथ-साथ हम उसे और बेहतर बनाने की भी एक कोशिश करें—खुद को पहचान कर, ‘तलाश खुद की’ के साथ!
Priscription Of Thougts
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Ghogho Rani Kitta Paani
- Author Name:
Shaligram
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत रचना रिपोर्ताजीय शैली की कलात्मक कृति है, जो अपनी कथा तथा उपकथाओं के छोटे-छोटे द्वीप बनाती आधुनिक तथा पौराणिक बिंबों का आदर्शोन्मुख वृत्त-चित्र उपस्थित करती है। रचना के अंतिम भाग में लोककथाओं के नायक अपने-अपने सुकर्मों की ध्वजा उठाए समाज के सिरमौर बने हुए हैं, जिसमें लोकनायक, लोरिक तथा लोकदेवता विशुराउत, कारूखिरहरि एवं दीनाभदरी के नाम शुमार में आते हैं, जिन्हें लेखक ने अपनी भाषिक पकड़ से बेहद रोचक बना दिया है। प्रस्तुत रचना में किस्सागोई तो है ही, लोकजीवन के विविध रंगों के साथ-साथ रागात्मक संवेदना भी उपस्थित है। रचना के प्रथम भाग में कोसी नदी के उद्गम, जल-ग्रहण क्षेत्र, प्रवाह मार्ग, इसकी विध्वंसक परिवर्तनशीलता, विभिन्न धाराएँ, गंगा में संगमन इत्यादि भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्थितियों के रेखांकन के साथ-साथ इसकी विनाशलीला का भी विस्तार से वर्णन है। कोसी क्षेत्र संगीत-कला का भी गढ़ रहा है, जो सहरसा के अंतर्गत पंचगछिया घराने के नाम से जाना जाता है। मांगन कामति पंचगछिया राजदरबार के बेजोड़ ठुमरी गायक थे। उनकी प्रसिद्धि बिहार से बाहर तक फैली हुई थी। पं. ओंकारनाथ ठाकुर, विनायकराव पटवर्द्धन, पं. जशराज, फैयाज खाँ जैसे दिग्गज संगीतज्ञों ने उनकी प्रशंसा की है। कहा जाता है कि एक महफिल में सुप्रसिद्ध गायिका अखतरीबाई फैजाबादी (बेगम अख्तर) ने जब मांगन के बोल सुने तो बोल पड़ीं—‘‘अरे भाई, जिंदा रहने दोगे या नहीं!’’ क्या मधुर एवं जादुई आवाज थी उनकी। तभी तो वे पंचगछिया राजदरबार के तानसेन कहलाते थे।
Angrezi-Hindi Shabdon Ka Theek Prayog
- Author Name:
Dr. K.C. Bhatia
- Book Type:

- Description: "राजभाषा अधिनियम सन् 1963 के अनुसार, भारत सरकार में व्यापक रूप से द्विभाषा-हिंदी तथा अंग्रेजी-नीति का परिपालन अनिवार्य हो गया है । प्रत्येक भाषा में ऐसे अनेक मिलते-जुलते शब्द होते हैं जिनको पर्याय समझ लिया जाता है । ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो गया है कि इन मिलते-जुलते शब्दों की स्पष्ट संकल्पना, अंग्रेजी-हिंदी दोनों में, हो । साहित्यपरक शब्दों पर तो ऐसा कार्य हुआ है, पर दिन-प्रतिदिन प्रयोग में आनेवाले शब्दों के सूक्ष्म अर्थभेद 7 अर्थच्छटाएँ स्पष्ट हों, ऐसा प्रयास नहीं हुआ था । प्रयोग और संदर्भ- भेद से ही अर्थ- भेद निश्चित होता है । इस प्रक्रिया से शब्दों के ठीक प्रयोग की ओर प्रयोगकर्ता उन्मुख हो सकेंगे और शब्दों क अर्थो के सूक्ष्म अंतर को भी समझने का प्रयास कर सकेंगे । प्रकारांतर से इस कार्य से यह बात भी स्वयं सिद्ध हो जाती है कि अंग्रेजी की तुलना में हिंदी की अभिव्यंजना-शक्ति किसी भी प्रकार कम नहीं है । विश्वास है कि व्यावहारिक क्षेत्र में इस पुस्तक का विशेष उपयोग होगा ।"
Lekhak Kaise Banein
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: क्या आप लेखक बनना चाहते हैं ? यह किताब विश्वप्रसिद्ध भारतीय लेखक रस्किन बॉण्ड के सुदीर्घ लेखकीय अनुभवों का सार है, जो आपके लिए मददगार हैंडबुक बन सकती है। बॉण्ड यह जानते हैं कि लेखकीय जीवन की शुरुआती दुश्वारियां कौन-सी हैं। समाधान में अपने अनुभवों के साथ दूसरे महान लेखकों के कारगर तरीके सुझाते हैं। वह भी ऐसी आत्मीयता से कि सामने वाला भूल जाए कि किसी महान लेखक से मुख़ातिब है। यह किताब उन सारे प्रश्नों का जवाब देगी जो आपके मन में उठते होंगे; लेखक में किन गुणों की आवश्यकता होती है, विषय का चुनाव कैसे करें, अपनी कथा को मनचाहे परिवेश में कैसे विकसित करें, यादगार चरित्रों का निर्माण कैसे करें और सबसे महत्त्वपूर्ण, इस सब को एक जीवंत अनुभव में बदलने वाली सक्षम भाषा के लिए क्या करें। यदि आपके भीतर एक छिपा हुआ लेखक है, तो यह किताब आपकी अनंत संभावनाओं की दिशा में प्रस्थानकारी अनुभव बन सकती है।
Kushal Prabandhan Ke Sootra
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
‘कुशल प्रबन्धन के सूत्र’ पर सुरेश कांत के दैनिक ‘अमर उजाला कारोबार’ में हर मंगलवार को प्रकाशित होनेवाले लोकप्रिय साप्ताहिक प्रबन्धन–कॉलम में छपे लेखों में से 40 चुने हुए लेखों का संकलन है। इन लेखों में हिन्दी में पहली बार प्रबन्धन के विभिन्न पहलुओं पर अत्यन्त रोचक और प्रभावशाली ढंग से प्रकाश डाला गया है। स्व–प्रबन्धन, कर्मचारी–प्रबन्धन, कार्यालय–प्रबन्धन, समय–प्रबन्धन, व्यक्तित्व–विकास, औद्योगिक सम्बन्ध, नेतृत्व–कला, कौशल–विकास आदि सभी पक्षों पर इनमें इतने सरल, सुबोध और आकर्षक तरीक़े से चर्चा की गई है कि पाठक लेखक के साथ बह चलता है। प्रबन्धन उसके लिए पराया अथवा दुरूह विषय नहीं रह जाता।
प्रबन्धन लेखक की नज़र में व्यक्तित्व के सतत विकास और जीवन में निरन्तर प्रगति की प्रक्रिया है। आदमी अपना ही परिष्कार न कर सके, अपने घर–परिवार की ही उन्नति न कर सके, तो वह कारोबार या दफ़्तर की प्रगति कैसे सुनिश्चित कर सकेगा? वह अपने को ही न सँभाल सके, तो दूसरों को—कर्मचारियों, ग्राहकों आदि को—क्या सँभाल सकेगा? अच्छा आदमी ही अच्छा कर्मचारी, अधिकारी या प्रबन्धक हो सकता है। अत: प्रबन्धन छात्रों, शोधार्थियों, कारोबारियों, कर्मचारियों–अधिकारियों अथवा प्रबन्धकों से ही ताल्लुक़ नहीं रखता, आम आदमी से भी ताल्लुक़ रखता है। वह कम्पनी–जगत के ही मतलब की चीज़ नहीं, मनुष्य मात्र के मतलब की चीज़ है। वह आदमी को बेहतर आदमी बनाने की कला है।
सुरेश कांत ने अपना लक्ष्य–समूह कॉरपोरेट–दुनिया के आदमी को ही नहीं, पूरी दुनिया के हर आदमी को मानकर इस विषय की प्रस्तुति की है। एक सफल, सिद्धहस्त रचनाकार होने के कारण वे इस विषय में लालित्य भरने में कामयाब रहे हैं। अपने विशद अध्ययन, गहरे ज्ञान और असरदार लेखन–शैली के बल पर वह इस विषय को हिन्दी में जन–जन में लोकप्रिय बनाने में सफल रहे हैं।
आप चाहे कोई भी हों, इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप वही नहीं रह जाएँगे, जो आप इसे पढ़ने से पहले थे। एक बहुत ही ज़रूरी और महत्त्वपूर्ण पुस्तक।
Parwarish
- Author Name:
Dr.Abrar Multani +1
- Book Type:

- Description: सीखने सिखाने की रोमांचक यात्रा
Steve Jobs Ke Management Sootra
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: "एप्पल व पिक्सर के संस्थापक स्टीव जॉब्स प्रौद्योगिकी के महान् नेतृत्वकर्ता थे, जिन्होंने जनसाधारण हेतु मैकिनटोश व्यक्तिगत कंप्यूटर (पीसी) का आविष्कार किया था। फिर उन्होंने आईपॉड नामक ऐसे क्रांतिकारी संगीतवादन उपकरण (म्यूजिक प्लेयर) की रचना की, जिसने विश्व संगीत उद्योग को हमेशा के लिए बदल दिया। इसी आईपॉड ने आईफोन के विकास का रास्ता साफ किया। जॉब्स ने आईफोन में मोबाइल फोन व कंप्यूटर की विशेषताओं को समाहित कर सूचना-प्रौद्योगिकियों की संपूर्ण शक्तियों को जनसाधारण को सर्वसुलभ करवा दिया। सफल उद्यमी होने के साथ-साथ स्टीव जोब्स परोपकारी व मानव कल्याण के लिए भी तत्पर रहते थे। उन्होंने अपने अनुकरणीय और सहज-सुलभ व्यवहार से अपनी कंपनी की टॉप मैनेजमेंट और कर्मियों तथा ग्राहकों को ऐसे सूत्र दिए, जिनमें मानवीयता, उत्तरदायित्व, गुणवत्ता के सभी तत्त्व समाहित थे। इसलिए वे एक विश्वविख्यात व्यवसायी होने के साथ ही एक सर्वग्राह्य मैनेजमेंट गुरु भी कहे जा सकते हैं। इस पुस्तक में संकलित हैं स्टीव जॉब्स के प्रेरणाप्रद जीवन के मैनेजमेंट सूत्र, जिन्हें पढ़कर आप अपने जीवन को ठीक दिशा में मोड़कर सफल होने के लिए उद्यत होंगे। "
Antharveekshane
- Author Name:
Poornima Hegade
- Book Type:

- Description: Antarveekshane (Geetha Kathayaana)
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...