Kaise Banain balak Sanskari Aur Swasth
(0)
₹
195
₹ 156 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
जिज्ञासा मानव-विकास की आदि एवं मूलभूत आवश्यकता है। उसकी रक्षा से ही हम समाज को विकसित, सम्पन्न एवं उन्नत बना सकते हैं। पर प्रायः देखा जाता है कि व्यस्त माता-पिता बच्चों के प्रश्नों से खीज जाते हैं और उनको सदैव अपने काम में बाधा उपस्थित करनेवाले प्राणी समझते हैं। उनको उद्दंड और मूर्ख ठहराकर उन्हें चुप करा देते हैं और उनकी जिज्ञासा प्रवृत्ति को कुचल देते हैं। ऐसे बालक ख़ुद को उपेक्षित, अनभीष्ट और प्रेमवंचित महसूस करते हैं। इसका परिणाम बहुत ही भयावह होता है। बालक संसार में सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। बालक के भावनात्मक विकास के लिए पिता के अधिकार, माँ के ममत्व और भाई-बहन की उदारता एवं सौहार्द की बहुत आवश्यकता है। ऐसा न होने पर उसके मन में भाँति-भाँति की ग्रन्थियाँ पड़ जाती हैं, जो भविष्य में उसके सारे व्यवहारों को प्रभावित करती हैं। कई बार देखा गया है कि पिता के बढ़ते वर्चस्व को देखकर माँ में असुरक्षा की भावना घर करने लगती है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह अपनी ही बात मनवाना चाहती है, पिता के बीच में बोलने पर रोक देती है, ऐसी स्थिति में बच्चे उद् दंड और बदतमीज़ हो जाते हैं। पिता को अहमियत नहीं देते। इसके विपरीत माँ के डाँटने-मारने के समय यदि पिता बच्चों का पक्ष लेता है तब भी बच्चे बिगड़ जाते हैं और माँ का सम्मान नहीं करते। वास्तव में होना यह चाहिए कि यदि माँ किसी ग़लत बात पर डाँट रही है, तो पिता को चाहिए कि बीच में न बोले और पिता कुछ कह रहा है, तो माँ उस समय चुप रहे।
Read moreAbout the Book
जिज्ञासा मानव-विकास की आदि एवं मूलभूत आवश्यकता है। उसकी रक्षा से ही हम समाज को विकसित, सम्पन्न एवं उन्नत बना सकते हैं। पर प्रायः देखा जाता है कि व्यस्त माता-पिता बच्चों के प्रश्नों से खीज जाते हैं और उनको सदैव अपने काम में बाधा उपस्थित करनेवाले प्राणी समझते हैं। उनको उद्दंड और मूर्ख ठहराकर उन्हें चुप करा देते हैं और उनकी जिज्ञासा प्रवृत्ति को कुचल देते हैं। ऐसे बालक ख़ुद को उपेक्षित, अनभीष्ट और प्रेमवंचित महसूस करते हैं। इसका परिणाम बहुत ही भयावह होता है। बालक संसार में सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। बालक के भावनात्मक विकास के लिए पिता के अधिकार, माँ के ममत्व और भाई-बहन की उदारता एवं सौहार्द की बहुत आवश्यकता है। ऐसा न होने पर उसके मन में भाँति-भाँति की ग्रन्थियाँ पड़ जाती हैं, जो भविष्य में उसके सारे व्यवहारों को प्रभावित करती हैं। कई बार देखा गया है कि पिता के बढ़ते वर्चस्व को देखकर माँ में असुरक्षा की भावना घर करने लगती है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह अपनी ही बात मनवाना चाहती है, पिता के बीच में बोलने पर रोक देती है, ऐसी स्थिति में बच्चे उद् दंड और बदतमीज़ हो जाते हैं। पिता को अहमियत नहीं देते। इसके विपरीत माँ के डाँटने-मारने के समय यदि पिता बच्चों का पक्ष लेता है तब भी बच्चे बिगड़ जाते हैं और माँ का सम्मान नहीं करते। वास्तव में होना यह चाहिए कि यदि माँ किसी ग़लत बात पर डाँट रही है, तो पिता को चाहिए कि बीच में न बोले और पिता कुछ कह रहा है, तो माँ उस समय चुप रहे।
Book Details
-
ISBN9788183613484
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Art of War: युद्ध की कला (Hindi Translation of The Art of War)
- Author Name:
Sun Tzu
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक 'आर्ट ऑफ वॉर' एक प्राचीन चीनी युद्ध ग्रंथ है। इसका श्रेय प्राचीन चीन के युद्ध और सैन्य रणनीतिकार सुन जू को दिया जाता है। यह पुस्तक तेरह से अधिक अध्यायों में लिखी गई है, जिनमें से प्रत्येक में किसी एक रणनीति या युद्ध की चाल का स्पष्ट विवरण है । इसलिए इस पुस्तक को युद्ध कला और उसकी रणनीति पर सबसे महान् कार्यों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस संग्रह की रचना पूर्ण होने पर, 1080 में सॉन्ग के सम्राट शेनजोंग ने इसे चीन की सात प्रसिद्ध सैन्य रचनाओं के शीर्ष पर रखा था। उसके बाद से ही इसे रणनीति के विषय पर लिखी पूर्वी एशिया की सबसे प्रभावशाली रचना माना णया है। इसका प्रभाव पूर्वी और पश्चिमी सैन्य सोच, व्यापारिक रणनीति, कानूनी रणनीति और उसके अतिरिक्त भी देखा गया है।
Transformation through ‘Thinking’ Positive
- Author Name:
Dr. Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Positive is one of the basic requisites for living a good and fulfilling life. With this book, I have tried to touch upon the idea of Thinking Positive and how it may lead to the development of a positive society, positive India and a positive universe as a whole. The book is intended to help employ a positive approach, not only in professional life but in day-to-day life as well. The intention to bring out this book is to disseminate positive thinking among the masses so that they can face the challenges of this competitive world happily and without stress. The book intends to take the reader to a journey to reinvent self to think in a positive manner in all circumstances. ‘A time has come to develop Generation (P3) i.e. Positive, Proactive & Progressive required for sustainable development of the country.’ —Dr. Ashutosh Karnatak
Atmadeep Banen
- Author Name:
Manoj Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mann Ke Chamatkar
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: मन के चमत्कार आपका मन आपका ख़ुद का है। बेहतर जीवन जीने के लिए आपको बाहरी परिस्थितियों को नहीं, बल्कि अपने मन को बदलना होगा । आप अपनी खुद की तक़दीर बनाते हैं। परिवर्तन की शक्ति आपके मन में है और अपने अवचेतन मन का इस्तेमाल करके आप बेहतरी के ये परिवर्तन कर सकते हैं । यह डॉ. जोसेफ़ मर्फ़ी की सबसे मशहूर पुस्तक 'द मिरैकल ऑफ़ माइंड' का अनुवाद है। इसे सर्वश्रेष्ठ सेल्फ हेल्प पुस्तकों में से एक क़रार दिया गया है । इसकी लाखों प्रतियाँ बिक चुकी हैं ।
Suno Vidyarthiyo
- Author Name:
Mahatma Gandhi
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
Secrets of Relationship
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rupaye Ka Bhraman Package
- Author Name:
Sudha Kumari
- Book Type:

- Description: "‘‘कई साल पहले इस अद्भुत परंपरा को दलबदलू परंपरा का नाम दिया जाता था। आज इसे एक सम्मानजनक नाम—‘घोड़ों की खरीद-फरोख्त’ के नाम से जाना जाता है। ऐसे घोड़ो को ‘चुनावी मौसम विज्ञान विशेषज्ञ’ का नाम भी दिया जाता है। हमारे घोडे़ कोई मामूली नहीं जो औने-पौने में बिक जाएँ। ये तो अरबी नस्ल से भी उम्दा घोडे़ हैं और बेशकीमती भी। औने-पौने भाव पर ये बिकते नहीं, बिदकते हैं।’’ —इसी पुस्तक से सरकारी विभाग पर व्यंग्य लिखना बहुत आम बात है, मगर सरकारी अधिकारी द्वारा व्यंग्य लिखना आम नहीं है। लेखिका अपने समय को बारीकी से विश्लेषित करने में प्रयत्नशील हैं ताकि मानव समाज की बेहतरी के लिए साहित्य के माध्यम से विषमताओं पर प्रहार किया जाए। आज के समय में न्याय और सामयिक व्यवस्था से ऐसे सवाल करना बहुत कठिन है। विषय वैविध्य, व्यापक, प्रखर एवं सामाजिक सरोकारों से युक्त सकारात्मक सोच के साथ लेखिका स्वतंत्रचेता सृजनधर्मी के रूप में सिर्फ सरकारी क्षेत्र पर नहीं, बल्कि सामाजिक जीवन के प्रायः हर क्षेत्र— उद्योग-धंधों, पत्रकारिता और आम जन-जीवन में व्याप्त विसंगतियों से मुठभेड़ करती हैं। "
5 Pills For Depression & Stress
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: निराशा के समन्दर में गोते लगाते लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि ईश्वर ने हमें एक अद्वितीय मस्तिष्क दिया है, जो हमें कुछ भी प्राप्त करवा सकता है। हाँ, कुछ भी, जो भी हम पाना चाहें। अपनी क्षमताओं को शून्य मानकर स्वयं पर आई हुई मुसीबतों के बारे में सोच-सोचकर उनके सामने घुटने टेक देने को ही अवसाद कहते हैं और आजकल हम मनुष्यों में यह घुटने टेकने की प्रवृत्ति ही बढ़ती जा रही है। हम परेशान हैं, हम चिन्तित हैं, हम तनाव में हैं, हम अवसाद में हैं, हम चिड़चिड़े हो गए हैं, हम क्रोधित छवि बना चुके हैं...क्यों? क्योंकि हम ख़ुद से कभी नहीें पूछते कि 'आख़िर क्यों हम इन सब समस्याओं में उलझ गए?' यह किताब इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए लिखी गई है। तनाव और डिप्रेशन से यह किताब बिना किसी पिल्स (गोलियों) के ही मुक्ति दिलवाने में सक्षम है। यह कपोल कल्पना नहीं वरन् एक अत्यन्त व्यावहारिक पुस्तक है जो कि लेखक द्वारा हज़ारों रोगियों को दिए गए सफल क्लीनिकल परामर्शों से प्राप्त अनुभव पर आधारित है।.
Jeevanshatak
- Author Name:
Rajesh Prakash
- Book Type:

-
Description:
आज की भागम-भाग और चमक-दमक की जिन्दगी में पैसा है, गाड़ी-घोड़ा है, बँगला है, ए.सी. है, पद-प्रतिष्ठा है, बैंक बैलेंस, फैशन और न जाने क्या-क्या है! फिर भी आँखों से रातों की नींद गायब है। मन अशान्त है। मूड खराब है। डिप्रेशन एक पैनडेमिक के रूप में मानव जाति को खुली चुनौती दे रहा है। डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों के पास इलाज के नाम पर बहुत थोड़े बिकाऊ टिप्स और कुछ ट्रैन्कुलाइजर्स ही उपलब्ध हैं। अब लाख टके का सवाल यह है कि क्या तड़पती हुई मानव जाति को इन्हीं मनोचिकित्सकों और नींद की पेटेंट दवा देने वालों के सहारे छोड़ दिया जाए? या हमें कुछ ऐसा करना होगा कि हमारे जीवन में सुख और शान्ति अपने मूल रूप में वापस आ सकें।
दिगम्बर बन्दर से सूटेड-बूटेड मॉडर्न मानव बनने तक के करोड़ों वर्षों के सफर में हम विज्ञान, तकनीक एवं सुपर कम्प्यूटर के दम पर भस्मासुरी परमाणु बम तक बना चुके हैं। इस भूमंडल पर कुल मिलाकर जीवित प्राणियों की चौरासी लाख प्रजातियाँ बताई जाती हैं। उनमें से केवल इंसान ही इतना बलवान शैतान निकला, जिसने प्रकृति की ‘ग्रेविटी’ का शाश्वत नियम तोड़ दिया। वह पृथ्वी की कक्षा से बाहर भी छलाँग लगाने में सफल हो गया। ‘ग्रेविटी’ के अटल प्राकृतिक विधान को ध्वस्त करते हुए वह मंगल ग्रह पर भी अपनी दस्तक दे चुका है।
इतने बड़े-बड़े कारनामे करते-करते हम शायद यह भूल ही गए कि औसतन 70 किलोग्राम के मनुष्य-शरीर में लगभग 1 किलोग्राम से भी कम वजन वाले अति जटिल ब्रेन-पिंड के लिए कुछ और भी चाहिए। उसको विकास की अंधी दौड़ न तो वर्तमान में दे पा रही है और न ही भविष्य में दे पाएगी। मन व्यथित है। दिलो-दिमाग पर अवसाद के काले बादल घनघोर घटाओं के रूप में छाये हुए हैं। लोग आए दिन आत्मघात कर रहे हैं। इस अवसाद की महामारी ने भारतीय परम्परा में जन्म-जन्मान्तर तक टिकाऊ माने जाने वाले पति-पत्नी के सम्बन्धों में भी उथल-पुथल एवं टूटन मचा दी है। अब दावे के साथ कोई यह नहीं कह सकता कि आज सम्पन्न हुआ शुभ विवाह कब अशुभ तलाक में नहीं बदल जाएगा? आखिर किसी को तो आगे आना होगा, जो मनुष्य जाति के लिए असाध्य साबित हो रही मानसिक अव्यवस्था को व्यवस्थित करने का मार्ग प्रशस्त कर सके।
दुनिया में सर्वकाल और सर्वसमाज में मानव व्यथा को निवारित करने के लिए विद्वान एवं एकेडेमिया रास्ता दिखाते रहे हैं। इसी कड़ी में ‘जीवनशतक’ नामक इस पुस्तक में आज की दुनिया में मानव जीवन के समक्ष खड़ी चुनौतियों का सामना करने एवं सद्जीवन का शतक पूरा करने के लक्ष्यार्थ कथ्य को 100 अध्यायों में समाहित किया गया है।
Manager Nahin Smart Manager Banen
- Author Name:
R Gopalakrishnan
- Book Type:

- Description: यह ऐसी पुस्तक नहीं है, जिसमें प्रसिद्ध और महान लोगों की कहानियों से आपको कुछ सीखने के लिए कहा जाए। इस पुस्तक में आम लोगों की कहानी है, जिनमें असफल प्रबंधक भी शामिल हैं। इसमें ऐसी कहानियाँ हैं, जो लोगों को अपनी स्वयं की कहानी लग सकती है, या कि वे इन कहानियों को स्वयं से जोड़कर देख सकते हैं। यह पुस्तक चार खंडों में बँटी है। पहले खंड में एक व्यक्ति के करियर की कहानी है। इस कहानी के माध्यम से ही फ्रेमवर्क की व्याख्या की गई है। आगे के तीन खंडों में मैनेजरों की तीनों दुनिया की झलक प्रस्तुत की गई है—ये हैं आंतरिक दुनिया, संबंधों की दुनिया और तीसरी वह दुनिया, जिसमें उसके काम होते हैं। पुस्तक की एक विशेषता यह भी है कि यह पूरी तरह से प्रयोगों पर आधारित है। एक-एक घटना अथवा कहानी वास्तविक जीवन से जुड़ी है, बस पात्रों के नाम बदले हुए हैं। ये घटनाएँ व कहानियाँ लेखक के अपने या सहयोगियों के अनुभवों पर आधारित हैं।यह पुस्तक आपकी मैनेजमेंट क्षमता को नया आयाम देगी, आपकी ‘स्मार्टनेस’ बढ़ाएगी। इसके अध्ययन और मनन से आप अपने कौशल को बढ़ा पाएँगे और स्मार्ट मैनेजर बनकर सफलता का नया अध्याय लिखेंगे। मैनेजरों को सफल मैनेजमेंट के गुरुमंत्र बतानेवाली प्रैक्टिकल हैंडबुक।
Eco-Living Starts At Home
- Author Name:
Sheetal Kumar Niranjan
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book is packed with practical tips, budget-friendly options and solutions that provide a clear roasmap to help you make changes in your life and contribute to building a more sustainable future.
Swami Vivekananda Ke Success Siddhant
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद के सक्सेस सिद्धांत -- * हम जो बोते हैं, वो काटते हैं। हम स्वयं अपने भाग्य के विधाता हैं। हवा बह रही है, वे जहाज, जिनके पाल खुले हैं, इससे टकराते हैं और अपनी दिशा में आगे बढ़ते हैं, पर जिनके पाल बँधे हैं, हवा को नहीं पकड़ पाते। क्या यह हवा की गलती है ? * हमारा कर्तव्य है कि हम हर किसी को उसका उच्चतम आदर्श जीवन जीने के संघर्ष में प्रोत्साहित करें और साथ-ही-साथ उस आदर्श को सत्य के जितना निकट हो सके, लाने का प्रयास करें। * जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान् पर विश्वास नहीं कर सकते। भला हम भगवान् को खोजने कहाँ जा सकते हैं, अगर उसे अपने हृदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते। ब्रह्मांड की सारी शक्तियाँ पहले से हमारी हैं | वो हमीं हैं, जो अपनी आँखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। * जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है, तब वह वास्तविक, भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकी सबकुछ भूल जाओ। स्वामी विवेकानंद अप्रतिम मेधा के धनी थे, जिन्होंने अल्पायु में ही मानव समाज को अपने ज्ञानकोष से समृद्ध किया। इस मंजूषा में प्रस्तुत हैं कुछ विचार-रत्न जो आपके सफल और सुखी भविष्य का पथ प्रशस्त करेंगे।
25 Success Business Stories
- Author Name:
Prakash Iyer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Garbha Sanskar - The Amazing Journey of Pregnancy
- Author Name:
A Happy Thoughts Initiative
- Book Type:

- Description: "खुशी, आश्चर्य और सराहना के साथ नए मेहमान का स्वागत कैसे करें ‘गर्भ संस्कार’ ऐसा संस्कार है, जिसे हमने अपने पूर्वजों से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के रूप में प्राप्त किया था लेकिन धीरे-धीरे समझ के अभाव में उसका महत्त्व कम होता गया। आज जब वैज्ञानिकों ने भी मान लिया कि संतान का मानसिक और व्यवहारिक विकास भी गर्भ में ही आरंभ हो जाता है और उसे उचित गर्भ संस्कार देकर बेहतर बनाया जा सकता है तो फिर से गर्भ संस्कार की उपयोगिता और महत्त्व को आधुनिक पीढ़ी द्वारा स्वीकारा गया है। ऐसे में ज़रूरत उभरती है एक ऐसी ‘गर्भ संस्कार’ समझ की, जो आज के समय की बात करे, आज की भाषा में बात करे, आज के उदाहरणों, चैलेंजेस् को सामने रखते हुए माता-पिता को सही रास्ता दिखाए। प्रस्तुत पुस्तक ऐसे ही उद्देश्य को लेकर लिखी गई है, जिसमें गर्भ संस्कार की प्राचीन मूल समझ को आधुनिक परिवेश के ढालकर प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक हमें सिखाती है- • अपने साथ-साथ अपने गर्भस्थ शिशु का भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक विकास कैसे करें, उसे संत संतान कैसे बनाएँ? • गर्भावस्था में हमारा आहार, विचार, व्यवहार कैसा होना चाहिए। • गर्भस्थ शिशु में अच्छे गुणों का कैसे विकास करें, उसे बुरी आदतों और दुर्गुणों से कैसे दूर रखें। • गर्भस्थ शिशु को ऐसा वातावरण कैसे दें, जिसमें उसका हर तरह से सर्वोत्तम विकास हो। • गर्भस्थ शिशु के मन में परिवारजनों के प्रति प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का भाव कैसे जगाएँ। • प्रसव की पूर्व तैयारी कैसे करें। ये सब आप सीखनेवाले हैं एक रोचक कहानी और उसके पात्रों के ज़रिए, जिनके सवालों में और समस्याओं में आपको अपने सवालों और समस्याओं की झलक मिलेगी, साथ ही मिलेगा उन्हें सुलझाने का सरल एवं उत्तम मार्गदर्शन।"
Sochiye Aur Aamir Baniye
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: हज़ारों मील का सफ़र शुरू होता है आपके इसी दिमाग़ से। आप जो चाहें वो बन सकते हैं। लेकिन आप बनना क्या चाहते हैं? यहीं तो उलझाव है, आप एक साथ बहुत कुछ बनना चाहते हैं, जिसे देखते हैं वैसा ही बनना चाहते हैं, थोड़ी देर बाद उसे भी भूलकर कुछ और होना चाहते हैं। क्या यह बात ग़लत है? नहीं न! तो, यह किताब जो पहली चीज़ सिखाती है वह यह है कि किसी चीज़ कैसे चाहें। यह चाहने की तरकीबें सिखाती है। इन तरकीबों को अनगिनत सफ़ल लोगों के अनुभवों के वैज्ञानिक विश्लेषण से विकसित किया गया है। और इस सबको इतनी आसान भाषा में समझाया गया है कि कोई भी समझ सकता है। यह सामान्य किताब नहीं, अमीर बनने की कार्यशाला और हमेशा साथ रखने वाली हैंडबुक है।
Your Attitude Defines Your Success
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Your attitude is the foundation of your success. It shapes the way you perceive challenges, interact with others, and navigate life's uncertainties. This book is a powerful guide that explores how cultivating the right mindset can unlock endless opportunities, foster resilience, and lead to a more fulfilling life. Imagine life as a vast room filled with doors-each one leading to new possibilities, happiness, and growth. The key to unlocking these doors lies in your attitude. A negative outlook can cloud your vision, making problems seem insurmountable, while a positive attitude allows you to see solutions, embrace change and seize opportunities with confidence. Backed by psychological research and real-life examples, this book delves into the profound impact of attitude on personal and professional success. You will discover how a positive mindset strengthens relationships, enhances creativity, builds self-confidence, and even improves physical well-being. Your future is shaped by the way you think and choose to see possibilities, embrace growth, and define your own path to success. Let this book be the first step in your journey toward a better, more empowered you
A Cut Above The Normal
- Author Name:
Dr. A.P. Maheshwari
- Book Type:

- Description: One may not be missing out much by not reading this book. However, for those who are looking for various vectors to align their lives when its wheels go astray, this book offers some real life solutions emanating the experiences emerging from the life of a common man. Given the volatility of the human mind and its senses, the book throws light on how to chart the course of life ahead by making spirituality the prop of our lives. Based on various discussions and dialogues between father and son, the book leads us to understand and reaffirm the art of �living� and the art of �leaving�. It offers the way to understand Kabir & beyond from the perspective of an experiential self.
Bhavnaon Ke Toofan Mein Bhi Mahak Sakati Hai Yeh Jindagi !
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: हम जिन भावनाओं को महसूस करते हैं उनसे कभी अपराधबोध अनुभव करने की जरूरत नहीं है, ऐसी भावनाओं का अनुभव तो सभी करते हैं। जब कभी हम अत्यन्त नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करते हैं, तो भीतर-ही-भीतर खूब क्षोभ महसूस करते हैं। वास्तव में यह क्षोभ उसी मान्यता से जन्म लेता है कि हममें नकारात्मक भावनाएँ नहीं उठनी चाहिए, ऐसी नकारात्मक भावनाएँ पैदा होना बहुत बुरी बात है।
Achchha Vakta Kaise Banein?
- Author Name:
Shivprasad Bagdi
- Book Type:

- Description: अभिव्यक्ति के प्रत्यक्ष और सबसे सशक्त माध्यम 'भाषण' के मनोविज्ञान पर यह उपयोगी व महत्त्वपूर्ण पुस्तक न केवल विद्यार्थियों के लिए ज़रूरी है, बल्कि उन उच्च पदासीन लोगों के लिए भी अनिवार्य है जो भाषण देने से परहेज़ करते हैं। वस्तुतः भाषण एक सकारात्मक मनःस्थिति से पैदा होता है जिसके संगठन में दृढ़ इच्छा-शक्ति और आत्मविश्वास के अलावा विचारों की चयनात्मकता, आकार व प्रस्तुति आदि आवश्यक हैं। और यह तय है कि अपने आप को अभिव्यक्त कर सकने का सुख जीवन में आशा, उत्साह और प्रसन्नता भरता है जो सफलता के लिए बहुत ज़रूरी है।
The art of public speaking
- Author Name:
Dale Carnagey
- Book Type:

- Description: The Art of Public Speaking Dale Breckenridge Carnegie was an American writer and lecturer and the developer of famous courses in self-improvement, salesmanship, corporate training, public speaking, and interpersonal skills. Born in 1888 in Maryville, Missouri, Carnegie was a poor farmer's boy whose first job after college was selling correspondence courses to ranchers; then he moved on to selling bacon, soap, and lard for Armour & Company. He was successful to the point of making his sales territory of South Omaha, Nebraska the national leader for the firm. Carnegie's first collection of his writings was Public Speaking a Practical Course for Business Men (1926), later entitled Public Speaking and Influencing Men in Business (1932). His major achievement, however, was when Simon & Schuster published How to Win Friends and Influence People.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book