Gairsarkari Sangthan
Author:
Rajendra Chadrakant RayPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Self-help0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Unavailable
भारत सहित पूरे संसार में ग़ैर-सरकारी संगठनों का एक आन्दोलन ही इन दिनों सक्रिय है। इस माध्यम से सजग नागरिकों के द्वारा अपने समुदाय और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने में एक इतिहास ही रच दिया गया है।</p>
<p>पर ग़ैर-सरकारी संगठन का निर्माण कर लेना जितना सरल है, उसका निर्वाह करना उसकी तुलना में कहीं अधिक जटिल है। सामान्य तौर पर सरकारें ग़ैर-सरकारी संगठनों के साथ काम करने को उत्सुक रहती हैं, परन्तु भारत जैसे देश में नौकरशाही इनसे अप्रसन्न ही बनी रहती है। राजनैतिक प्रतिरोध भी कुछ कम नहीं होता।</p>
<p>तब भी एक बेहतर सोच लेकर चलनेवाले लोगों के लिए काम करने और नतीजे निकाल लाने की सम्भावना कुछ कम नहीं है। आख़िर वे कौन से तत्त्व हैं, जो एक समर्पित ग़ैर-सरकारी संगठन की वास्तविक पूँजी होते हैं। ऐसे ही सवालों से जूझती है यह पुस्तक।
ISBN: 9788126717835
Pages: 176
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
101 Lessons To Be A Damn Good Speaker! (for Anyone Who Wants to Stand in Front of an Audience to Inspire and Achieve)
- Author Name:
Anukriti Bansal +1
- Book Type:

- Description: 101 Lessons to be a Damn Good Speaker! focuses on new as well as veteran speakers and provides a handy book of never to be forgotten nuances of speech. This book brings to you real-time lessons, learnings, insights and takeaways from India's largest network of speakers and experts - Speakin. It is Speakin's official guide on being a five-star speaker in front of audiences of any shape and size. The book is segmented into three sections —1. Content, 2.—Delivery, and 3.—YOUR Brand as a Speaker. I am sure this book will open you up to a fascinating world of speech and delivery. Happy Speakın!
Apane Parivar Ko Khush Kaise Rakhen
- Author Name:
Promod Batra
- Book Type:

- Description: एक परिवार अपने सदस्यों से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण होता है। पति, पत्नी, पुत्री, पुत्र, दादा-दादी, चाचा-चाची और नाती-पोते—इन सबकी एक परिवार में अपनी-अपनी जरूरतें, उत्तरदायित्व, विचार और कार्य होते हैं। सभी के अपने-अपने गुण-अवगुण, कमजोरियाँ, व्यक्तिगत लक्षण और व्यक्तित्व होते हैं। इन सबमें परस्पर संवाद द्वारा एक-दूसरे से मतभेद, संघर्ष भी हो सकता है या फिर खुशी की प्राप्ति और प्रत्येक सदस्य के प्रति कुछ अच्छा करने की सद्भावना भी आ सकती है। पुस्तक में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है—बड़ों के लिए और बच्चों के लिए, नवविवाहितों के लिए और विवाहितों के लिए, पति व पत्नियों के लिए, पुत्र व पुत्रियों के लिए, ससुरालवालों के लिए, दादी-दादा व नाती-पोतों के लिए भी संदेश हैं। इसलिए इस पुस्तक का कोई भी भाग परिवार के किसी भी सदस्य के लिए अप्रासंगिक नहीं है तथा पाठक चाहे परिवार में किसी भी स्थिति में हों, इस पुस्तक का पूरा लाभ उठाने के लिए इसके प्रत्येक भाग को पढ़ें, जिससे कि परिवार में अपनी स्थिति को समझ सकें। अगर हम आनंददायक विचारों को सोचेंगे तो खुश होंगे; अगर हम दयनीय विचारों को सोचेंगे तो दयनीय होंगे। अगर हम कायरतापूर्ण विचारों को सोचेंगे तो कायर बन जाएँगे। खुशी जीवनदायी फसल है, तनाव जंगली घास के समान है। आप किसे चुनते हैं?
31 Habits of Winning
- Author Name:
Deepak Anand
- Book Type:

- Description: 31 Habits ऑफ Winning' पुस्तक प्रमुख आदतों को विकसित करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका है, जो जीवन में सफलता और संतुष्टि की ओर ले जा सकती है। पुस्तक में लक्ष्य निर्धारित करने तथा समय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने से लेकर अनुकूलन करने और सकारात्मक रिश्तों को बढ़ावा देने तक विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। प्रत्येक अध्याय को पाठकों को अपने जीवन में इन आदतों को विकसित करने में मदद करने के लिए विस्तृत अंतर्दृष्टि, व्यावहारिक सुझाव और प्रेरणादायक कहानियाँ प्रदान करते हुए रचित किया गया है। यह पुस्तक आत्म-अनुशासन, प्रतिकूल परिस्थितियों में अनुकूलन और समय प्रबंधन की कला जैसे विषयों पर भी प्रकाश डालती है, जो पाठकों को उनके दैनिक जीवन में लागू करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ प्रदान करती है। यह निरंतर सुधार के महत्त्व पर जोर देती है, पाठकों को प्रतिक्रिया लेने, एक मजबूत कार्यनीति विकसित करने तथा स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करती है। आप अपने रिश्तों को बेहतर बनाना चाहते हों, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहते हों या बस एक अधिक संतुष्टिदायक जीवन जीना चाहते हों तो '31 Habits ऑफ Winning' में इन आदतों को विकसित करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका दी गई है।
Har Din 24 Ghante Kaise Jiyen
- Author Name:
Arnold Bennett
- Book Type:

- Description: समय की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आप एडवांस में बरबाद नहीं करते। अगला वर्ष, अगला दिन, अगला घंटा आपके उपयोग के लिए तत्पर है--संपूर्णता में बिना किसी रुकावट के। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप जीवन में एक क्षण भी व्यर्थ न करें। आप चाहें तो हर क्षण, हर घंटे एक नए अध्याय का सूत्रपात कर सकते हैं। एक घंटे, डेढ़ घंटे, यहाँ तक कि दो घंटे पहले उठ जाएँ और अगर जागना संभव न हो तो रात को जल्दी सो जाएँ। जहाँ तक बेहद मुश्किल कामों की बात है, तो जो काम आप शाम के दो घंटे में करेंगे, वही सुबह एक घंटे में हो जाएगा। आपको रोजाना के इस चौबीस घंटे को ही जीना है। इसी से आपको स्वास्थ्य, सुख, संपत्ति, संतुष्टि, सम्मान और अपनी अमर आत्मा के उत्थान को हासिल करना है। इसका उचित इस्तेमाल, इसका सबसे प्रभावी उपयोग बेहद जरूरी विषय और सबसे रोमांचक वास्तविकता भी है। सबकुछ इसी पर निर्भर है। आपकी खुशी, मुश्किल से हासिल होनेवाली दौलत, जिसे मुट्ठी में करने की कोशिश आप सभी कर रहे हैं, साथियो, वह इस पर ही निर्भर करती है।>इसी पुस्तक से समय के सदुपयोग और अपनी दिनचर्या को निर्धारित करने के विषय में व्यावहारिक सूत्र बताती यह पुस्तक आपको जीवन जीने और आनंदित रहने की एक नई दृष्टि देगी |
Ek Bargad Ki Chhaon Mein
- Author Name:
Himanshu Manglik
- Book Type:

- Description: ‘एक बरगद की छाँव में’ कोई कहानी या उपन्यास नहीं है। न ही यह कविताओं का संकलन है। एक तरह से यह कृति उस बरगद को नमन है, जिसकी छत्रच्छाया में हम जीवन जीना सीखते हैं। बरगद वह होता है, जो हमें न सिर्फ छाया देता है, बल्कि हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है; जो हमें सिखलाता है कि अपनी शख्सियत बनाओ और सिद्धांतों के आधार पर ऐसे चलो कि सिर उठाकर जी सको। ये रचनाएँ हमारे भीतर के विभिन्न पहलुओं से पाठकों का परिचय करवाएँगी— बल, साहस, करुणा, कठोरता, प्रीत, धर्मनिरपेक्षता, विश्वास, गलत के खिलाफ आवाज उठाने की क्षमता, सहनशीलता और इस तरह के कई अन्य पहलू। ये सारे पहलू हरेक व्यक्ति के भीतर छिपे होते हैं, किंतु हम उन्हें न तो समझ पाते हैं और न उन्हें पनपने देते हैं, क्योंकि हमें जैसी परवरिश मिलती है, हम वैसे ही अपने आपको ढालते हैं। हरेक माता-पिता का दायित्व है कि एक बरगद के वृक्ष के समान हमें ऐसे प्रोत्साहित करते रहें कि हम परिस्थितियों को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखने की क्षमता बढ़ा सकें। सही मायने में जीवन में सबसे ज्यादा अहमियत दृष्टिकोण की होती है। आवश्यक है कि आज हर व्यक्ति एक छोटा सा बरगद बन सके। यह इस संकलन का सार है कि कैसे हम अपने भीतर की भावनाएँ जाग्रत् कर सकें और स्वयं एक बरगद बन सकें।
Vriddhvastha Mein Sukhi Jeevan
- Author Name:
Satendra Nath Ray
- Book Type:

- Description: "बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती, अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है, जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है, वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान, सुख क्या है और कहाँ?, जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें, जिनकी हमें जरूरत नहीं है, जो हानिकारक हैं। पान, पान मसाला, खैनी, शराब, मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं, अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है, अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब, क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है, सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं। "
Sakaratmak Soch
- Author Name:
C. S. Mishra
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक के मूल स्वरूप में ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ की संजीवनी से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हेतु परस्परता की कड़ी को ‘प्रबन्धन’ की चाबी से जोड़ने का अभूतपूर्व सोपान तैयार किया गया है।
आप पर सदैव के लिए, आपके अतीत का बोझ नहीं लादा जा सकता है। आपको यह विकल्प उपलब्ध है कि आप नकारात्मकता को पीछे छोड़ दें और सकारात्मकता को अपने साथ लेकर आगे चलें और यह अच्छा ही है कि कड़वी स्मृतियों को पीछे छोड़ दिया जाए। बोझ का नकारात्मक आकार असुरक्षा, निम्न आत्मसम्मान, भय, क्रोध, संशय आदि है। कभी-कभी वे आपके अवचेतन मन में इतने गहरे दबे हुए होते हैं कि उन्हें समूल उखाड़ फेंकना बड़ा कठिन होता है। यदि आप नकारात्मक दृष्टिकोण का बोझ उठाए चलते हैं, तो आपके ऐसा सोचने की प्रबल सम्भावना है कि अतीत में जो कुछ आपके साथ हुआ है, भविष्य में भी वैसा ही होगा। आज के चुनौती-भरे संसार में यह महत्त्वपूर्ण है कि आप में उत्साह हो और इससे भी ऊपर अपने जीवन के सभी पहलुओं के विषय में आपमें सकारात्मक चिन्तन हो। विचार-प्रबन्धन, अपने नकारात्मक चिन्तन को सकारात्मक चिन्तन में बदल देने के अलावा और कुछ नहीं है। यदि आपने नकारात्मक भावों और विचारों पर विजय पाने के लिए स्वयं को तैयार करने का निर्णय कर लिया है, तो इसके लिए समझो, आपने एक सही पुस्तक का चयन कर लिया है।
यह पुस्तक आपको अपने विचारों को नकारात्मक से हटकर सकारात्मक विचारों में परिवर्तित करने और उनका अच्छा प्रबन्धन करने के अनेक तरीक़े एवं भरपूर साधन प्रदान करती है।
The Power of Focus
- Author Name:
Jack Canfield +2
- Book Type:

- Description: दस साल पहले जब ‘द पावर ऑफ फोकस’ पुस्तक लॉञ्च की गई थी, तब लेखकत्रयी यह नहीं जानती थी कि बाजार में इसे किस रूप में लिया जाएगा! पर इस पुस्तक ने अपूर्व सफलता पाई और उस समय से ही दुनिया भर के लाखों लोगों की जबरदस्त माँग से वे अभिभूत हैं। हर अध्याय में विभिन्न प्रकार की रणनीतियाँ और तकनीक हैं, जिन्हें किस्से और प्रेरक कहानियों का समावेश करके दमदार और प्रभावशाली बनाया गया है। हर अध्याय नई रणनीतियों के समूह से परिचय कराता है, किसी ऐसी विशेष आदत पर केंद्रित होता है, जिससे आपको फोकस करने और बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता मिलती है। प्रत्येक अध्याय में आपको यहाँ-वहाँ लेखकों की व्यक्तिगत कहानियाँ और उपाय मिलेंगे—क्या उनके काम आया और वह भी, जो काम नहीं आया! जीवन में लक्ष्य निर्धारित करके एकाग्र होना, यानी फोकस करना बहुत आवश्यक है। यह ‘फोकस’ ही सफलता के द्वार खोलेगा और आपकी उन्नति-प्रगति सुनिश्चित करेगा।
Sudha Vani-Sudhi Vani
- Author Name:
Ranga Hari
- Book Type:

- Description: समाज में सुसंस्कार, नैतिकता व उच्च जीवन-मूल्यों की स्थापनार्थ सुभाषित अत्यंत प्रभावी साधन हैं। सुभाषितों का उपयोग वेद काल से होता आया है। वेदों में प्रचुर संख्या में सुभाषित संकलित हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं पर संस्कारों के संवहन हेतु दैनंदिन सुभाषितों का उपयोग किया जाता है। देश-प्रेम, समाज-हित, धर्म अर्थात् कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र के लिए सर्वस्व समर्पण की प्रेरणा देनेवाले संस्कृत सुभाषित, महापुरुषों के अमृत वचन एवं प्रेरणादायी गीत संघ के नियमित बौद्धिक कार्यक्रमों के प्राण हैं। ऐसे ही अनगिनत सुभाषितों की निधि में से समाज में सामयिक व सतत सुसंस्कार निर्माण करनेवाले कुछ उपयोगी सुभाषितों व उनकी समाजोपयोगी सरल व्याख्या माननीय रंगाहरिजी ने इस पुस्तक में प्रस्तुत की है। यह संकलन संस्कारों के ज्ञान-यज्ञ की अग्निशिखा के प्रज्वलन की प्रारंभिक आहुति है। सत्यनिष्ठा, राष्ट्रभक्ति, परिवार-निष्ठा, वृद्ध व असहाय जनों के प्रति कर्तव्य, प्रेरणा, तथा प्रकृति, सृष्टि व समष्टि से एकात्मता के प्रेरक, उच्च आदर्शों, नैतिकता एवं उच्च जीवन-मूल्यों के संवाहक ये सुभाषित, हमारे इतिहास, संस्कृति, प्राचीन वाङ्मय तथा महापुरुषों के प्रति निष्ठा का संवर्धन करेंगे।
Every Child Matters
- Author Name:
Kailash Satyarthi
- Book Type:

- Description: Society has celebrated children even as it has denied fundamental rights and dignity to millions of them. Mass movements and social awareness against injustices like child labour, lack of access to health and education, child sexual abuse and trafficking have been catalysed by reformers like Nobel Peace Laureate Kailash Satyarthi. As a result of his untiring efforts, child labour is now universally considered to be a social evil that has to be abolished. Equally important, societies and governments across the world have accepted that access to quality education is the fundamental right of every child. Even as he has fought for justice and dignity for children, Mr. Satyarthi has found time to provoke, inspire and illuminate young minds by writing about children, their dreams and the power of their humanity. This book is a compilation of columns and interviews which highlight the continuing struggle to create safe childhoods. Readers will find much to introspect after going through this collection.
Subconscious Mind se Super Safalta
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kaise Banain balak Sanskari Aur Swasth
- Author Name:
Prem Bhargav
- Book Type:

- Description: जिज्ञासा मानव-विकास की आदि एवं मूलभूत आवश्यकता है। उसकी रक्षा से ही हम समाज को विकसित, सम्पन्न एवं उन्नत बना सकते हैं। पर प्रायः देखा जाता है कि व्यस्त माता-पिता बच्चों के प्रश्नों से खीज जाते हैं और उनको सदैव अपने काम में बाधा उपस्थित करनेवाले प्राणी समझते हैं। उनको उद्दंड और मूर्ख ठहराकर उन्हें चुप करा देते हैं और उनकी जिज्ञासा प्रवृत्ति को कुचल देते हैं। ऐसे बालक ख़ुद को उपेक्षित, अनभीष्ट और प्रेमवंचित महसूस करते हैं। इसका परिणाम बहुत ही भयावह होता है। बालक संसार में सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। बालक के भावनात्मक विकास के लिए पिता के अधिकार, माँ के ममत्व और भाई-बहन की उदारता एवं सौहार्द की बहुत आवश्यकता है। ऐसा न होने पर उसके मन में भाँति-भाँति की ग्रन्थियाँ पड़ जाती हैं, जो भविष्य में उसके सारे व्यवहारों को प्रभावित करती हैं। कई बार देखा गया है कि पिता के बढ़ते वर्चस्व को देखकर माँ में असुरक्षा की भावना घर करने लगती है। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए वह अपनी ही बात मनवाना चाहती है, पिता के बीच में बोलने पर रोक देती है, ऐसी स्थिति में बच्चे उद् दंड और बदतमीज़ हो जाते हैं। पिता को अहमियत नहीं देते। इसके विपरीत माँ के डाँटने-मारने के समय यदि पिता बच्चों का पक्ष लेता है तब भी बच्चे बिगड़ जाते हैं और माँ का सम्मान नहीं करते। वास्तव में होना यह चाहिए कि यदि माँ किसी ग़लत बात पर डाँट रही है, तो पिता को चाहिए कि बीच में न बोले और पिता कुछ कह रहा है, तो माँ उस समय चुप रहे।
Swami Vivekananda Se Seekhen Leadership Ke Gurumantra
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: स्वामी विवेकानंद युगप्रवर्तक थे। पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े भारतवर्ष की स्वाधीनता के लिए उन्होंने निराश समाज को जाग्रत किया; उसकी पराजित मनस्थिति को संबल दिया। उनके विचार जटिल थे और तत्समय की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर आधारित थे। तत्कालीन समाज पतन की ओर अग्रसर था और तरह-तरह के अंधविश्वासों में जकड़ा हुआ था। विवेकानंद इससे दुःखी और परेशान थे। अंग्रेज औपनिवेशिक शासन के कुप्रभावों से भी वे अनजान नहीं थे। विवेकानंद का सबसे बड़ा योगदान यह था कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए संघर्ष को आध्यात्मिक आधार दिया और नैतिक व सामाजिक दृष्टि से हिंदू समाज के उत्थान के लिए काम किया। यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद के नेतृत्वकर्ता के अप्रतिम विचारों का मणिरत्न है। इसका अध्ययन कर हर वर्ग के पाठक अपनी आत्मिक, आध्यात्मिक एवं वैयक्तित्व उन्नति का पथ प्रशस्त कर सकते हैं और जीवन में सुख-संतोष-सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
Success Principles of Jack Ma
- Author Name:
Shikha Sharma
- Book Type:

- Description: One of the widely recognized names amongst Entrepreneurs in China, Jack Ma is a leader with perseverance and foresight. He is the co-founder and former executive Chairman of Alibaba Group. In this book, the reader will learn the success principles used by Jack Ma throughout his life to become a successful business magnate from an English teacher earning ten dollars a month. These principles have been explained in a simple and understandable language. The author has used Jack Ma's personal life experiences in the context to explain how he has applied the success principles in his life. Successfully implementing these principles in your life will help you to achieve success in all your endeavours.
Mahan Chanakya Ki Jeevan Gatha
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shreshtha Banne Ke Marg Par 7 Divine Laws
- Author Name:
Swami Mukundananda
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Aakhir Aatmahatya Kyon?
- Author Name:
H.L. Maheshwari
- Book Type:

-
Description:
दुनिया भर में होने वाली आत्महत्याओं में से 14 प्रतिशत अकेले भारत में होती हैं। इसकी प्रमुख वजहें हैं—तनाव, दुश्चिन्ता और अवसाद। ये स्थितियाँ मानसिक दबाव की ओर धकेलती हैं। बार-बार मानसिक दबाव झेलने वाला व्यक्ति परिवार और रिश्तेदारों से कटने लगता है। उसे ज़िन्दगी बेकार लगने लगती है और आत्महत्या कर लेना उसे इन तमाम झंझटों से छुटकारा पाने का एकमात्र रास्ता नज़र आने लगता है।
आँकड़ों के अनुसार भारत में वर्ष 2022 में आत्महत्या के 1,79,044 मामले सामने आए। वर्ष 2021 में यह आँकड़ा 1,64,033 था। जाहिर है, यह लगातार गम्भीर होती जा रही समस्या है। तेजी से बदल रहे सामाजिक-आर्थिक माहौल में बच्चों और युवाओं से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक, आए दिन प्रतिकूल परिस्थितियों से रूबरू हो रहे हैं। ऐसे में यह किताब उन्हें वैज्ञानिक और व्यावहारिक ढंग से अवांछित परिस्थितियों और नकारात्मक मनोभावों से उबरने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर रचनात्मक बनाने में कारगर होगी।
Satya-Vrat Katha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

-
Description:
यह प्रबन्धन का युग है। हर क्षेत्र में हर बात में प्रबन्धन है। जीवन में सफलता अर्जित करने के जितने सूत्र हैं, उनमें से एक प्रमुख है सत्य और सत्य का भी अपना प्रबन्धन होता है। वैसे तो ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ बहुत प्राचीन है लेकिन इसमें प्रबन्धन के जो सूत्र आए हैं, वे बिलकुल नवीन हैं, आज के लिए उपयोगी हैं और हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करते हैं। इस कथा में पाँच अध्याय हैं और प्रत्येक में प्रबन्धन के गूढ़ सूत्र हैं। पहले अध्याय में सेवा प्रबन्धन, दूसरे में सम्पत्ति प्रबन्धन, तीसरे में सन्तान प्रबन्धन, चौथे में संघर्ष प्रबन्धन और पाँचवें में संस्कार प्रबन्धन को देखा जा सकता है।
हम देख रहे हैं कि वर्षों से अनेक परिवारों में, कई स्थानों पर ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ हो रही है। हमने ही इसको एक पारम्परिक, पारिवारिक और सामान्य-सा धार्मिक आयोजन बना दिया है। या तो हम स्वयं कथा करते हैं या किसी विद्वान् से करवाते हैं। पंडित जी आते हैं, संस्कृत या हिन्दी में कथा करते हैं। घर की महिलाएँ रसोईघर में प्रसाद बनाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे इस दिन जितना हो सके उपद्रव कर लेते हैं। यजमान या तो फ़ोन सुनेंगे या कौन आया, कौन नहीं आया यह सब देखने में ही उनका समय बीत जाता है। कथा आरम्भ होती है, कथा समाप्त हो जाती है। हमने इसको एकत्र साधारण-सा आयोजन बना दिया है। यह कथा ऐसी सामान्य कथा नहीं है। इस कथा के पीछे भाव यह है कि जीवन में ‘सत्य’ उतरे। इस कथा में दो प्रमुख विषय हैं। एक है संकल्प की विस्मृति और दूसरा है प्रसाद का अपमान। संकल्प की विस्मृति और प्रसाद का अपमान ये दो थीम हैं, जिनके आसपास यह कथा चलती है। संकल्प, जीवन में सत्य उतारने का। इसका प्रसाद क्या है? क्या पंजीरी या शुद्ध घी में बना हुआ हलवा...? वास्तव में ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ का प्रसाद है ‘सत्य’।
तो जीवन में जो भी सत्य को विस्मृत करेगा, जब-जब भी उसको भूल जाएगा, तब-तब परेशानी में पड़ेगा। जीवन में जब-जब भी हम सत्य के प्रसाद का अपमान करेंगे यानी सत्य का अपमान करेंगे, तब-तब हम अपने-आप को संकट में पाएँगे। इस कथा में जो प्रसंग आए हैं यदि उनके भाव को ठीक से समझा जाए तो स्पष्ट सन्देश निकलकर आता है कि यह सत्य के अन्वेषण की कथा है। इसमें विशेषता है कि सत्य के साथ नारायण जोड़े गए हैं। सत्य को नारायण का भगवान् का टेका, सहारा, आधार और बल दिया गया है।
Prasiddh Vaigyanik Aur Unke Aavishkaar
- Author Name:
Surjeet
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में उन्हीं साहसी, धुन के धनी लोगों की सच्ची कहानियाँ पेश हैं और इस उद्देश्य से प्रस्तुत की जा रही हैं कि उन्हें पढ़ने के बाद तुम्हारे मन में भी अपने राष्ट और देश से प्रेम उत्पन्न हो और तुम यह प्रतिज्ञा कर लो कि उन लोगों की तरह तुम भी कोई ऐसा कारनामा करोगे जो तुम्हारे देश और राष्ट्र के लिए लाभदायक सिद्ध हो। इस प्रकार राष्ट्र का बच्चा-बच्चा तुम पर और तुम्हारे कारनामों पर गर्व करेगा और तुम्हारा नाम सदैव के लिए जीवित हो जाएगा।
Safal Aur Ameer Banane Ke 16 Secrets
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: " यदि आप अपने लिए सही समय के आने तक इंतजार करेंगे तो समय कभी सही नहीं होगा। आपके पास जो है, उसी से बेहतरीन काम करें; जब जरूरत बढ़ेगी तो बाकी के साधन भी जुट जाएँगे। यदि आपको लगता है कि आप कर सकते हैं तो आप कर लेंगे। अमीरी और गरीबी दोनों ही सोच से पैदा होते हैं। आप जो सोचते हैं, काफी हद तक वही आपकी दुनिया होती है। इस धरती पर कोई भी आपसे अपनी इच्छा के अनुसार सोचने के अधिकार को छीन नहीं सकता। इस कारण, आपका भाग्य सदैव आपके प्रभावी विचारों की प्रकृति से जुड़ा रहता है। न कर्ज लीजिए, न दीजिए; क्योंकि इससे कर्ज व दोस्ती दोनों डूब जाती हैं और कर्ज लेने से परिश्रम की धार कुंद हो जाती है। —इसी पुस्तक से विश्वप्रसिद्ध लेखक नेपोलियन हिल की प्रभावी लेखनी के ये विचार-रत्न आपकी सोच को सकारात्मक करके आपके अमीर होने के पथ को प्रशस्त करेंगे। यह छोटी सी पुस्तक सफलता के हर पहलू की छानबीन करेगी, जो पैसों और सांसारिक साधनों से बना होता है। इसके साथ ही यह पुस्तक सफलता के लिए आवश्यक कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण तत्त्वों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी, जैसे कि परिवार, दोस्त और अच्छी सेहत। "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book