Statehood for Delhi?
Author:
S.K. SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789353229061
Pages: 192
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kasba "कस्बा" Stories Books | Some Intersting Stories Set Between City And Village
- Author Name:
Sanjay Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Empowering Indian Women
- Author Name:
Vivasvan Shastri +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Family Business Mein Safalta Kaise Payen? (Hindi Translation of How To Thrive In A Family Business)
- Author Name:
Ajay Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Avadh Narayan Mudgal Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Avadh Narayan Mudgal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Who Will Bring Ramrajya : of My Dream and How It Can Be Achieved
- Author Name:
Amit Sharma
- Book Type:

- Description: This book is a unique blend of creative and solution based ideas. This book was written after a thorough research on the problems in our country relating to politics, health, education, justice, corruption, etc. This book provides solutions which are realistic, achievable, acceptable and easily implementable. This book, not only provide you with solutions but also explain how the funds can be arranged to implement these solutions. There is also a chapter named ‘Re-engineering Thought Process’ which gives several insights on the psyche of citizens, authorities and general population and how can they improve. Read this book, you will enjoy and become aware of India's bright future if these solutions get implemented.
The Life and Times of Chandrashekhar Azad
- Author Name:
Bharat Bhushan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RATRIKALEEN SANSAD
- Author Name:
Neerja Madhav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pakistan-Bangladesh : Aatankvad Ke Poshak
- Author Name:
Arun Shourie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Champaran Mein Mahatma Gandhi
- Author Name:
Rajendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kyon Papa Kyon?
- Author Name:
Chitra Manglik Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Krantikari Sukhdev
- Author Name:
M. I. Rajasvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shri Radha: Dwapar Yug Ki Mahanayika
- Author Name:
Ashok Kumar Sharma
- Book Type:

-
Description:
भारत की पौराणिक परम्परा के प्राण-स्वरूप हैं श्रीकृष्ण और श्रीराधा के लीला-चरित्र का प्राण हैं उनकी अनन्य संगिनी श्रीराधा। उनको जाने बिना न तो श्रीकृष्ण को जाना जा सकता है न ही भारतीय संस्कृति के उस अन्तःकरण को, जहाँ जीवन और संसार के समस्त कार्य-व्यापारों के सुख-असुख से ऊपर प्रेम को प्रतिष्ठा प्राप्त है। वस्तुतः राधा प्रेम का मूर्तिभाव स्वरूप हैं जिनकी औपन्यासिक गाथा प्रस्तुत करती है यह पुस्तक।
श्रीराधा को लेकर कथा-किंवदन्तियों से लेकर परम्परा-पुराणों तक में इतनी कहानियाँ हैं जिनसे एक तो जन-मन को उनसे लगाव और उनके प्रति जिज्ञासा का संकेत मिलता है, दूसरी तरफ यथार्थ-अयर्थाथ का संशय भी उत्पन्न होता है। इस मायने में यह उपन्यास एक महत्त्वपूर्ण प्रस्थान माना जाना चाहिए जिसमें श्रीराधा के सम्बन्ध में फैली भ्रान्तियों का निराकरण कर उनकी प्रामाणिक कथा दी गई है।
राधा के बारे में सबसे बड़ी भ्रान्ति यह है कि उनसे श्रीकृष्ण का विवाहेत्तर सम्बन्ध था और पारिवारिक सम्बन्धों के लिहाज से वे उनकी मामी—श्रीकृष्ण की पालक माता यशोदा के भाई रायण/रायन या अभिमन्यु की ब्याहता—थीं। जबकि परम्परा यशोदा के एक ही भाई कुम्भव के अस्तित्त्व को स्वीकार करती है। इन्हीं कुम्भक ने राधा और उनके भाई श्रीदामा को अपनी सन्तान बनाकर जरासंध के क्रूर सैनिकों से बचाया था, जब इन बच्चों के माता-पिता की हत्या हो गई। इसी प्रकार एक बड़ा भ्रम यह भी है कि राधा और श्रीकृष्ण का विधिवत विवाह नहीं हुआ था। जबकि दोनों ने बलराम, अर्जुन, नन्द और यशोदा की उपस्थिति में अग्नि प्रदक्षिणा करके विवाह किया था। और यही श्रीकृष्ण का भी इकलौता वैवाहिक सम्बन्ध था जिसको उन्होंने अग्नि प्रदक्षिणा की थी।
परम्परा, पुराण, शास्त्र आदि तमाम स्रोतों के गहन अध्ययन-विश्लेषण पर आधारित एक अत्यन्त पठनीय उपन्यास।
O Ubbiri : Bhartiya Stree Ka Prajanan Evam Yaun Jivan
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

- Description: भारत में बारह में से ग्यारह गर्भपात ग़ैरक़ानूनी होते हैं, सन् 2001 की जनगणना के अनुसार देश के सबसे शिक्षित और सम्पन्न राज्यों में, प्रति हज़ार पुरुषों के मुक़ाबले स्त्रियों की संख्या में, ख़ासकर 0–5 के आयु वर्ग में, काफ़ी गिरावट आई है; और, भारतीय परम्पराएँ जहाँ प्रजनन और मातृत्व को पवित्र करार देती हैं, वहीं भारत सरकार की नीतियाँ और स्वास्थ्य सेवाओं का ज़ोर प्रजनन को नियंत्रित करने पर है। ये विरोधाभास वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका मृणाल पाण्डे के सामने तब आए जब वे भारतीय स्त्री के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए अपनी यात्रा पर निकलीं। अपने सफ़र में जल्द ही उन्हें मालूम हो गया कि यह सिर्फ़ भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और प्रजनन स्वास्थ्य के इतिहास का दस्तावेज़ीकरण भर नहीं है, बल्कि एक व्यापक यथार्थ का सामना करना है। स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत करने के लिए आर्इं महिलाओं से उनके अपने जीवन और शरीर के बारे में सुनकर उन्हें कुछ बड़ी वास्तविकताओं का बोध हुआ। नतीजा है स्त्रियों के जीवन के विवरणों से रची हुई यह कृति, जो हमें बताती है कि स्त्रियाँ अपने वातावरण से कैसे प्रभावित होती हैं, औरत और मर्द की सेक्सुअलिटी को लेकर उनकी धारणाएँ क्या हैं; इसके अलावा गर्भधारण के रहस्य, जन्म देने के सुख, बाँझपन के भय, ग़ैरक़ानूनी गर्भपात और किशोरियों की सूनी दुनिया—इन सबके ब्यौरों से यह पुस्तक बुनी गई है। मृणाल पाण्डे ने इस पुस्तक में जनसंख्या नीति और जनकल्याण में राज्य की भूमिका जैसे मुद्दों पर भी विमर्श किया है। और इस सबके बीच वे उन स्वयंसेवी संगठनों में अपना गहन विश्वास भी व्यक्त करती हैं, जिनकी कोशिशों के चलते स्त्रियाँ अपने जीवन की अँधेरी गलियों और ख़ामोशियों से बाहर आ रही हैं।
HAMARA DAINIK BHOJAN
- Author Name:
SATISH AHUJA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gita Mein Gyanyog
- Author Name:
Champa Bhatia
- Book Type:

- Description: दरणीया चंपा भाटिया की इस पुस्तक की पांडुलिपि से गुजरते हुए मैंने महसूस किया कि यह एक सहज-सरल आध्यात्मिक मन का स्वाभाविक प्रस्फुटन है। न कोई बनावट, न बुनावट। चंपाजी ने आध्यात्मिक-धार्मिक आयोजनों, समागमों में जो सुना, समझा और आत्मसात् किया, उसे जस-की-तस रख दिया है। इस पुस्तक में कहीं भी पांडित्य प्रदर्शन का प्रयास नहीं किया गया है। चंपा भाटिया कोई विदुषी नहीं हैं। वह एक गृहिणी हैं। वे घर-परिवार चलाने के लिए कारोबार भी सँभालती हैं। उसमें से समय निकालकर उन्होंने गीता के श्लोकों के अध्ययन-मनन के उपरांत आम लोगों की समझ में आनेवाली भाषा में तत्त्वज्ञान को निरूपित करने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में विभिन्न श्लोकों की व्याख्या करते हुए सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी कर्मों की चर्चा तो की गई है, लेकिन निष्काम कर्म (यानी कर्मों के फल का कोई बंधन न होना) को अत्यंत बरीकी से उकेरा गया है। इस पुस्तक में यह पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया गया है कि ज्ञाता और ज्ञेय की एकता ही ज्ञान है। ईश्वर को जानने के लिए तीन बुनियादी शर्तें इस पुस्तक में बताई गई हैं—इच्छा (जिज्ञासा), श्रद्धा और समर्पण। इतना अवश्य है कि इसके अध्ययन से जिज्ञासुओं को ईश्वर को जानने-समझने के लिए एक रोशनी जरूर मिलेगी। दूसरे शब्दों में कहें तो गीता के तत्त्वज्ञान के शोधार्थियों, अर्घ्यताओं के लिए यह पुस्तक पाथेय का काम करेगी, ऐसी आशा है। यह उन्हें संतृप्त भले ही न करे, लेकिन अतृप्त मन को तृप्ति की राह तो बताएगी ही। —बैजनाथ मिश्र पत्रकार एवं पूर्व सूचना आयुक्त, झारखंड
Lata Didi Aur Main
- Author Name:
Meena Mangeshkar-Khadikar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Vivekananda Quiz Book
- Author Name:
Virendra Yagnik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dansh
- Author Name:
Smt. Shobha Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nature, Science and Modern Life
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uth Jaag Musafir
- Author Name:
Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book