Munder Par
Author:
SuryabalaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9788194510949
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Pravas Aur Pravas
- Author Name:
Krishna Baldev Vaid
- Book Type:

- Description: कृष्ण बलदेव वैद हमारे वरिष्ठ लेखकों में बिरले हैं जिन्होंने साहित्य की अनौपचारिक विधाओं जैसे—डायरी, पत्र और संवाद में निरन्तर नवाचार किया है। इनमें उनकी बेबाकी, साफगोई, आत्मालोचन, विडम्बना-बोध आदि सब ज़ाहिर होते हैं। यह लम्बा संवाद उसी सिलसिले में है। जीवन और साहित्य दोनों को लम्बे समय से साधने की कोशिश में लगे वैद के अनुभव और विचार का रेंज बहुत व्यापक है और वे अपने समय, समाज, अध्ययन, लेखन, मित्रों, साहित्यिक और सांस्कृतिक स्थिति और तनावों आदि पर जो कहते हैं, वह एक साथ उन्हें समझने और हमारे समय में लेखक की स्थिति और विडम्बना को समझने में हमारी मदद करता है। इस लम्बे संवाद को रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम सहर्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। — अशोक वाजपेयी
Jyotipunj
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: ज्योतिपुंज—नरेंद्र मोदी संसार में उन्हीं मनुष्यों का जन्म धन्य है, जो परोपकार और सेवा के लिए अपने जीवन का कुछ भाग अथवा संपूर्ण जीवन समर्पित कर पाते हैं। विश्व इतिहास का निर्माण करने में ऐसे ही सत्पुरुषों का विशेष योगदान रहा है। संसार के सभी देशों में सेवाभावी लोग हुए हैं; लेकिन भारतवर्ष की अपनी विशेषता रही है, जिसके कारण वह अपने दीर्घकाल के इतिहास को जीवित रख पाया है। किसी ने समय दिया, किसी ने जवानी दी, किसी ने धन और वैभव छोड़ा, किसी ने कारावास की असह्य पीड़ा सही। भारतवर्ष की धरती धन्य है और धन्य हैं वे सत्पुरुष, जिन्होंने राष्ट्रोत्थान को अपना जीवन-धर्म व लक्ष्य बनाया और अनवरत राष्ट्रकार्य में लीन रहे। उन्होंने भारत के गौरवशाली अतीत को जीवंत रखा और सशक्त-समर्थ भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए अपने जीवन को होम कर दिया। ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ को जीवन का मूलमंत्र माननेवाले ऐसे ही तपस्वी मनीषियों का पुण्य-स्मरण किया है स्वयं राष्ट्रसाधक श्री नरेंद्र मोदी ने इस पुष्पांजलि ज्योतिपुंज में।
Sleep : It's Body Repair Time
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prabhavi Prashasakeeya Jeevan "प्रभावी प्रशासकीय जीवन" Book In Hindi - Dr. Taradatt
- Author Name:
Dr. Taradatt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Katha Ek Kans Ki "कथा एक कंस की" | A Classic Play of Theatre Book in Hindi
- Author Name:
Daya Prakash Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lady Susan
- Author Name:
Jane Austen
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Double Helix
- Author Name:
James W. Douglass
- Book Type:

- Description: डी.एन.ए. मूलभूत आनुवंशिक पदार्थ है और बहुत थोड़े से लोगों को साठ साल पहले यह भान हुआ कि डी.एन.ए. ही जीवन की कुंजी है। जेम्स डी. वॉट्सन उन्हीं में से एक थे जिन्होंने अपने सहयोगी फ्रांसिस क्रिक के साथ जीवन के इस अनूठे रहस्य की संरचना को खोजा और इसके साथ ही बीसवीं सदी के विज्ञान को नए पंख लगा दिए। इस खोज को बीसवीं सदी की दो सबसे महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाओं में से एक माना जाता है। इस खोज ने डी.एन.ए. पर शोध का जो तूफ़ान चलाया था, वह आज तक थमा नहीं है। बात फिर चाहे जीन्स के पशुओं में परिस्थापन की हो या फिर फ़सलों की प्रकृति बदलने की, आप जीन्स या डी.एन.ए. से बच नहीं सकते। लेकिन यह शोध अपने साथ जो विवाद लाया था, वह भी आज तक ज़िन्दा है। क्रिक और वॉट्सन को कुछ रसायन विज्ञान का ज्ञान था, लेकिन दोनों में से किसी ने भी अपने शोध के परिणाम तक पहुँचने के लिए कभी प्रयोगशाला-परीक्षण नहीं किए थे। इसके विपरीत उन्होंने दूसरों द्वारा किए गए शोध को आधार बनाकर सिर्फ़ मॉडल बनाए—और बात बन गई। इस क्रम में केवेंडिश की प्रयोगशाला में रोज़ालिंड फ़्रैकलिन द्वारा लिए गए एक्स-रे चित्रों की विशेष भूमिका थी। वॉट्सन ने वह मशहूर चित्र 51 बिना रोज़ालिंड फ़्रैकलिन की जानकारी के रोज़ालिंड के सहयोगी मॉरिस विल्किन्स की मदद से देख लिया था। वह चित्र स्पष्ट रूप से डी.एन.ए. की प्रकृति को दिखा रहा था। इसके बाद वॉट्सन ज़ोर-शोर से मॉडल बनाने में लग गए। लेकिन अपने शोध में उन्होंने रोज़ालिंड के उस चित्र की भूमिका को कभी नहीं स्वीकारा, न ही अपनी खोज के श्रेय में रोज़ालिंड को कोई हिस्सा दिया। बल्कि इस पुस्तक में भी उन्होंने रोज़ी के रूप में उनका नकारात्मक चित्रण किया। बाद के वर्षों में रोज़ालिंड के सहयोगियों और तमाम स्त्रीवादियों द्वारा वॉट्सन के चित्रण की भर्त्सना भी की गई। यह पुस्तक बीसवीं सदी के विज्ञान साहित्य की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में गिनी जाती है। इसकी सीधी-सपाट भाषा प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिकों के बीच के बौद्धिक सम्बन्धों की परम्परागत तसवीर को पूरी तरह खंडित करती है और दर्शाती है कि वैज्ञानिक भी मनुष्य हैं—ईर्ष्या, अभिलाषाओं और कुंठाओं से भरे मनुष्य। भारत में यह पुस्तक पहली बार 2003 में हिन्दी में प्रकाशित हुई और अपने विशेष महत्त्व के कारण आज भी पाठकों की प्रिय बनी हुई है।
Annihilation of Caste
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: Annihilation of Caste is an undelivered speech written in 1936 by B. R. Ambedkar, an Indian academic turned politician. He wrote Annihilation of Caste for the 1936 meeting of a group of liberal Hindu caste reformers in Lahore. After reviewing the speech’s controversiality, conference organizers revoked Ambedkar’s invitation. He then self-published the work. The work is considered a classic and is being re-evaluated time and again.
MODI Dashak : Viksit Bharat ki Adharshila "मोदी दशक : विकसित भारत की आधारशिला" Book in Hindi
- Author Name:
Shivesh Pratap
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raaj Samaaj Aur Shiksha
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

-
Description:
शिक्षा की बहसें प्रायः सरकारी नीतिपत्रों में दिए गए वायदों, घिसे-पिटे आदर्श वाक्यों या फिर प्राचीन व्यवस्था के मिथकों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। स्कूल और कॉलेजों की दैनिक चर्चा हो या शिक्षाशास्त्र की पाठ्य-पुस्तकें—दोनों ही बच्चे के जीवित संसार और समाज के व्यापक संघर्षों से बहुत दूर जा पड़ी हैं। इस पुस्तक ने शिक्षा की बहसों को एक नई शब्दावली ही नहीं, एक नई अर्थवत्ता भी दी है। कोई आश्चर्य नहीं कि यह पुस्तक उमस के बीच ताज़ा हवा के झोंके का पर्याय बन सकने की क्षमता रखती है।
शिक्षा की सच्चाई को यह कृति राज्य-व्यवस्था और सामाजिक जीवन की जटिल बुनावट के बीच ढूँढ़ती है। इसे पढ़ते हुए हम बच्चों के प्रति अपनी स्वाभाविक चिन्ता को एक राजनैतिक आधार और वैज्ञानिक अभिव्यक्ति पाते हुए देखते हैं। शिक्षा को कृष्ण कुमार ने बहुत व्यापक अर्थ में लिया है, जिसमें बच्चों के लालन-पालन से लेकर उन्हें सामाजिक मूल्यबोध देनेवाली अनेक सूक्ष्म प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
ज़ाहिर है, इस पुस्तक का पाठक वर्ग शिक्षा के नीतिकारों, प्रशिक्षकों और छात्रों तक सीमित नहीं है। उसमें ऐसे सभी माता-पिता भी शामिल हैं जो अपनी सन्तान के भविष्य को समाज की संरचना और राजनीति के चरित्र से अलग नहीं मानते।
Ubharate Sawal
- Author Name:
M. Hamid Ansari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vipin Kr Aggarwal Rachanawali : Vols. 1-2
- Author Name:
Vipin Kumar Agarwal
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत रचनावली में डॉ. विपिनकुमार अग्रवाल के तीन निबन्ध-संग्रह, दो नाटक-संग्रह, एक नाटक और एक उपन्यास संकलित हैं।
संवाद का आधार तर्क है। तर्क सन्तुलन से हटकर बराबर गतिशील रहता है। एक निष्कर्ष पर पहुँचकर तुरन्त उसे चुनौती देता है। हर देखे गए पहलू और हर मिले परिवेश को पूरी तस्वीर का अंग मानता है। अत: खोज कार्य को कभी समाप्त नहीं करता है। चिन्तन के इस प्रवाह को ये लेख प्रत्यक्ष करते हैं। विपिन के बोलती-बात करती इन रचनाओं की विशेषता है कि इनका स्वर कहीं ऊँचा नहीं उठता, तेज़ नहीं पड़ता। तीखापन आता है तो उनके अचूक व्यंग्य में। सुई की जगह वे तलवार का प्रयोग नहीं करते थे। बल्कि तलवार की जगह भी वे सुई से ही काम लेना चाहते थे। इसके लिए जो सहज आत्मविश्वास चाहिए, वह उनके समूचे व्यक्तित्व में था और बिना किसी प्रदर्शन के। प्रस्तुत रचनाओं में इस व्यक्तित्व की प्रेरक और प्रीतिकर झलक आपको जगह-जगह मिलेगी।
सहज-बुद्धि से रोज़-रोज़ की ज़िन्दगी हम तमाम औद्योगिकीकरण की कठिनाइयों के बीच जी रहे हैं, और चारों ओर फैली असंगतियों को ढो रहे हैं। नाटकीय भाषा और हरकत के समन्वय के द्वारा यह बात सामने लाई गई है। नाटकों में शब्द और हरकत पर विशेष बल दिया गया है। वहाँ बेतुकी भाषा और बेतुकी हरकतें पूरे नाटक को नया अर्थ देती हैं। दैनिक जीवन से जुड़ी साधारण बात भी विशेष स्थिति में रखकर वे विशेष मायने की गूँज पैदा कर देते हैं, नया अर्थ जोड़ देते हैं। इस प्रकार उनमें स्पष्ट दृष्टि और नाटकीय क्षण के प्रति सजगता पूर्ण रूप से है।
उपन्यास ‘बीती आप बीती आप’ एक नए प्रकार का उपन्यास है। इसमें भाषा के द्वारा हम अपने अतीत, आज और कल को टटोल सकते हैं और पास-पास आने दे सकते हैं। नए ढंग से देखने और परखने का अवसर दे सकते हैं। हम कह सकते हैं कि विपिन की सम्पूर्ण रचनाओं का एक ही मापदंड है कि वे कुछ अधिक कहती हैं, कुछ नया जोड़ती हैं। चाहे वे जीवन से अधिक कहें या साहित्य से अधिक कहें या अब तक का जो दर्शन है, उससे अधिक कहें।
Hindi Varnamala ke Akshar "हिंदी वर्णमाला के अक्षर" Color Book
- Author Name:
Niharika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kisan Andolan Aa Mithila Samaj
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: A Collection of Maithili Articles Collected from Antika Magazine
Bijuka Babu
- Author Name:
Balkavi Bairagi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indian Art & Culture Book in English - Dr. Manish Rannjan (IAS)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Leonarado Da Vinchi
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shararti Bandar Manku
- Author Name:
Sanskriti Chaudhary
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acharyon ke Prerak Prasang
- Author Name:
Dinanath Batra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DNA of Bharat : The World Guru
- Author Name:
Dr. Jaikaran
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book