Main Shabari Hoon Ram Ki
Author:
Urvashi Agrawal "Urvi"Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 399.2
₹
499
Available
"मैं शबरी हूँ राम की पुस्तक" इसके लेखन में मैंने स्वयं भी एक शबरी के रूप में जीने का प्रयास किया और सोचा कि वो भी एक शबरी थी तो क्या मैं भी एक शबरी हूँ?’’
यह उतना आसान नहीं था, पर कठिन भी नहीं था। अगर वह एक शबरी थी तो हर नारी एक शबरी है और हर पुरुष में भी शबरी-तत्त्व समान रूप से हैं। पाठकगण शायद इससे सहमत न हों, पर यदि हम इस पक्ष पर ग़ौर करेंगे तो संभवतः आप मुझसे सहमत ज़रूर होंगे।
श्री रामचरितमानस के इस अत्यंत महत्त्वपूर्ण पात्र को अपने भीतर और अपने आस-पास तलाश करने का प्रयास करें। यदि मैं कहूँ कि प्रत्येक माँ, पत्नी, बहन एक शबरी है और उसी प्रकार से प्रत्येक पिता, पति एवं भाई में भी शबरी के सभी गुण विद्यमान हैं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। केवल थोड़े से विश्लेषण मात्र से ही हमें इस का भान हो जाएगा कि हम सभी में राम भी हैं और शबरी भी
ISBN: 9789390923038
Pages: 272
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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