Hindi Ka Janpakshdhar Rangmanch
(0)
₹
425
348.5 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
हमारी भारतीय नाट्य परंपरा में आरंभ से ही लोक की अवधारणा विद्यमान रही है। भरत ने अपने नाट्य शास्त्र में पहली बार लोक और शास्त्रीय के रूप में दो अलग-अलग धाराओं को परिभाषित किया। कालांतर में और विशेष रूप से बीसवीं शती में साहित्य की प्रगतिशील विचारधारा, भारत छोड़ो आंदोलन के बीच से उभर कर आई इप्टा के जन्म ने इस लोक को क्रमश: जनवादी, जननाट्य और जनपक्षधर जैसी संज्ञाओं को विकसित किया। आलोक मिश्र द्वारा सम्पादित 'हिंदी का जनपक्षधर रंगमंच’ पुस्तक अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ विद्वानों द्वारा लिखित सत्रह आलेखों के माध्यम से उपर्युक्त परंपरा का गहन लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। रंगमंच की जनपक्षधरता से जुड़ा कोई भी ऐसा विषय नहीं है जिसका यहाँ गहन विवेचन और विश्लेषण न किया गया हो, चाहे वह पारंपरिक रंगमंच का स्वायत्व स्वरूप और उसकी लोक पक्षधरता हो अथवा दलित आंदोलन या हिंदी नुक्कड़ नाटक हो। हमें पूरा विश्वास है कि रंगकर्मियों शोधकर्ताओं और अध्येताओं को इस पुस्तक के बहाने से हिंदी रंगमंच में जनपक्षधरता के बहुआयामों को जाँचने-परखने का अवसर मिलेगा। —देवेन्द्र राज अंकुर
Read moreAbout the Book
हमारी भारतीय नाट्य परंपरा में आरंभ से ही लोक की अवधारणा विद्यमान रही है। भरत ने अपने नाट्य शास्त्र में पहली बार लोक और शास्त्रीय के रूप में दो अलग-अलग धाराओं को परिभाषित किया। कालांतर में और विशेष रूप से बीसवीं शती में साहित्य की प्रगतिशील विचारधारा, भारत छोड़ो आंदोलन के बीच से उभर कर आई इप्टा के जन्म ने इस लोक को क्रमश: जनवादी, जननाट्य और जनपक्षधर जैसी संज्ञाओं को विकसित किया। आलोक मिश्र द्वारा सम्पादित 'हिंदी का जनपक्षधर रंगमंच’ पुस्तक अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ विद्वानों द्वारा लिखित सत्रह आलेखों के माध्यम से उपर्युक्त परंपरा का गहन लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। रंगमंच की जनपक्षधरता से जुड़ा कोई भी ऐसा विषय नहीं है जिसका यहाँ गहन विवेचन और विश्लेषण न किया गया हो, चाहे वह पारंपरिक रंगमंच का स्वायत्व स्वरूप और उसकी लोक पक्षधरता हो अथवा दलित आंदोलन या हिंदी नुक्कड़ नाटक हो। हमें पूरा विश्वास है कि रंगकर्मियों शोधकर्ताओं और अध्येताओं को इस पुस्तक के बहाने से हिंदी रंगमंच में जनपक्षधरता के बहुआयामों को जाँचने-परखने का अवसर मिलेगा। —देवेन्द्र राज अंकुर
Book Details
-
ISBN9789385013836
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Safalta Ke 400 Sootra
- Author Name:
Y. Sunder Rajan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Chart Patterns & Candlestick Patterns In Stock Market Trading | Art of Candlesticks Trading & Chart Patterns Guide To Technical Analysis & Indicators Book In Hindi
- Author Name:
Indrazith Shantharaj
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Ramayan Ke Patra "रामायण के पात्र" Book in Hindi - Ramji Bhai
- Author Name:
Ramji Bhai
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Ramayan Ke Patra "रामायण के पात्र" Book in Hindi - Ramji Bhai
Ramji Bhai
20% off₹ 900
₹ 720
Available
Sapanon ki Roshani "सपनों की रोशनी" Book in Hindi | Kailash Satyarthi
- Author Name:
Kailash Satyarthi
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
JAL MEIN RAHNEWALE JEEV-JANTU
- Author Name:
Anil Anuj
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Madhya Pradesh Higher Secondary Teacher Eligibility Test English Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher English Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Meera Padawali
- Author Name:
Neelotpal
- Book Type:

- Description:
"सगुण भक्ति-धारा के कृष्ण-भक्तों में मीराबाई का श्रेष्ठ स्थान है। वे श्रीकृष्ण को ईश्वर-तुल्य पूज्य ही नहीं, वरन् अपने पति-तुल्य मानती थीं। कहते हैं कि उन्होंने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण का वरण कर लिया था। माता-पिता ने यद्यपि उनका लौकिक विवाह भी किया, लेकिन उन्होंने पारलौकिक प्रेम को प्रश्रय दिया तथा पति का घर-बार त्यागकर जोगन बन गईं और गली-गली अपने इष्ट, अपने आराध्य, अपने वर श्रीकृष्ण को ढूँढ़ने लगीं। उन्होंने वृंदावन की गली-गली, घर-घर, बाग-बाग और पत्तों-पत्तों में गिरधर गोपाल को ढूँढ़ा, अंततः जब वे नहीं मिले तो द्वारिका चली गईं। मीराबाई ने अनेक लोकप्रिय पदों की रचना की। हालाँकि काव्य-रचना उनका उद्देश्य नहीं था। लेकिन अपने आराध्य के प्रति निकले उनके शब्द ही भजन बन गए और लोगों की जुबान पर चढ़ गए। उनके पद राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश एवं बंगाल में बहुत लोकप्रिय हुए और आज भी रेडियो एवं टेलीविजन पर बजते सुने जा सकते हैं। प्रेम-भक्ति में मग्न होकर गाए उनके पद-गीत यत्र-तत्र बिखरे पड़े हैं। प्रस्तुत पुस्तक में उनके भक्ति-रस में रचे-बसे पदों को संकलित किया गया है। आशा है, सुधी पाठक इस पुस्तक के माध्यम से मीराबाई के भक्ति-सागर में गोते लगाएँगे।"
JSSC Jharkhand Para Medical "पारा मेडिकल" Combined Competitive Examination (JPMCCE) Nurse Grade 'A' | नर्स ग्रेड 'ए' Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
The Art of Intraday Trading "द आर्ट ऑफ़ इंट्राडे ट्रेडिंग '
- Author Name:
Indrajit Shantharaj
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
The Art of Intraday Trading "द आर्ट ऑफ़ इंट्राडे ट्रेडिंग '
Indrajit Shantharaj
20% off₹ 300
₹ 240
Available
Happiness & Wellbeing
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Narad Muni Ki Aatmkatha
- Author Name:
Dr. Laxmi Narayan Garg
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sambhavami Yuge-Yuge "संभवामि युगे-युगे" | Story of great Struggle of Foreign Invaders against India | Book in Hindi | Kumar Suresh
- Author Name:
Kumar Suresh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Shaurya Gathayen
- Author Name:
Shashi Padha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Katra-Katra Zindagi
- Author Name:
Anup Kochhar Dewan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bharat Ki Veeranganayen
- Author Name:
Meera Jain
- Book Type:

- Description:
This book doesn’t have description
UTTARAKHAND KE TYOHAR
- Author Name:
Jyotsna
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
A Remarkable Political Movement
- Author Name:
V. Shanmuganathan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Ethics For Civil Services With 100 Case Studies
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Jharkhand : Samay Aur Sawal
- Author Name:
Harivansh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Khadisutra
- Author Name:
Nachiket Joshi
- Book Type:

- Description:
सदियों पहले से खादी हमारे देश में उत्पादित होती थी, लेकिन उसे अग्रस्थान दिलाया गांधीजी ने। समय के साथ खादी में निहित स्वदेशीपन का विचार और देश के प्रति उसका भाव फीका पड़ता गया। खादी अपनी थी, किंतु उसे अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहन की जरूरत पड़ने लगी, काफी लंबा इंतजार करना पड़ा, परंतु अब मानो यह इंतजार पूरा होता दिखाई दे रहा है। वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने खादी का नए सिरे से प्रचार-प्रसार करना शुरू कर दिया, उसी के परिणामस्वरूप आज खादी के क्षेत्र में फिर से नई ऊर्जा आई है। पिछले कुछ सालों में खादी का क्षेत्र इतना आगे बढ़ चुका है कि अब इसमें आशातीत निवेश हो रहा है और लोग बढ़- चढ़कर खादी का प्रयोग कर रहे हैं। खादी का पुनरुद्धार होता दिखाई दे रहा है। नई पीढ़ी को भी खादी की ओर आकर्षित करने में और खादी को एक फैशन स्टेटमेंट बनाने में मोदीजी ने अद्भुत पहल की है। इस पुस्तक का उद्देश्य है सामान्यजन तक सरल भाषा में खादी के बारे में जानकारी पहुँचाना और उन्हें खादी के साथ जोड़े रखना। दरअसल, खादी एक साधारण कपड़ा नहीं वरन् स्वदेशी का प्रतीक है, देश की आत्मा से जुड़ी हुई पोशाक है। यह एक आदर्श चरित्र धारण करने की प्रेरणा देता है।खादी को भारतीय संस्कृति का नाम देना गलत नहीं होगा। अगर हम खादी की पृष्ठभूमि में जाकर देखें तो रामायण और महाभारत में भी खादी का वर्णन मिलता है। खादी से जुड़े सभी आयामों पर अत्यंत व्यावहारिक और वस्तुस्थिति बनाने वाली एक संपूर्ण पुस्तक ।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book