Dr. A.P.J. Abdul Kalam: Memories Never Die (English Translation of Ninaivugalukku Maranamillai)
Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 640
₹
800
Available
This book is an English translation of the Tamil book ‘Ninaivugalukku Maranamillai’. Written by two people closest to A.P.J. Abdul Kalam—his niece Dr. Nazema Maraikayar and the distinguished ISRO scientist Dr. Y.S. Rajan, who was a close confidante of Kalam —this book gives a holistic and honest revelation of the life of Dr. Kalam from his early childhood till he breathed his last.
This is the story of how a small-town boy from Rameswaram ascended to the highest echelons of the Indian political world. This book comprehensively covers the beautiful history of Indian rocketry, precursors to today’s Science and Technology, the workings of the Indian political and administrative
ISBN: 9788196159078
Pages: 456
Avg Reading Time: 15 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Mahila Patrakarita
- Author Name:
Sudha Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat mein Print, Electronic Aur New Media
- Author Name:
Sundeep Kulshrestha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAHARAJA RANJIT SINGH
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangh Aur Sarkar
- Author Name:
Santosh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lincoln: The Unknown
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
B.SC. Nursing Entrance Exam Books 2025 General Nursing and Midwifery (GNM & CNET) Training Selection Test 12 Practice Sets With Latest Solved Paper & Aptitude Questions
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aarakshan Ka Dansh
- Author Name:
Arun Shourie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apni Sanskriti
- Author Name:
Madhav Govind Vaidya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
S.I.P. Ke Chamatkar Se Financial Freedom Kaise Payen?
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pulwama Attack
- Author Name:
Vikas Trivedi +1
- Book Type:

- Description: बीते सात वर्षों में हमारे देश में जो बड़ी घटनाएँ घटीं, उन्होंने न सिर्फ देश के लोगों का, बल्कि दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है। राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति से जुड़ी घटनाओं और तमाम हलचलों के दौर में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरा हो, जिसकी बात जनसामान्य ने अपनी दैनिक वार्त्ताओं में न की हो। इन घटनाओं में दुश्मन देश की क्रूरता भी दिखी तो देश के जाँबाज वीरों की वीरता भी; शूरवीरों के बलिदान ने देश को झकझोरा भी और बदले में हुई काररवाई ने गर्व करने के क्षण भी दिए। पुलवामा में हमारी सेना के 40 जवानों पर हुए हमले ने देश को झकझोरकर रख दिया था। विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी के लिए हर देशवासी प्रार्थना कर रहा था। देश की सीमाओं पर आए दिन पाकिस्तान की ओर से कोई कायराना हरकत की जाती थी और भारत की ओर से उसका कड़ा जवाब भी बराबर दिया जाता रहा है। पुलवामा और उसके इर्द-गिर्द हुई घटनाओं के बाद भारत ने जवाबी काररवाई में बालाकोट में आतंकियों के बेस को नेस्तनाबूत कर दिया और उसके बाद जम्मू-कश्मीर को संवैधानिक राज्य का दर्जा देते हुए धारा 370 को हटाया। ये सभी वे बड़ी घटनाएँ थीं जिनकी उम्मीद देशवासियों को भारत सरकार से थी। ऐसी ही तमाम घटनाओं का संकलन है ‘पुलवामा अटैक’, जिसे विकास त्रिवेदी और स्मिता अग्रवाल ने वास्तविक घटनाओं को काल्पनिक आधार पर प्रस्तुत किया है।
UPPSC Additional Private Secretary (APS) Recruitment Examination 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samay Ka Lekh
- Author Name:
Saryu Roy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanjay-Dhritrashtra Samvad
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: "भगवद्गीता मानव जाति की धरोहर है, जीवन के सद्निर्माण की पथ-प्रदर्शिका है। श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीता का उपाख्यान संजय ने धृतराष्ट्र को सुनाया। उसे सुनकर धृतराष्ट्र ने जगह-जगह पर संशय व्यक्त किए, जिनका समाधान संजय ने अपनी बुद्धि के अनुसार किया, पर धृतराष्ट्र मोह, लोभ एवं अहं से संतृप्त होने के कारण संजय के कथन को पूर्णरूप से ग्रहण नहीं कर सके। धृतराष्ट्र के समय के परिवेश तथा वर्तमान परिवेश में कई समानताएँ हैं। आजकल के मनुष्य के मन एवं बुद्धि में गीता पढ़ते समय उसी प्रकार के प्रश्न उठते हैं। इस कृति के माध्यम से मनुष्य के उन सभी संभावित प्रश्नों, संशयों को गीता के सूत्रों की पृष्ठभूमि में स्पष्ट किया गया है। आशा है, यह कृति इस सरलीकृत रूप में गीता के मूल सिद्धांतों को हृदयंगम करने में सहायक होगी।
Bhartiya Jelon Mein Panch Saal
- Author Name:
Mary Tyler
- Book Type:

- Description: भारतीय जेलों में पाँच साल बीसवीं सदी के सातवें दशक का ऐसा कैमरा है, जिसकी तस्वीरें विभिन्न कोणों से भारत का साक्षात्कार कराती हैं। बंगाल के नक्सलबाड़ी गाँव से नक्सलवादी आन्दोलन की शुरुआत सन् 1967 में हुई थी, जहाँ किसानों ने बड़े ज़मींदारों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह किया था। धीरे-धीरे यह आन्दोलन बंगाल से देश के अन्य प्रान्तों में फैल गया। विद्रोहियों का उद्देश्य जनता की सरकार क़ायम करना था। विद्रोह को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई की गई, जिसके शिकार सिर्फ़ कथित नक्सली ही नहीं हुए बल्कि आम भारतीय किसान और मज़दूर भी हुए। उसी दौरान इस पुस्तक की लेखक मेरी टाइलर को भी विदेशी जासूस समझकर अन्य विद्रोहियों के समान गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल में रहते हुए उन्होंने विद्रोहियों के जीवन-संघर्ष को काफ़ी निकट से जाना। उन्होंने महसूस किया कि नक्सलियों की जनता के प्रति निष्ठा तथा आत्मबलिदान ही नक्सलवादी आन्दोलन को मिले अपार जनसमर्थन के कारण बने। नक्सलियों की ईमानदार जनपक्षधरता ने मेरी टाइलर को अभिभूत किया। उनके ब्रिटेन से आकर भारत में रहने के पीछे मूल प्रेरणा कृषि-क्रान्ति के लिए हुआ यही सशस्त्र विद्रोह था। यह पुस्तक उनके अनुभवों, संस्मरणों तथा घटनाओं का लेखा-जोखा है, जिसको उन्होंने प्रत्यक्षतः देखा। यहाँ जेल में रहने के दौरान उन्हें भी तरह-तरह की यातनाओं से दो-चार होना पड़ा। नक्सलवादी आन्दोलन के बहाने पुस्तक ऐसे कई दरीचे खोलती है, जहाँ से तत्कालीन भारत की उन सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक स्थितियों से उपजे प्रश्नों को साफ़-साफ़ देखा जा सकता है जिनमें से ज़्यादातर अब तक अनुत्तरित हैं। स्वातंत्र्योत्तर भारत को जानने-समझने के लिए एक ज़रूरी पुस्तक!
Gita Vatika ke Chune Huye Pushp
- Author Name:
Gita Manishi Pujya Swami Gyananandji Maharaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UNDOUBTEDLY NISHANK : A Literary Reading
- Author Name:
Gopal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC Jharkhand | Samanya Adhyayan Paper-1 | Bhartiya Rajvyavastha "भारतीय राजव्यवस्था" Prarambhik Pariksha - 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sundarakanda
- Author Name:
Tulsidas
- Rating:
- Book Type:

- Description: संवत् 1631 में तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारंभ की। दो वर्ष, सात महीने और छब्बीस दिन में यह अद्भुत ग्रंथ संपन्न हुआ। सुंदरकांड मूलतः गोस्वामी तुलसीदास कृत इसी श्रीरामचरित मानस का एक भाग है। सुंदरकांड में हनुमानजी द्वारा किए गए महान् कार्यों का वर्णन है। मानस पाठ में सुंदरकांड के पाठ का विशेष महत्त्व माना जाता है। सुंदरकांड में हनुमान का लंका प्रस्थान, लंका दहन कर लंका से वापसी तक के घटनाक्रम आते हैं। साथ ही उनकी असीम शक्ति, बुद्धि-कौशल और अनन्य भक्ति का पता चलता है। सुंदरकांड का पारायण वाले साधक को असीम ऊर्जा और प्रेरणा प्राप्त होती है।
Soor Sanchyita
- Author Name:
Manager Pandey
- Book Type:

- Description: सूर-साहित्य के अध्ययन, मनन और विश्लेषण से चिन्तनशील मानस को सहज ही यह निष्कर्ष प्राप्त हो जाता है कि सूरदास में जन-जीवन के मूल तत्त्वों का ज्ञान और भक्ति की भावना का बोध इस प्रकार समन्वित है कि सम्पूर्ण सूर-साहित्य में व्यक्ति है और समाज भी, राग है और विराग भी, भावविह्वल हृदय है और चिन्तनशील मस्तिष्क भी। उसमें गृहस्थ और साधु तथा भक्त और भावुक सबकी भावना और आदर्श का समन्वय है। सूर-साहित्य की सीमा में प्रवेश करनेवाले प्रत्येक सहृदय को उसमें उसके मन एवं आत्मा की आत्मीय भंगिमाएँ मिलेंगी, उसमें अतीत की झाँकी, वर्तमान का सम्बल और भविष्य का आदर्श प्राप्त होगा। सूरदास ने जीवन के विभिन्न उदात्त पक्षों का उद्घाटन कर उन्हें काम्य और कमनीय बना दिया है तथा सम्पूर्ण रागों का कृष्णार्पण कर उन्हें दिव्य आभा से मंडित कर दिया है।
Hanumanji Ke Jeevan Ki Kahaniyan
- Author Name:
Mukti Nath Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book