Dictionary of Computer & Information Technology
Author:
Mrinal TalukdarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 408
₹
510
Unavailable
Dictionary of Computer & Information Technology covers nearly every aspect of computers. The aim of this book is to present various terms and definitions of the subject in a simple and easily understandable language. The book is designed to be a comprehensive and authoritative source of definitions for computer-related terms and abbreviations.
This dictionary of computer terminologies includes terms drawn from a wide variety of topics relevant to computer users, including software, hardware, networking, data storage, graphics, games, information processing, organizations, programming and standards, the Internet and the World Wide Web.
This dictionary emphasizes terminology that the average computer user will encounter in documentation, online help, computer manuals, marketing and sales materials, etc. Because most computer users operate personal computers and desktop systems at home, work, or both, the majority of the entries in this dictionary cover the terminology used in describing and working with these systems.
ISBN: 9789350485057
Pages: 311
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Self Management Through Self Evaluation | A Practical Handbook of Questionnaires Inspired by Ancient Indian Wisdom
- Author Name:
Dr. Vikrant Singh Tomar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Malti Joshi ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Malti Joshi
- Book Type:

- Description: ‘‘ओह! बड़े ही नेक बंदे थे! खुदा उन्हें अपनी दरगाह में जगह दे!’’ उनमें से एक ने अफसोस प्रकट करते हुए कहा। कुछ क्षणों के लिए सब में खामोशी छा गई। ‘‘भरजाई, तेरे बच्चे कैसे हैं?’’ ‘‘वाहेगुरु की किरपा है, सब अच्छे हैं?’’ माँ ने धीरे से कहा। ‘‘अल्लाह उनकी उम्र दराज करे।’’ कई आवाजें एक साथ आईं। ‘‘भरजाई, तुम अपने बच्चों को लेकर यहाँ आ जाओ।’’ किसी एक ने कहा और कितनों ने दुहराया, ‘‘भरजाई, तुम लोग वापस आ जाओ... वापस आ जाओ।’’ प्लेटफॉर्म पर खड़ी कितनी आवाजें कह रही थीं— ‘‘वापस आ जाओ।’’ ‘‘वापस आ जाओ।’’ मैंने सुना, मेरे पीछे खड़े मामाजी कुढ़ते हुए कह रहे थे, ‘‘हूँ...बदमाश कहीं के! पहले तो हमें मार-मारकर यहाँ से निकाल दिया, अब कहते हैं, वापस आ जाओ...लुच्चे!’’ प्लेटफॉर्म पर खड़े लोगों ने उनकी बात नहीं सुनी थी। वे कहे जा रहे थे— ‘‘भरजाई, तुम अपने बच्चों को लेकर वापस आ जाओ। बोलो भरजाई, कब आओगी? अपना गाँव तो तुम्हें याद आता है? भरजाई, वापस आ जाओ...।’’ —इसी संग्रह से —— 1 —— सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. महीप सिंह की लेखनी से निःसृत कहानियों ने मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार, जातीय संघर्ष, पारस्परिक संबंधों का ताना-बाना प्रस्तुत किया। पठनीयता से भरपूर इन कहानियों ने वर्ग-संघर्ष और सामाजिक कुरीतियों का जमकर विरोध किया। प्रस्तुत है उनकी लोकप्रिय कहानियों का संग्रहणीय संकलन।
Hamare Shri Guruji
- Author Name:
Sandeep Dev
- Book Type:

- Description: "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना सन् 1925 में डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने की थी, लेकिन इसे वैचारिक आधार द्वितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ‘श्रीगुरुजी’ ने प्रदान किया था। संघ निर्माण के मात्र पंद्रह साल बाद ही डॉ. हेडगेवार गुजर गए, लेकिन अवसान से पहले उन्होंने श्रीगुरुजी को संघ का द्वितीय सरसंघचालक नियुक्त कर दिया था। द्वितीय विश्वयुद्ध, भारत छोड़ो आंदोलन, आजाद हिंद फौज और नेताजी का देश की आजादी में योगदान, भारत विभाजन, देश की आजादी, कश्मीर विलय, गांधी हत्या, देश का पहला आम चुनाव, चीन से भारत की हार, पाकिस्तान के साथ 1965 व 1971 की लड़ाई—भारत का इतिहास बदलने और बनाने वाली इन घटनाओं के महत्त्वपूर्ण काल में न केवल श्रीगुरुजी संघ के प्रमुख थे, बल्कि अपनी सक्रियता और विचारधारा से उन्होंने इन सबको प्रभावित भी किया था। तत्कालीन भारतवर्ष के इतिहास में समादृत एक आध्यात्मिक पुरुष ही नहीं, सामाजिक, सांस्कृतिक, जीवन-मूल्यों के प्रसारक के रूप में ख्यात ‘श्रीगुरुजी’ की प्रामाणिक जीवन-गाथा।
Main Hoon Pani
- Author Name:
Turshan Pal Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gandhi Ke Management Sutra
- Author Name:
Mamta Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sapanon Ki Udaan
- Author Name:
Rajendra Bharud
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chhoti Chhoti Baton ka Tension na Le - Hindi Edition Of Don't Sweat the Small Stuff and It's All Small Stuff
- Author Name:
Richard Carlson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskritik Utthan Ka Marg
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maithilisharan Gupta Sanchayita
- Author Name:
Nandkishore Naval
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
From Rameshwaram To Rashtrapati Bhawan : Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meditations By Marcus Aurelius
- Author Name:
Marcus Aurelius
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Farrago
- Author Name:
Faiz Yusuf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yashpal Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्दोत्तर हिन्दी कथा साहित्य में यशपाल असाधारण महत्त्व के लेखक हैं। उन्होंने गद्य की प्राय: सभी विधाओं में लिखा है। प्रेमचन्द की तरह ही उनका भी लेखन ख़ाली समय को भरने का एक शग़ल-भर नहीं था। उनके लिए सामाजिक परिवर्तन में उसकी एक स्पष्ट और सुनिर्दिष्ट भूमिका थी। अपने लेखन से वे बहुत कुछ वही काम करना चाहते थे जिसके लिए अपनी तरुणाई में वे सामाजिक और राजनीतिक क्रान्ति की ओर मुड़े थे। उनके उपन्यास, कहानियाँ, आत्म-वृत्तान्त, वैचारिक लेखन, यात्रा-साहित्य यानी उनका लिखा सब कुछ इसी एक सूत्र में गुँथा और पिरोया गया लगता है। इस सबका एक ही घोषित-अघोषित लक्ष्य है—एक बेहतर दुनिया की खोज और निर्माण। विवादों से बचकर निकलना यशपाल की प्रवृत्ति नहीं है। सब कहीं और प्रायः हमेशा वे जैसे विवादों को आमंत्रित करते हैं, क्योंकि उनका विश्वास था—वादे-वादे जायते तत्त्वबोध। ‘यशपाल रचनावली’ के चौदह खंडों की योजना वस्तुतः उनके साहित्य में निरन्तर बढ़ती हुई इसी दिलचस्पी का परिणाम है। हर बड़े और समर्थ लेखक की तरह यशपाल भी अपने समय के प्रति सच्चे रहकर ही आज हमारे समय के लिए और भी सार्थक, प्रामाणिक एवं विश्वसनीय हैं। उनकी रचनावली की सार्थकता का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि जिस और जैसे समाज का निर्माण वे करना चाहते थे, उसकी आवश्यकता इधर बहुत शिद्दत से महसूस की जाती रही है। अपने समय और समाज को यशपाल ने जितनी अच्छी तरह समझा और जाना था, उसके उदाहरण भारतीय समाज में अधिक नहीं हैं। इसे जानने और समझने की भरपूर क़ीमत भी उन्होंने चुकाई। इस तरह यह रचनावली प्रकारान्तर से इस सच को भी सामने लाती है कि साहित्य, कला एवं विचार की दुनिया में उठाया जानेवाला जोखिम ही किसी लेखक के बड़े और सार्थक होने की एक ज़रूरी शर्त हो सकता है। ‘यशपाल रचनावली’ के पहले खंड में यशपाल के उपन्यास ‘दादा कामरेड’, ‘देशद्रोही’ और ‘गीता’; दूसरे खंड में ‘दिव्या’, ‘अमिता’ और ‘अप्सरा का शाप’; तीसरे खंड में ‘झूठा सच : वतन और देश’; चौथे खंड में ‘झूठा सच : देश का भविष्य’; पाँचवें खंड में ‘मनुष्य के रूप में’, ‘बारह घंटे’ और ‘क्यों फँसें’; छठे खंड में ‘तेरी मेरी उसकी बात’ और सातवें खंड में उनके दो अनूदित उपन्यास ‘पक्का कदम’ और ‘जुलैखाँ’ शामिल हैं। ‘रचनावली’ के आठवें खंड में यशपाल के कहानी-संग्रह—‘पिंजरे की उड़ान’, ‘वो दुनिया’, ‘तर्क का तूफ़ान’, ‘अभिशप्त’ और ‘ज्ञानदान’; नौवें खंड में ‘भस्मावृत्त चिंगारी’, ‘फूलों का कुर्ता’, ‘धर्मयुद्ध’, ‘उत्तराधिकारी’ ‘चित्र का शीर्षक’ और ‘तुमने क्यों कहा था मैं सुन्दर हूँ’; दसवें खंड में ‘वो भैरवी’, ‘उत्तमी की माँ’, ‘सच बोलने की भूल’, ‘खच्चर और आदमी’, ‘भूख के तीन दिन’ और ‘लैम्प शेड’ शामिल हैं। वहीं ‘रचनावली’ के ग्यारहवें खंड में निबन्ध-संग्रह—‘मार्क्सवाद’, ‘गांधीवाद की शव-परीक्षा’, ‘रामराज्य की कथा’, ‘देखा सोचा समझा’ और ‘बीवी जी कहती हैं मेरा चेहरा रोबीला है’; बारहवें खंड में ‘न्याय का संघर्ष’, ‘चक्कर क्लब’, ‘बात-बात में बात’ और ‘जग का मुजरा’; तेरहवें खंड में यशपाल के कहानी-संग्रह—‘लोहे की दीवार के दोनों ओर’, ‘राहबीती’ और ‘स्वर्गोद्यान : बिना साँप’ तथा कथा-नाटक ‘नशे-नशे की बात’ शामिल हैं, तो चौदहवें खंड ‘सिंहावलोकन’ में यशपाल के क्रान्तिकारी जीवन के संस्मरण को शामिल किया गया है।
Sampoorn Dalit Andolan : Pasamanda Tasawwur
- Author Name:
Ali Anvar
- Book Type:

-
Description:
ग़ुलामी भले ही विदा हो गई हो, जाति तो मुसलमानों में क़ायम है ही। उदाहरण के लिए, बंगाल के मुसलमानों की स्थिति को लिया जा सकता है। 1901 के लिए बंगाल प्रान्त के जनगणना अधीक्षक ने बंगाल के मुसलमानों के बारे में यह रोचक तथ्य दर्ज किए हैं—‘मुसलमानों का चार वर्गों—शेख़़, सैयद, मुग़ल और पठान—में परम्परागत विभाजन इस प्रान्त (बंगाल) में प्रायः लागू नहीं है। मुसलमान दो मुख्य सामाजिक विभक्त मानते हैं—1. अशराफ़ अथवा शरफ़ और 2. अज़लाफ़। अशराफ़ से तात्पर्य है ‘कुलीन’ और इसमें विदेशियों के वंशज तथा ऊँची जाति के धर्मान्तरित हिन्दू शामिल हैं। व्यावसायिक वर्ग और निचली जातियों के धर्मान्तरित शेष अन्य मुसलमान अज़लाफ़ अर्थात नीच अथवा निकृष्ट व्यक्ति माने जाते हैं। उन्हें कमीना अथवा इतर कमीना या रासिल, जो ‘रिज़ाल’ का भ्रष्ट रूप है, बेकार कहा जाता है। कुछ स्थानों पर एक तीसरा वर्ग ‘अरज़ाल’ भी है, जिसमें आनेवाले व्यक्ति सबसे नीच समझे जाते हैं। उनके साथ कोई भी अन्य मुसलमान मिलेगा-जुलेगा नहीं और न उन्हें मस्जिद और सार्वजनिक क़ब्रिस्तानों में प्रवेश करने दिया जाता है।
इन वर्गों में भी हिन्दू में प्रचलित जैसी सामाजिक वरीयता और जातियाँ हैं।...
मुसलमानों में इन बुराइयों का होना दु:खद है, किन्तु उससे भी अधिक दु:खद तथ्य यह है कि भारत के मुसलमानों में समाज-सुधार हेतु इन बुराइयों के सफलतापूर्वक उन्मूलन के लिए कोई संगठित आन्दोलन नहीं उभरा।...दूसरी ओर, मुसलमान यह महसूस ही नहीं करते कि ये बुराइयाँ हैं। परिणामतः वे उनके निवारण हेतु सक्रियता भी नहीं दर्शाते। इसके विपरीत, अपनी मौजूदा प्रथाओं में किसी भी परिवर्तन का विरोध करते हैं।
—डॉ. बी.आर. आम्बेडकर
‘पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन’ पुस्तक से
Hum Ujale Joidte Hain
- Author Name:
Dr. Ram Prakash
- Book Type:

- Description: Book
Aaj Ki Taaza Khabar
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kumbh Aastha Ka Prateek
- Author Name:
Sanjay Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Launch your life to THE NEXT LEVEL "लॉञ्च योर लाइफ टू द नेक्स्ट लेवल" Book in Hindi - Krishna Dhan Das
- Author Name:
Krishna Dhan Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
62 Ki Baaten
- Author Name:
Neelum Saran Gour
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Higher Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 11-12 History "इतिहास" 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book